
अमेठी, उत्तर प्रदेश –
जनपद अमेठी के जायस कोतवाली क्षेत्र में बीती देर रात एक बड़ी पुलिस कार्रवाई सामने आई, जब गोकशी की योजना बना रहे अंतरजनपदीय गिरोह और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ क्षेत्र के सरायमहेशा गांव के पास उस समय हुई, जब एसओजी (Special Operation Group) और जायस कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बदमाशों की घेराबंदी की। पुलिस और बदमाशों के बीच चली इस मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिन्हें घायल अवस्था में तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान गिरोह के चार अन्य सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस ने सघन अभियान छेड़ दिया है।
मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, अमेठी पुलिस को खुफिया तंत्र के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि सरायमहेशा गांव के आसपास कुछ संदिग्ध तत्व गोकशी की बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए एसपी अमेठी के निर्देश पर एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें एसओजी और जायस थाना पुलिस के अधिकारी व जवान शामिल थे। सूचना के आधार पर टीम ने देर रात इलाके में घेराबंदी की।
जब पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने की कोशिश की, तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी और मौके से फरार होने का प्रयास किया। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो बदमाशों को पैर में गोली लगी और वे मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े।
घायल बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
घायल बदमाशों को तुरंत मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के लिए पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज हेतु जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है।
गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान और आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि यह गिरोह अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय था और पूर्व में भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस को इनके पास से अवैध असलहा, धारदार हथियार, गोकशी से संबंधित सामग्री, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।
चार बदमाश फरार, तलाश में कांबिंग अभियान
पुलिस अधीक्षक अमेठी द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस गिरोह के कुल छह सदस्य घटनास्थल पर मौजूद थे। जिनमें से चार बदमाश पुलिस मुठभेड़ के दौरान अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस द्वारा रात भर कांबिंग ऑपरेशन चलाया गया और सुबह होते-होते आसपास के क्षेत्रों में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया गया है।
एसपी अमेठी ने कहा कि इस मुठभेड़ में शामिल पूरी टीम को सराहना के योग्य बताया गया है और जल्द ही फरार अपराधियों को गिरफ्तार करने का भरोसा जताया है। एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि गोकशी जैसे जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस प्रकार के अपराधों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

अपराधियों पर दर्ज हैं पूर्व के आपराधिक मामले
प्रारंभिक छानबीन में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मुठभेड़ में घायल दोनों बदमाशों के विरुद्ध पुर्व में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में गोकशी, अवैध असलहे का प्रयोग, चोरी, और संगठित अपराधों में संलिप्तता शामिल है। पुलिस अब उनके नेटवर्क की जांच कर रही है, जिससे उनके अन्य साथियों और शेल्टर देने वालों की भी पहचान हो सके।
स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर राहत
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की तत्परता और सक्रियता की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई दिनों से संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं, जिससे भय का माहौल बन गया था। मुठभेड़ के बाद ग्रामीणों में राहत और विश्वास का माहौल बना है।
अपराध पर नियंत्रण की दिशा में प्रभावी कदम
अमेठी पुलिस द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सजग और तत्पर है। विशेषकर गोकशी जैसे संवेदनशील अपराध, जिनसे सामाजिक तनाव और सांप्रदायिक तनाव की आशंका भी बनी रहती है, उन पर समय रहते रोक लगाना और अपराधियों को पकड़ना एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
पुलिस की सख्त कार्यवाही का संदेश
इस मुठभेड़ के बाद पुलिस विभाग की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी अमेठी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम जारी रहेगा। जल्द ही फरार अपराधियों को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार बदमाशों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पुलिस उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी जांच-पड़ताल और निगरानी कर रही है।

