
केंद्र सरकार ने 24 अगस्त को रिटायर्ड IPS ऑफिसर अनीश दयाल सिंह को भारत का डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (Deputy NSA) नियुक्त किया है। वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोवाल को रिपोर्ट करेंगे। अनीश 31 दिसंबर, 2024 को सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स यानी CRPF के डायरेक्टर जनरल के पद से रिटायर हुए थे। इससे पहले उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), NSG, ITBP, SSB और CRPF जैसे महत्वपूर्ण संगठनों का नेतृत्व किया है। अनीश की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुई। कॉलेज भी उन्होंने यहीं रहते हुए पूरा किया। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स यानी BA में अपना ग्रेजुएशन किया है।
इसके बाद अनीश ने UPSC सिविल सर्विस की परीक्षा दी और उसमें क्वालिफाई हुए। वे 1988 बैच के IPS ऑफिसर बने और उन्हें मणिपुर कैडर मिला। IPS बनने के बाद उनकी ट्रेनिंग तेलंगाना (तब आंध्रप्रदेश) के हैदराबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी यानी (SVPNPA) में हुई। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, अनीश 21 अगस्त, 1989 को IPS में औपचारिक रूप से शामिल हुए। उन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में काम करने का मौका मिला। उन्होंने लगभग 30 सालों तक IB में काम किया। इस दौरान जॉइंट डायरेक्टर और स्पेशल डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए अपनी सेवाएं दी। वो काउंटर-टेररिज्म और इंटरनल सिक्योरिटी से जुड़े डिपार्टमेंट में शामिल थे। अनीश दयाल सिंह को साल 2004 और 2012 में विशिष्ट सेवा के लिए इंडियन पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस से सम्मानित किया गया था।

ITBP के DG रह चुके हैं
- 2022 में, वे 4 सीनियर बैचमेट्स (अनीश दयाल सिंह, मनोज यादव, मनोज लाल, अमिताभ रंजन) के साथ IB चीफ पद के लिए सुपर्सीडेड हुए। इसके बाद तपन डेका को IB चीफ बनाया गया। 3 अक्टूबर, 2022 को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के डायरेक्टर जनरल बने। इसके साथ ही उन्हें सशस्त्र सीमा बल (SSB) के डायरेक्टर जनरल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।
CRPF के DG रहते हुए रिटायर्ड हुए
- 29 नवंबर, 2023 के सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स यानी CRPF का एडिशनल चार्ज मिला। फिर 28 दिसंबर, 2023 को अनीश को CRPF का डायरेक्टर जनरल बनाया गया। 31 दिसंबर, 2024 तक उन्होंने DG के रूप में काम किया। फिर इसी पद से रिटायर्ड हुए।
CRPF के 130 बटालियनों का पुनर्गठन किया
- CRPF में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 30 से अधिक फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेसेस (FOBs) स्थापित किए। 4 नई बटालियनों का गठन किया। साथ ही, कुल 130 बटालियनों का पुनर्गठन किया। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पहले विधानसभा चुनावों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने में CRPF की भूमिका की भी देखरेख की।

