
बरनाला में देविंदर बंबीहा गैंग के चार शातिर अपराधी गिरफ्तार, बड़ी लूट की साजिश नाकाम
बरनाला, पंजाब — संगठित अपराध के खिलाफ एक और बड़ी सफलता अर्जित करते हुए, पंजाब पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम कर दिया है। बरनाला जिले की पुलिस ने देविंदर बंबीहा गैंग के चार सक्रिय और खतरनाक सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जो एक बड़ी डकैती की योजना बना रहे थे। यह कार्रवाई एक विशेष नाका अभियान के तहत की गई, जिसमें पुलिस की तत्परता, साहस और रणनीति ने अपराधियों की चालों को विफल कर दिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सतनाम सिंह उर्फ सत्ती, गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी, सरम सिंह उर्फ रिंकू और दीपक सिंह के रूप में हुई है। ये सभी अपराधी पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में संलिप्त रहे हैं और देविंदर बंबीहा गैंग के प्रमुख और सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये आरोपी एक बड़ी लूट की योजना को अंतिम रूप दे रहे थे, जब बरनाला पुलिस को गुप्त सूचना मिली और तत्काल एक्शन लिया गया।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से साझा की। उन्होंने बताया कि जब पुलिस की एक टीम ने संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की, तो उसमें सवार अपराधियों ने पुलिस पार्टी पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाब में, पुलिसकर्मियों ने न केवल स्थिति को नियंत्रित किया बल्कि अपराधियों को उनके वाहन समेत धर-दबोचा। इस दौरान पुलिस की ओर से कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, जो पुलिसकर्मियों की सतर्कता और सूझबूझ को दर्शाता है।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से चार हथियार बरामद किए गए हैं। इनमें एक जिगाना पिस्तौल, तीन अन्य पिस्तौल (.30 बोर और .32 बोर) और जिंदा कारतूस शामिल हैं। यह बरामदगी यह स्पष्ट करती है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से पूरी तैयारी के साथ निकले थे। बरामद हथियारों से न केवल अपराध की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है, बल्कि यह भी सिद्ध होता है कि देविंदर बंबीहा गिरोह आज भी संगठित और खतरनाक योजनाओं के साथ सक्रिय है।
डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी दी कि सतनाम सिंह एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत 22 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इससे उसके आपराधिक इतिहास और गिरोह में उसकी भूमिका का भी पता चलता है। वहीं, सरम सिंह और दीपक सिंह नशीले पदार्थों की तस्करी से भी जुड़े हुए हैं, जो इस गिरोह की बहुआयामी आपराधिक गतिविधियों का संकेत देता है। इसका अर्थ यह है कि यह गैंग न केवल हथियारों और डकैती में लिप्त है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार में भी सक्रिय रूप से संलग्न है।
बरनाला पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक संभावित डकैती को रोकने में सफल रही, बल्कि इससे यह भी साफ हो गया है कि पंजाब पुलिस राज्य में अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कितनी गंभीरता से अभियान चला रही है। संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की इस निर्णायक कार्रवाई से न केवल आम जनता को राहत मिली है, बल्कि कानून व्यवस्था को लेकर लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।

इस कार्रवाई के बाद डीजीपी गौरव यादव ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पुलिस अन्य संदिग्धों और सहयोगियों की तलाश में जुटी है। आशा जताई जा रही है कि आगे की पूछताछ से इस गैंग के अन्य सदस्यों, उनके नेटवर्क और अपराध की योजनाओं के बारे में और महत्वपूर्ण खुलासे होंगे। यह भी संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह राज्य के कई अन्य जिलों में भी सक्रिय हो सकता है।
डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध, ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियारों की आपूर्ति और गैंगस्टर गतिविधियों को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस बल पूरी ताकत से कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने इस बात का भी आश्वासन दिया कि आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी आपराधिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम में जिस प्रकार पुलिस ने एक सटीक और साहसिक अभियान चलाकर अपराधियों को गिरफ्तार किया, वह निश्चित रूप से एक सराहनीय उपलब्धि है। नाका बंदी के दौरान जिस तरह से आरोपियों ने गोलीबारी की और पुलिस ने संयम और रणनीति से स्थिति को संभाला, वह पुलिस की पेशेवर क्षमता को दर्शाता है। ऐसी घटनाएं यह भी साबित करती हैं कि पंजाब पुलिस अब केवल पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, गुप्त सूचना तंत्र और तेज रिएक्शन के साथ काम कर रही है।
देविंदर बंबीहा गैंग, जो कि पंजाब के कुख्यात गैंगस्टरों में गिना जाता है, लंबे समय से पुलिस और आम जनता के लिए एक चुनौती बना हुआ था। हालांकि, इस गैंग के प्रमुख सदस्य पहले ही मुठभेड़ों या गिरफ्तारियों के जरिए कानून के शिकंजे में आ चुके हैं, फिर भी इसका नेटवर्क अभी तक पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। यह हालिया गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि पुलिस उस शेष नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।
इस कार्रवाई से न केवल बरनाला जिले बल्कि समूचे पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ एक मजबूत संदेश गया है। यह भी उम्मीद की जा रही है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों से अन्य अपराधियों और गिरोहों के मन में डर उत्पन्न होगा और राज्य में अपराध दर में गिरावट आएगी। समाज के हर वर्ग को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि पुलिस उनके हितों की रक्षा के लिए दिन-रात कार्य कर रही है और किसी भी आपराधिक प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को भी इस गिरोह या इससे संबंधित अन्य अपराधियों की गतिविधियों के बारे में जानकारी हो, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। जनता और पुलिस के बीच सहयोग से ही अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण संभव है।
अंततः, बरनाला पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक अपराध को समय रहते रोकने की मिसाल है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पंजाब पुलिस संगठित अपराध और गैंगस्टर संस्कृति को समाप्त करने की दिशा में सख्त, संगठित और प्रभावी कदम उठा रही है। आने वाले समय में और भी बड़ी गिरफ्तारियों और नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद की जा रही है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और मजबूत हो सकेगी।

