
मुजफ्फरनगर, थाना कोतवाली में भावभीना विदाई समारोह, हेड कॉन्स्टेबल रोहित तेवतिया को दी गई सम्मानपूर्वक विदाई
मुजफ्फरनगर के थाना कोतवाली परिसर में उस समय एक भावनात्मक माहौल देखने को मिला जब हेड कॉन्स्टेबल रोहित तेवतिया के सहारनपुर स्थानांतरण के अवसर पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता थाना प्रभारी निरीक्षक उमेश रोरिया ने की, जिसमें वरिष्ठ उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह सहित थाना स्टाफ के सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। समारोह में रोहित तेवतिया को उनके वर्षों के उत्कृष्ट सेवाभाव, कर्तव्यनिष्ठा और साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि हेड कॉन्स्टेबल रोहित तेवतिया वर्ष 2015 से मुजफ्फरनगर जनपद में तैनात थे और इस दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण और अपराधियों के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपराध उन्मूलन के कई अभियानों में उनकी भागीदारी सराहनीय रही है। वे न केवल कुशल पुलिसकर्मी के रूप में पहचान बनाए हुए थे, बल्कि एक निडर योद्धा के रूप में भी जाने जाते हैं। उन्होंने कई बार मुठभेड़ के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना मोर्चा संभाला, जिसमें वे अपराधियों की गोली का शिकार होकर घायल भी हुए, लेकिन हर बार डटकर मुकाबला किया और अपने फर्ज को निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
विदाई समारोह के दौरान कोतवाली प्रभारी निरीक्षक उमेश रोरिया ने कहा कि रोहित तेवतिया जैसे समर्पित और साहसी पुलिसकर्मी का स्थान किसी भी विभाग के लिए गर्व की बात होती है। उन्होंने कहा कि तेवतिया ने अपराधियों के खिलाफ मोर्चा संभालते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत करने में जो भूमिका निभाई, वह प्रेरणादायक है। उन्होंने आगे कहा कि सहारनपुर जनपद को भी एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और वीर जवान की सेवाएं मिलने जा रही हैं, और यह वहां के लिए सौभाग्य की बात होगी।

वरिष्ठ उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रोहित तेवतिया ने हमेशा अपने कार्य के प्रति गंभीरता दिखाई और समय-समय पर पुलिस विभाग को गौरवांवित किया। वे एक बेहतरीन टीम मेंबर और भरोसेमंद सहयोगी थे, जिनकी कार्यशैली और निष्ठा सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि भले ही स्थानांतरण एक प्रक्रिया है, लेकिन कुछ साथी अपनी छाप छोड़ जाते हैं, और रोहित तेवतिया उन्हीं में से एक हैं।
कार्यक्रम में शामिल पुलिस स्टाफ के अन्य सदस्यों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि तेवतिया हमेशा सहयोगी, अनुशासित और समय के पाबंद रहे। उन्होंने न केवल अपराधियों को कानून का भय दिखाया बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भी कायम किया। वे आम नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के समाधान में भी सदैव अग्रसर रहे।
विदाई समारोह के अंत में रोहित तेवतिया ने सभी सहयोगियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर में बिताए गए ये दस वर्ष उनके जीवन के सबसे यादगार क्षणों में से हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यहां एक परिवार जैसा माहौल मिला और जिस तरह से उन्हें सहयोग व सम्मान मिला, वह उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि एक पुलिसकर्मी का जीवन चुनौतियों से भरा होता है, लेकिन जब आपके पास एक अच्छी टीम और सहयोगी अधिकारी हों, तो हर चुनौती आसान हो जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे सहारनपुर में भी इसी जज्बे और निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं देंगे और वहां की जनता की सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
समारोह के अंत में रोहित तेवतिया को थाना स्टाफ की ओर से स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर भावभीनी विदाई दी गई। सभी की आंखों में उनके प्रति सम्मान और भावुकता साफ झलक रही थी। कार्यक्रम के दौरान थाना परिसर में एक आत्मीय और प्रेरणादायक वातावरण रहा, जिसने यह संदेश दिया कि जो अधिकारी ईमानदारी, साहस और समर्पण से कार्य करते हैं, उन्हें हमेशा याद रखा जाता है।
निष्कर्षतः, यह विदाई समारोह केवल एक स्थानांतरण की औपचारिकता नहीं थी, बल्कि एक जांबाज पुलिसकर्मी के प्रति पूरे विभाग की ओर से कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक थी। रोहित तेवतिया जैसे अधिकारी पुलिस विभाग की रीढ़ हैं, जो न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखते हैं, बल्कि जनमानस में पुलिस की सकारात्मक छवि भी स्थापित करते हैं।

