’20 साल में कोई मौत नहीं’ बंगाल में SIR पर नया बवाल, चुनाव अधिकारी का आंकड़ा देख भड़क गई बीजेपी
पश्चिम बंगाल में जारी वोटर लिस्ट के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR)
प्रक्रिया के दौरान बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई है. यहां विभन्न जिलों के निर्वाचन आधिकारियों की तरफ से चुनाव आयोग को भेजे गए शुरुआती आंकड़ों में बताया गया था कि राज्य के 2,208 मतदान केंद्रों पर एक भी मृत, लापता, स्थानांतरित या डुप्लीकेट वोटर नहीं मिला है और इन सभी बूथों से बांटे गए फार्म पूरी तरह भरे हुए वापस आ चुके हैं.
हालांकि सोमवार को आयोग ने जब इन जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी, तो मंगलवार को भेजे गए संशोधित आंकड़ों में यह संख्या घटकर सिर्फ 480 रह गई. महज 24 घंटे में आंकड़ों में आए इस भारी अंतर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन के एक हिस्से ने इस बदलाव की वजह लगातार डेटा अपडेट होने को बताया है,
लेकिन इसके बावजूद इस पूरे मामले पर संदेह जताया जा रहा है. बताया गया कि दक्षिण 24 परगना जिले में ऐसे बूथों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है. इनमें रायडिघी, कुलपी, मगराहाट और पथरप्रतिमा क्षेत्रों के बूथ शामिल हैं.
’20 साल में कोई मौत नहीं’ बंगाल में SIR पर नया बवाल, चुनाव अधिकारी का आंकड़ा देख भड़क गई बीजेपी
इस गड़बड़ी पर क्या बोले बीजेपी नेता?
इस बदलाव को लेकर बीजेपी के केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सोमवार को आयोग को सूचना दी गई थी कि 2,200 से अधिक बूथों के सभी फॉर्म वापस आ चुके हैं, जिसका मतलब है कि वहां कोई भी व्यक्ति न तो मरा है, न कहीं गया है और न ही दोहरी प्रविष्टि मिली है. लेकिन जिला मजिस्ट्रेट से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद यह संख्या अचानक घटकर 480 रह गई. उन्होंने सवाल उठाया, ‘क्या यह कोई जादू है? ऐसा सिर्फ बंगाल में ही हो सकता है.’