
लालसोट। उपखंड मुख्यालय स्थित करीब 1100 वर्ष प्राचीन महाकाली मंदिर लालसोट में अचानक जमीन धंसने की घटना से हड़कंप मच गया। मंदिर के बरामदे में फर्श धंसने के साथ ही नीचे से जल स्रोत फूट पड़ा, जिससे परिसर में पानी भरने लगा। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। प्रशासनिक सतर्कता के तहत जेसीबी मशीन मंगवाकर खुदाई कार्य शुरू कराया गया। मंदिर से जुड़े शिव शंकर जोशी ने बताया कि सुबह मंदिर के पूजा हॉल के पास अचानक जमीन धंस गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यहां पर प्राचीन काल में एक परंपरागत कुआं था, जिसे बाद में निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी से भर दिया गया था।

महाकाली सेवा समिति के अध्यक्ष शिव शंकर जोशी ने बताया कि जुलाई 2025 में क्षेत्र में हुई अच्छी मानसूनी वर्षा के कारण भूजल स्तर बढ़ा और बंद पड़े जल स्रोत ने दोबारा सक्रिय रूप ले लिया। जल दबाव के चलते बरामदे की फर्श धंस गई।
जेसीबी से की गई खुदाई में नीचे कुएं जैसी संरचना मिलने की पुष्टि हुई है। जिस स्थान पर फर्श धंसी, वहीं पुराना कुआं निकलने की बात सामने आई है। फिलहाल सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से दूर रखा जा रहा है और आगे की कार्रवाई जारी है। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर बना हुआ है।

