
दिनांक 22 सितम्बर 2025 को जिला हापुड़ के कलक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गौतम की अध्यक्षता में व्यापार बंधु एवं जिला उद्योग बंधु की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिलाधिकारी श्री अभिषेक पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित की गई, जिसमें जनपद के औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, एसोसिएशन के पदाधिकारीगण एवं उद्यमीगण उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य जनपद हापुड़ में औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू एवं प्रभावी ढंग से संचालित करना, व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं को सुनकर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना रहा।
बैठक की शुरुआत में मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित उद्यमियों एवं संबंधित अधिकारियों का स्वागत करते हुए बैठक के उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि सरकार व्यापार एवं उद्योगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी क्रम में नियमित रूप से व्यापार बंधु और जिला उद्योग बंधु की बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि उद्यमियों को आ रही समस्याओं को प्राथमिकता पर सुना जा सके और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में सबसे प्रमुख चर्चा का विषय औद्योगिक क्षेत्र एम.जी. रोड, हापुड़ में सड़क एवं नाला निर्माण से जुड़ी समस्याएं रहीं। श्री गौतम ने इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए वरिष्ठ प्रबंधक, यूपीसीडा को निर्देशित किया कि जिन प्रकरणों से संबंधित आंगणन भेजे गए हैं, उन पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करवाई जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत ढांचे की मजबूती और विकास के बिना औद्योगिक गतिविधियों को गति देना कठिन होगा। इसलिए इस दिशा में शीघ्र एवं ठोस कार्यवाही आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, बैठक में धीरखेड़ा क्षेत्र स्थित औद्योगिक इकाइयों की जल निकासी की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। इस समस्या के समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग तथा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की एक संयुक्त तकनीकी टीम गठित करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि यह टीम तकनीकी सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि स्थायी समाधान की दिशा में कार्यवाही की जा सके।श्री हिमांशु गौतम ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि व्यापार बंधु एवं जिला उद्योग बंधु की बैठकों में जो भी समस्याएं उठाई जाती हैं, उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी बैठक से पूर्व सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी शिकायत या समस्या बिना समाधान के न रहे।

बैठक में उपस्थित उपायुक्त उद्योग, उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, विद्युत विभाग एवं यूपीसीडा के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित मामलों पर प्रकाश डाला और उठाई गई समस्याओं के निराकरण हेतु अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने यह भी बताया कि विभागीय स्तर पर क्या-क्या कार्यवाही की जा रही है तथा भविष्य में किन कदमों को उठाने की योजना है।
इस बैठक में व्यापार एवं उद्योग से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को स्पष्ट रूप से बैठक में प्रस्तुत किया। इनमें से कई सुझावों को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संज्ञान में लिया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक का माहौल सकारात्मक एवं परिणामोन्मुखी रहा। जहां एक ओर अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान हेतु तत्परता दिखाई, वहीं दूसरी ओर उद्यमियों ने प्रशासन के प्रति विश्वास प्रकट करते हुए सुझाव दिए कि इस प्रकार की बैठकें नियमित रूप से आयोजित होती रहें ताकि सरकारी तंत्र और औद्योगिक इकाइयों के बीच संवाद बना रहे और समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर संभव हो सके।
अंत में मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गौतम ने सभी अधिकारियों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए यह आश्वासन दिया कि जनपद में व्यापार एवं उद्योग से संबंधित हर समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा और उसके समाधान के लिए प्रशासन निरंतर प्रयास करता रहेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से यह अपेक्षा भी की कि वे व्यापारियों एवं उद्यमियों से समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि जनपद हापुड़ औद्योगिक विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर रह सके।
इस प्रकार, यह बैठक न केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता थी, बल्कि व्यापारिक और औद्योगिक हितों को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक गंभीरता और सक्रिय सहभागिता का सशक्त उदाहरण रही। बैठक से निकले निर्णयों के सफल क्रियान्वयन से निश्चित रूप से जनपद के उद्योगों को गति मिलेगी और व्यापारी वर्ग को राहत प्राप्त होगी।

