हापुड़ मुठभेड़ गोकशी के आरोपियों से पुलिस की आमने-सामने भिड़ंत, दो गिरफ्तार, एक फरार

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हापुड़ मुठभेड़ गोकशी के आरोपियों से पुलिस की आमने-सामने भिड़ंत, दो गिरफ्तार, एक फरार
हापुड़ मुठभेड़ गोकशी के आरोपियों से पुलिस की आमने-सामने भिड़ंत, दो गिरफ्तार, एक फरार

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र स्थित बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र में एक बड़ी पुलिस कार्रवाई सामने आई है, जहां पुलिस और गोकशी के आरोपियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। यह घटना उस समय हुई जब पुलिस टीम पलवाड़ा-नानई मार्ग पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस को बाइक पर सवार कुछ संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का इशारा किया, तो वे रुकने के बजाय भागने लगे। इस पर पुलिस ने उनका पीछा किया।

संदिग्धों को अपने पीछे आता देख जब बदमाश खुद को घिरता हुआ महसूस करने लगे, तो उन्होंने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। दूसरा आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिस टीम ने घेराबंदी करके पकड़ लिया। तीसरा आरोपी अंधेरे और आसपास के खेतों का फायदा उठाकर फरार हो गया।

घायल बदमाश की गिरफ्तारी के दौरान का एक दृश्य काफी चर्चा में है, जिसमें वह पुलिस से हाथ जोड़कर माफी मांगता हुआ नजर आया और बोला, “साहब गलती हो गई।” यह दृश्य पुलिस द्वारा रिकॉर्ड किया गया और अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो दर्शाता है कि बदमाश किस हद तक घबरा गया था।

गढ़ सर्किल के क्षेत्राधिकारी (सीओ) वरुण मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम महताब और जैद बताया है। जांच में सामने आया है कि ये दोनों 30 अगस्त को नगंलाबढ़ में हुई गोकशी की एक बड़ी वारदात में शामिल थे। पुलिस को लंबे समय से इनकी तलाश थी। मौके से पुलिस ने एक तमंचा, एक बाइक, गोकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और एक जिंदा गोवंश बरामद किया है। यह गिरफ्तारी गोकशी के खिलाफ पुलिस की मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि फरार तीसरे आरोपी की पहचान की जा रही है और उसकी तलाश के लिए पुलिस द्वारा इलाके में कांबिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गांवों, जंगलों और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।पुलिस का यह ऑपरेशन जिले में बढ़ती गोकशी की घटनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस की टीम पूरी सतर्कता के साथ हाईवे व ग्रामीण मार्गों पर संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस का नेटवर्क पूरी तरह से एक्टिव है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

हापुड़ मुठभेड़ गोकशी के आरोपियों से पुलिस की आमने-सामने भिड़ंत, दो गिरफ्तार, एक फरार
हापुड़ मुठभेड़ गोकशी के आरोपियों से पुलिस की आमने-सामने भिड़ंत, दो गिरफ्तार, एक फरार

इस घटना से यह भी साफ हो गया है कि गोकशी जैसे संगठित अपराध में शामिल गिरोह अब पुलिस कार्रवाई से घबराए हुए हैं और गिरफ्तारी के डर से पुलिस पर हमलावर हो रहे हैं। लेकिन पुलिस ने जिस मुस्तैदी और संयम के साथ इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया, वह प्रशंसा के योग्य है। गोली लगने के बावजूद किसी पुलिसकर्मी को चोट न लगना यह भी दर्शाता है कि पुलिस की रणनीति और फायरिंग की पोजिशनिंग सटीक रही।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में गोकशी की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बन रही थीं और इस तरह की सख्त कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होगा। ग्रामीणों ने पुलिस से अनुरोध किया है कि ऐसे अपराधों को पूरी तरह खत्म करने के लिए समय-समय पर गश्त और चेकिंग की व्यवस्था बनाए रखी जाए।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में गोकशी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। इस अभियान के तहत पुलिस लगातार गोकशी में संलिप्त गिरोहों की तलाश कर रही है और अब तक कई लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इस मुठभेड़ को इसी श्रृंखला की एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस द्वारा समय पर की गई सटीक कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायक होती है, बल्कि आम जनता में विश्वास भी बढ़ाती है। आने वाले दिनों में पुलिस की टीम और भी सतर्कता के साथ ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाएगी, ताकि क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाया जा सके।

निष्कर्षतः, बहादुरगढ़ क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ ने न केवल दो कुख्यात गोकशों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, बल्कि यह संदेश भी दे दिया कि कानून के लंबे हाथों से कोई नहीं बच सकता। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी जल्द ही संभव है और पुलिस का यह साहसिक कदम आने वाले अभियानों की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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