
हमीरपुरः
उत्तर प्रदेश की हमीरपुर जेल एक बार फिर बंदियों के लिए आतंक का पर्याय बन गई है। दलित उत्पीड़न में जेल गए एक बंदी की 48 घंटे में ही पीट-पीटकर मार डाला गया। मृतक के शरीर में चोट के निशान देख परिजनों ने ग्रामीणों के साथ जेल के बाहर न सिर्फ सड़क जाम कर हंगामा किया बल्कि सीधे तौर पर जेल के छोटे बड़े अफसरों व कर्मियों पर हत्या करने के आरोप लगाए गए।
दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव छोड़कर अपने घर लौट गए है। जिससे प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। उधर तमाम बंदियों ने खाना खाने से इंकार कर सीएम को लेटर भेजकर साथी बंदी की मौत का राज खोला है। मामले को तूल पकड़ता देख जेलर, डिप्टी जेलर समेत कर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, साथ ही कुछ अज्ञात लोग भी आरोपी बनाये गए हैं।उल्लेखनीय है कि हमीरपुर जिले के कोतवाली क्षेत्र के सूरजपुर गांव निवासी अनिल द्विवेदी (33) चार दिन पहले दस साल पुराने दलित उत्पीड़न के मामले में वारंट जारी होने के बाद जेल गया था। परिजन अगले ही दिन उसका हालचाल लेने भी गए थे। साढ़े छह हजार रुपये देने के बाद परिजन घर लौट आए थे। चौबीस घंटे भी नहीं बीते कि जेल में अनिल की मौत होने की सूचना मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए।
परिजनों ने नारेबाजी की
- मृतक के शरीर में चोट के निशान देख परिजनों ने काफी देर तक नारेबाजी की थी। रिटायर्ड डीआईजी एवं भारतीय ब्राम्हण एकता परिषद के संस्थापक जुगुल किशोर तिवारी ने भी जेल के उच्चाधिकारियों को फोन पर घटना की जानकारी देकर कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने भी परिजनों से मिलने के बाद एलान किया पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी।

ये है आरोप
- मृतक बंदी की पत्नी पूजा द्विवेदी ने जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर, कान्सटेबिल अनिल यादव, लंबरदार दीपक व दिलीप के अलावा जेल का राइटर विनय सिंह पर हत्या करने के आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दे दी है। इस मामले को लेकर डिप्टी जेलर संगेश कुमार व अनिल यादव बीती रात सस्पेंड कर दिए गए है, जबकि अभी तक परिजन की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है जिससे रोते बिलखते परिजन शव पीएम हाउस में छोड़कर घर लौट गए है। पूजा का कहना है कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उसने नौकरी और आवास और मुआवजे की भी मांग की है।
पत्नी ने दी जानकारी
- मृतक बंदी की पत्नी पूजा द्विवेदी ने शासन और प्रशासन को शिकायती पत्र देकर बताया कि सोमवार को जेल के बंदी रोहित यादव, शिवम तिवारी, दीपक यादव, कुंवर पाल यादव, शैलेन्द्र सिंह व अखिलेश राजपूत पेशी में जिला जेल से कचेहरी आए थे। जहां जेल में बंदी अनिल को पीट-पीटकर मार डालने की जानकारी दी। इन बंदियों ने सीएम को लेटर भी एक वकील के जरिए भेजा है जिसमें जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर, पुलिस कर्मी अनिल यादव. लम्बरदार दीपक, दिलीप व राइटर विनय सिंह को जेल में बने पीसीओ के पीछे बंदी अनिल को मारपीट कर हत्या किए जाने की जिक्र किया है।

