
बांदीकुई: सोलर प्लांट से केबल चोरी के तीन शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी का तांबा भी बरामद
बांदीकुई, राजस्थान — बांदीकुई पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में सोलर प्लांट से तांबे की केबल चोरी करने वाले तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में बढ़ती चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थानाधिकारी ज़हीर अब्बास ने बताया कि यह मामला अगस्त माह में सामने आया था, जब ग्राम उदेरवाडा में स्थित सोलर प्लांट से भारी मात्रा में तांबे की केबल चोरी कर ली गई थी। चोरों ने योजनाबद्ध तरीके से सोलर प्लांट में घुसकर केबल को काटा और उसे चोरी कर ले गए। यह केबल उच्च गुणवत्ता का तांबा युक्त था, जिसकी बाजार में बड़ी मांग है।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित जांच करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हरकेश बावरिया उर्फ रामसिंह पुत्र रामप्रसाद, निवासी बहतेड़, थाना मलारना डूंगर, जिला सवाई माधोपुर; राकेश बावरिया पुत्र सुमान बावरिया, निवासी नाथूसर, थाना थानागाजी, जिला अलवर; और रामकेश बावरिया उर्फ तितरा पुत्र रामप्रसाद बावरिया, निवासी मोरपा काजी कुण्डली, थाना बाटोदा, जिला सवाई माधोपुर शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में इन आरोपियों ने न केवल उदेरवाडा सोलर प्लांट से केबल चोरी की वारदात को स्वीकार किया, बल्कि सैंथल और बैजूपाड़ा थाना क्षेत्रों में स्थित अन्य सोलर प्लांट्स से हुई चोरी की घटनाओं का भी खुलासा किया।
पुलिस ने चोरी के इस नेटवर्क के केवल चोरों तक ही सीमित न रहकर, चोरी का माल खरीदने वालों तक भी अपनी जांच को विस्तार दिया। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि चोरी की गई केबल को जलाकर तांबा निकाला जाता था और फिर उसे आगे बेचा जाता था। पुलिस ने इस मामले में दो खरीददारों की भी पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया। इन दोनों आरोपियों की पहचान शानू पुत्र कमल तेली मुसलमान, निवासी चुली गेट, मदीना मस्जिद, गंगापुर सिटी; और रशीद खान पुत्र चिरंजी खान तेली मुसलमान, निवासी उष्मान कॉलोनी, गंगापुर सिटी के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने चोरी की गई केबल को जलाकर निकाले गए तांबे के तार भी बरामद कर लिए हैं। इन तारों को शहर के विभिन्न कबाड़ बाजारों में खपाया जा रहा था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये चोर सुनसान इलाकों में स्थित सोलर प्लांट्स को निशाना बनाते थे, जहां पर सुरक्षाकर्मी सीमित होते थे या निगरानी की व्यवस्था कमजोर होती थी। रात के समय यह गिरोह प्लांट की चारदीवारी को पार कर भीतर प्रवेश करता था और केबल काटकर उसे बैग या बोरे में भरकर ले जाते थे। उसके बाद सुरक्षित स्थान पर ले जाकर केबल को आग में जलाकर उससे तांबा निकालते थे और उसे विभिन्न कबाड़ व्यापारियों को बेच देते थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है जो विभिन्न जिलों में फैला हुआ है और जिनका मुख्य उद्देश्य सोलर प्लांट्स, मोबाइल टावरों और अन्य इलेक्ट्रिक इंस्टॉलेशनों से तांबे की केबल चोरी करना है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश में जुट गई है और जल्द ही और गिरफ्तारियां संभव हैं। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल, बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और खरीददारों का भी पता लगाया जा सके।
थाना अधिकारी ज़हीर अब्बास ने बताया कि साइबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की गई थी। आरोपी अक्सर लोकेशन बदलते रहते थे ताकि पकड़े न जा सकें, लेकिन पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते उन्हें दबोच लिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या ये आरोपी पहले भी किसी अन्य बड़े अपराध में शामिल रहे हैं। चोरी के इस मामले ने यह भी दिखाया है कि कैसे तकनीकी यंत्रों की सहायता से पुलिस अपराधियों तक पहुंच रही है और सटीक कार्रवाई कर रही है।
इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से वे परेशान थे और पुलिस की इस कार्रवाई से अब उन्हें राहत महसूस हो रही है। साथ ही, सोलर कंपनियों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने प्लांट्स में सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय करें, जैसे कि सीसीटीवी कैमरे, नाइट विजन डिवाइसेस और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
बांदीकुई पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल तात्कालिक अपराध की गुत्थी को सुलझाने में सफल रही, बल्कि इसने एक बड़े अंतर-जिला चोर गिरोह के नेटवर्क को भी उजागर किया है। पुलिस की सतर्कता, आधुनिक तकनीक का उपयोग और टीमवर्क ने यह साबित कर दिया है कि कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता। अब देखना यह है कि आगे की जांच में और कितने नाम सामने आते हैं और इस गिरोह का पूरा नेटवर्क कब तक पुलिस की गिरफ्त में आता है।

