
अलवर। जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र में पाटा गांव निवासी सिराजू के साथ हुई घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। परिवार का आरोप है कि बुधवार सुबह सिराजू दहेज मामले में सिकरी थाने में पेश होने के लिए घर से निकला था, लेकिन रास्ते में उसके ससुर और सालों ने उसे रोक लिया। करीब दोपहर 12 बजे के आसपास ससुर इशाक, साला सफीक और फर्रून उसे जबरन अपने साथ ले गए।
आरोप है कि तीनों ने रास्ते में सिराजू को जहर पिला दिया। इसके बाद उसका मोबाइल और बाइक छीनकर उसे गंभीर हालत में सिकरी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। परिजनों को सूचना भी आरोपियों ने ही फोन कर दी। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, उससे पहले ही कथित तौर पर 10–12 लोगों को बुलाकर सिराजू से गलत बयान दिलवाने की कोशिश की गई। लेकिन जब उसे सिकरी थाने ले जाया गया तो उसने पुलिस के सामने साफ कहा कि “ससुराल पक्ष ने ही मुझे जहर पिलाया है।”

स्थिति नाजुक होने पर पुलिस ने तुरंत उसे वापस अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वर्तमान में सिराजू का उपचार वहीं चल रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ससुर इशाक को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
परिजनों के अनुसार, सिराजू की शादी लगभग 7 साल पहले तबरस्सुम से हुई थी। शादी के बाद से ही वह कई बार मायके चली जाती थी। करीब एक साल से वह लगातार मायके में ही रह रही थी। हाल ही में तबरस्सुम ने सिराजू और उसके परिवार पर दहेज का मामला भी दर्ज कराया था, जिसके सिलसिले में उसे थाने में पेश होना था। सिराजू फर्नीचर का काम करता है और उसके दो छोटे बच्चे हैं। परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठा है।

