
लालसोट। उपखंड मुख्यालय पर सोमवार रात भक्ति, परंपरा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। शहर के बस स्टैंड राजोली मोड़ पर स्थित, ‘राजाजी’ के नाम से विख्यात ऐतिहासिक होली का देर रात विधि-विधान के साथ दहन किया गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया।
शुभ मुहूर्त में संपन्न हुआ दहन रात करीब डेढ़ बजे के बाद शुभ मुहूर्त में वेद मंत्रों की गूंज के बीच होलिका दहन की प्रक्रिया संपन्न हुई। समाजसेवी सोनू बिनोरी, सी.एम. सुकारिया एवं कमलेश सैनी ने मुख्य यजमान के रूप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चना की। मंत्रों की पवित्र ध्वनि और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। जैसे ही अग्नि प्रज्वलित हुई, समूचा क्षेत्र “होली है…” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

सुख-समृद्धि की कामना
होलिका दहन के इस पावन दृश्य के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी उमड़े। महिलाओं ने होलिका की परिक्रमा कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की मन्नतें मांगी। वहीं, युवाओं और बच्चों में त्योहार को लेकर भारी उत्साह देखा गया। लोगों ने जलती हुई होलिका में अपनी बुराइयों को त्यागने और मंगलकामनाओं का संकल्प लिया।
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
उल्लेखनीय है कि राजाजी की होली लालसोट की वर्षों पुरानी गौरवशाली परंपरा का प्रतीक मानी जाती है। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि शहर की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता को भी मजबूती प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और आयोजकों द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

