रिश्वतखोरी प्रकरण में फरार आरोपी स्टेनो प्रदीप कुमार ने किया आत्मसमर्पण, तीन दिन का पुलिस रिमांड मंजूर

रिश्वतखोरी प्रकरण में फरार आरोपी स्टेनो प्रदीप कुमार ने किया आत्मसमर्पण, तीन दिन का पुलिस रिमांड मंजूर

Spread the love !!!
रिश्वतखोरी प्रकरण में फरार आरोपी स्टेनो प्रदीप कुमार ने किया आत्मसमर्पण, तीन दिन का पुलिस रिमांड मंजूर
रिश्वतखोरी प्रकरण में फरार आरोपी स्टेनो प्रदीप कुमार ने किया आत्मसमर्पण, तीन दिन का पुलिस रिमांड मंजूर

चंडीगढ़। 

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए रिश्वतखोरी के प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी प्रदीप कुमार, तत्कालीन स्टेनो, एसडीएम फिरोजपुर झिरका (जिला नूंह) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 15 सितंबर 2025 को माननीय सीजेएम न्यायालय, नूंह में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे तीन दिन का पुलिस रिमांड प्रदान किया गया है।
गौरतलब है कि प्रदीप कुमार की गिरफ्तारी के लिए सतर्कता ब्यूरो ने 10,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया था। आरोपी द्वारा पूर्व में उच्च न्यायालय में जमानत याचिका भी दायर की गई थी, जिसे 20 मई 2025 को खारिज कर दिया गया था।

रिश्वतखोरी प्रकरण में फरार आरोपी स्टेनो प्रदीप कुमार ने किया आत्मसमर्पण, तीन दिन का पुलिस रिमांड मंजूर
रिश्वतखोरी प्रकरण में फरार आरोपी स्टेनो प्रदीप कुमार ने किया आत्मसमर्पण, तीन दिन का पुलिस रिमांड मंजूर

मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता जुबैर निवासी फिरोजपुर झिरका, जिला नूंह की शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जब वह एसडीएम कार्यालय, फिरोजपुर झिरका में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था, तभी उसकी मुलाकात रामपाल, सरपंच ग्राम पंचायत करहेड़ा, खंड नगीना से हुई। रामपाल ने अपनी फर्जी आठवीं कक्षा की अंकतालिका की जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए सहयोग माँगा। इस संबंध में पंचायत सचिव हसीन से बातचीत की गई। हसीन ने जांच को उच्च अधिकारियों से सरपंच के पक्ष में करवाने के बदले 3 लाख रुपये की रिश्वत माँगी।

एसीबी गुरुग्राम की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हसीन को शिकायतकर्ता के फार्म हाउस पर रंगे हाथों रिश्वत राशि लेते हुए पकड़ा। इस आधार पर आरोपी के खिलाफ 6 फरवरी 2025 को धारा 7, 7ए, 8 और 13(1) बी सहपठित 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *