
शिलांग । ईस्ट जयंतिया हिल्स कोयला खदान हादसे मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों लोग उस अवैध कोयला खदान के मालिक बताए जा रहे हैं, जहां एक जबरदस्त धमाके में 18 लोगों की जान चली गई थी। गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने कहा कि आरोपियों को बुधवार सुबह थांगस्को इलाके में हुए ब्लास्ट के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तार लोगों की पहचान बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों की डिटेल्स सार्वजनिक की जाएंगी। अवैध कोयला खदान में हुए धमाके में अब तक 18 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है।
इससे पहले, घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए हाई कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी का आदेश दिया था। जस्टिस एचएस थांगख्यू और जस्टिस डब्ल्यू डिंगडोह की एक डिवीजन बेंच ने थांगस्कू इलाके में हुए ब्लास्ट से संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लिया।
कोर्ट ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि इस साल 14 जनवरी को हुई एक पिछली जानलेवा घटना के बावजूद जिले में अभी भी अवैध कोयला खनन गतिविधियां चल रही हैं, जो खनन प्रतिबंधों और कोर्ट के निर्देशों के लगातार उल्लंघन का संकेत देता है।

बेंच ने इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस को बिना किसी देरी के कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने ईस्ट जयंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक को खदान मालिकों, ऑपरेटरों और कथित अवैध खनन कार्यों में शामिल सभी लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने अधिकारियों को खनन गतिविधि से जुड़े सभी उपकरण, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त करने का भी निर्देश दिया।
तत्काल राहत उपायों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कोर्ट ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि घायल सहित सभी प्रभावित व्यक्तियों को, जहां भी संभव हो, तत्काल चिकित्सा सहायता और आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
वहीं, जवाबदेही पर एक कड़ा संदेश देते हुए बेंच ने ईस्ट जयंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक को 9 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के लिए बुलाया। साथ ही, अधिकारियों से अब तक उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण देते हुए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है, जिसमें की गई गिरफ्तारियां, की गई जब्ती और जिले में अवैध कोयला खनन जारी रहने से रोकने के लिए अपनाए गए उपाय शामिल हैं।
कोर्ट ने अधिकारियों से यह भी सवाल किया कि पिछली घटनाओं और मौजूदा कानूनी पाबंदियों के बावजूद ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियां कैसे जारी रहने दी गईं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर अधिकारी ठोस और असरदार कार्रवाई करने में नाकाम रहे, तो सख्त निर्देश दिए जाएंगे।

