
भीलवाड़ा (प्रकाश चपलोत जैन)।
भीलवाडा शहर में सीवरेज कार्यो में हुई धांदली एवं भ्रष्टाचार के मामलों को शहर विधायक अशोक कुमार कोठारी द्वारा विधानसभा में उठाने पर हरकत में आये प्रशासन ने शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण का कार्य तीव्रगति से प्रारंभ कर दिया गया, जबकि वर्षो से सीवरेज के कारण सडके टूटी हुई थी,जर्जर पड़ी सड़कों को लेकर शहर के आमजन में रोष व्याप्त था, विधायक द्वारा विधानसभा में मामला उठाते ही संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके पर जाकर सडकों को ठीक करना चालू कर दिया। विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव पर बोलते हुए विधायक कोठारी ने अमृत-2 योजना के तहत भीलवाड़ा शहर में चल रहे सीवरेज कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों, बढ़ती दुर्घटनाओं और जनहानि की घटनाओं पर सरकार से जवाब मांगा।
विधायक कोठारी ने कहा कि अमृत-2 योजना के अंतर्गत सीवरेज कार्य करवाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा सड़कों को खोदने के बाद समय पर पुनर्निर्माण नहीं किया गया। नियमानुसार 45 दिनों में सड़कों की मरम्मत हो जानी चाहिए थी, लेकिन आठ माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई प्रमुख मार्ग अब भी जर्जर अवस्था में हैं।

उन्होंने जिन प्रमुख सड़कों की दुर्दशा का उल्लेख किया, उनमें मिर्ची मंडी रोड, पुराना आरटीओ रोड, गांधीनगर गणेश मंदिर रोड, सुखाड़िया सर्कल, शारदा चैराहा से चारभुजा रोड तथा 100 फीट रोड शामिल हैं। विशेष रूप से 100 फीट रोड की स्थिति अत्यंत खराब बताई गई, जहां एक ओर की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से आवागमन एक ही दिशा में हो रहा है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और जनहानि तक की घटनाएं सामने आई हैं।
विधायक कोठारी ने बताया कि इस संबंध में नगर निगम आयुक्त से चर्चा करने पर उन्हें जानकारी दी गई कि सीवरेज कार्यों से जुड़ी पत्रावली ैप्च् वेरिफिकेशन के लिए डीएलबी में लंबित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो कार्य 45 दिन में पूर्ण होना था, वह आठ माह बाद भी अधूरा क्यों है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है – नगर निगम के अधिकारी या संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी ?
उन्होंने दोषी अधिकारियों या कंपनी पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की वहीं आज उक्त प्रस्ताव के बाद प्रशासन द्वारा सड़कों का पुनर्निर्माण प्रारंभ हो गया है ।

