
बहराइच,
उत्तर प्रदेश। बहराइच में भेड़ियों के आतंक ने एक बार फिर भय का माहौल बना दिया है। जिले के एक गांव में चार साल की ज्योति घर के बाहर बैठकर खाना खा रही थी। उसी दौरान भेड़िए ने अचानक हमला कर उसका मुंह अपने जबड़े में दबाया और उठाकर खेत की तरफ भाग गया। ज्योति की माँ दाल लाने करीब 20 मीटर दूर गई थीं। पास ही लेटे दादा ने शोर मचाया, लेकिन भेड़िए ने बच्ची को नहीं छोड़ा। शोर सुनकर गांव के 30-35 लोग दौड़ते हुए खेतों तक पहुँचे, पर तब तक भेड़िए ने बच्ची को गायब कर दिया था।
अगली सुबह गांव से करीब 300 मीटर दूर ज्योति की लाश मिली। उसके बायाँ पैर पूरी तरह गायब था और दाहिने हाथ व पीठ के हिस्से का मांस भी नोचा हुआ था। यह देखकर पूरा गांव स्तब्ध रह गया। इस घटना के बाद लोग डर के साए में जी रहे हैं। शाम होते ही घरों के दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं। पहले ज्योति को निशाना बनाया गया और अगले ही दिन पड़ोस के गांव में एक बुजुर्ग महिला पर भी हमला हुआ।
प्रशासन सतर्कता का दावा कर रहा है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों ने ग्रामीणों में दहशत और असुरक्षा बढ़ा दी है। लोग सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं ताकि बच्चों और बुजुर्गों की जान सुरक्षित रह सके।

बहराइच. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के महसी तहसील के बहोरवा गांव में एक बार फिर भेड़िए के हमले ने दहशत फैला दी है. गुरुवार देर रात एक जंगली जानवर ने मां के साथ सो रही तीन महीने की मासूम बच्ची को उठा ले गया. सुबह ग्रामीणों को गन्ने के खेत में बच्ची के शव के अवशेष मिले. यह घटना उस इलाके में हुई, जहां दो दिन पहले एक सात साल की बच्ची भी भेड़िए का शिकार बन चुकी है. लगातार हो रहे इन हमलों से क्षेत्र में भय का माहौल है.
घटना गुरुवार रात करीब 1 बजे की है, जब बहोरवा गांव की रहने वाली रानी (बदला हुआ नाम) अपनी तीन महीने की बेटी के साथ घर के बरामदे में सो रही थी. अचानक एक हिंसक जानवर ने बच्ची को मां की गोद से छीन लिया. मां की चीख सुनकर परिजन और पड़ोसी जाग गए और तुरंत बच्ची की तलाश शुरू की. रातभर खोजबीन के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला. सुबह ग्रामीणों ने गांव से करीब 600 मीटर दूर गन्ने के खेत में बच्ची के शव के अवशेष बरामद किए, जो क्षत-विक्षत हालत में थे.

