
भीलवाड़ा शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों में शांतिभंग करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 126/170 के तहत की गई, जिसके अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाती है जो सार्वजनिक शांति और व्यवस्था के लिए खतरा बनते हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक धमेन्द्र सिंह के निर्देशन में यह विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस का उद्देश्य शहर में शांति बनाए रखना और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाना है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि आमजन को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
गांधीनगर थाना पुलिस ने अपने क्षेत्र में सक्रिय होकर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें बम्बू सिंह पुत्र भगवान सिंह चुण्डावत (32 वर्ष), निवासी आजाद नगर; विक्रम पुत्र तेजा राम हरिजन (26 वर्ष), निवासी कारलू, थाना जसवंतपुरा, जिला जालौर; मोहम्मद अमन पुत्र असलम (24 वर्ष), निवासी बाबा धाम; तथा निखिल पुत्र सुरेश भांभी (18 वर्ष), निवासी मालोला रोड शामिल हैं। ये सभी आरोपी क्षेत्र में शांति भंग करने की आशंका के चलते पुलिस की निगरानी में थे और उचित कार्रवाई करते हुए इन्हें हिरासत में लिया गया।
इसी क्रम में सुरेश पुत्र छीतर भांभी (45 वर्ष), निवासी मालोला रोड को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी ऐसे गतिविधियों में संलिप्त पाए गए जो सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती थीं।

प्रताप नगर थाना पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए मोहम्मद आरिफ पुत्र सत्तार मोहम्मद बिसायती (32 वर्ष), निवासी दर्जी मोहल्ला, हुरडा थाना गुलाबपुरा तथा मुकेश पुत्र सुखदेव खटीक (40 वर्ष), निवासी लांबा थाना बनेड़ा को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों के खिलाफ भी शांतिभंग की आशंका को देखते हुए कानूनी कार्रवाई की गई।
सुभाष नगर थाना पुलिस ने रईस मोहम्मद पुत्र इकबाल खान (28 वर्ष), निवासी सांगानेर को गिरफ्तार किया। वहीं, भीमगंज थाना पुलिस ने राजू पुत्र अर्जुन ढोली (21 वर्ष), निवासी मालीखेड़ा को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, ये सभी व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्रों में विवाद और अशांति फैलाने की स्थिति में थे।
पुलिस अधीक्षक धमेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से एहतियात के तौर पर की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है, और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जो समाज में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करते हैं। बीएनएसएस की धाराओं के तहत की गई यह कार्रवाई एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाता है, जहां आगे की कार्रवाई तय होती है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और इसे शहर में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है। आमजन का कहना है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से असामाजिक तत्वों में भय बना रहता है और वे कानून का उल्लंघन करने से बचते हैं।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। साथ ही, लोगों से यह भी कहा गया है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें।
कुल मिलाकर, भीलवाड़ा पुलिस की यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस की सक्रियता और सतर्कता से शहर में शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी और आमजन खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।

