पुलिसकर्मियों पर महिला ने लगाया लव जेहाद और गैंगरेप का आरोप

पुलिसकर्मियों पर महिला ने लगाया लव जेहाद और गैंगरेप का आरोप

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पुलिसकर्मियों पर महिला ने लगाया लव जेहाद और गैंगरेप का आरोप
पुलिसकर्मियों पर महिला ने लगाया लव जेहाद और गैंगरेप का आरोप
सहारनपुर:-
  • जिले के थाना नकुड़ क्षेत्र के गांव बिडवी की निवासी काजल सैनी ने थाना सरसावा में तैनात एक पुलिसकर्मी पर “लव जेहाद” और गैंगरेप के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि कॉन्स्टेबल मुर्सलीन ने मनोज शर्मा उर्फ सोनू का नाम अपनाकर उनसे प्रेम संबंध बनाए और विवाह का झांसा देकर विश्वास हासिल किया, बाद में यह ज्ञात हुआ कि वह पहले से विवाहशुदा है। आरोप है कि मुर्सलीन ने न केवल धोखा दिया, बल्कि उनके साथी—
  • कॉन्स्टेबल नवाब अली, कॉन्स्टेबल सादिक मलिक, एक दरोगा एवं रेस्टोरेंट संचालक आबुजर—मिलकर नशीला पदार्थ खिलाकर उन्हें बेहोश कर कई बार उनका गैंगरेप किया। इसके बाद कथित तौर पर आरोपियों ने उनका वीडियो बना कर ब्लैकमेल किया। विरोध करने पर डराने-धमकियों सहित हत्या के प्रयास, टुकड़े-टुकड़े कर शूटकेस में भरकर जंगल में फेंकने की धमकी तक दी गयी, जिससे पीड़िता भयभीत हो गयी।
काजल ने यह भी कहा है कि
  • यह पूरा गिरोह शायद अन्य लड़कियों को भी फँसाने का काम कर रहा है। इसीलिए उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई और बड़ी एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गयी है। इस प्रार्थना पत्र के साथ वह हिन्दू सामाजिक संगठन के संस्थापक विजय कांत चैहान के साथ पुलिस लाईन स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचीं।
पुलिसकर्मियों पर महिला ने लगाया लव जेहाद और गैंगरेप का आरोप
पुलिसकर्मियों पर महिला ने लगाया लव जेहाद और गैंगरेप का आरोप
इस तरह की शिकायतों का सामना अक्सर कानूनी,
  • सामाजिक और प्रशासनिक चुनौतियों से होता है—जैसे साक्ष्यों का उपलब्ध होना, पुलिस विभाग की निष्पक्षता, पीड़िता की सुरक्षा, और मीडिया-वकालत की भूमिका। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराएँ (जैसे बलात्कार, गैंगरेप, ब्लैकमेल, धमकियाँ देना आदि) लागू होंगी। न्यायालय एवं जांच एजेंसियों को उचित प्रक्रिया अपनानी होगी—मेडिकल परीक्षण, फोरेंसिक जांच, गवाहों का बयान आदि।
  • यह मामला न केवल व्यक्तिगत न्याय का प्रश्न है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि पुलिसकर्मियों पर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पुलिस व्यवस्था में विश्वास, महिला सुरक्षा व कानून के शासन के सिद्धांतों को प्रभावित करेगा। पीड़िता की सुरक्षा, गोपनीयता और न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि अन्य लोग भी इस तरह की स्थिति में आवाज उठा सकें बिना भय के।
  • अंत में, इस तरह की शिकायतों की समयबद्ध और पारदर्शी जाँच की जाए, आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत बयान देने का अवसर मिले और दोष सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके और समाज में महिला अधिकारों की रक्षा हो सके।

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