
यमुनानगर:
हरियाणा के यमुनानगर में मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पत्रकारों के कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और पहलें सामने आईं। इस कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मेहता के निवास पर किया गया था।
पत्रकारों को दी गई आर्थिक सहायता
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि तीन जरूरतमंद पत्रकारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन की ओर से यह सहायता पत्रकारों के व्यक्तिगत संकट और स्वास्थ्य संबंधी कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दी गई।
इनमें शामिल थे:
- एक पत्रकार, जो गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, उन्हें इलाज के लिए सहायता दी गई।
- दूसरे पत्रकार की दुर्घटना के कारण आर्थिक स्थिति डगमगा गई थी, जिनकी मदद की गई।
- तीसरे पत्रकार को पारिवारिक संकट में सहायता राशि प्रदान की गई।
मंत्री कृष्ण बेदी ने स्वयं इन पत्रकारों को सहायता राशि के चेक सौंपे और आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सरकार और संबंधित विभाग इस दिशा में संवेदनशीलता के साथ काम करते रहेंगे।
मंत्री कृष्ण बेदी का संबोधन
इस मौके पर हरियाणा सरकार के मंत्री कृष्ण बेदी ने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि मीडिया समाज का वह आईना है, जो सच्चाई को सामने लाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज की परिस्थिति में पत्रकार सिर्फ समाचार नहीं लिखते, बल्कि जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि पत्रकारों की पेंशन से जुड़ी समस्याओं को वे व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष रखेंगे। उन्होंने मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन की सराहना करते हुए इसे पत्रकारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बताया।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी ने इस अवसर पर पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से दी जाने वाली पत्रकार पेंशन वर्तमान में ₹15,000 प्रति माह है, जिसे बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह तर्क दिया कि सेवानिवृत्त पत्रकारों के पास सीमित संसाधन होते हैं और ऐसे में उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन के लिए यह पेंशन अपर्याप्त है। पत्रकारों ने पूरी उम्र समाज को सच्चाई से अवगत कराने में गुजारी है, इसलिए उनके जीवन के इस पड़ाव पर राज्य सरकार को और अधिक सहानुभूतिपूर्वक कदम उठाने चाहिए।

बीमा योजनाओं पर प्रकाश
चंद्रशेखर धरनी ने यह भी बताया कि एसोसिएशन सिर्फ पेंशन और आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। संस्था ने पत्रकारों के हित में कई अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी शुरू की हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है – प्रत्येक पत्रकार के लिए सालाना 10-10 लाख रुपये का बीमा कवर।
यह बीमा दो प्रकार का होता है:
- टर्म इंश्योरेंस
- एक्सीडेंटल इंश्योरेंस
इस बीमा का प्रीमियम एसोसिएशन स्वयं वहन करती है और पत्रकारों से इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। इसका उद्देश्य पत्रकारों और उनके परिवारों को एक सुरक्षा कवच प्रदान करना है, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याण पर जोर
कार्यक्रम में यह बात बार-बार दोहराई गई कि पत्रकार आज के दौर में कई जोखिमों से जूझते हुए अपनी जिम्मेदारियाँ निभाते हैं। चाहे वह ग्रामीण इलाकों में रिपोर्टिंग हो या फिर संवेदनशील मुद्दों पर स्टोरी करना, हर स्थिति में पत्रकारों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है।
मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन इसी सोच के साथ कार्य कर रही है – कि पत्रकारों को न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक सुरक्षा भी प्राप्त हो। संस्था का उद्देश्य पत्रकारों के लिए एक ऐसी सपोर्ट सिस्टम तैयार करना है जो हर आपात स्थिति में उनके साथ खड़ा हो।
पेंशन योजना में सुधार की माँग
एसोसिएशन की ओर से पत्रकार पेंशन योजना में निम्नलिखित सुधारों की भी माँग की गई:
- पेंशन की आयु सीमा को घटाकर 55 वर्ष किया जाए।
- पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाले सभी पत्रकारों को पेंशन के योग्य माना जाए, चाहे उनके पास मान्यता हो या न हो।
- एक परिवार में यदि दो पत्रकार कार्यरत हैं, तो दोनों को पेंशन का लाभ मिलना चाहिए।
- पत्रकारों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि अस्पतालों में उन्हें कोई कठिनाई न हो।
- FIR या मामूली शिकायतों के आधार पर किसी पत्रकार की पेंशन को स्थगित या रद्द न किया जाए, जब तक आरोप सिद्ध न हो जाए।
इन सभी मांगों को मंत्री कृष्ण बेदी ने गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वे इन बिंदुओं को सरकार के समक्ष मजबूती से रखेंगे।
सुरेंद्र मेहता की भूमिका
कार्यक्रम के आयोजक और मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मेहता ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए कार्य करना उनके लिए एक व्यक्तिगत मिशन है और वे यह कार्य समर्पण भाव से करते रहेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में एसोसिएशन द्वारा राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां और पत्रकारों को सहायता दी जाएगी और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
निष्कर्ष
यमुनानगर में आयोजित यह कार्यक्रम पत्रकारों के लिए एक सकारात्मक संकेत लेकर आया। इससे यह संदेश स्पष्ट हुआ कि मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और भविष्य को लेकर गंभीर है और सरकार भी इस दिशा में सहयोग को तैयार है।
जहां एक ओर पत्रकारों को तत्काल राहत मिली, वहीं भविष्य में पेंशन में वृद्धि और बीमा जैसी मांगों को भी बल मिला। मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन का यह प्रयास पत्रकार समाज के लिए एक मजबूत आधारशिला सिद्ध हो रहा है।

