
नई दिल्ली। “नशे पर लगाम, देश को सलाम” अभियान के तहत दिल्ली पुलिस लगातार नशीले पदार्थों और अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल नशे के खिलाफ सख्त संदेश देना है, बल्कि युवाओं और समाज को रचनात्मक गतिविधियों में संलग्न कर सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना भी है। द्वारका के डीसीपी कुशलपाल सिंह ने विशेष निर्देश दिए हैं कि पुलिस टीम नशीले पदार्थों और अवैध शराब की हरकतों पर कड़ी नजर रखे और सक्रिय रूप से कार्रवाई करे।
इसी दिशा में द्वारका एएटीएस की टीम ने अंतरराज्यीय अवैध शराब तस्करी को रोकने में बड़ी सफलता हासिल की है। विशिष्ट सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर टीम ने दिल्ली के यूटीआर-2 क्षेत्र में साईं मंदिर से श्याम विहार रोड की ओर जा रही एक बोलेरो पिकअप को देखा। जब टीम ने वाहन को रोकने का इशारा किया, तो चालक ने भागने का प्रयास किया। लेकिन टीम ने तुरंत घेराबंदी कर पिकअप चालक को पकड़ लिया।
पकड़े गए चालक की पहचान मोहम्मद नौशाद (22) के रूप में हुई। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस ने हरियाणा में बिक्री के लिए लेबल की गई अवैध शराब के 2500 क्वार्टर से भरे 50 कार्टन बरामद किए। यह शराब दिल्ली में अवैध रूप से सप्लाई की जा रही थी। पुलिस ने न केवल अवैध शराब बरामद की, बल्कि बोलेरो पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया। इस मामले में पुलिस स्टेशन नजफगढ़ में मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया गया।
डीसीपी कुशलपाल सिंह ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से पुलिस का उद्देश्य न केवल अवैध शराब की तस्करी रोकना है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें समाज के रचनात्मक कार्यों में संलग्न करना भी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान द्वारका, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में नशे के खिलाफ व्यापक प्रभाव डालने के लिए संचालित किया जा रहा है।
विशेष रूप से, इस कार्रवाई के एक दिन पहले 18 मार्च को दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अवैध शराब से भरे ट्रक को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। यह कार्रवाई लुहारली टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान की गई। जांच के दौरान ट्रक में भारी मात्रा में शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपए बताई जा रही है। यह साबित करता है कि न केवल दिल्ली में, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी अवैध शराब की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है और पुलिस इसे रोकने में सतत कार्रवाई कर रही है।

एएटीएस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई ने यह भी स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक सामाजिक जागरूकता फैलाने का भी जरिया है। पुलिस टीम ने बताया कि इस तरह की कार्रवाइयां न केवल अपराधियों को कानूनी कार्रवाई के डर से रोकती हैं, बल्कि युवाओं और समाज में यह संदेश भी देती हैं कि नशा और अवैध गतिविधियों का परिणाम गंभीर होता है।
डीसीपी कुशलपाल सिंह ने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नशे के खिलाफ प्रभावी रणनीति के तहत विभिन्न इलाकों में निगरानी, छापेमारी और जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और जनता की मदद से अवैध शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। इसके अलावा, अभियान के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि युवाओं को नशे की आदत से बचाकर उन्हें समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाईयों से न केवल अवैध व्यापारियों में डर पैदा होता है, बल्कि स्थानीय समाज में भी सुरक्षा और कानूनी व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ता है। पुलिस की सतत निगरानी और कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि नशा और अवैध शराब पर किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं होगा।
इस अभियान की सफलता में एएटीएस टीम की सतर्कता और योजना का बड़ा योगदान रहा। मोहम्मद नौशाद जैसी अंतरराज्यीय तस्करी करने वाली गैंगों को पकड़ना न केवल अवैध गतिविधियों को रोकने में सहायक है, बल्कि यह समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम भी साबित होता है।
इस तरह, दिल्ली पुलिस का “नशे पर लगाम, देश को सलाम” अभियान लगातार नशे और अवैध शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने में सफल रहा है। द्वारका एएटीएस की कार्रवाई और ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में आबकारी विभाग की संयुक्त छापेमारी ने यह संदेश दिया है कि नशे के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कदम लगातार और प्रभावी रूप से उठाए जा रहे हैं। इससे युवाओं और समाज में नशे से दूर रहने की चेतना पैदा होगी और अवैध व्यापारियों के लिए यह चेतावनी भी है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई तत्काल की जाएगी।
इस अभियान के तहत आने वाले समय में भी दिल्ली पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई जारी रखेंगे और नशे के खतरों से समाज को सुरक्षित रखने के लिए सतत प्रयास करेंगे। इस प्रकार यह अभियान समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और अपराधियों को कानून के दायरे में लाने में निर्णायक साबित हो रहा है।

