
दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विशेष रूप से वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से द्वारका जिले की वाहन चोरी रोधी दस्ता (एएटीएस) सक्रिय रूप से अभियान चला रही है। हाल ही में एएटीएस द्वारका ने एक सप्ताह के भीतर सड़कों पर सक्रिय वाहन चोरों के खिलाफ उल्लेखनीय कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और छह चोरी किए गए दोपहिया वाहन बरामद किए। इस कार्रवाई से न केवल कई मामलों का खुलासा हुआ, बल्कि पीड़ितों को भी उनकी चोरी हुई संपत्ति वापस मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
द्वारका जिले के डीसीपी अंकित के निर्देशों के अनुसार, एएटीएस को क्षेत्र में वाहन चोरी, छीन-झपट, लूटपाट और गली-मोहल्लों में होने वाले अन्य आपराधिक मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का विशेष दायित्व सौंपा गया है। इसी दिशा में टीम लगातार गुप्त सूचनाओं, तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से अपराधियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का कार्य कर रही है। पुलिस का उद्देश्य न केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना है, बल्कि अपराध की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए भी प्रभावी रणनीति तैयार करना है।
पहली कार्रवाई 9 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 2:30 बजे की गई। कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण करने और हेड कांस्टेबल मनीष को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने थाना छावला क्षेत्र में जाल बिछाया। सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसकी पहचान आदित्य कुमार पुत्र सिकंदर सिंह (30 वर्ष), निवासी नजफगढ़ के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक चोरी की बाइक, जो थाना छावला क्षेत्र से चोरी हुई थी, तथा एक टीवीएस एनटॉर्क स्कूटी, जो थाना बिंदापुर क्षेत्र से चोरी की गई थी, बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी क्षेत्र में सक्रिय रूप से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आदित्य कुमार पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है या नहीं, इस संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी से दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है। बरामद वाहनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पीड़ितों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है।
इसी क्रम में दूसरी बड़ी कार्रवाई 16 फरवरी 2026 को की गई। एचसी मनीष कुमार को सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक थाना क्षेत्र में घूम रहे हैं और वाहन चोरी की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एएटीएस टीम ने तत्काल रणनीति तैयार की और छावला क्षेत्र में घेराबंदी कर जाल बिछाया। कुछ समय की निगरानी के बाद दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान वशीर अहमद पुत्र साकिल अहमद (24 वर्ष) और शिवा पुत्र सूरज सिंह (24 वर्ष), दोनों निवासी नजफगढ़, के रूप में हुई।

पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वाहन चोरी की कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चार और चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इनमें थाना छावला क्षेत्र से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर, नजफगढ़ से चोरी हुई टीवीएस अपाचे, थाना रान्होला क्षेत्र से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर और थाना भजनपुरा क्षेत्र से चोरी हुई एक अन्य हीरो स्प्लेंडर बाइक शामिल है। इस तरह कुल मिलाकर छह चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सुनसान स्थानों और भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में खड़ी दोपहिया वाहनों को निशाना बनाते थे। वे पहले इलाके की रेकी करते, फिर मौके का फायदा उठाकर वाहन चोरी कर फरार हो जाते। चोरी के बाद वे वाहनों के नंबर प्लेट बदल देते थे या उन्हें दूसरे जिलों में ले जाकर कम कीमत पर बेचने की कोशिश करते थे। हालांकि पुलिस की सक्रियता और तकनीकी निगरानी के चलते उनका यह नेटवर्क ज्यादा समय तक नहीं चल सका।
एएटीएस की इस सफलता में आधुनिक तकनीक का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और स्थानीय मुखबिरों से मिली जानकारी ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की। इसके अलावा, पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया, जिससे मामलों को जोड़कर एक व्यापक जांच की जा सकी।
द्वारका जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने वाहनों में अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण जैसे डिस्क लॉक, हैंडल लॉक और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग करें। साथ ही, वाहनों को सुनसान या अंधेरे स्थानों पर पार्क करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
डीसीपी अंकित ने एएटीएस टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।
इन कार्रवाइयों से यह संदेश स्पष्ट है कि दिल्ली पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। वाहन चोरी जैसे अपराध आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनते हैं, क्योंकि यह न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि दैनिक जीवन को भी प्रभावित करते हैं। एएटीएस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल अपराधियों में डर का माहौल बना है, बल्कि आम जनता का पुलिस पर विश्वास भी मजबूत हुआ है।
कुल मिलाकर, 9 फरवरी और 16 फरवरी 2026 को चलाए गए इन दो अभियानों ने द्वारका और अन्य जिलों में दर्ज छह वाहन चोरी के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से आगे भी पूछताछ जारी है, जिससे अन्य वारदातों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस की यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी और क्षेत्र को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।

