दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा

दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा

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दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा
दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा

दिल्ली में घुसपैठियों पर कड़ा शिकंजा: द्वारका से 15 विदेशी नागरिक डिपोर्ट

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2025 — राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में द्वारका जिले में चलाए गए एक विशेष सर्च ऑपरेशन के तहत दिल्ली पुलिस ने 15 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। यह कार्रवाई द्वारका जिले की ऑपरेशन यूनिट और संबंधित थानों की समन्वित योजना और सतत निगरानी के तहत की गई।

द्वारका के पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि अगस्त महीने के दौरान इन सभी विदेशी नागरिकों के खिलाफ जांच की गई और उन्हें डिपोर्टेशन प्रक्रिया के तहत विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को सौंपा गया। एफआरआरओ द्वारा औपचारिक कार्यवाही के बाद इन सभी को डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया, जहाँ से उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा।

पुलिस के अनुसार, ये सभी 15 विदेशी नागरिक दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में बिना वैध वीजा या पासपोर्ट के अवैध रूप से रह रहे थे। इनमें कुछ ऐसे भी थे जो वीजा की निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद भी बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे, जबकि कुछ ने अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में प्रवेश किया था। यह न केवल भारत के कानून का उल्लंघन है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय है।

इस अभियान के दौरान द्वारका जिले के विभिन्न थानों और इकाइयों की कई टीमों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें मोहन गार्डन थाने की 5 टीमें, एंटी-नारकोटिक्स सेल की 5 टीमें, उत्तम नगर थाने की 3 टीमें, और डाबरी थाने की 2 टीमें शामिल थीं। ये सभी टीमें लंबे समय से द्वारका के विभिन्न इलाकों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। मुखबिरों के माध्यम से प्राप्त खुफिया जानकारी, निगरानी और स्थानीय नेटवर्क की मदद से इन विदेशी नागरिकों की पहचान की गई और फिर सुनियोजित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

इन विदेशी नागरिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई न केवल अवैध आव्रजन के विरुद्ध दिल्ली पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि दिल्ली के शहरी और उपनगरीय इलाकों में अवैध रूप से रहने वालों पर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विशेष रूप से द्वारका जैसे क्षेत्रों में, जहां विदेशी नागरिकों द्वारा ड्रग्स, धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता की कई खबरें सामने आती रही हैं, पुलिस अब बेहद सक्रिय रूप से काम कर रही है।

डिपोर्ट किए गए 13 नाइजीरियाई नागरिकों में जिनके नाम सामने आए हैं, वे हैं — ओकुचुकु जॉन ओकाफोर, एजिक इकपारा, ओन्येकाची न्वोनवु, अकुनेसी उगोन्ना, नगोएसिना माइकल नवासा, चिनेदु विक्टर चुकवुडी, फेमी जिमो अदेबाजो, फिदेलिस एकेना नवाचुकवु, ओकेचुकुवु ओगोचुकुवु जॉन, चुकुवेमेका उचे डेनियल, अनिक्फे इग्नाटियस चिकेलू, उचे क्रिस चुक्वुल और डेसमंड अबालिग्बो ओनीबच। इनमें से कई ऐसे थे जो लंबे समय से भारत में रह रहे थे और कुछ स्थानीय व्यवसायों की आड़ में अवैध गतिविधियों में भी संलिप्त पाए गए।

दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा
दिल्ली पुलिस की घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, 13 नाइजीरियाई और 2 बांग्लादेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजा

वहीं, जिन दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट किया गया है, उनके नाम हैं — अब्दुल मोमिन और नूरुल आलम। ये दोनों बिना वैध वीजा और अनुमति के भारत में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रह रहे थे। इन्हें भी एफआरआरओ के समक्ष पेश किया गया, जिसने उन्हें भारत छोड़ने का आदेश देते हुए डिटेंशन सेंटर भेज दिया।

पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने यह भी बताया कि यह सर्च ऑपरेशन एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, और आने वाले समय में ऐसे और भी अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि, “द्वारका में जो भी विदेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम सभी पुलिस थानों और विशेष इकाइयों को इस दिशा में निरंतर सतर्क रहने और सूचना एकत्रित करने का निर्देश दे चुके हैं।”

इसके साथ ही, उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि यदि किसी को अपने आसपास अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी मिले, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला सिर्फ कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।

दिल्ली जैसे अंतरराष्ट्रीय शहर में अवैध विदेशी नागरिकों की मौजूदगी कई बार ड्रग्स तस्करी, जालसाजी, ऑनलाइन फ्रॉड, अवैध व्यापार और अन्य आपराधिक गतिविधियों की जड़ बन जाती है। इसलिए इन पर समय रहते नियंत्रण बेहद जरूरी हो जाता है। पुलिस की इस कार्यवाही से यह भी स्पष्ट होता है कि दिल्ली पुलिस अब केवल अपराध के बाद प्रतिक्रिया करने वाली एजेंसी नहीं रही, बल्कि पूर्व-सक्रिय रणनीति के तहत सुरक्षा और निगरानी को प्राथमिकता दे रही है।

द्वारका जिले की पुलिस द्वारा उठाया गया यह कदम कानून के शासन को मजबूत करता है और यह संदेश देता है कि भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई इनका उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी — चाहे वह किसी भी देश का नागरिक क्यों न हो।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि द्वारका में हुई यह कार्रवाई न केवल दिल्ली पुलिस की दक्षता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अब अवैध घुसपैठ और गैरकानूनी प्रवास को लेकर सख्त रवैया अपना रहा है। इस कार्रवाई से भविष्य में अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने या बिना दस्तावेजों के रहने की सोच रखने वाले लोगों को कड़ा संदेश गया है।

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