
नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी में एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो सक्रिय वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच चोरी के वाहन बरामद किए हैं, जिनमें चार मोटरसाइकिल और एक स्कूटी शामिल है।
पुलिस के अनुसार जिले में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए ऑपरेशंस विंग को विशेष सतर्कता बरतने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में डीसीपी पूर्वी राजीव कुमार की देखरेख में एसीपी ऑपरेशंस पवन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में इंस्पेक्टर पवन यादव (इंचार्ज एएटीएस), एसआई संदीप, एएसआई मुनेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल अश्विनी और कांस्टेबल अंकित शामिल थे। 15 मार्च की रात को टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर एक स्कूटी को असामान्य तरीके से ले जाते हुए देखा। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों आरोपी भागने लगे। पुलिस टीम ने करीब एक किलोमीटर तक उनका पीछा किया और आखिरकार दोनों को पकड़ लिया।

जांच के दौरान आरोपी स्कूटी के वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। पुलिस ने इंजन और चेसिस नंबर को जिपनेट के जरिए जांचा, जिससे पता चला कि स्कूटी थाना सीलमपुर इलाके से चोरी हुई थी और 21 फरवरी 2026 को ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने स्कूटी को जब्त कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों की पहचान पूर्वी विनोद नगर के रहने वाले राहुल (36) और लोकेश (28) के रूप में हुई। दोनों नशे और इंजेक्शन वाले पदार्थों के आदी बताए गए हैं। नशे की लत को पूरा करने के लिए दोनों दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से दोपहिया वाहन चुराते थे। इसके बाद में वे इन वाहनों को सुनसान जगहों पर खड़ा कर देते और फिर उनके पुर्जे निकालकर कबाड़ी को बेच देते थे।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से चार और चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। जांच में सामने आया कि राहुल पहले दो आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है, जबकि लोकेश एक मामले में पहले भी आरोपी रह चुका है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से इलाके में वाहन चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।

