
जौनपुर में साथ जीने मरने की की कसमें खाने वाले प्रेमी-प्रेमिका जब एक नहीं हो सके तो जहर खाकर अपनी जान दे दी। दोनों ने बीते रविवार को एक साथ जहर खा लिया था। गंभीर हालत में दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। लड़की ने सोमवार जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि लड़के ने एक दिन बाद मंगलवार को बीएचयू ट्रामा सेंटर में अंतिम सांस ली। दोनों की मौत के बाद परिवार में मातम है।
मड़ियाहूं थाना इलाके के बेलवा बाजार में दोनों का परिवार रहता है। लड़की मूल रुप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली थी, जिसकी उम्र 16 वर्ष बताई जा रही है। जबकि लड़का इलाके के ही ही कोटवां गांव का निवासी था।
दोनों करीब दो साल से प्रेम करते थे और शादी करना चाहते थे। लेकिन दोनों का परिवार शादी के खिलाफ था। आखिरकार दोनों जब एक नहीं हो सके तो जहर खाकर जान दे दिया।
48 घंटे में प्रेमी-प्रेमिका की हो गई मौत
स्थानीय ईंट भट्टे के मालिक दीना सिंह ने बताया कि प्रदीप कुमार (21) जेसीबी चालक था। उसका प्रेम छत्तीसगढ़ के एक परिवार की किशोरी से हो गया। दोनों साथ जीने मरने की कसमें खाने लगे। प्रदीप के घर वालों को जब यह बात पता चली तो उन्होंने सख्ती की। इससे नाराज होकर दोनों ने रविवार की रात जहर खा लिया।
घर वालों को इसकी जानकारी हुई तो दोनों को लेकर मड़ियाहूं सीएचसी ले गए, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं सोमवार की सुबह लड़की की मौत हो गई। जबकि प्रदीप ने बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया।
BHU ट्रामा सेंटर में चल रहा था इलाज, हुई मौत
सीओ मड़ियाहूं उमाशंकर सिंह ने बताया कि प्रेमी युगल के जहर खाने की सूचना मिली थी। लड़की की मौत जिला अस्पताल में जबकि लड़के की मौत बीएचयू में हो गई है। पीएम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है, आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अब जानिए कैसे हुआ इश्क और क्यों उठाया खौफनाक कदम
जेसीबी चालक से प्यार करने लगी थी छत्तीसगढ़ की किशोरी
छत्तीसगढ़ का एक श्रमिक परिवार जौनपुर में ईंट भट्ठे पर काम करता है। वहीं पर कोटवां निवासी प्रदीप भी जेसीबी चलाने का काम करता रहा। वह मजदूर की बेटी की तरफ आकर्षित हुआ और दोनों में बातचीत होने लगी। दोनों की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई। दोनों चोरी छिपे मिलने लगे और बात शादी तक पहुंच गई।
दोनों के बीच जब प्यार परवान चढ़ा तो इसकी भनक प्रदीप के परिवार को भी हो गई। उन्हें यह गंवारा नहीं था कि बेटा किसी मजदूर की बेटी से शादी करे। इसी बात को लेकर परिजनों ने प्रदीप को समझाना शुरू किया। लेकिन लड़के-लड़की का प्यार कम होने की बजाय और बढ़ता गया।
इससे परेशान होकर किशोरी के परिजनों ने भी लड़की पर प्रदीप से मिलने पर रोक लगा दी। फिर भी वे किसी तरह से मिले और फैसला कर लिया कि जब साथ जी नहीं सकते तो साथ मरेंगे। इसके बाद दोनों ने ईंट भट्ठे पर ही जहर खा लिया। यह सूचना आग की तरफ फैली और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
दोनों को आनन-फानन में पहले सीएचसी और बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती होने के अगले ही दिन लड़की की मौत हो गई जबकि दूसरे दिन प्रेमी प्रदीप की भी मौत हो गई। अब दोनों के परिवार वाले रो रहे हैं और नियति को कोस रहे हैं।
दोनों ने साथ मरने का कर लिया फैसला
प्रदीप और छत्तीसगढ़ की किशोरी का प्रेम इधर परवान चढ़ने लगा। दोनों एक साथ बैठकर घंटों बात किया करते थे। किसी ने शक नहीं किया क्योंकि किशोरी के पिता और प्रदीप एक ही जगह काम करते थे। दोनों का एक साथ बैठना, बातें करना कब प्रेम में बदला यह किसी को पता नहीं चल सका और दोनों चोरी छुपे एक दूसरे से मिलने लगे।
2 साल चले इस प्यार का अब दूसरों पर इजहार हो चुका था। परिजनों ने पाबन्दी लगानी शुरू की तो दोनों ने अपने-अपने घरों में विरोध किया। दोनों अब शादी का मन बना चुके थे पर परिजनों के विरोध के बाद उन्होंने साथ मरने का फैसला कर लिया और 4 फरवरी की रात दोनों ने जहर खा लिया।

