जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है

जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है

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जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है
जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है

जयपुर। राजस्थान की राजधानी के महेश नगर इलाके में बुधवार शाम एक सस्पेंडेड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मनोहर लाल भादू (35) के रूप में हुई है, जो जालोर के सांचौर के रहने वाले थे। मौत से पहले लिखे एक मार्मिक और सनसनीखेज सुसाइड नोट में उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी मौत को ‘इरादतन हत्या’ करार दिया है।सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल मनोहर लाल ने सुसाइड नोट में एसओजी (SOG) और पुलिस के अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें उन मामलों में घसीटा गया जिनमें उनका नाम तक नहीं था। नोट के मुताबिक:
जांच अधिकारियों ने उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की।
उन्हें डरा-धमकाकर जबरन कई चार्जशीट में आरोपी बनाया गया।
आर्थिक तंगी और झूठे आरोपों के कारण वे पिछले 4 साल से संघर्ष कर रहे थे।
मृतक ने लिखा, “मैं मरा नहीं हूं, पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है। मैं कमजोर नहीं हूं, लेकिन गलत आरोप अब सहन नहीं हो रहे।”
मानवता को शर्मसार करती संवेदनहीनता
घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर जो मंजर दिखा, उसने प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। चश्मदीदों के अनुसार, मनोहर लाल का शव करीब 3 घंटे तक ट्रैक पर ही पड़ा रहा। इस दौरान उनके शरीर के ऊपर से तीन ट्रेनें गुजर गईं, जिससे शव क्षत-विक्षत हो गया। अंत में वहां मौजूद एक राहगीर ने खुद शव को उठाकर ट्रैक से किनारे किया और पुलिस को सूचना दी।

जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है
जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है

परिवार के इकलौते सहारा थे मनोहर
मनोहर लाल जयपुर में किराए के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। उनके तीन बच्चे और पत्नी गांव में रहते हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने अपने परिवार का जिक्र करते हुए लिखा कि वह घर के 20 सदस्यों को संभालने वाले अकेले व्यक्ति थे, लेकिन व्यवस्था के दबाव ने उन्हें टूटने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस का पक्ष
महेश नगर थाना पुलिस ने शव को सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। थानाधिकारी सुरेश यादव ने मीडिया को बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सुसाइड नोट की सत्यता की जांच की जा रही है। परिजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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