
प्रकाश चपलोत जैन, भीलवाड़ा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के सर्तकता अनुभाग के अधीक्षक प्रदीप सिंह ने चित्तौडगढ़ जिले के पूर्व नारकोटिक्स निरीक्षक आदर्श योगी पुत्र विक्रमनाथ योगी को मिली जमानत एवं पुनः नियुक्ति के मामले मे उच्च स्तरीय जांच के आदेश 07 अक्टूबर 2025 को दिये है। अब मामले की जांच वित्त मंत्रालय राजस्व विभाग के अवर सचिव संजीव कुमार द्वारा की जाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा शहर के नरेन्द्र पुत्र राधेश्याम सोनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह एवं सीवीसी नई दिल्ली को भेजी अपनी शिकायत मे बताया कि चित्तौडगढ़ स्थित केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कार्यालय मे निरीक्षक पद पर आदर्श योगी तैनात था। जिसके भ्रष्ट आचरण के चलते 22 नवंबर 2024 को सीबीआई की टीम ने लाखो रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया था।

बाद में आदर्श योगी कई दिनों तक जेल मे भी रहा। मगर विभाग के ही उच्च अधिकारियों के सहयोग से आदर्श योगी पुनः निरीक्षक पद पर लखनऊ उत्तर प्रदेश मे नियुक्ति पाने मे कामयाब रहा। मगर वहां भी अपने भ्रष्ट आचरण के चलते सीबीआई की टीम ने पुनः उसे सितंबर 2025 मे लाखो रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
सोनी ने पत्र मे आरोप लगाया कि विभाग के आला अधिकारियों के आशीर्वाद से ही भ्रष्ट आदर्श योगी दूसरी बार लखनऊ मे नियुक्ति पाने मे कामयाब रहा। सोनी के पत्र पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की विजिलेंस शाखा द्वारा मामले की उच्च स्तरीय जांच करने के आदेश दिये गये है।

