
नई दिल्ली।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने हरियाणा पुलिस, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीआई ने मेनपाल ढिल्ला उर्फ सोनू कुमार नामक एक भगोड़े अपराधी को 2 सितंबर, 2025 को कंबोडिया से भारत वापस लाने में सफलता पाई है। रोल तोड़कर फरार हो गया था अपराधीः मेनपाल ढिल्ला एक कुख्यात अपराधी है, जिसकी हरियाणा पुलिस को कई मामलों में तलाश थी। उसे हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध आग्नेयास्त्रों का उपयोग और आपराधिक साजिश के अपराधों के लिए 29 अप्रैल, 2013 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह हिसार सेंट्रल जेल में अपनी सजा काट रहा था। 17 जुलाई, 2018 को वह छह सप्ताह के पैरोल पर रिहा हुआ, लेकिन 29 अगस्त, 2018 को उसे वापस जेल लौटना था। वह वापस नहीं लौटा और तब से फरार था।

इंटरपोल ने जारी किया था रेड नोटिसः हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर, सीबीआई ने 6 नवंबर, 2024 को इंटरपोल के माध्यम से मेनपाल ढिल्ला के खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया। सीबीआई ने इंटरपोल बैंकाक से संपर्क किया, जिससे पता चला कि वह थाईलैंड से कंबोडिया गया है। इसके बाद, सीबीआई ने कंबोडिया के अधिकारियों के साथ समन्वय किया और उन्हें बताया कि आरोपी सोनू कुमार के फर्जी नाम से धोखाधड़ी करके प्राप्त किए गए पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा है। 26 मार्च, 2025 को इंटरपोल के माध्यम से कंबोडिया को उसकी गिरफ्तारी के लिए अनुरोध भेजा गया था।
कंबोडियाई अधिकारियों ने 24 जुलाई, 2025 को उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की और उसे भारतीय अधिकारियों को सौंपने का फैसला किया। इसके बाद, हरियाणा पुलिस की एक टीम कंबोडिया गई और उसे सफलतापूर्वक भारत वापस ले आई। सीबीआई, भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में कार्य करती है और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल के माध्यम से 100 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है।

