अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार

अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार

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अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार
अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार

अहमदाबाद ।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वस्त्राल इलाके में मार्च में हुई हिंसक घटना का मुख्य आरोपी और दो दिन पहले रामोल क्षेत्र में हुई 50 लाख रुपए की लूट में शामिल कुख्यात अपराधी संग्राम सिंह उर्फ राकेश सिंह सिकरवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने उसे पकड़ने के दौरान गोली चलाई, जिसमें वह घायल हो गया। फिलहाल, उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, संग्राम सिंह वस्त्राल का निवासी है, लेकिन मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर का रहने वाला है। वह एक संगठित अपराधी गिरोह का सरगना है और अपने हिंसक स्वभाव के लिए कुख्यात है।
उसके खिलाफ कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143-149 (सामूहिक हिंसा), 385-386 (जबरन वसूली), 302 (हत्या), 307 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास), 365 (अपहरण) जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
इसके अलावा, निषेध अधिनियम (पीएएसए) और ग्राम पुलिस अधिनियम के तहत भी केस दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि संग्राम को कई बार जेल भेजा जा चुका है।

अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार
अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार


वस्त्राल हिंसा 13 मार्च को होली के दिन हुई थी। यह एक स्ट्रीट फूड स्टॉल को लेकर पंकज भवसर और संग्राम सिंह के बीच दुश्मनी का नतीजा थी। संग्राम ने पंकज को स्टॉल लगाने से रोका था, जिसके बाद पंकज ने अपने साथियों के साथ संग्राम की तलाश में वस्त्राल आरटीओ रोड पर हंगामा मचाया।
भीड़ ने तलवारें, लाठियां और चाकू लहराते हुए दुकानें बंद करवाईं, सड़क ब्लॉक की और वाहनों में तोड़फोड़ की थी। इस हिंसा में तीन लोग घायल हुए और तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रामोल पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई। अब तक इस मामले में 18 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। लेकिन, संग्राम फरार था। क्राइम ब्रांच ने जुलाई में तीन अन्य आरोपी पकड़े थे, लेकिन संग्राम की तलाश जारी थी।

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