अपराधियों पर शिकंजा: विशेष अभियान में 40 गिरफ्तार, ₹50 लाख के साइबर फ्रॉड का खुलासा

अपराधियों पर शिकंजा: विशेष अभियान में 40 गिरफ्तार, ₹50 लाख के साइबर फ्रॉड का खुलासा

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भिवाड़ी पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 40 अपराधी गिरफ्तार, ₹50 लाख के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़

राजस्थान के भिवाड़ी में अपराधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के आदेश और भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण के निर्देशन में चलाए गए इस ऑपरेशन में कुल 40 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। यह अभियान क्षेत्र में बढ़ते अपराध और साइबर धोखाधड़ी जैसे मामलों को रोकने के उद्देश्य से चलाया गया था। इस ऑपरेशन में विशेष रूप से साइबर क्राइम पर फोकस किया गया, जिसमें पुलिस ने ₹50 लाख से अधिक की धोखाधड़ी के मामलों का पर्दाफाश किया। एसपी प्रशांत किरण के अनुसार, इस दौरान करीब दो दर्जन साइबर फ्रॉड मामलों को सुलझाया गया है और 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई आमजन को सुरक्षित और भयमुक्त माहौल देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


1. चौपानकी थाना: कानून के विभिन्न प्रावधानों में 8 गिरफ्तारियां

चौपानकी थाना क्षेत्र की पुलिस ने इस विशेष अभियान के तहत कुल 8 मुल्जिमों को गिरफ्तार किया। इनमें 5 अपराधियों को RBA Act के तहत पकड़ा गया, जबकि 1 आरोपी साइबर क्राइम से संबंधित था। इसके अलावा 2 अपराधियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 170 BNS के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया। चौपानकी थाना द्वारा की गई यह कार्रवाई क्षेत्र में चल रहे पुराने और लंबित मामलों के समाधान के लिए निर्णायक सिद्ध हुई है। इन गिरफ्तारियों से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस ने केवल वर्तमान में हो रहे अपराधों पर ही नहीं, बल्कि पुराने मामलों में भी सख्त रुख अपनाया है। चौपानकी थाना क्षेत्र की यह सफलता क्षेत्रवासियों में विश्वास बहाल करने वाली रही।


2. टपूकड़ा और तिजारा थाने की संयुक्त कार्रवाई: 15 अपराधी सलाखों के पीछे

टपूकड़ा थाना ने भी इस विशेष अभियान में अपनी प्रभावी भागीदारी दर्ज की है। यहां कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 4 आरोपी साइबर क्राइम के मामलों से जुड़े थे, जबकि 2 आरोपी तिजारा थाना क्षेत्र के वांछित अपराधी थे, जिन्हें टपूकड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया और संबंधित थाने को ट्रांजिट रिमांड पर सौंपा। इस समन्वित प्रयास ने पुलिस की क्षेत्रीय एकता और सूचनाओं के आदान-प्रदान की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ किया है।

वहीं, तिजारा थाना की पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। इन गिरफ्तारियों में 3 आरोपी साइबर क्राइम, 4 अपराधी 170 BNS के तहत, और 2 आरोपी ट्रांजिट रिमांड पर शामिल हैं। यह कार्रवाई तिजारा क्षेत्र में चल रहे संगठित आपराधिक गतिविधियों पर गहरी चोट साबित हुई। पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर अन्य संभावित लिंक और नेटवर्क की जानकारी निकालने में लगी हुई है। इन दोनों थानों की सक्रियता और रणनीतिक तालमेल से यह स्पष्ट होता है कि भिवाड़ी पुलिस आपराधिक जड़ों को पूरी तरह से खत्म करने के लिए कृतसंकल्प है।


3. शेखपुर अहीर और जेरोली थानों की सक्रियता: व्यापक स्तर पर अपराधियों की धरपकड़

शेखपुर अहीर थाना भी इस विशेष पुलिस ऑपरेशन में पीछे नहीं रहा। यहां की पुलिस टीम ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 2 अपराधियों को 13 RPGO (Rajasthan Prevention of Gambling Ordinance) के तहत तथा 7 को 170 BNS के तहत पकड़ा गया। यह थाना लंबे समय से छोटे व स्थानीय अपराधों के नियंत्रण में सक्रिय रहा है, लेकिन इस बार की कार्रवाई ने इसे संगठित अपराधों से निपटने में भी सक्षम सिद्ध कर दिया है। शेखपुर अहीर पुलिस की कार्यशैली और तत्परता सराहनीय रही है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है।

वहीं जेरोली थाना की पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 1 वांछित साइबर अपराधी शामिल था, जिसे पहले से पुलिस तलाश रही थी। बाकी 5 आरोपी 170 BNS के तहत पकड़े गए हैं। जेरोली क्षेत्र में यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, क्योंकि यहां हाल के दिनों में साइबर अपराधों की शिकायतों में वृद्धि देखी गई थी। जेरोली पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है कि अब साइबर अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है।


4. साइबर क्राइम पर विशेष फोकस: ₹50 लाख की धोखाधड़ी का भंडाफोड़

इस पूरे अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी रही है। भिवाड़ी पुलिस ने 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनके खिलाफ दर्ज शिकायतों में ₹50 लाख से अधिक की साइबर धोखाधड़ी शामिल थी। ये अपराधी आम नागरिकों को फर्जी कॉल, लिंक, ऑनलाइन ठगी, KYC अपडेट, बैंक फर्जीवाड़ा जैसे तरीकों से अपना शिकार बना रहे थे। इस तरह के अपराधों की पेचीदगियों और तकनीकी बारीकियों को समझते हुए पुलिस ने एक विशेष साइबर यूनिट के साथ मिलकर यह सफलता हासिल की।

एसपी प्रशांत किरण ने बताया कि साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल फॉरेंसिक का उपयोग कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि उनके नेटवर्क और साथी आरोपियों का भी पता लगाया जा सके। इसके अलावा आमजन को भी लगातार साइबर जागरूकता अभियान के तहत सतर्क किया जा रहा है ताकि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार न बनें।


निष्कर्ष: जनता में बढ़ा विश्वास, अपराधियों में खौफ

भिवाड़ी में चलाए गए इस विशेष पुलिस अभियान ने साबित कर दिया है कि यदि रणनीति और समन्वय के साथ कार्य किया जाए, तो संगठित अपराधों और साइबर क्राइम जैसी जटिल चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। 40 अपराधियों की गिरफ्तारी, ₹50 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का पर्दाफाश, और हर थाना स्तर पर की गई सक्रिय कार्रवाई ने पुलिस की कार्यशैली को जनता के बीच और अधिक भरोसेमंद बना दिया है।

एसपी प्रशांत किरण ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक शुरुआत है और आने वाले समय में इसे और भी तेज किया जाएगा। उनका उद्देश्य है कि भिवाड़ी को एक अपराधमुक्त और सुरक्षित जिला बनाया जाए, जहां आमजन निर्भय होकर जीवन यापन कर सकें। पुलिस की इस पहल से न केवल अपराधियों में भय का माहौल बना है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा की भावना भी प्रबल हुई है।

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