सहरसा : कोसी नदी में डूबने से 3 वर्षीय बच्चे की मौत

सहरसा : कोसी नदी में डूबने से 3 वर्षीय बच्चे की मौत

सहरसा : कोसी नदी में डूबने से 3 वर्षीय बच्चे की मौत
सहरसा : कोसी नदी में डूबने से 3 वर्षीय बच्चे की मौत

सहरसा में कोसी नदी में डूबने से तीन वर्षीय मासूम की मौत, गांव में पसरा मातम

बिहार के सहरसा जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। यह दुखद हादसा सहरसा जिले के डेहरार थाना क्षेत्र अंतर्गत हाटी गांव, वार्ड नंबर 5 में हुआ। घटना में एक तीन वर्षीय मासूम बालक की कोसी नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक बच्चे की पहचान दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के मणिकांत राम के पुत्र के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि यह बच्चा कुछ ही दिन पहले अपने नाना कोकण राम के घर आया था। उसकी मासूम मुस्कान अब केवल एक याद बनकर रह गई है।

जानकारी के अनुसार, मासूम बच्चा घर के पास ही अपने कुछ दोस्तों के साथ खेल रहा था। दिन का समय था, गांव में सामान्य दिनचर्या चल रही थी। बच्चे खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंच गए, जहां कोसी नदी का पानी बेहद पास था। खेलते-खेलते अचानक उस मासूम का पैर फिसल गया और वह सीधे नदी के गहरे पानी में जा गिरा। देखते ही देखते वह पानी में समा गया। आसपास मौजूद बच्चों ने जब यह भयावह दृश्य देखा तो वे घबराकर दौड़ते हुए परिजनों और ग्रामीणों को सूचना देने पहुंचे।

घटना की खबर मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन बदहवासी की हालत में नदी की ओर भागे, जहां उनका लाडला अब इस दुनिया में नहीं था। ग्रामीणों की मदद से बच्चे को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे की सांसें थम चुकी थीं और उसकी नन्ही सी काया पूरी तरह निर्जीव हो चुकी थी। उस मासूम के चेहरे पर अब भी खेलते समय की निशानी बची हुई थी, लेकिन जीवन की डोर टूट चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही डेहरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं दूसरी ओर, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मां की चीखें और पिता की खामोशी हर किसी का दिल तोड़ देने वाली थी। एक मासूम की अकाल मृत्यु ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। लोगों की आंखों में आंसू हैं और दिलों में गहरी वेदना।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कोसी नदी के किनारे कोई सुरक्षा उपाय नहीं हैं। गांव के बच्चे अक्सर इस क्षेत्र में खेलने आते हैं, लेकिन सुरक्षा के अभाव में इस तरह की घटनाएं हो जाती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे सुरक्षा दीवार बनाई जाए या कम से कम चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस त्रासदी ने एक बार फिर उस सामाजिक लापरवाही को उजागर कर दिया है, जो गांवों में खुले जल स्रोतों के आसपास देखी जाती है। नदियों, तालाबों और गड्ढों के किनारे पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड होता है और न ही कोई रोकथाम की व्यवस्था। बच्चे अपनी मासूमियत में ऐसे स्थानों पर खेलते रहते हैं, और कभी-कभी यह खेल उनके जीवन की अंतिम क्रिया बन जाती है।

सहरसा : कोसी नदी में डूबने से 3 वर्षीय बच्चे की मौत
सहरसा : कोसी नदी में डूबने से 3 वर्षीय बच्चे की मौत

इस घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। कोई कुछ बोल नहीं पा रहा। हर आंख नम है और हर दिल इस हादसे से द्रवित है। बच्चे की मौत ने न केवल उसके परिवार को तोड़ा है, बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। लोग इस दुख की घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन कोई भी शब्द उस पीड़ा को कम नहीं कर पा रहा जो मणिकांत राम और उसके परिवार पर टूटी है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की प्रक्रिया जारी है। हालांकि यह एक स्पष्ट दुर्घटना है, लेकिन प्रशासन इस घटना से सबक लेकर भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए, यही अपेक्षा की जा रही है।

बिहार में हर वर्ष मॉनसून के दौरान नदियों और जल स्रोतों के किनारे इस तरह की घटनाएं देखने को मिलती हैं। खासकर कोसी नदी, जो ‘बिहार की शोक’ कही जाती है, अपने विकराल स्वरूप और अनियमित प्रवाह के लिए कुख्यात है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों के लिए विशेष सतर्कता की आवश्यकता होती है। प्रशासन को चाहिए कि संवेदनशील इलाकों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल स्थल बनाए जाएं और नदी किनारे उचित सुरक्षा व्यवस्था की जाए।

तीन साल की नन्ही सी जान, जिसने अभी दुनिया देखनी शुरू ही की थी, यूं अचानक इस दुनिया को अलविदा कह देगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। उसकी तोतली बातें, उसकी मासूम शरारतें और उसकी मुस्कुराहट अब सिर्फ यादों में रह गई हैं। यह केवल एक परिवार का नुकसान नहीं है, यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि अब और मासूम जानें न जाएं।

इस हृदयविदारक घटना के बाद प्रशासन, समाज और हर व्यक्ति को यह सोचने की जरूरत है कि क्या हम अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण दे पा रहे हैं? अगर नहीं, तो फिर इस मासूम की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक असफलता है।

नोएडा : पांच साल से फरार 50 हजार का इनामी अपराधी शशांक बजाज एसटीएफ उत्तर प्रदेश के हत्थे चढ़ा

नोएडा : पांच साल से फरार 50 हजार का इनामी अपराधी शशांक बजाज एसटीएफ उत्तर प्रदेश के हत्थे चढ़ा

नोएडा : पांच साल से फरार 50 हजार का इनामी अपराधी शशांक बजाज एसटीएफ उत्तर प्रदेश के हत्थे चढ़ा
नोएडा : पांच साल से फरार 50 हजार का इनामी अपराधी शशांक बजाज एसटीएफ उत्तर प्रदेश के हत्थे चढ़ा

नोएडा ।

उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने हत्या के मामले में वांछित और पांच वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी शशांक बजाज को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी शशांक बजाज वर्ष 2015 से हत्या के मामले में पकड़ा गया था, लेकिन 2020 में पीलीभीत पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार, अभियुक्त शशांक बजाज पुत्र देश दीपक बजाज, निवासी ग्राम जोगीपुर, थाना कोतवाली, जनपद पीलीभीत है। आरोपी के खिलाफ बदायूं, पीलीभीत और देहरादून में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के समय उसके पास से आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुआ। उसे 1 सितंबर 2025 को दोपहर करीब 12:20 बजे, थाना साहनेवाल क्षेत्र, लुधियाना, पंजाब के साहनेवाल-डेवाल रोड से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ नोएडा की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बदायूं में हत्या के मामले और पीलीभीत से फरारी के बाद शशांक बजाज लुधियाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर दबिश दी और इनामी बदमाश को पकड़ लिया।

नोएडा : पांच साल से फरार 50 हजार का इनामी अपराधी शशांक बजाज एसटीएफ उत्तर प्रदेश के हत्थे चढ़ा
नोएडा : पांच साल से फरार 50 हजार का इनामी अपराधी शशांक बजाज एसटीएफ उत्तर प्रदेश के हत्थे चढ़ा

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2015 में पारिवारिक विवाद और रुपये के लेन-देन को लेकर उसने अपने परिजनों के साथ मिलकर बदायूं निवासी सुभाष चन्द्र शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शशांक और उसके पिता देहरादून भाग गए थे, जहां उन्हें पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
बाद में उसे बदायूं और फिर पीलीभीत जेल स्थानांतरित किया गया। कोरोना काल में इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था और तभी से उसकी तलाश चल रही थी। आरोपी शशांक के खिलाफ पहले से ही हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, महामारी अधिनियम समेत कई संगीन धाराओं में छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर बरेली परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।
फिलहाल शशांक बजाज को थाना कोतवाली, पीलीभीत में दाखिल कर स्थानीय पुलिस को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है।

सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, 'रिवर्स ट्रैप' के तहत 22 लाख की रिश्वत देते दो को पकड़ा

सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, ‘रिवर्स ट्रैप’ के तहत 22 लाख की रिश्वत देते दो को पकड़ा

सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, 'रिवर्स ट्रैप' के तहत 22 लाख की रिश्वत देते दो को पकड़ा
सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, ‘रिवर्स ट्रैप’ के तहत 22 लाख की रिश्वत देते दो को पकड़ा

नई दिल्ली। 

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक अभूतपूर्व और प्रेरणादायक घटना सामने आई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 22 लाख रुपए की रिश्वत देते वक्त दो व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस मामले में सबसे खास बात यह रही कि रिश्वत देने वालों को पकड़ा गया, यानी यह एक ‘रिवर्स ट्रैप’ ऑपरेशन था।
इस पूरे प्रकरण में जीएसटी इंटेलिजेंस निदेशालय के अधीक्षक ने सबसे सराहनीय भूमिका निभाई, जिन्होंने रिश्वत का प्रस्ताव मिलते ही उसे स्वीकार करने के बजाय सीबीआई को इसकी सूचना दी।

सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए दो व्यक्तियों की पहचान राम सेवक सिंह और सचिन कुमार गुप्ता के रूप में हुई है।

ये दोनों आरोपी उस समय सीबीआई के जाल में फंसे, जब वे एक ऑनलाइन कंपनी के टैक्स चोरी के मामले में राहत दिलाने के लिए संबंधित जीएसटी अधीक्षक को 22 लाख रुपए की रिश्वत की पेशकश कर रहे थे।

सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, 'रिवर्स ट्रैप' के तहत 22 लाख की रिश्वत देते दो को पकड़ा
सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, ‘रिवर्स ट्रैप’ के तहत 22 लाख की रिश्वत देते दो को पकड़ा

जीएसटी अधीक्षक कुछ ऑनलाइन फर्मों की टैक्स चोरी की जांच कर रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उनसे संपर्क कर मामले को ‘रफा-दफा’ करने के लिए मोटी रकम देने का प्रस्ताव रखा।

हालांकि, वे भ्रष्टाचार के आगे नहीं झुके। उन्होंने तुरंत सीबीआई को औपचारिक शिकायत दी और इसके बाद सीबीआई ने एक सुनियोजित ‘रिवर्स ट्रैप’ ऑपरेशन चलाया, जिसमें दोनों आरोपी रंगे हाथों पकड़ लिए गए।

गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई ने आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। इन तलाशियों से रिश्वतखोरी से जुड़े सबूत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सीबीआई ने प्रेस रिलीज में कहा कि यह ऑपरेशन दिखाता है कि कैसे एक ईमानदार सार्वजनिक अधिकारी की तत्परता और निष्ठा भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने में अहम भूमिका निभा सकती है। ऐसे अफसर आज की व्यवस्था के लिए प्रेरणा हैं।

सीबीआई ने देशवासियों से अपील की है कि भ्रष्टाचार से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी बिना डर के साझा करें। एजेंसी हर सच्चे नागरिक के साथ खड़ी है।

इंटरपोल के जरिए CBI ने भगोड़े अपराधी मेनपाल ढिल्ला को कंबोडिया से भारत वापस लाया

इंटरपोल के जरिए CBI ने भगोड़े अपराधी मेनपाल ढिल्ला को कंबोडिया से भारत वापस लाया

इंटरपोल के जरिए CBI ने भगोड़े अपराधी मेनपाल ढिल्ला को कंबोडिया से भारत वापस लाया
इंटरपोल के जरिए CBI ने भगोड़े अपराधी मेनपाल ढिल्ला को कंबोडिया से भारत वापस लाया

नई दिल्ली। 

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने हरियाणा पुलिस, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीआई ने मेनपाल ढिल्ला उर्फ सोनू कुमार नामक एक भगोड़े अपराधी को 2 सितंबर, 2025 को कंबोडिया से भारत वापस लाने में सफलता पाई है। रोल तोड़कर फरार हो गया था अपराधीः मेनपाल ढिल्ला एक कुख्यात अपराधी है, जिसकी हरियाणा पुलिस को कई मामलों में तलाश थी। उसे हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध आग्नेयास्त्रों का उपयोग और आपराधिक साजिश के अपराधों के लिए 29 अप्रैल, 2013 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह हिसार सेंट्रल जेल में अपनी सजा काट रहा था। 17 जुलाई, 2018 को वह छह सप्ताह के पैरोल पर रिहा हुआ, लेकिन 29 अगस्त, 2018 को उसे वापस जेल लौटना था। वह वापस नहीं लौटा और तब से फरार था।

इंटरपोल के जरिए CBI ने भगोड़े अपराधी मेनपाल ढिल्ला को कंबोडिया से भारत वापस लाया
इंटरपोल के जरिए CBI ने भगोड़े अपराधी मेनपाल ढिल्ला को कंबोडिया से भारत वापस लाया

इंटरपोल ने जारी किया था रेड नोटिसः हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर, सीबीआई ने 6 नवंबर, 2024 को इंटरपोल के माध्यम से मेनपाल ढिल्ला के खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया। सीबीआई ने इंटरपोल बैंकाक से संपर्क किया, जिससे पता चला कि वह थाईलैंड से कंबोडिया गया है। इसके बाद, सीबीआई ने कंबोडिया के अधिकारियों के साथ समन्वय किया और उन्हें बताया कि आरोपी सोनू कुमार के फर्जी नाम से धोखाधड़ी करके प्राप्त किए गए पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा है। 26 मार्च, 2025 को इंटरपोल के माध्यम से कंबोडिया को उसकी गिरफ्तारी के लिए अनुरोध भेजा गया था।
कंबोडियाई अधिकारियों ने 24 जुलाई, 2025 को उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की और उसे भारतीय अधिकारियों को सौंपने का फैसला किया। इसके बाद, हरियाणा पुलिस की एक टीम कंबोडिया गई और उसे सफलतापूर्वक भारत वापस ले आई। सीबीआई, भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में कार्य करती है और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल के माध्यम से 100 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है।

जयपुर में भारी बारिश से जगह-जगह पानी भरा, देखें तस्वीरें

जयपुर में भारी बारिश से जगह-जगह पानी भरा, देखें तस्वीरें

जयपुर में भारी बारिश से जगह-जगह पानी भरा, देखें तस्वीरें
जयपुर में भारी बारिश से जगह-जगह पानी भरा, देखें तस्वीरें

जयपुर,

जिसे पिंकसिटी के नाम से जाना जाता है, मंगलवार की सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में काले बादल छा गए। कुछ ही देर में झमाझम बारिश शुरू हो गई, जो कि लगातार दो घंटे से अधिक समय तक चली। इस मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की सूरत ही बदल दी। जयपुर के विभिन्न इलाकों में भारी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे न केवल आम जनता को परेशानी उठानी पड़ी, बल्कि यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई।

जलजमाव ने बढ़ाई मुश्किलें

बारिश के कारण शहर की प्रमुख सड़कों से लेकर गलियों तक पानी भर गया। विशेषकर परकोटा क्षेत्र (पुराना जयपुर), मालवीय नगर, वैशाली नगर, टोंक रोड, झोटवाड़ा, मानसरोवर, विद्याधर नगर जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आए। इन क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था इतनी लचर साबित हुई कि दो घंटे की बारिश ने लोगों के घरों के अंदर तक पानी पहुंचा दिया।

कई जगह तो पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और बाजार जाने वाले व्यापारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिन घरों में बेसमेंट बना हुआ था, वहां पानी घुसने से काफी नुकसान की भी खबरें आ रही हैं।

वाहन चालकों की मुसीबतें

चाहे दो पहिया वाहन चालक हों या चार पहिया वाहन चालक, सभी को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जलमग्न सड़कों पर वाहन फंसते गए। कई दुपहिया वाहन चालकों को तो वाहन धकेलते हुए आगे बढ़ना पड़ा। कई स्कूटर और बाइक पानी में पूरी तरह डूब गए। कुछ कारें भी बीच सड़क पर बंद हो गईं और लोग अपनी कारें छोड़कर पैदल ही निकलते नजर आए।

राजमार्गों और प्रमुख चौराहों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। जयपुर के ब्यौनी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट, और बस स्टैंड के आसपास की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिसकर्मी और ट्रैफिक विभाग के अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे, परंतु तेज बारिश और जलजमाव ने सभी प्रयासों को कमजोर कर दिया।

घरों और दुकानों में पानी घुसा

जयपुर के पुराने इलाके, जहां सड़कें अपेक्षाकृत संकरी हैं और जल निकासी की व्यवस्था बेहतर नहीं है, वहां की स्थिति सबसे चिंताजनक रही। कई जगहों पर दुकानों में पानी घुस गया, जिससे हजारों रुपए का नुकसान हुआ। दुकानदारों को अचानक अपने सामान को बचाने के लिए प्लास्टिक की चादरें और बोरे लगाकर पानी रोकने की कोशिश करनी पड़ी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मॉनसून में यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन की तरफ से स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता। नगर निगम द्वारा साफ-सफाई और नालों की सफाई की बात तो हर साल की जाती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही होती है।

बिजली आपूर्ति भी बाधित

बारिश के दौरान कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। विद्युत विभाग ने एहतियातन कुछ इलाकों में बिजली काट दी ताकि शॉर्ट सर्किट या करंट लगने की घटनाएं न हों। हालांकि इससे लोगों को काफी परेशानी हुई, खासकर उन इलाकों में जहां पहले से ही जल जमाव की स्थिति थी और लोगों को पंप से पानी निकालना था।

जयपुर में भारी बारिश से जगह-जगह पानी भरा, देखें तस्वीरें
जयपुर में भारी बारिश से जगह-जगह पानी भरा, देखें तस्वीरें

प्रशासन का रवैया और इंतजाम

जयपुर नगर निगम और जिला प्रशासन ने दावा किया कि स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और जहां आवश्यकता है वहां राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। कई जगह पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाला जा रहा है और ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की तैयारी महज़ कागज़ों तक ही सीमित रही और ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिखी।

पर्यटकों को भी हुई परेशानी

जयपुर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और यहां हर मौसम में देश-विदेश से सैलानी आते हैं। बारिश के कारण आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस, जल महल जैसे पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई। जो पर्यटक पहले से जयपुर में मौजूद थे, उन्हें होटल्स के अंदर ही रहना पड़ा। बारिश और जलजमाव के चलते स्थानीय टैक्सी सेवाएं भी बाधित रहीं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें

भारी बारिश और जलजमाव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। ट्विटर (अब एक्स), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोगों ने जलमग्न सड़कों, डूबी हुई गाड़ियों और घरों में घुसे पानी की तस्वीरें साझा कीं। कई लोगों ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में जयपुर की सड़कों को “नदी” और “तालाब” कहकर ट्रोल भी किया।

निष्कर्ष

जयपुर जैसे विकसित होते शहर में दो घंटे की बारिश अगर जनजीवन को इस तरह से अस्त-व्यस्त कर देती है, तो यह सोचने की जरूरत है कि नगर नियोजन और आपदा प्रबंधन में कहां चूक हो रही है। हर साल की तरह इस बार भी बारिश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कागजी योजनाओं से ज़मीनी हकीकत नहीं बदली जा सकती। जब तक नगर निगम और संबंधित विभाग मिलकर ठोस और दीर्घकालीन समाधान नहीं निकालते, तब तक हर साल पिंकसिटी की सड़कों पर यही तस्वीरें दोहराई जाती रहेंगी।

दिल्ली-नोएडा में बाढ़ का कहर : यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पार, कई इलाकों में भरा पानी

दिल्ली-नोएडा में बाढ़ का कहर : यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पार, कई इलाकों में भरा पानी

दिल्ली-नोएडा में बाढ़ का कहर : यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पार, कई इलाकों में भरा पानी
दिल्ली-नोएडा में बाढ़ का कहर : यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पार, कई इलाकों में भरा पानी

नई दिल्ली ।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश और हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है, जिसके चलते दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में स्थित वासुदेव घाट पर पानी सड़क के किनारे तक पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली के कश्मीरी घाट का वासुदेव घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और यमुना का पानी अब आउटर रिंग रोड के करीब पहुंच गया है।

प्रशासन के मुताबिक, यमुना नदी का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो अगले कुछ घंटों में आउटर रिंग रोड भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ सकता है। इससे कश्मीरी गेट के पास भारी यातायात प्रभावित होगा, जहां हर समय वाहनों की आवाजाही रहती है।

बता दें कि 2023 में भी यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण इस क्षेत्र में जलभराव और यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने वासुदेव घाट के प्रवेश द्वार पर पानी को रोकने के लिए बोरियों को लगाया है, लेकिन बढ़ते जलस्तर के सामने यह उपाय नाकाम साबित हो रहा है।

इस बीच, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने निचले इलाकों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

दिल्ली-नोएडा में बाढ़ का कहर : यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पार, कई इलाकों में भरा पानी
दिल्ली-नोएडा में बाढ़ का कहर : यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पार, कई इलाकों में भरा पानी

दिल्ली से सटे नोएडा में भी यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद सेक्टर 125 से सेक्टर 151 तक के कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। बाढ़ का पानी आने से फसलें बर्बाद हो गई हैं।

स्थानीय किसान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बाढ़ का पानी आने से उनकी आजीविका पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। पानी के भरने के बाद क्षेत्र में रहने वाले करीब 700 से 800 लोग प्रभावित हुए हैं। हालात यह हैं कि प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई मदद नहीं की गई है।

वहीं, एक अन्य निवासी ने कहा कि बाढ़ के पानी से उनको काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। हमें और जानवरों को पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है।

बता दें कि दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 206.97 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से लगभग 1.64 मीटर ऊपर है। हथिनीकुंड बैराज, वजीराबाद बैराज और ओखला बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

दिल्ली के यमुना बाजार, मयूर विहार, गीता कॉलोनी और मजनू का टीला जैसे क्षेत्रों में पानी घरों, गलियों और मंदिरों तक पहुंच गया है, जिससे काफी नुकसान हुआ है।

लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सुखना झील बनी मुसीबत

लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सुखना झील बनी मुसीबत

लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सुखना झील बनी मुसीबत
लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सुखना झील बनी मुसीबत

चंडीगढ़। शहर में रात से हो रही लगातार बारिश ने कहर बरपा दिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है और अगले तीन दिनों तक ऐसे ही भारी बारिश का पूर्वानुमान है। प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं क्योंकि सुखना चो और घग्घर नदी के तटबंधों के टूटने का खतरा बढ़ गया है। शहर में जलभराव और यातायात पर असर
जलभराव: पूरे शहर में सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई सड़कों पर गाड़ियां खराब हो गई हैं, और कुछ इलाकों के घरों में भी पानी घुस गया है।
यातायात बाधित: बारिश के कारण सभी अंडरपास बंद कर दिए गए हैं। किशनगढ़, बापूधाम और इंडस्ट्रियल एरिया के सुखना चो पुल बंद होने से मध्य और दक्षिण मार्गों पर भयंकर जाम लग गया है।

लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सुखना झील बनी मुसीबत
लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सुखना झील बनी मुसीबत

पेड़ गिरने की घटनाएं
बारिश का कहर सिर्फ लोगों पर ही नहीं, बल्कि पेड़ों पर भी दिख रहा है। शहर में कई जगहों पर पेड़ गिरने की खबरें हैं। सेक्टर 9 गुरुद्वारे के पास एक बड़ा पेड़ गिर गया, हालांकि गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। इससे पहले मंगलवार को भी सेक्टर 9 के मध्य मार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिरा था।
सुखना झील से खतरा
शहर की पहचान मानी जाने वाली सुखना झील अब ट्राइसिटी के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। सात बार फ्लड गेट खोलने के बाद भी झील का जलस्तर कम नहीं हो रहा है, क्योंकि शिवालिक की पहाड़ियों में हो रही भारी बारिश का पानी लगातार झील में आ रहा है। बुधवार को भी इसके दोनों फ्लड गेट फिर से खोलने पड़े।

भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा: विजिलेंस ने दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में पेश किया चालान

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भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा: विजिलेंस ने दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में पेश किया चालान
भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा: विजिलेंस ने दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में पेश किया चालान

हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के अंतर्गत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), पंचकूला ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो पुलिस अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने वाली है और सरकार की “भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा” नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

यह मामला अंबाला जिले से संबंधित है, जहां शिकायतकर्ता के खिलाफ 21 अगस्त 2023 से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला में एक शिकायत लंबित थी। इस शिकायत को बंद करवाने के एवज में तत्कालीन पुलिस निरीक्षक सोमेश कुमार और ईएचसी (एग्जीक्यूटिव हैड कांस्टेबल) अशोक कुमार ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने जब इस गैरकानूनी मांग को लेकर आपत्ति जताई और इसकी जानकारी संबंधित विभाग को दी, तो विजिलेंस टीम ने तत्काल हरकत में आते हुए एक सुनियोजित योजना के तहत दोनों पुलिसकर्मियों को रंगे हाथ पकड़ने की कार्रवाई की।

राज्य सतर्कता ब्यूरो, पंचकूला की टीम ने पूरी रणनीति बनाकर ACB कार्यालय, अंबाला में एक जाल बिछाया। योजना के अनुसार, जैसे ही शिकायतकर्ता ने पुलिस निरीक्षक सोमेश कुमार और ईएचसी अशोक कुमार को 1 लाख रुपये की नकद राशि सौंपी, विजिलेंस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी न केवल तीव्र कार्रवाई का उदाहरण है, बल्कि इस बात का भी प्रमाण है कि अब कोई भी अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर आम जनता को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित नहीं कर सकता।

गिरफ्तारी के बाद, आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद, अब राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अंबाला की माननीय न्यायालय में चालान पेश कर दिया है, जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

सरकार का सख्त रुख और संदेश

इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि हरियाणा सरकार और राज्य सतर्कता ब्यूरो भ्रष्टाचार के मामलों को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं करेंगे। यह केस दर्शाता है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ चाहे वे किसी भी विभाग से संबंधित हों, बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के जरिए आम जनता में यह संदेश भी गया है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो इसकी शिकायत करने पर उन्हें न्याय मिल सकता है।

राज्य सतर्कता ब्यूरो की यह सक्रियता न केवल पुलिस विभाग की कार्यशैली में सुधार लाने का काम करेगी, बल्कि अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भी एक चेतावनी होगी कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा: विजिलेंस ने दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में पेश किया चालान
भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा: विजिलेंस ने दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में पेश किया चालान

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

राज्य सरकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कई बार यह दोहराया है कि जनता से रिश्वत मांगने, फाइल अटकाने या जबरन पैसे वसूलने जैसी प्रवृत्तियों को अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी दिशा में विजिलेंस ब्यूरो को और अधिक अधिकार और संसाधन दिए गए हैं, जिससे ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

पुलिस विभाग की छवि पर असर

यह घटना निश्चित रूप से हरियाणा पुलिस की छवि पर एक प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। जब कानून के रखवाले ही कानून तोड़ने लगें, तो आम जनता का व्यवस्था पर से विश्वास डगमगाने लगता है। हालांकि, यह भी सत्य है कि हर विभाग में कुछ अपवाद होते हैं और ऐसे ही अपवादों की पहचान कर उन्हें बाहर करना ही व्यवस्था की शुद्धता बनाए रखने का एकमात्र रास्ता है। विजिलेंस की इस कार्रवाई से यह संकेत भी गया है कि पुलिस विभाग भी खुद को स्वच्छ और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

अब जबकि चालान कोर्ट में दाखिल हो चुका है, मामले की सुनवाई शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो दोनों पुलिसकर्मियों को कठोर दंड मिलना तय है, जिससे अन्य अधिकारियों के लिए एक उदाहरण स्थापित होगा। इससे पहले भी विजिलेंस ब्यूरो कई उच्चस्तरीय अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर चुका है, जिससे यह साफ हो गया है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

जनता की भागीदारी भी जरूरी

भ्रष्टाचार से लड़ाई केवल सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं रह सकती। आम नागरिकों को भी जागरूक होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठानी होगी। विजिलेंस विभाग ने भी नागरिकों से अपील की है कि यदि उनसे कोई रिश्वत मांगता है, तो वे तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। विभाग की वेबसाइट, हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी शिकायतें की जा सकती हैं।


निष्कर्षतः, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पंचकूला की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और तंत्र सजग हो, तो भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्या पर काबू पाया जा सकता है। आम जनता को अब यह भरोसा हो चला है कि यदि वे अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं, तो उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। इस मामले में कोर्ट द्वारा जल्द सुनवाई कर दोषियों को कड़ी सजा देने की अपेक्षा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया पर भी जनता का विश्वास और मजबूत हो सके।

फरीदाबाद में 3 पुलिसकर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगे हाथों दबोचा

फरीदाबाद में 3 पुलिसकर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगे हाथों दबोचा

फरीदाबाद में 3 पुलिसकर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगे हाथों दबोचा
फरीदाबाद में 3 पुलिसकर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगे हाथों दबोचा

फरीदाबाद। 

हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो ने एक शिकायतकर्ता से 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ईएएसआई संजय कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में सबूतों के आधार पर मुख्य सिपाही खालिद और मुख्य सिपाही फारूख को भी गिरफ्तार किया गया है। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि फरीदाबाद के सीआईए स्टाफ, सेक्टर-65 से कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में उसकी कबाड़ की दुकान पर आए। उन्होंने उसके पिता को एक चोरी के मामले में पूछताछ के लिए अपने साथ चलने को कहा। जब शिकायतकर्ता अपने एक दोस्त के साथ सीआईए स्टाफ पहुंचा, तो उसे बाहर ही रोक दिया गया।

फरीदाबाद में 3 पुलिसकर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगे हाथों दबोचा
फरीदाबाद में 3 पुलिसकर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगे हाथों दबोचा

इधर, ईएएसआई संजय कुमार, मुख्य सिपाही खालिद और मुख्य सिपाही फारूख ने शिकायतकर्ता के पिता को चोरी के आरोप में गिरफ्तार न करने के एवज में 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बार-बार अनुरोध करने पर, वे 25,000 रुपये लेने पर सहमत हो गए।
ब्यूरो ने इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई की और तीनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम है।

दिल्ली: शाहदरा पुलिस ने कुख्यात ऑटो-लिफ्टर प्रदीप को दबोचा, तीन वाहन बरामद

दिल्ली: शाहदरा पुलिस ने कुख्यात ऑटो-लिफ्टर प्रदीप को दबोचा, तीन वाहन बरामद

दिल्ली: शाहदरा पुलिस ने कुख्यात ऑटो-लिफ्टर प्रदीप को दबोचा, तीन वाहन बरामद
दिल्ली: शाहदरा पुलिस ने कुख्यात ऑटो-लिफ्टर प्रदीप को दबोचा, तीन वाहन बरामद

नई दिल्ली।

दिल्ली के शाहदरा जिले की पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात ऑटो-लिफ्टर प्रदीप को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चोरी के तीन वाहन बरामद किए और कई पुराने मामले सुलझाए हैं। यह सफलता 28 अगस्त को दर्ज एक शिकायत के बाद मिली, जब नितिन कुमार ने अपनी मोटरसाइकिल की चोरी की रिपोर्ट शाहदरा थाने में दी थी। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

पुलिस ने इंस्पेक्टर नीरज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई, जिसमें एएसआई संजय, हेड कांस्टेबल निशांत, कांस्टेबल नितिन, कांस्टेबल शिवम दुबे और कांस्टेबल राखी शामिल थे।

टीम का पर्यवेक्षण इंस्पेक्टर कन्हैया लाल (एसएचओ शाहदरा) और एसीपी संजीव कुमार ने किया। टीम को शाहदरा क्षेत्र में वाहन चोरों पर नजर रखने और उन्हें पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया। इसके लिए पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया और गुप्त सूत्रों से जानकारी जुटाई गई।

दिल्ली: शाहदरा पुलिस ने कुख्यात ऑटो-लिफ्टर प्रदीप को दबोचा, तीन वाहन बरामद
दिल्ली: शाहदरा पुलिस ने कुख्यात ऑटो-लिफ्टर प्रदीप को दबोचा, तीन वाहन बरामद

टीम ने घटनास्थल और आसपास के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज इकट्ठे किए और उनका विश्लेषण किया। फुटेज में एक संदिग्ध को मोटरसाइकिल चुराते देखा गया। 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद संदिग्ध की पहचान प्रदीप के रूप में हुई, जो पहले शकरपुर थाने में वाहन चोरी के मामले में पकड़ा जा चुका था।

टीम ने प्रदीप के घर (पूर्वी जवाहर नगर, बेहटा, लोनी, गाजियाबाद) पर नजर रखी। लगातार तलाशी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच में प्रदीप की निशानदेही पर एक चोरी की मोटरसाइकिल दनकौर, गौतम बुद्ध नगर से बरामद हुई, जो दिलशाद के पास थी। आगे की पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि उसने अपने घर के पास नहर रोड, बेहटा, लोनी से दो और वाहन सौंपे।

पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि वह गाजियाबाद का रहने वाला है और मेरठ का मूल निवासी है। नशे की लत और बेरोजगारी के कारण उसने वाहन चोरी शुरू की। पहले वह वेल्डिंग का काम करता था, लेकिन अब बेरोजगार है। उसकी गिरफ्तारी 30 अगस्त को हुई।

पुलिस ने प्रदीप के जरिए 7 पुराने मामले सुलझाए, जिनमें शाहदरा, सीलमपुर, जीटीबी एन्क्लेव और गीता कॉलोनी थानों की चोरी की घटनाएं शामिल हैं। प्रदीप पहले भी शकरपुर थाने में वाहन चोरी के मामले में पकड़ा जा चुका है। बरामद वाहन पुलिस के कब्जे में हैं और आगे की जांच जारी है।