बिजली चोरी के 10 मामले पकड़े, अब वसूला जाएगा करीब 10 लाख रुपए का जुर्माना
जयपुर। जयपुर डिस्कॉम की सतर्कता शाखा ने मंगलवार को चौमू तथा सांगानेर ग्रामीण क्षेत्र में गहन सतर्कता जांच कार्यवाही की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) महेन्द्र कुमार शर्मा एवं अधीक्षण अभियंता (सतर्कता) बी.एल.शर्मा के निर्देशन में सहायक अभियंता (सतर्कता) चौमूं महिपाल धायल ने कालाडेरा, घीनोई, रेनवाल व गोविन्दगढ़ में 25 परिसरों की सतर्कता जांच की। इसमें से 2 दुकानों व 5 घरेलू परिसरों में विद्युत चोरी की जा रही थी। जिस पर 7 वीसीआर भरी गई और करीब 7 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
बिजली चोरी के 10 मामले पकड़े, अब वसूला जाएगा करीब 10 लाख रुपए का जुर्माना
अधिशाषी अभियंता (सतर्कता-नोडल ऑफिसर) के. सी. गुप्ता द्वारा सांगानेर के सिरोली क्षेत्र में सतर्कता जांच के दौरान 3 घरेलू परिसरों में एल.टी. लाईन पर अवैध आंकडे डालकर की जा रही विद्युत चोरी को पकड़ा गया, जिस पर 3 वीसीआर भर कर करीब 3 लाख का जुर्माना लगाया गया है। सभी प्रकरणों में उपभोक्तों को जुर्माना राशि जमा करवाने के लिए नोटिस जारी कर दिये गए है। तय समय में जुर्माना राशि जमा नहीं करवाने पर विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया जावेगा। टीम द्वारा मौके से अवैध केबिल को जब्त कर लिया गया है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार मामलाः 7 साल बाद सीबीआई जांच की रोक हटने के करीब, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए नोटिस
सीबीआई के हलफनामे में हुए चौंकाने वाले खुलासे, शिकारियों के साथ वन अधिकारियों की मिलीभगत बताई देहरादून। उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) में 7 साल पहले हुए बहुचर्चित बाघ शिकार के मामले में सीबीआई जांच पर लगी रोक हटने की प्रबल संभावना बन गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण कार्यकर्ता अतुल सती के आवेदन पर सुनवाई करते हुए, रोक हटाने के संबंध में केंद्र सरकार, उत्तराखंड सरकार और पूर्व मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (CWLW) डी.एस. खाती को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को निर्धारित की गई है। पर्यावरण कार्यकर्ता अतुल सती ने अधिवक्ता गोविंद जी के माध्यम से दायर अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि डी.एस. खाती ने अक्टूबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई जांच पर रोक लगवाते समय न्यायालय को गुमराह किया था। वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया कि खाती ने यह दावा किया था कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य या उसके अधिकारियों को सुने बिना ही अख़बारों की रिपोर्टों के आधार पर सीबीआई जांच का आदेश दे दिया था। सती ने इस दावे को चुनौती देते हुए कहा कि जांच का आदेश केवल अख़बारों की रिपोर्ट पर नहीं, बल्कि बाघ शिकार से जुड़े “गंभीर तथ्यों” को उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाए जाने के बाद दिया गया था। खाती ने स्वयं उच्च न्यायालय में एक शपथ पत्र दाखिल किया था, जो उनके इस दावे को खारिज करता है कि राज्य को प्रतिक्रिया का अवसर नहीं दिया गया था। उच्च न्यायालय का आदेश अनजाने में 2012 की एक पुरानी याचिका में पारित हो गया था, जबकि अधिकांश दस्तावेज 2017 की याचिका में थे। सती ने आरोप लगाया कि खाती ने रिकॉर्ड में हुई इस लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) का “अनुचित और अत्यंत अनैतिक लाभ” उठाकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सीबीआई के हलफनामे ने खोली पोल: मामले की सबसे विस्फोटक जानकारी सीबीआई के हलफनामों से सामने आई है, जिसने वन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीबीआई ने अक्टूबर 2020 में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दिए गए अपने प्रत्युत्तर शपथ पत्र में स्पष्ट कहा था कि अब तक की जांच यह संकेत देती है कि वन अधिकारियों की शिकारी गिरोह के साथ मिलीभगत थी। सीबीआई ने यह भी बताया था कि बाघों की मौत के मामलों में वन अधिकारियों ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया, और वन अधिकारियों के खिलाफ सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों की विस्तृत एवं गहन जांच आवश्यक है। जुलाई 2023 में एक अलग आवेदन दायर करके सीबीआई ने जांच पर लगे स्थगन आदेश को हटाने का पुरजोर अनुरोध किया था, चेतावनी दी थी कि स्थगन जारी रहने से शिकारी सबूतों को नष्ट कर सकते हैं, जिससे पूरी जांच के हित को नुकसान होगा।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघ शिकार मामलाः 7 साल बाद सीबीआई जांच की रोक हटने के करीब, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए नोटिस
अंतरराष्ट्रीय गिरोह और जांच का दायराः कार्यकर्ता सती ने कोर्ट को बताया कि यह केवल स्थानीय मामला नहीं है। नेपाल से बाघों की खालों की बरामदगी, जिन्हें भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने कॉर्बेट के बाघों की खाल के रूप में प्रमाणित किया था, यह दर्शाती है कि इस अपराध के पीछे अंतरराष्ट्रीय एवं अंतर-राज्यीय नेटवर्क सक्रिय है, जो उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक फैला हुआ है। इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सीबीआई जैसी विशेषज्ञ एजेंसी की जांच बहुत जरूरी है। जांच में देरी से शिकारियों के नेटवर्क को फायदाः सती ने कोर्ट से गुहार लगाई कि सात साल से जारी यह स्थगन न केवल शिकार के पीछे सक्रिय अंतर-राज्यीय नेटवर्क का पता लगाने की संभावनाओं को गंभीर रूप से बाधित कर रहा है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में भी देरी कर रहा है। डी.एस. खाती ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, यह कहते हुए कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर आवेदन को अभी तक नहीं देखा है। इस बीच, खाती को बाघ शिकार के मामले में दोषी ठहराए जाने के समर्थन में 2018 में उत्तराखंड फॉरेस्ट फोर्स के प्रमुख द्वारा लिखे गए एक पत्र का हवाला दिया गया है। वर्तमान वन प्रमुख समीर सिन्हा भी जांच के दायरे मेंः इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, यह वर्तमान हॉफ (Head of Forest Force) समीर सिन्हा के लिए भी गंभीर परेशानी खड़ी कर सकता है। जून 2018 में तत्कालीन पीसीसीएफ जयराज ने सरकार के आदेश पर इस मामले की जांच करते हुए खाती (उस समय मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक थे) और तत्कालीन निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व समीर सिन्हा के खिलाफ भी कड़े आरोप लगाए थे और कार्रवाई करने की सिफाऱिश की थी। पिछले वर्ष, कॉर्बेट में सफारी परियोजना के लिए कथित तौर पर पेड़ों की कटाई और अवैध निर्माण के मामले में भी उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों के खिलाफ जांच का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के नोटिस जारी होने के बाद, अब तीन सप्ताह बाद होने वाली सुनवाई इस बहुचर्चित और संवेदनशील मामले की दिशा तय करेगी। इस संबंध में वन विभाग के प्रमुख समीर सिन्हा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। लेकिन, उन्होंने फोन काट दिया और वाट्सएप मैसेज का कोई उत्तर नहीं दिया।
5 करोड़ रुपए मूल्य के 30,000 चीनी पटाखे जब्त, एक गिरफ्तार : डीआरआई
मुंबई । राजस्व खुफिया विभाग (डीआरआई) ने चीन से आने वाले पटाखों और आतिशबाजी की अवैध तस्करी का एक और बड़ा मामला पकड़ा है। सोमवार को इसकी जानकारी दी गई। टीम ने इस तस्करी को रोक दिया। अब तक का यह एक और सफल अभियान है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि पटाखों की तस्करी रोकने के लिए चल रहे ‘फायर ट्रेल’ अभियान चलाया गया, जिसमें डीआरआई ने मुंद्रा बंदरगाह पर बड़ा काम किया। टीम ने 5 करोड़ रुपए की कीमत के 30,000 अवैध पटाखे पकड़े और एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। इस अभियान के दौरान, डीआरआई अधिकारियों ने मुंद्रा बंदरगाह पर चीन से आए एक 40 फुट लंबे कंटेनर को पकड़ा, जिस पर ‘पानी का गिलास’ और ‘फूलदान’ होने का दावा किया गया था। लेकिन जांच में पानी के गिलास के एक सेट के पीछे 30,000 छिपे हुए पटाखे/आतिशबाजी के टुकड़े मिले। डीआरआई ने कहा कि आयातक के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे और उसने स्वीकार किया कि माल की तस्करी आर्थिक लाभ के लिए की गई थी।
5 करोड़ रुपए मूल्य के 30,000 चीनी पटाखे जब्त, एक गिरफ्तार : डीआरआई
इससे पहले, अक्टूबर महीने में, डीआरआई ने मुंबई और तूतीकोरिन में चीनी पटाखों के अवैध आयात के प्रयासों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया था। इसमें अकेले अक्टूबर महीने में, डीआरआई मुंबई क्षेत्रीय इकाई (एमजेडयू) ने लगभग 16 करोड़ रुपये मूल्य के अवैध रूप से आयातित पटाखे जब्त किए। मंत्रालय के अनुसार, विदेश व्यापार नीति के आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण के तहत पटाखों का आयात ‘प्रतिबंधित’ है और इसके लिए विस्फोटक नियम, 2008 के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) दोनों से वैध लाइसेंस की आवश्यकता होती है। डीआरआई ने कहा, “ऐसे खतरनाक सामान की गैरकानूनी तस्करी से लोगों की जान को खतरा है। देश की सुरक्षा, बंदरगाह, जहाज और पूरे व्यापार को बड़ा नुकसान हो सकता है। हम तस्करों के बड़े-बड़े नेटवर्क को ढूंढेंगे और खत्म करेंगे। खतरनाक तस्करी से लोगों को बचाएंगे। देश के व्यापार और सुरक्षा को मजबूत रखने के अपने काम पर डटे रहेंगे।”
दिल्ली : लोधी कॉलोनी पुलिस की मुस्तैदी, बारापुला फ्लाईओवर पर तीन अपराधी गिरफ्तार, दो देसी कट्टे-छह कारतूस बरामद
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की साउथ डिस्ट्रिक्ट टीम ने एक बार फिर अपराधियों पर कड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने बारापुला फ्लाईओवर पर तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। लोधी कॉलोनी थाने के नाइट पिकेट स्टाफ ने रविवार की सुबह करीब 3:19 बजे बारापुला फ्लाईओवर पर जेएलएन स्टेडियम गेट नंबर-6 के पास संदिग्ध हालत में घूम रही एक टैक्सी को रोका। चेकिंग के दौरान कार में सवार तीन युवकों के पास से दो देसी पिस्तौल (कट्टा) और .315 बोर के छह जिंदा कारतूस बरामद हुए। तीनों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रहने वाले बादल राणा (20), शानू मलिक (20) और गोलू खटाना उर्फ कौशिंदर (23) के रूप में हुई है। इनमें से शानू मलिक और गोलू खटाना दोनों पहले हत्या के अलग-अलग मामलों में आरोपी रह चुके हैं। ये तीनों मेरठ से दिल्ली आए थे और मवाना जाने की बात कह रहे थे।
दिल्ली : लोधी कॉलोनी पुलिस की मुस्तैदी, बारापुला फ्लाईओवर पर तीन अपराधी गिरफ्तार, दो देसी कट्टे-छह कारतूस बरामद
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ये लोग पहले सुभाष नगर से गुड़गांव के लिए रैपिडो कैब बुक किए थे, लेकिन बाद में उसे कैंसिल कर मेरठ की ओर जाने वाली यह टैक्सी ली। टैक्सी ड्राइवर से भी पूछताछ की जा रही है कि उसे इनके हथियारों के बारे में पता था या नहीं। हथियारों का स्रोत और इन्हें दिल्ली लाने का असली मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस का मानना है कि ये अपराध की किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। मामला दर्ज होने के बाद आर्म्स एक्ट की धारा-25 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। हथियार सप्लाई करने वाले मुख्य सरगना को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। बरामद कार को भी जब्त कर लिया गया है। इस सफल ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाने वाले हेड कांस्टेबल सचिन, हेड कांस्टेबल पंकज और कांस्टेबल लोकेश को डीसीपी साउथ अंकित चौहान ने तुरंत इनाम देने की घोषणा की है।
अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का गहन पुनरीक्षण किया, लापरवाह कार्मिकों को नोटिस
बहरोड़। जिला निर्वाचन अधिकारी कोटपूतली-बहरोड़ के निर्देशानुसार रविवार को विधानसभा क्षेत्र बहरोड़ में नियुक्त अधिकारियों ने मतदान केंद्रों और क्षेत्र का गहन पुनरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्वाचन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी (एसडीओ) रामकिशोर मीणा ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 180 से 198 तक का निरीक्षण किया गया। पुनरीक्षण में लगे कार्मिकों को आवश्यक निर्देश देकर कार्य को गति प्रदान की गई।
अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का गहन पुनरीक्षण किया, लापरवाह कार्मिकों को नोटिस
निरीक्षण के दौरान नगरपालिका बर्डोद के मतदान केंद्रों पर स्थापित हेल्प डेस्क पर नियुक्त 4 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए, जिनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, तहसीलदार बहरोड़ राजेन्द्र मोहन ने राउमावि भगवाड़ी खुर्द के भाग संख्या 76 में बीएलओ को अनुपस्थित पाया, जिस पर 17 सीसी का नोटिस जारी किया गया। नीमराना तहसीलदार विक्रम सिंह ने भी क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति जानी। इसके अलावा तहसीलदार मांढण, नायब तहसीलदार गण्डाला और अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रों का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि पुनरीक्षण कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आगामी निर्वाचन की तैयारी पूर्णतः सुचारु रहे।
बंगाल एसटीएफ ने न्यू टाउन में कार से 5 करोड़ रुपए जब्त किए, दो गिरफ्तार
कोलकाता । पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पांच करोड़ रुपए की नकदी के साथ कार सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि यह पैसा न्यू टाउन इलाके से लाया जा रहा था। आकांक्षा क्रॉसिंग के पास कार को पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल एसटीएफ को नकदी ले जा रहे कार सवार लोगों के बारे में सूचना मिली थी। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने न्यू टाउन में आकांक्षा क्रॉसिंग के पास लक्षित वाहनों की जांच शुरू की। अभियान के दौरान, टीम ने एक कार को रोका और उसमें सवार दो लोगों से पूछताछ की। कार की गहन तलाशी में नकदी से भरे बैग मिले। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “तलाशी के बाद कार से पांच करोड़ रुपए की नकदी बरामद की गई। नकदी को जब्त किया गया है और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।” उन्होंने बताया कि धन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू हो गई है।
बंगाल एसटीएफ ने न्यू टाउन में कार से 5 करोड़ रुपए जब्त किए, दो गिरफ्तार
वहीं, बीएसएफ के जवानों ने पश्चिम बंगाल सीमा पर तस्करी के कई प्रयासों को विफल किया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि बीएसएफ की कार्रवाई के दौरान 12 किलोग्राम गांजा, 95 बोतल फेंसेडिल, 1.63 लाख रुपए मूल्य की अन्य प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा, तस्करों से 11 मवेशियों को बचाया गया। पिछले हफ्ते, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगर निगम भर्ती घोटाले से जुड़ी तलाशी के दौरान तारातला इलाके में एक व्यवसायी के घर से बड़ी रकम बरामद की थी। ईडी की टीमों ने साल्ट लेक और बेलियाघाटा समेत शहरभर में लगभग 10 स्थानों पर छापे मारे थे। अधिकारियों ने एक व्यवसायी के घर की तलाशी ली थी। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में लगातार पैसों की बरामदगी ने राज्य की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट का निर्माण कार्य पर रोक से इनकार, केंद्र से मांगा विस्तृत प्लान
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के मामले पर केंद्र सरकार से एक विस्तृत प्लान दाखिल करने को कहा है। सोमवार की सुनवाई में कोर्ट ने निर्देश दिए कि प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार लंबी अवधि की रणनीति बनाए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई, न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ इस मामले में सुनवाई कर रही है। सोमवार को पीठ ने निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक लगाने से इनकार किया और कहा कि बैन से मजदूरों की आजीविका प्रभावित होगी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि पर्यावरण और विकास का संतुलन जरूरी है। सिर्फ एक पक्ष को देखकर आदेश नहीं दे सकते हैं। वह दिल्ली में तेजी से बढ़ते प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए ‘कठोर निर्देश’ जारी करने के लिए इच्छुक नहीं है।
दिल्ली प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट का निर्माण कार्य पर रोक से इनकार, केंद्र से मांगा विस्तृत प्लान
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ये मामला अस्थायी समाधान से नहीं सुलझेगा। केंद्र को इस समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान तैयार करने होंगे। सुनवाई के दौरान पराली का विषय भी सामने आया। इस पर न्यायमित्र और वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने कहा, “जब न्यायमित्र कहते हैं कि प्रदूषण सबसे ज्यादा है, लेकिन पराली जलाने में कमी आई है, तो क्या इसके और कारण हो सकते हैं? पराली जलाने की घटनाएं कम हुईं तो प्रदूषण क्यों बढ़ा?” कोर्ट ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ-साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा सरकारों से ठोस कार्रवाई करने का आह्वान किया। इस मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी। बता दें कि पिछले कई हफ्तों से दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ी है। सोमवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 360 रहा। छह जगहों पर यह 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
करोड़ों रुपए की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, भाजपा पार्षद ने संभाला मोर्चा, ग्रामीणों के साथ उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
लालसोट । उपखंड मुख्यालय पर वार्ड संख्या 18 व 19 के बीच स्थित नगर परिषद की सरकारी भूमि (खसरा नंबर 2664, रकबा 2 बीघा 12 बिस्वा) पर प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। अनीता के खिलाफ भाजपा पार्षद सुरेश सैनी की अगुवाई में ग्रामीणों ने परिषद पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए सोमवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। भाजपा पार्षद सुरेश कुमार सैनी, दीपक कुमार शर्मा, विकास शर्मा, रवि शर्मा, गोलू सैनी, सोनू सैनी, गोविंद सैनी, महेंद्र सैनी, गोविंद कुमार सहित अनेक लोगों ने ज्ञापन में बताया कि संबंधित भूमि नगर परिषद के नाम दर्ज है तथा मास्टर प्लान में इसे ग्रीन जोन पार्क के रूप में घोषित किया गया है। इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली लोग करोड़ों रुपए मूल्य की इस भूमि पर चारदीवारी बनाकर कब्जा करने में लगे हुए हैं।
करोड़ों रुपए की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, भाजपा पार्षद ने संभाला मोर्चा, ग्रामीणों के साथ उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रेम कुमार और राजेश कुमार शर्मा ने 15 नवंबर की रात्रि को, वह भी सरकारी अवकाश के दिन, पत्थर डालकर जबरन बाउंड्री दीवार निर्माण शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि नगर परिषद को सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और केवल खानापूर्ति की गई। इससे वार्डवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। इधर, उपखंड अधिकारी विजेंद्र मीणा ने बताया कि ग्रामीणों ने पार्षद की अगुवाई में नगर परिषद की खसरा नंबर 2664 पर हो रहे अतिक्रमण की शिकायत प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद आयुक्त को मामले की समुचित जानकारी व सभी तथ्यों सहित रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए जाएंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध निर्माण हटाया जाए, अन्यथा उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा
कर्नाटक: उधार के पैसे चुकाने का झांसा दे महिला से गैंग रेप, चार गिरफ्तार
कोप्पल (कर्नाटक) । कर्नाटक के कोप्पल में उधार के 5,000 रुपए चुकाने का झांसा देकर महिला के साथ गैंगरेप किया गया। पीड़िता की शिकायत पर चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यलबुर्गा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गजेंद्रगढ़ के लक्ष्मण और बसवराज, और यलबुर्गा के मुत्तुराज और शाहीकुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक रविवार को मद्दुरा के एक जीर्ण-शीर्ण घर में वारदात को अंजाम दिया गया था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि लक्ष्मण ने उसे 5 हजार रुपए चुकाने के नाम पर कुष्टुगी बुलाया। वहां उसे बाइक पर बिठा कर ले गया फिर जूस पिलाया जिसमें कुछ नशीला पदार्थ मिला था। बाद में उसने अपने दूसरे साथियों संग मिलकर उसका रेप किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(20), 70, 351(2), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है। कुछ हफ्ते पहले भी गैंगरेप की वारदात कर्नाटक से रिपोर्ट हुई थी। 23 अक्टूबर को 30 वर्षीय महिला के साथ तीन लोगों ने ज्यादती की थी। पीड़ित महिला पश्चिम बंगाल की मूल निवासी थी और बेंगलुरू में रहती थी। वारदात के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
कर्नाटक: उधार के पैसे चुकाने का झांसा दे महिला से गैंग रेप, चार गिरफ्तार
महिला की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक सीके बाबा ने जांच की कमान अपने हाथ में ली थी। मौका-ए-वारदात से साक्ष्य जुटा कर रात भर चले अभियान के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने बताया था कि तीनों आरोपियों ने महिला के घर पर धावा बोल रुपए और बहुमूल्य सामान उन्हें सौंपने को कहा था। महिला का मोबाइल फोन और 25 हजार कैश लूट लिए थे। तीन लोगों ने उसका रेप किया, जबकि चौथा शख्स गार्ड की तरह खड़ा रहा। इससे पहले मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला के साथ भी गैंगरेप की वारदात सामने आई थी। इस पूरी वारदात की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। इसका पता 9 अगस्त को चल पाया था, जब पीड़ित के भाई ने हसन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में महिला के भाई ने बताया था कि उसे मोबाइल पर एक क्लिप मिली थी जिसमें बहन के साथ दरिंदगी होती देख उसे घटना का पता चला था।
नसोपुर में 22 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत: युवक पर मानसिक प्रताड़ना व उकसाकर हत्या का आरोप
अलवर। बगड़ तिराया थाना क्षेत्र के ग्राम नसोपुर में शनिवार देर शाम एक 22 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका आयशा ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ सेवन किया, जिसके बाद उसकी स्थिति बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आयशा की मौत के लिए साबिर नाम के युवक को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के भाई खालिद ने बताया कि आयशा की पहली शादी वर्ष 2020 में हरियाणा के दोबा निवासी आलिम से हुई थी, लेकिन वैवाहिक संबंधों में विवाद के चलते दो साल बाद दोनों का तलाक हो गया। बाद में परिवार ने उसकी दूसरी शादी टॉफीक नाम के युवक से कराई, लेकिन यह रिश्ता भी एक साल के अंदर टूट गया।
नसोपुर में 22 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत: युवक पर मानसिक प्रताड़ना व उकसाकर हत्या का आरोप
इसके बाद आयशा अपने पियर आकर रहने लगी। घर लौटने के बाद आयशा पिछले तीन महीने से साबिर नाम के युवक से बातचीत कर रही थी। परिजनों का आरोप है कि साबिर ने आयशा से करीब 40 हजार रुपये उधार लिए थे और जब आयशा पैसे मांगती थी तो वह उसे मानसिक तौर पर प्रताड़ित करता था। आरोप यह भी है कि युवक ने उसे इतना दबाव में रखा कि उसने जहर खाकर जान देने जैसा कदम उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया। बगड़ तिराया थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल मामले को संदिग्ध मानते हुए सभी पहलुओं से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच से ही मौत के कारणों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।