अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का गहन पुनरीक्षण किया, लापरवाह कार्मिकों को नोटिस
बहरोड़। जिला निर्वाचन अधिकारी कोटपूतली-बहरोड़ के निर्देशानुसार रविवार को विधानसभा क्षेत्र बहरोड़ में नियुक्त अधिकारियों ने मतदान केंद्रों और क्षेत्र का गहन पुनरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्वाचन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी (एसडीओ) रामकिशोर मीणा ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 180 से 198 तक का निरीक्षण किया गया। पुनरीक्षण में लगे कार्मिकों को आवश्यक निर्देश देकर कार्य को गति प्रदान की गई।
अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का गहन पुनरीक्षण किया, लापरवाह कार्मिकों को नोटिस
निरीक्षण के दौरान नगरपालिका बर्डोद के मतदान केंद्रों पर स्थापित हेल्प डेस्क पर नियुक्त 4 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए, जिनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, तहसीलदार बहरोड़ राजेन्द्र मोहन ने राउमावि भगवाड़ी खुर्द के भाग संख्या 76 में बीएलओ को अनुपस्थित पाया, जिस पर 17 सीसी का नोटिस जारी किया गया। नीमराना तहसीलदार विक्रम सिंह ने भी क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति जानी। इसके अलावा तहसीलदार मांढण, नायब तहसीलदार गण्डाला और अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रों का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि पुनरीक्षण कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आगामी निर्वाचन की तैयारी पूर्णतः सुचारु रहे।
बंगाल एसटीएफ ने न्यू टाउन में कार से 5 करोड़ रुपए जब्त किए, दो गिरफ्तार
कोलकाता । पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पांच करोड़ रुपए की नकदी के साथ कार सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि यह पैसा न्यू टाउन इलाके से लाया जा रहा था। आकांक्षा क्रॉसिंग के पास कार को पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल एसटीएफ को नकदी ले जा रहे कार सवार लोगों के बारे में सूचना मिली थी। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने न्यू टाउन में आकांक्षा क्रॉसिंग के पास लक्षित वाहनों की जांच शुरू की। अभियान के दौरान, टीम ने एक कार को रोका और उसमें सवार दो लोगों से पूछताछ की। कार की गहन तलाशी में नकदी से भरे बैग मिले। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “तलाशी के बाद कार से पांच करोड़ रुपए की नकदी बरामद की गई। नकदी को जब्त किया गया है और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।” उन्होंने बताया कि धन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू हो गई है।
बंगाल एसटीएफ ने न्यू टाउन में कार से 5 करोड़ रुपए जब्त किए, दो गिरफ्तार
वहीं, बीएसएफ के जवानों ने पश्चिम बंगाल सीमा पर तस्करी के कई प्रयासों को विफल किया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि बीएसएफ की कार्रवाई के दौरान 12 किलोग्राम गांजा, 95 बोतल फेंसेडिल, 1.63 लाख रुपए मूल्य की अन्य प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा, तस्करों से 11 मवेशियों को बचाया गया। पिछले हफ्ते, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगर निगम भर्ती घोटाले से जुड़ी तलाशी के दौरान तारातला इलाके में एक व्यवसायी के घर से बड़ी रकम बरामद की थी। ईडी की टीमों ने साल्ट लेक और बेलियाघाटा समेत शहरभर में लगभग 10 स्थानों पर छापे मारे थे। अधिकारियों ने एक व्यवसायी के घर की तलाशी ली थी। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में लगातार पैसों की बरामदगी ने राज्य की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट का निर्माण कार्य पर रोक से इनकार, केंद्र से मांगा विस्तृत प्लान
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के मामले पर केंद्र सरकार से एक विस्तृत प्लान दाखिल करने को कहा है। सोमवार की सुनवाई में कोर्ट ने निर्देश दिए कि प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार लंबी अवधि की रणनीति बनाए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई, न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ इस मामले में सुनवाई कर रही है। सोमवार को पीठ ने निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक लगाने से इनकार किया और कहा कि बैन से मजदूरों की आजीविका प्रभावित होगी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि पर्यावरण और विकास का संतुलन जरूरी है। सिर्फ एक पक्ष को देखकर आदेश नहीं दे सकते हैं। वह दिल्ली में तेजी से बढ़ते प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए ‘कठोर निर्देश’ जारी करने के लिए इच्छुक नहीं है।
दिल्ली प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट का निर्माण कार्य पर रोक से इनकार, केंद्र से मांगा विस्तृत प्लान
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ये मामला अस्थायी समाधान से नहीं सुलझेगा। केंद्र को इस समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान तैयार करने होंगे। सुनवाई के दौरान पराली का विषय भी सामने आया। इस पर न्यायमित्र और वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने कहा, “जब न्यायमित्र कहते हैं कि प्रदूषण सबसे ज्यादा है, लेकिन पराली जलाने में कमी आई है, तो क्या इसके और कारण हो सकते हैं? पराली जलाने की घटनाएं कम हुईं तो प्रदूषण क्यों बढ़ा?” कोर्ट ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ-साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा सरकारों से ठोस कार्रवाई करने का आह्वान किया। इस मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी। बता दें कि पिछले कई हफ्तों से दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ी है। सोमवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 360 रहा। छह जगहों पर यह 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
करोड़ों रुपए की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, भाजपा पार्षद ने संभाला मोर्चा, ग्रामीणों के साथ उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
लालसोट । उपखंड मुख्यालय पर वार्ड संख्या 18 व 19 के बीच स्थित नगर परिषद की सरकारी भूमि (खसरा नंबर 2664, रकबा 2 बीघा 12 बिस्वा) पर प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। अनीता के खिलाफ भाजपा पार्षद सुरेश सैनी की अगुवाई में ग्रामीणों ने परिषद पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए सोमवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। भाजपा पार्षद सुरेश कुमार सैनी, दीपक कुमार शर्मा, विकास शर्मा, रवि शर्मा, गोलू सैनी, सोनू सैनी, गोविंद सैनी, महेंद्र सैनी, गोविंद कुमार सहित अनेक लोगों ने ज्ञापन में बताया कि संबंधित भूमि नगर परिषद के नाम दर्ज है तथा मास्टर प्लान में इसे ग्रीन जोन पार्क के रूप में घोषित किया गया है। इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली लोग करोड़ों रुपए मूल्य की इस भूमि पर चारदीवारी बनाकर कब्जा करने में लगे हुए हैं।
करोड़ों रुपए की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, भाजपा पार्षद ने संभाला मोर्चा, ग्रामीणों के साथ उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रेम कुमार और राजेश कुमार शर्मा ने 15 नवंबर की रात्रि को, वह भी सरकारी अवकाश के दिन, पत्थर डालकर जबरन बाउंड्री दीवार निर्माण शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि नगर परिषद को सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और केवल खानापूर्ति की गई। इससे वार्डवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। इधर, उपखंड अधिकारी विजेंद्र मीणा ने बताया कि ग्रामीणों ने पार्षद की अगुवाई में नगर परिषद की खसरा नंबर 2664 पर हो रहे अतिक्रमण की शिकायत प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद आयुक्त को मामले की समुचित जानकारी व सभी तथ्यों सहित रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए जाएंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध निर्माण हटाया जाए, अन्यथा उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा
कर्नाटक: उधार के पैसे चुकाने का झांसा दे महिला से गैंग रेप, चार गिरफ्तार
कोप्पल (कर्नाटक) । कर्नाटक के कोप्पल में उधार के 5,000 रुपए चुकाने का झांसा देकर महिला के साथ गैंगरेप किया गया। पीड़िता की शिकायत पर चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यलबुर्गा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गजेंद्रगढ़ के लक्ष्मण और बसवराज, और यलबुर्गा के मुत्तुराज और शाहीकुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक रविवार को मद्दुरा के एक जीर्ण-शीर्ण घर में वारदात को अंजाम दिया गया था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि लक्ष्मण ने उसे 5 हजार रुपए चुकाने के नाम पर कुष्टुगी बुलाया। वहां उसे बाइक पर बिठा कर ले गया फिर जूस पिलाया जिसमें कुछ नशीला पदार्थ मिला था। बाद में उसने अपने दूसरे साथियों संग मिलकर उसका रेप किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(20), 70, 351(2), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है। कुछ हफ्ते पहले भी गैंगरेप की वारदात कर्नाटक से रिपोर्ट हुई थी। 23 अक्टूबर को 30 वर्षीय महिला के साथ तीन लोगों ने ज्यादती की थी। पीड़ित महिला पश्चिम बंगाल की मूल निवासी थी और बेंगलुरू में रहती थी। वारदात के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
कर्नाटक: उधार के पैसे चुकाने का झांसा दे महिला से गैंग रेप, चार गिरफ्तार
महिला की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक सीके बाबा ने जांच की कमान अपने हाथ में ली थी। मौका-ए-वारदात से साक्ष्य जुटा कर रात भर चले अभियान के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने बताया था कि तीनों आरोपियों ने महिला के घर पर धावा बोल रुपए और बहुमूल्य सामान उन्हें सौंपने को कहा था। महिला का मोबाइल फोन और 25 हजार कैश लूट लिए थे। तीन लोगों ने उसका रेप किया, जबकि चौथा शख्स गार्ड की तरह खड़ा रहा। इससे पहले मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला के साथ भी गैंगरेप की वारदात सामने आई थी। इस पूरी वारदात की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। इसका पता 9 अगस्त को चल पाया था, जब पीड़ित के भाई ने हसन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में महिला के भाई ने बताया था कि उसे मोबाइल पर एक क्लिप मिली थी जिसमें बहन के साथ दरिंदगी होती देख उसे घटना का पता चला था।
नसोपुर में 22 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत: युवक पर मानसिक प्रताड़ना व उकसाकर हत्या का आरोप
अलवर। बगड़ तिराया थाना क्षेत्र के ग्राम नसोपुर में शनिवार देर शाम एक 22 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका आयशा ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ सेवन किया, जिसके बाद उसकी स्थिति बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आयशा की मौत के लिए साबिर नाम के युवक को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के भाई खालिद ने बताया कि आयशा की पहली शादी वर्ष 2020 में हरियाणा के दोबा निवासी आलिम से हुई थी, लेकिन वैवाहिक संबंधों में विवाद के चलते दो साल बाद दोनों का तलाक हो गया। बाद में परिवार ने उसकी दूसरी शादी टॉफीक नाम के युवक से कराई, लेकिन यह रिश्ता भी एक साल के अंदर टूट गया।
नसोपुर में 22 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत: युवक पर मानसिक प्रताड़ना व उकसाकर हत्या का आरोप
इसके बाद आयशा अपने पियर आकर रहने लगी। घर लौटने के बाद आयशा पिछले तीन महीने से साबिर नाम के युवक से बातचीत कर रही थी। परिजनों का आरोप है कि साबिर ने आयशा से करीब 40 हजार रुपये उधार लिए थे और जब आयशा पैसे मांगती थी तो वह उसे मानसिक तौर पर प्रताड़ित करता था। आरोप यह भी है कि युवक ने उसे इतना दबाव में रखा कि उसने जहर खाकर जान देने जैसा कदम उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया। बगड़ तिराया थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल मामले को संदिग्ध मानते हुए सभी पहलुओं से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच से ही मौत के कारणों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
पत्नी के अलग होने से मानसिक तनाव में युवक ने फांसी लगाकर दी जान
अलवर। शहर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित पंडित कॉलोनी में रविवार को एक घटना सामने आई, जहां 38 वर्षीय राजेश कुमार पुत्र किशनलाल निवासी जाडला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही उद्योग नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। थाने के एएसआई मदनलाल ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि मृतक राजेश की पत्नी करीब तीन महीने पहले उसे छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। पत्नी के अलग होने के कारण राजेश अंदर ही अंदर टूट गया था और लगातार तनाव में रहने लगा था।
पत्नी के अलग होने से मानसिक तनाव में युवक ने फांसी लगाकर दी जान
इसी तनाव के चलते उसने शराब पीना शुरू कर दिया था और धीरे-धीरे वह शराब का आदी हो चुका था। परिजनों और परिचितों के अनुसार राजेश कुछ समय से काफी परेशान चल रहा था और अकेलेपन में ज्यादा रहता था। रविवार को राजेश ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर अपने जीवन का अंत कर लिया। घटना का पता लगते ही आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मृतक को नीचे उतरवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए राजीव गांधी जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
किशनगढ़ बास के मूसाखेडा में महिला ने 9 माह की बेटी का गला घोटकर हत्या की
किशनगढ़ बास। खैरथल तिजारा जिले के किशनगढ़ बास पुलिस थाना क्षेत्र के गांव मुसाखेडा में दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है। मामला है कि मां ने अपनी ही नौ महीने की दूघ पीतीं मासूम बेटी का गला दबाकर के हत्या कर दी है। मासूम बच्ची के दादा आजाद खान ने पुलिस को लिखित में शिकायत देकर पुत्रवधू रूनीजा पर पोती का गला दबा करके हत्या कर देने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं महिला पर यह भी आरोप है कि उसने तीन दिन पहले ही चारे में भैंसों को जहर दिया था जिससे भैंस मर गई थी वहीं इससे पूर्व में महिला घर में भी आग लगा चूंकि है। रविवार को पुलिस की निगरानी में किशनगढ़ बास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर घटना की गम्भीरता को देखते हुए मासूम बच्ची का मैडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराया गया। जानकारी के अनुसार महिला रूनीजा किशनगढ़ बास पुलिस थाना क्षेत्र के गांव बाघौर की बेटी है और तीन साल पहले 2022 में मुसाखेडा में शादी होकर आई थी। महिला ने नौ महीने पहले ही इस मासूम बच्ची को जन्म दिया था। उस नौ माह की मासूम बच्ची को क्या मालूम था कि जिस मां ने नौ माह पहले जन्म दिया आज वही मां गला दबा कर मुझे खत्म कर देंगी।
किशनगढ़ बास के मूसाखेडा में महिला ने 9 माह की बेटी का गला घोटकर हत्या की
महिला का पति और मासूम बच्ची का पिता कैफ मौहम्मद किशनगढ़ बास में हलवाई की दुकान पर काम करता है। मूसाखेडा के आजाद पुत्र नसरूदीन ने पुलिस को लिखित रिपोर्ट में बताया कि शनिवार रात करीब 9.30 पर रूनीजा अपने कमरे में बच्ची के साथ सौ रही थी, तभी कुछ अंदर से आवाज सी आई तो तभी मैंने कमरे का गेट खोलकर देखा तो मेरी पुत्र वधु रूनीजा अपनी मासूम बच्ची अक्सा का गला घोट रही थी जब तक मैं पहुंचा तो उसने बच्ची का गला घोटकर उसको मार दिया। मैंने तुरंत बच्ची को उठाकर उसके मुंह में श्वास भरी और उसकी छाती भी हल्की हल्की दबाई मगर तब तक बच्ची के प्राण निकल चुके थे। बेटे कैफ मौहम्मद जो किशनगढ़ बास में काम करता है उसे सूचना दी तो वह रात 10 बजे घर पहुंचा तो उसे घटना बताई।
घर में हल्ला होने पर आवाज सुनकर गांव बस्ती के लोग इकट्ठा हो गए और कहने लगे की लड़की के पीयर वालों को खबर करो तो हमने उनको खबर दी तो उन्होंने कहा कि हम सुबह गांव में आकर ही बातचीत करेंगे। सुबह तक उनके आने की इंतजार करते रहे लेकिन वह बीच रास्ते ही वापस लौट गए और घर नहीं आए। आजाद खा ने बताया है कि रूनीजा 13 11 2025 को भैंसों को चारे में जहर मिलाकर खिला चुकी है जिससे भैंस मर गई। इससे पहले भी रूनीजा ने घर में ही आग लगा दी थी। थानाधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि महिला के ससूर आजाद पुत्र नसरूदीन ने अपनी पुत्रवधू रूनीजा के खिलाफ पोती का गला घोटकर मारने की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने बच्ची का मैडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर बच्ची परिजनों को सौंप कर मामले की जांच कर रही है। अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान दोनों पक्षों के युवकों के बीच नोंकझोंक होने पर पुलिस ने युवकों को हिरासत में लेकर समझाइश कर विवाद को शान्त किया।
कर्नाटक : बेंगलुरु में डिजिटल गिरफ्तारी में फंसे शख्स से 32 करोड़ की ठगी, साइबर अपराध का नया तरीका उजागर
बेंगलुरु । कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति को डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर डराया-धमकाया गया और उससे करीब 32 करोड़ रुपए ठग लिए गए। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह ठगी 15 सितंबर 2024 से शुरू हुई और कई महीनों तक चली। ठगों ने सीबीआई, साइबर क्राइम और आरबीआई का नाम लेकर पीड़ित को घर में कैदी बना दिया। 15 सितंबर की सुबह 11 बजे पीड़ित के फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाला खुद को डीएचएल कंपनी का कर्मचारी बता रहा था। उसने कहा, “आपने मुंबई के अंधेरी डीएचएल सेंटर से एक पैकेज बुक किया है। पैकेज में 3 क्रेडिट कार्ड, 4 पासपोर्ट और ड्रग्स (एमडीएमए) मिले हैं।” पीड़ित ने कहा, “मैं मुंबई गया ही नहीं, मैं तो बेंगलुरु में रहता हूं।” ठग ने जवाब दिया, “यह साइबर क्राइम है। आपका नाम, पता और फोन नंबर इस्तेमाल हुआ है।” फिर बिना कुछ कहे, कॉल को सीबीआई के नाम से किसी और को ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई बताने वाले व्यक्ति ने धमकाया, “सबूत आपके खिलाफ हैं। आप जिम्मेदार हैं। अगर आपने लोकल पुलिस को बताया या वकील से मदद ली, तो आपकी जान को खतरा है। अपराधी आपके घर की निगरानी कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “परिवार को कुछ मत बताना, वरना उन्हें भी फंसाया जाएगा।” पीड़ित के बेटे की शादी तय थी, इसलिए वह डर गया और किसी को कुछ नहीं बताया। ठगों ने स्काइप ऐप डाउनलोड करने को कहा। एक व्यक्ति मोहित हांडा बनकर आया। उसने कहा, “कैमरा ऑन रखो, आप घर में नजरबंद हैं।” दो दिन तक पीड़ित पर नजर रखी गई। फिर प्रदीप सिंह नाम के कथित सीबीआई अधिकारी से वीडियो कॉल पर मिलवाया गया। प्रदीप सिंह ने अच्छा व्यवहार दिखाया, लेकिन डराया भी। फिर राहुल यादव नाम का एक और व्यक्ति आया, जो हफ्ते भर स्काइप पर नजर रखता रहा।
कर्नाटक : बेंगलुरु में डिजिटल गिरफ्तारी में फंसे शख्स से 32 करोड़ की ठगी, साइबर अपराध का नया तरीका उजागर
पीड़ित डर की वजह से घर से बाहर नहीं निकला और काम भी घर से किया। 23 सितंबर को होटल में वीडियो कॉल करवाया गया। ठगों को पीड़ित की लोकेशन और फोन की हर कॉल की जानकारी थी। इससे वह और डर गया। फिर कहा गया, “आपकी बेगुनाही साबित करने के लिए आरबीआई से संपत्ति की जांच करानी होगी।” उन्होंने साइबर क्राइम के नितिन पटेल के हस्ताक्षर वाले नकली पत्र दिखाए। पीड़ित से कहा गया कि अपनी सारी संपत्ति की लिस्ट दो। बैंक खातों से नाम हटाने के लिए 90 प्रतिशत पैसा जमा करो। 24 सितंबर से 22 अक्टूबर तक पीड़ित ने अपनी सारी संपत्ति की जानकारी दे दी। फिर 2 करोड़ की जमानत मांगी गई, जो 24 अक्टूबर से 3 नवंबर तक जमा कर दी गई। इसके बाद 2.4 करोड़ का टैक्स मांगा गया, जो 18 नवंबर 2024 तक दे दिया गया। इस तरह कुल 32 करोड़ रुपये की ठगी हुई। 1 दिसंबर 2024 को कथित क्लियरेंस लेटर मिला। पीड़ित के बेटे की सगाई 6 दिसंबर को हुई। लेकिन ठगी के डर और तनाव से पीड़ित बीमार पड़ गया। एक महीने से ज्यादा समय तक बिस्तर पड़ा रहा। डॉक्टरों ने मानसिक और शारीरिक इलाज किया। इस दौरान भी स्काइप पर अपडेट देना पड़ता था। ठगों ने कहा, “25 फरवरी 2025 तक सारे पैसे वापस मिलेंगे।” लेकिन बाद में फिर टैक्स मांगने लगे। अंत में पीड़ित को शक हुआ। उसने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि यह डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का नया तरीका है। ठग विदेशी नंबर, स्काइप और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हैं। पुलिस ने चेतावनी दी कि कोई अज्ञात कॉल पर डरें नहीं। सीबीआई या पुलिस कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती। परिवार या पुलिस को तुरंत बताएं।
दिल्ली : द्वारका में कुख्यात साइकिल चोर गिरफ्तार, 16 चोरी की साइकिल बरामद
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की द्वारका दक्षिण थाना टीम ने एक बड़े सफल अभियान में कुख्यात साइकिल चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 16 चोरी की साइकिल बरामद की गईं, जिससे क्षेत्र में हुई चोरी की छह घटनाओं का खुलासा हुआ। मामले की शुरुआत द्वारका दक्षिण क्षेत्र में साइकिल चोरी की बढ़ती शिकायतों से हुई, जहां कई लोगों ने साइकिल चोरी की शिकायत की। एसीपी द्वारका किशोर कुमार रेवाला के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह (एसएचओ, द्वारका दक्षिण) ने एक विशेष टीम गठित की। टीम में हेड कांस्टेबल सुधीर कुमार (987/डीडब्ल्यू), मनोज कुमार (828/डीडब्ल्यू), गजे सिंह (1030/डीडब्ल्यू), सुरेंद्र (764/डीडब्ल्यू) और कांस्टेबल तुषार यादव (1803/डीडब्ल्यू) शामिल थे। टीम ने आसपास के इलाकों में लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया गया और तकनीकी व मैनुअल खुफिया जानकारी एकत्र की गई। 28 अक्टूबर 2025 को शाम करीब 7 बजे हेड कांस्टेबल मनोज कुमार को गुप्त सूचना मिली कि चोर कुछ ही मिनटों में डीडीए पार्क या भैंस वाला पार्क के पास आएगा। टीम ने तुरंत भैंस वाला पार्क के पास घेराबंदी की।
दिल्ली : द्वारका में कुख्यात साइकिल चोर गिरफ्तार, 16 चोरी की साइकिल बरामद
कुछ देर बाद गणपति चौक की ओर से एक व्यक्ति साइकिल चलाते हुए आता दिखा। वह संदिग्ध लगा। पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपी साइकिल छोड़कर सेक्टर 7 के डीडीए पार्क की ओर भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया और उसे दबोच लिया। शुरुआती जांच में पता चला कि साइकिल ई-एफआईआर 80101951/2025 (धारा 303(2) बीएनएस, थाना द्वारका दक्षिण) के तहत चोरी की थी। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने यह साइकिल रामफल चौक रोड, इंस्टाइल सैलून, सेक्टर 7 के सामने से चुराई थी। आगे की पूछताछ में उसने अन्य चोरियों की बात स्वीकारी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 15 और साइकिल बरामद कीं। अब तक कुल 16 साइकिल बरामद हुई है। आरोपी की पहचान अमरीश तिवारी, पुत्र सतीश तिवारी, निवासी नन्हे पार्क, मटियाला, दिल्ली (स्थायी पता: गांव बरदाद, थाना मिश्रोलिया, जिला गोरखपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। उसके खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उपायुक्त द्वारका जिला अंकित सिंह (आईपीएस) ने टीम की प्रशंसा की और कहा कि यह कार्रवाई पुलिस की जिम्मेदारी, मेहनत और कुशलता का प्रतीक है।