मुंबई : ड्रग्स तस्करी मामले में दंपति गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ बरामद

मुंबई : ड्रग्स तस्करी मामले में दंपति गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ बरामद

मुंबई : ड्रग्स तस्करी मामले में दंपति गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ बरामद
मुंबई : ड्रग्स तस्करी मामले में दंपति गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ बरामद

मुंबई। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक सेल की कांदिवली यूनिट ने ड्रग्स तस्करी के आरोप में एक दंपति को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच ने उनके पास से 500 ग्राम हेरोइन बरामद किया, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 2 करोड़ रुपए बताई जा रही है। क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि उन्हें गुप्त जानकारी मिली थी कि कांदिवली इलाके में दो लोग ड्रग्स सप्लाई करने आने वाले हैं। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस को कुछ ही देर बाद महिला समेत दो संदिग्ध दिखाई दिए। क्राइम ब्रांच ने इन्हें पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर उनकी तलाशी ली। इस दौरान उनके पास से हेरोइन बरामद की गई। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मीरा रोड इलाके के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी पति-पत्नी घर में ही ड्रग्स बनाने का काम करते थे और उसके बाद इन्हें सप्लाई करते थे।

मुंबई : ड्रग्स तस्करी मामले में दंपति गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ बरामद
मुंबई : ड्रग्स तस्करी मामले में दंपति गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ बरामद


क्राइम ब्रांच ने बताया कि दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें चार दिनों के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिर यह ड्रग्स किसे सप्लाई करते थे और कहां से ला रहे थे।
ऐसा ही मामला गुजरात से भी सामने आया। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने वडाज से एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है और 35.77 लाख रुपए कीमत का मेफेड्रोन जब्त किया है।
अधिकारियों ने बताया कि क्राइम ब्रांच को पक्की जानकारी मिली थी कि राजस्थान के रहने वाले कमलेश बिश्नोई और उनकी पत्नी राजेश्वरी, जो वडाज में अखबार नगर सर्कल के पास खाट कॉलोनी में रहते थे, अपने घर से नशीले पदार्थ जमा कर रहे थे और बांट रहे थे।

झारखंड: पलामू में सुपारी किलिंग की साजिश पुलिस ने की नाकाम, शिक्षक सहित चार गिरफ्तार

झारखंड: पलामू में सुपारी किलिंग की साजिश पुलिस ने की नाकाम, शिक्षक सहित चार गिरफ्तार

झारखंड: पलामू में सुपारी किलिंग की साजिश पुलिस ने की नाकाम, शिक्षक सहित चार गिरफ्तार
झारखंड: पलामू में सुपारी किलिंग की साजिश पुलिस ने की नाकाम, शिक्षक सहित चार गिरफ्तार

पलामू। झारखंड के पलामू जिले की पुलिस ने सुपारी किलिंग की साजिश को विफल करते हुए एक स्कूली शिक्षक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार शिक्षक एक रसोइया के पति की हत्या करवाने की योजना बना रहा था। पलामू की एसपी रिष्मा रमेशन ने बताया कि छतरपुर थाना क्षेत्र के सिलदिली कुंडौली निवासी शिक्षक सत्यदेव विश्वकर्मा पर आरोप है कि वह स्कूल की रसोइया पर अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था। रसोइया ने यह बात पति को बताई तो दोनों पक्षों में बहस हुई थी। इसके बाद शिक्षक ने रसोइया के पति की हत्या की योजना बनाई और सुपारी के रूप में अपराधियों को 40 हजार रुपए की पेशकश की। सत्यदेव विश्वकर्मा ने हत्या को अंजाम देने के लिए राजवंश परहिया, राजू साव और मंटू कुमार परहिया को साथ लिया था। जानकारी मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए

झारखंड: पलामू में सुपारी किलिंग की साजिश पुलिस ने की नाकाम, शिक्षक सहित चार गिरफ्तार
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चारों को उस समय दबोच लिया, जब वे वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और दो चाकू बरामद किए।
पुलिस ने बताया कि योजना के तहत शूटर राजवंश परहिया को गोली चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि अन्य आरोपी चाकू से हमला करने वाले थे। एसपी ने यह भी जानकारी दी कि सत्यदेव विश्वकर्मा स्वयं को डॉक्टर बताकर इलाज करता था और इसी दौरान उसकी पहचान शूटर राजवंश परहिया से हुई थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि राजवंश परहिया पहले भी डकैती के मामले में जेल जा चुका है। पूरे मामले का खुलासा छतरपुर एसडीपीओ अवध कुमार यादव के नेतृत्व में हुआ। कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद, एसआई सुशील उरांव, अनिल कुमार रजक, राहुल कुमार सहित कई पदाधिकारी शामिल थे।

सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद गिरफ्तार

सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद गिरफ्तार

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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले की पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा ड्रग माफिया एवं कफ सिरप तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में यह बड़ी गिरफ्तारी की गई है। यह महत्‍वपूर्ण सफलता पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा द्वारा विशेष अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में गठित सोनभद्र पुलिस, एसआईटी व एसओजी टीम सोनभद्र ने प्राप्त की है। टीम द्वारा कोलकाता से कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह विदेश भागने की फिराक में था। भोला वाराणसी के आदमपुर का रहने वाला है। गिरफ्तारी के उपरांत पुलिस द्वारा कोलकाता में ट्रांजिट रिमांड के लिए न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है,

सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद गिरफ्तार
सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद गिरफ्तार

जिसके क्रम में अभियुक्त को ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया जाएगा। बता दें कि इसी साल 18 अक्‍टूबर को जनपद सोनभद्र में चेकिंग के दौरान दो कंटेनरों से 1,19,675 कफ सिरप की शीशियां बरामद की गई थीं। इसके अतिरिक्त, आरोपी बृज मोहन और शिवहरि की सूचना के आधार पर सोनभद्र पुलिस ने गाजियाबाद में संयुक्त कार्रवाई कर चार ट्रकों से भारी मात्रा में कफ सिरप और 20 लाख रुपए फंडिंग की नकदी बरामद की थी।
जांच से स्पष्ट हुआ कि भोला प्रसाद जायसवाल द्वारा मेसर्स शैली ट्रेडर्स, रांची (झारखंड) के माध्यम से बड़े पैमाने पर कफ सिरप की नकली बिलिंग कर विभिन्न जनपदों में अवैध वितरण किया जा रहा था। एसआईटी जांच में जनपद भदोही, चंदौली, वाराणसी व सोनभद्र में लगभग 25 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ, जिनमें से अधिकांश फर्में धरातल पर अस्तित्वहीन पाई गईं। संलिप्त खातों को फ्रीज कराया गया है। 29 नवंबर को ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्य द्वारा थाना रॉबर्ट्सगंज पर भारतीय न्याय संहिता तथा कई धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया। आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर जिले में वांछित था।

केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप

केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप

केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप
केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप

तिरुवनंतपुरम। केरल में यौन शोषण के मामले में गृह विभाग ने रविवार को वडकारा के डिप्टी एसपी उमेश को निलंबित कर दिया। पलक्कड़ में चेरपुलस्सेरी पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर बीनू थॉमस (52) ने 32 पन्नों के सुसाइड नोट में महिला के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था। राज्य पुलिस प्रमुख रवादा ए. चंद्रशेखर द्वारा गृह विभाग को एक विशेष रिपोर्ट सौंपे जाने के एक दिन बाद सरकार ने यह कार्रवाई की, जिसमें उमेश की अनैतिक, अवैध और अनुशासनहीन गतिविधियों का उल्लेख किया गया था। गृह विभाग ने इस रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए डिप्टी एसपी को तत्काल निलंबित कर दिया। दरअसल 24 अप्रैल, 2014 को वडक्कनचेरी पुलिस स्टेशन के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर और एसएचओ बीनू ने एक छापेमारी की थी, जिसके बाद तस्करी के आरोप में एक महिला और चार पुरुषों को हिरासत में लिया गया था। उस समय सर्किल इंस्पेक्टर रहे उमेश ने कथित तौर पर आरोपियों से रिश्वत ली और यह सुनिश्चित किया कि कोई मामला दर्ज न हो। उस रात उमेश और बीनू महिला के घर गए, जहां उसे कथित तौर पर धमकाया गया और उसका यौन शोषण किया गया।
बीनू ने अपने सुसाइड नोट में उमेश को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया। उसने बताया कि उमेश ने उस रात और दो दिन बाद फिर से महिला का यौन उत्पीड़न किया। बीनू ने स्वीकार किया कि बाद में फोन पर लंबी बातचीत के बाद वह महिला के साथ रिलेशनशिप में आ गया था।

केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप
केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप

महिला का बयान दर्ज करने वाले पलक्कड़ जिला पुलिस प्रमुख अजीत कुमार ने कहा कि पुलिस मुख्यालय को एक सख्त रिपोर्ट भेज दी गई है।
सूत्रों ने बताया कि दक्षिणी जिले में रहने वाली महिला ने सुसाइड नोट में लिखी घटनाओं की पुष्टि की और संकेत दिया कि उमेश का कथित दुर्व्यवहार बीनू द्वारा लिखे गए बयान से कहीं ज्यादा था। 15 नवंबर को बीनू को पुलिस क्वार्टर में मृत पाया गया था, तो उनकी मौत का कारण व्यक्तिगत समस्याएं बताई गई थीं। हालांकि पुलिस ने जांच के दौरान उनका सुसाइड नोट और फोन बरामद कर लिए थे, लेकिन सुसाइड नोट के तीन पन्ने मीडिया में लीक होने के बाद ही जांच में तेजी आई।
सूत्रों के अनुसार उमेश ने महिला के साथ बीनू की बढ़ती भावनात्मक नजदीकियों का विरोध किया था और यहां तक कि बीनू की पत्नी को भी इसकी जानकारी दी थी, जिससे अधिकारी की परेशानी और बढ़ गई थी। सुसाइड नोट लीक होने के बाद उमेश के खिलाफ प्रारंभिक अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई।
अजीत कुमार ने कहा कि निलंबित डीएसपी से अब मौखिक पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उमेश के खिलाफ अभी तक यौन उत्पीड़न या आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सरकार निलंबित डीएसपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के लिए जल्द ही मंजूरी दे सकती है।

बिहार : बक्सर में साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, 18 अपराधी गिरफ्तार

बिहार : बक्सर में साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, 18 अपराधी गिरफ्तार

बिहार : बक्सर में साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, 18 अपराधी गिरफ्तार
बिहार : बक्सर में साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, 18 अपराधी गिरफ्तार

बक्सर। बिहार के बक्सर के नगर थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस ने एक साइबर फ्रॉड के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में 18 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया गया कि इस गिरोह के लोगों के कई जिलों में तार जुड़े हुए हैं। पुलिस अब अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी कर रही है। बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने बताया कि नगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पीपी रोड के आईसीआईसीआई बैंक के पीछे एक घर में कई युवक किराए के घर से ऑनलाइन ठगी का काम कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने वहां छापेमारी की और 18 युवकों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि यहां से पुलिस ने मौके पर से 64 मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के नौ पासबुक और 82 एटीएम कार्ड, विभिन्न कंपनियों के 25 सिम कार्ड सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं।

बिहार : बक्सर में साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, 18 अपराधी गिरफ्तार
बिहार : बक्सर में साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, 18 अपराधी गिरफ्तार

उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि इन गैजेट्स का इस्तेमाल साइबर ठगी, कॉलिंग फ्रॉड और ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए किया जाता था। गिरफ्तार किए गए युवक बिहार और झारखंड के अलावा कई अन्य राज्यों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि छापेमारी के बाद पुलिस की एक टीम सभी गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है। दावा किया जा रहा है कि यह गिरोह बड़ा है और इनके तार बिहार के अन्य जिलों के अलावा अन्य राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं। आरोप है कि इस गिरोह का संचालन मुख्य रूप से कैमूर जिले के रहने वाले अजित कुमार जायसवाल और अमन जायसवाल कर रहे थे, जो विभिन्न राज्यों से लोगों को बुलाकर उनसे साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन गेम, सट्टा तथा ऑनलाइन पैसों की हेराफेरी करते थे। कई खाते भी फेक तौर पर बनाए गए थे। यह गिरोह पिछले काफी दिनों से चल रहा था। इन पर और तकनीकी अनुसंधान किए जा रहे हैं।

महाराष्ट्र : अंतरजातीय प्रेम संबंध बने प्रेमी की हत्या के कारण, प्रेमिका ने शव से रचाई शादी

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महाराष्ट्र : अंतरजातीय प्रेम संबंध बने प्रेमी की हत्या के कारण, प्रेमिका ने शव से रचाई शादी
महाराष्ट्र : अंतरजातीय प्रेम संबंध बने प्रेमी की हत्या के कारण, प्रेमिका ने शव से रचाई शादी

नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां अंतरजातीय प्रेम संबंधों से गुस्साए महिला के परिजनों ने कथित तौर पर उसके प्रेमी की हत्या कर दी। प्रेमी की हत्या के बाद महिला ने उसके नाम का सिंदूर लगाया और उसके घर में अपना पूरा जीवन बिताने की कसम खाई। मृतक की पहचान 20 वर्षीय सक्षम टेट के रूप में हुई है। आरोप है कि महिला के परिवार ने जातिगत मतभेदों के चलते उसको बुरी तरह पीटा, उसका सिर पत्थर से कुचल दिया, और फिर गोली मार दी। लोग उस समय सोचने को मजबूर हो गए, जब प्रेमी के अंतिम संस्कार में उसकी प्रेमिका आंचल ने माथे पर सिंदूर लगाया और उसके घर में बहू बनकर रहने की कसम खाई। जानकारी के अनुसार, सक्षम अक्सर आंचल के भाइयों से मिलने उसके घर आता था। उसके बार-बार घर आने-जाने के दौरान दोनों के बीच प्यार हो गया।

महाराष्ट्र : अंतरजातीय प्रेम संबंध बने प्रेमी की हत्या के कारण, प्रेमिका ने शव से रचाई शादी
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हालांकि, जातिगत मतभेद ने उनके प्यार में खलल डाल दिया और आंचल के परिवार ने उस पर युवक के साथ अपने तीन साल पुराने रिश्ते को तोड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। कई धमकियों और विपरीत परिस्थितियों में भी आंचल ने युवक का साथ नहीं छोड़ा और अपने प्यार पर अड़ी रही।
हालात तब बिगड़ गए जब आंचल के परिवार को पता चला कि वह युवक से शादी करने की योजना बना रही है। गुरुवार को आंचल के पिता और भाइयों ने युवक की पिटाई की और गोली मारकर हत्या कर दी। युवक के अंतिम संस्कार के दौरान आंचल उनके घर पहुंची, उनके शरीर पर हल्दी और माथे पर सिंदूर लगाया। इसके बाद उसने जीवन भर पत्नी के रूप में युवक के घर में रहने का फैसला किया।
उसने कहा कि सक्षम की मौत के बावजूद हमारा प्यार जीत गया और मेरे पिता और भाई हार गए। शव के साथ अपनी शादी का कारण बताते हुए उसने कहा कि भले ही सक्षम नहीं रहा, लेकिन उनका प्यार अभी भी जिंदा है। पुलिस ने हत्या के सिलसिले में मामला दर्ज कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

खेडली मोड फायरिंग और अपहरण के प्रयास का 24 घंटे में खुलासा: मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

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खेडली मोड फायरिंग और अपहरण के प्रयास का 24 घंटे में खुलासा: मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार
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भरतपुर। भरतपुर जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद के निर्देश पर खेडली मोड चौराहा पर हुई गंभीर वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया है। एसएचओ राजेश के नेतृत्व में गठित टीम ने इस घटना के मुख्य आरोपी सहित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। एसपी दिगंत आनंद ने बताया कि परिवादी कमलेश माली निवासी कानेटी ने 26 नवम्बर को खेडलीमोड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार रात करीब 9:00 बजे खेडलीमोड चौराहे पर एक ईको वैन में सवार होकर आए करीब 5-6 अज्ञात मुलजिमों ने उसके साथ मारपीट की और जबरदस्ती अपहरण करने का प्रयास किया।

खेडली मोड फायरिंग और अपहरण के प्रयास का 24 घंटे में खुलासा: मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार
खेडली मोड फायरिंग और अपहरण के प्रयास का 24 घंटे में खुलासा: मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

इतना ही नहीं बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर परिवादी को बचाया। भीड़ देखकर सभी मुलजिम ईको वैन में बैठकर मौके से फरार हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए, थाना खेडलीमोड पर मुकदमा दर्ज किया गया।
प्रकरण दर्ज होने के महज 24 घंटों के भीतर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घटना के मुख्य आरोपी सहित दो अभियुक्तों को राजवीर सैनी पुत्र बालकिशन उर्फ बालूराम (23) और चरन सिंह सैनी पुत्र पप्पू (26) निवासी इमलारी थाना सीकरी जिला डीग को गिरफ्तार कर लिया। गठित टीम द्वारा अन्य फरार मुलजिमों की तलाश की जा रही है।

ASP स्तर के 26 अधिकारियों के तबादले, जोधपुर में बड़ा फेरबदल, कमिश्नरेट में 3 और रेंज व RPTC में 1-1 अधिकारी बदले...यहां देखिए सूची

ASP स्तर के 26 अधिकारियों के तबादले, जोधपुर में बड़ा फेरबदल, कमिश्नरेट में 3 और रेंज व RPTC में 1-1 अधिकारी बदले यहां देखिए सूची

ASP स्तर के 26 अधिकारियों के तबादले, जोधपुर में बड़ा फेरबदल, कमिश्नरेट में 3 और रेंज व RPTC में 1-1 अधिकारी बदले...यहां देखिए सूची
ASP स्तर के 26 अधिकारियों के तबादले, जोधपुर में बड़ा फेरबदल, कमिश्नरेट में 3 और रेंज व RPTC में 1-1 अधिकारी बदले…यहां देखिए सूची

जयपुर। राजस्थान सरकार ने शुक्रवार देर रात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (RPS) स्तर के 26 अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी की। इनमें जोधपुर पुलिस आयुक्तालय, जोधपुर रेंज और राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (RPTC) से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव किए गए हैं। नई सूची में डिस्कॉम, ट्रैफिक, अभय कमांड सेंटर, कमांडो ट्रेनिंग स्कूल और इंटेलिजेंस-प्रोटोकॉल जैसे अहम पदों पर नई तैनातियां शामिल हैं। 
नरेंद्र चौधरी : अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (डिस्कॉम), जोधपुर से स्थानांतरित होकर अब अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर बनाए गए हैं।
दुर्गाराम चौधरी : अभी तक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, यातायात, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर थे। अब उन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं सतर्कता, जोधपुर रेंज पद पर लगाया गया है।

ASP स्तर के 26 अधिकारियों के तबादले, जोधपुर में बड़ा फेरबदल, कमिश्नरेट में 3 और रेंज व RPTC में 1-1 अधिकारी बदले...यहां देखिए सूची
ASP स्तर के 26 अधिकारियों के तबादले, जोधपुर में बड़ा फेरबदल, कमिश्नरेट में 3 और रेंज व RPTC में 1-1 अधिकारी बदले…यहां देखिए सूची


शालिनी राज : अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नीमराणा (कोटपूतली-बहरोड़) से ट्रांसफर होकर अब अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, यातायात, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर बनेंगी। जोधपुर ट्रैफिक की कमान अब उनके हाथों में होगी।
गोपाल सिंह भाटी : कमांडेंट, पुलिस कमांडो ट्रेनिंग स्कूल, जोधपुर से स्थानांतरित होकर उन्हें कमांडेंट, राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (RPTC), जोधपुर पद पर तैनात किया गया है।
राजवीर सिंह चम्पावत : अभी तक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महिला अपराध अनुसंधान सेल, झुंझुनूं थे। अब उन्हें अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, इंटेलिजेंस सिक्योरिटी/प्रोटोकॉल, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर नियुक्त किया गया है।
राज्य सरकार की इस संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण सूची से जोधपुर पुलिस व्यवस्था में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं, जिनका प्रभाव जल्द ही फील्ड में भी दिखाई देगा।

बसों की खतरनाक डिजाइन पर NHRC सख्त, सभी राज्यों को भेजा नोटिस, दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

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नई दिल्ली, । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर सार्वजनिक परिवहन बसों की असुरक्षित डिजाइन पर गंभीर चिंता जताई है। आयोग को मिली शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि कई बसों में ड्राइवर केबिन को पूरी तरह अलग बनाया जा रहा है, जिससे आग लगने या आपात स्थिति में ड्राइवर और यात्रियों के बीच समय पर संवाद नहीं हो पाता। आयोग ने इसे यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा बताया और इसे अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का गंभीर उल्लंघन माना है। शिकायत में कहा गया था कि हाल के दिनों में कई बसों में सफर के दौरान आग लगने की घटनाएं सामने आईं, जिनमें कई लोगों की मौत हो गई। आयोग की पीठ (जिसकी अध्यक्षता सदस्य प्रियंक कानूनगो कर रहे थे) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संरक्षण मानव अधिकार अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया और परिवहन मंत्रालय व केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (सीआईआरटी) पुणे से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांगी।
सीआईआरटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि राजस्थान परिवहन विभाग के अनुरोध पर की गई जांच में हादसे वाली बस में कई गंभीर कमियां मिलीं।
बस बॉडी निर्माण में मानकों का उल्लंघन किया गया था। स्लीपर बसों में ड्राइवर पार्टिशन डोर नियमों के खिलाफ है, फिर भी लगाया गया था। 12 मीटर से लंबी बसों में कम से कम 5 आपात निकास अनिवार्य हैं पर उपलब्ध नहीं थे।

बसों की खतरनाक डिजाइन पर NHRC सख्त, सभी राज्यों को भेजा नोटिस, दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
बसों की खतरनाक डिजाइन पर NHRC सख्त, सभी राज्यों को भेजा नोटिस, दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट


2019 से अनिवार्य फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम (एफडीएसएस) बस में मौजूद नहीं था। स्लीपर कोच के स्लाइडर और चेसिस एक्सटेंशन जैसे खतरनाक हिस्से बगैर अनुमति लगाए गए थे।
सीआईआरटी ने कई अहम सुझाव दिए। केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान का कहना है कि सभी स्लीपर कोचों में ड्राइवर पार्टिशन हटाया जाए, एफडीएसएस अनिवार्य रूप से लगाया जाए, 10 किलो के फायर एक्सटिंग्विशर चेक किए जाएं और नियमों के उल्लंघन वाले सभी बस बॉडी डिजाइन तत्काल बंद किए जाएं।
आयोग ने कहा कि 14 अक्टूबर को जिस बस में आग लगी, वह पूरी तरह नियमों की अनदेखी का परिणाम था। न केवल निर्माता और बॉडी बिल्डर, बल्कि फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने वाले अधिकारी भी गंभीर लापरवाही के दोषी हैं। आयोग ने इसे स्पष्ट रूप से क्रिमिनल नेग्लिजेंस करार दिया।
आयोग ने कहा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार सभी राज्यों को नियमों के सख्त पालन के लिए एडवाइजरी जारी करे। कोई भी बस ऑपरेटर या बॉडी बिल्डर सुरक्षा मानकों से बच न सके, इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर तंत्र तैयार किया जाए।
सभी मुख्य सचिव सीआईआरटी की सभी सिफारिशों को राज्यभर में लागू करें। लापरवाह अधिकारियों और निर्माताओं पर तत्काल कार्रवाई हो। पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा व सहायता दी जाए। सभी राज्यों को दो सप्ताह के भीतर एटीआर भेजने का आदेश दिया गया है।

ऑपरेशन चक्रव्यूह : प्रतापगढ़ में 10 करोड़ रुपए की MD ड्रग्स जब्त, दो गिरफ्तार

ऑपरेशन चक्रव्यूह : प्रतापगढ़ में 10 करोड़ रुपए की MD ड्रग्स जब्त, दो गिरफ्तार

ऑपरेशन चक्रव्यूह : प्रतापगढ़ में 10 करोड़ रुपए की MD ड्रग्स जब्त, दो गिरफ्तार
ऑपरेशन चक्रव्यूह : प्रतापगढ़ में 10 करोड़ रुपए की MD ड्रग्स जब्त, दो गिरफ्तार

जयपुर। प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। डीएसटी टीम और थाना धोलापानी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर 4 किलो 646 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की है। जब्त की गई इस सिंथेटिक ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में दो अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर एक बाइक भी जब्त कर की गई। एसपी आदित्य ने बताया कि शुक्रवार 28 नवम्बर को कार्यवाहक थानाधिकारी धोलापानी नारायण लाल ने मय जाब्ता के थाने से पहले स्पीड ब्रेकर के पास नाकाबंदी शुरू की।

ऑपरेशन चक्रव्यूह : प्रतापगढ़ में 10 करोड़ रुपए की MD ड्रग्स जब्त, दो गिरफ्तार
ऑपरेशन चक्रव्यूह : प्रतापगढ़ में 10 करोड़ रुपए की MD ड्रग्स जब्त, दो गिरफ्तार

नाकाबंदी के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस को उनके पीछे लटके बैगों में अवैध वस्तु होने का संदेह हुआ। रुकवा कर पूछने पर मोटरसाइकिल चालक ने अपना नाम जतीन पुत्र कैलाश मालवीय (22) और पीछे बैठे व्यक्ति ने जितेंद्र पुत्र रतनलाल मालवीय (27) निवासी मानपुरा थाना कोतवाली, प्रतापगढ़ होना बताया। संदिग्ध लगने पर पुलिस ने दोनों व्यक्तियों के बैगों की जाँच की, जिसमें दोनों बैगों से कुल 4 किलो 646 ग्राम एमडी बरामद हुई। पुलिस ने ड्रग्स और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है तथा दोनों अभियुक्तों जतीन मालवीय और जितेंद्र मालवीय को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे का अनुसंधान जारी है। इस कार्यवाही में धोलापानी थानाधिकारी नारायण लाल और डीएसटी प्रभारी प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।