उधमपुर मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल अमजिद अली खान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दी श्रद्धांजलि

उधमपुर मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल अमजिद अली खान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दी श्रद्धांजलि

उधमपुर मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल अमजिद अली खान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दी श्रद्धांजलि
उधमपुर मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल अमजिद अली खान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दी श्रद्धांजलि

जम्मू । जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के मजालता क्षेत्र के सोआन गांव में सोमवार को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस के कांस्टेबल अमजिद अली खान शहीद हो गए। इस शहादत पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गहरा शोक व्यक्त किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी। पोस्ट में कहा गया, “हीरो कभी नहीं मरते। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात और पुलिस बल के सभी रैंक शहीद कांस्टेबल अमजिद अली खान के बलिदान को नमन करते हैं।” पोस्ट में यह भी कहा गया कि कांस्टेबल अमजिद अली खान ने उधमपुर जिले के सोआन जंगल क्षेत्र में पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ अभियान के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीद के परिवार के दुख और दर्द में जम्मू-कश्मीर पुलिस उनके साथ खड़ी है।

उधमपुर मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल अमजिद अली खान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दी श्रद्धांजलि
उधमपुर मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल अमजिद अली खान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दी श्रद्धांजलि


कांस्टेबल अमजिद अली खान की शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव पठानतीर मेंढर में शोक का माहौल है। उनके दोस्त और परिवार के लोग पुंछ जिले के सलवाह मेंढर सेक्टर स्थित उनके घर पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे हैं।
बता दें कि उधमपुर जिले के मजालता क्षेत्र के सोआन गांव में विश्वसनीय इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिसके बाद संयुक्त अभियान शुरू किया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) के साथ भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी बीच, आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी होने लगी।

कोहरे का कहर, हापुड़ में एनएच-9 पर भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, चार घायल

कोहरे का कहर, हापुड़ में एनएच-9 पर भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, चार घायल

कोहरे का कहर, हापुड़ में एनएच-9 पर भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, चार घायल
कोहरे का कहर, हापुड़ में एनएच-9 पर भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, चार घायल
हापुड़ । उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सोमवार सुबह घने कोहरे की वजह से भीषण सड़क हादसा हो गया।
  • पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर निजामपुर बाईपास के पास आधा दर्जन वाहन आपस में भिड़ गए। इस हादसे में चार लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी तेज थी कि हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जा रहे पांच चारपहिया वाहन और एक बाइक घने कोहरे के बीच हाईवे पर चल रहे थे।
  • सुबह के वक्त कोहरा इतना घना था कि सड़क पर कुछ मीटर से ज्यादा आगे देख पाना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान आगे चल रहे कुछ वाहन अचानक धीमे हो गए या रुक गए। पीछे से आ रहे वाहन समय रहते स्थिति को समझ नहीं सके और एक के बाद एक टकराते चले गए।
    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे और सड़क पर टूटे हुए हिस्से बिखर गए थे। हादसे में घायल लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया।
कोहरे का कहर, हापुड़ में एनएच-9 पर भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, चार घायल
कोहरे का कहर, हापुड़ में एनएच-9 पर भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, चार घायल

हादसे के कारण कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर यातायात बाधित हो गया।

  • दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क से हटवाया और ट्रैफिक को धीरे-धीरे सामान्य कराया।
    पिलखुवा कोतवाली पुलिस के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण घना कोहरा और कम दृश्यता है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि कोहरे के चलते ड्राइवरों को साफ नजर नहीं आ रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे में शामिल वाहनों की जानकारी जुटाई जा रही है।
  • इस घटना के बाद पुलिस ने हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों से खास सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि कोहरे के मौसम में वाहन धीमी गति से चलाएं, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और फॉग लाइट का इस्तेमाल जरूर करें ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
हापुड़ पक्का बाग चौराहे पर तेज रफ्तार ट्रक ने खड़ी कार को मारी टक्कर, नशे में धुत चालक गिरफ्तार

हापुड़ पक्का बाग चौराहे पर तेज रफ्तार ट्रक ने खड़ी कार को मारी टक्कर, नशे में धुत चालक गिरफ्तार

हापुड़ पक्का बाग चौराहे पर तेज रफ्तार ट्रक ने खड़ी कार को मारी टक्कर, नशे में धुत चालक गिरफ्तार
हापुड़ पक्का बाग चौराहे पर तेज रफ्तार ट्रक ने खड़ी कार को मारी टक्कर, नशे में धुत चालक गिरफ्तार

हापुड़। उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में रविवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नगर के पक्का बाग चौराहे पर रात लगभग 10:00 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी एक कार में जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कार को भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने का प्रयास करने लगा, लेकिन कार में सवार लोगों की सतर्कता और साहस से ट्रक को पकड़ लिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर HR 57 A 1647 है, जबकि जिस कार को टक्कर मारी गई, उसका नंबर DL 2 AX 5465 बताया गया है। कार में उस समय दो व्यक्ति सवार थे, जो गाड़ी के पास ही मौजूद थे। अचानक तेज रफ्तार में आए ट्रक ने खड़ी कार में पीछे से टक्कर मार दी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

टक्कर लगते ही ट्रक चालक ने बिना रुके ट्रक को भगाने की कोशिश की। घटना को देख कार में सवार लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत अपनी कार से ट्रक का पीछा किया और कुछ दूरी पर जाकर उसे रोक लिया। इस दौरान आसपास के लोगों की भीड़ भी इकट्ठा हो गई। ट्रक चालक की हालत देखकर लोगों को उस पर नशे में होने का संदेह हुआ।

कार सवारों ने तत्काल डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में ट्रक चालक नशे की हालत में पाया गया, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि दुर्घटना शराब के नशे में वाहन चलाने के कारण हुई।

पुलिस पूछताछ में ट्रक चालक ने बताया कि ट्रक में जई (ओट्स) भरी हुई है, जिसे वह गंगानगर से लोड कर उत्तराखंड ले जा रहा था। पुलिस ने ट्रक के कागजात, चालक के दस्तावेज और माल से संबंधित जानकारी की जांच की। साथ ही दुर्घटना के संबंध में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

हापुड़ पक्का बाग चौराहे पर तेज रफ्तार ट्रक ने खड़ी कार को मारी टक्कर, नशे में धुत चालक गिरफ्तार
हापुड़ पक्का बाग चौराहे पर तेज रफ्तार ट्रक ने खड़ी कार को मारी टक्कर, नशे में धुत चालक गिरफ्तार

घटना के बाद कुछ समय के लिए पक्का बाग चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात को सुचारू कराया। स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की, वहीं नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।पुलिस ने दुर्घटना से संबंधित लिखापढ़ी पूरी करने के बाद ट्रक और उसके चालक को थाना कोतवाली हापुड़ ले गई। चालक के खिलाफ नशे में वाहन चलाने, लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना कर मौके से भागने का प्रयास करने जैसी धाराओं में कार्रवाई किए जाने की संभावना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

इस घटना ने एक बार फिर शहर में नशे में वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही और नशे में ड्राइविंग से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रात के समय चौराहों और प्रमुख सड़कों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाए और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए।

गौरतलब है कि यदि कार सवार ट्रक का पीछा कर उसे न रोकते, तो ट्रक चालक मौके से फरार हो सकता था और मामले की जांच में कठिनाई आती। कार सवारों की सतर्कता और साहस से पुलिस को समय रहते आरोपी चालक को पकड़ने में सफलता मिली।

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। ट्रक चालक का मेडिकल परीक्षण कराकर यह पुष्टि की जाएगी कि वह शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना सभी वाहन चालकों के लिए एक चेतावनी है कि नशे में वाहन चलाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि इससे दूसरों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। समय रहते कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है।

गाजियाबाद महामाया देवी मंदिर में चोरी की वारदात, दानपात्र से नकदी पार, CCTV में कैद हुई घटना

गाजियाबाद महामाया देवी मंदिर में चोरी की वारदात, दानपात्र से नकदी पार, CCTV में कैद हुई घटना

गाजियाबाद महामाया देवी मंदिर में चोरी की वारदात, दानपात्र से नकदी पार, CCTV में कैद हुई घटना
गाजियाबाद महामाया देवी मंदिर में चोरी की वारदात, दानपात्र से नकदी पार, CCTV में कैद हुई घटना

कर ली। हालांकि, इस पूरी घटना का वीडियो CCTV कैमरे में कैद हो गया, जिससे पुलिस के लिए आरोपी की पहचान करना संभव हो गया है।

घटना की जानकारी सुबह तब हुई जब मंदिर के पुजारी और अन्य कर्मचारी मंदिर पहुंचे और देखा कि दानपात्र क्षतिग्रस्त है। पुजारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। चोरी की इस वारदात ने न केवल मंदिर प्रशासन बल्कि स्थानीय भक्तों में भी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया।

मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद के तैनात गार्डों की थी। लेकिन चोरी के समय सुरक्षा गार्ड परिसर में मौजूद नहीं थे। यह सुरक्षा व्यवस्था में चूक का स्पष्ट संकेत है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि गार्डों की अनुपस्थिति ने चोर को यह मौका दिया कि वह बिना किसी बाधा के दानपात्र तोड़ सके और नकदी निकालकर आसानी से फरार हो गया।

मामले की पुष्टि करते हुए एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। फुटेज से यह स्पष्ट हो गया है कि चोर कितने ही धड़ल्ले से चोरी कर रहा था। एसीपी ने कहा कि आरोपी की पहचान कर जल्द ही उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों से अपील की कि यदि किसी को संदिग्ध व्यक्ति दिखा हो या चोरी के बारे में कोई जानकारी हो, तो पुलिस को तुरंत सूचित करें।

गाजियाबाद में मंदिरों में चोरी की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोग मंदिर परिसर में सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाएं श्रद्धालुओं के मनोबल को प्रभावित करती हैं और भक्तों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।

चोरी के समय CCTV कैमरों की मौजूदगी एक सकारात्मक पहल रही, क्योंकि इससे पुलिस को आरोपी की पहचान और घटना के समय की स्थिति की जानकारी मिल सकती है। पुलिस ने पूरे इलाके में तलाश शुरू कर दी है और आसपास के दुकानों और घरों के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी संभव है।

गाजियाबाद महामाया देवी मंदिर में चोरी की वारदात, दानपात्र से नकदी पार, CCTV में कैद हुई घटना
गाजियाबाद महामाया देवी मंदिर में चोरी की वारदात, दानपात्र से नकदी पार, CCTV में कैद हुई घटना

मंदिर के पुजारी ने बताया कि चोरी की इस घटना से न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है बल्कि धार्मिक स्थल की पवित्रता भी प्रभावित हुई है। दानपात्र से चोरी करना धार्मिक आस्था और सम्मान के खिलाफ एक गंभीर अपराध है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मंदिरों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

एसीपी अमित सक्सेना ने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि चोरी की यह घटना केवल मंदिर प्रशासन की सुरक्षा चूक का मामला नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की आवश्यकता को भी उजागर करती है।

स्थानीय लोग भी मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिरों में CCTV कैमरे, पर्याप्त सुरक्षा गार्ड और नियमित गश्त सुनिश्चित किए जाने चाहिए। इससे न केवल चोरी की घटनाओं को रोका जा सकता है, बल्कि श्रद्धालुओं में विश्वास भी बना रहेगा।

इस घटना से यह संदेश जाता है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के प्रति सजग रहना कितना आवश्यक है। चोर न केवल आर्थिक नुकसान करते हैं, बल्कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंचाते हैं।

पुलिस ने पूरे इलाके में जाँच के साथ-साथ आसपास के मंदिरों को भी सतर्क रहने की चेतावनी दी है। एसीपी ने कहा कि मंदिर परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए। पुलिस ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त गश्त भी बढ़ा दी है।

गाजियाबाद में मंदिरों में चोरी की यह घटना एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा तंत्र की भूमिका पर सवाल खड़ा करती है। पुलिस और नगर पालिका परिषद दोनों को मिलकर मंदिरों और सार्वजनिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

अंततः यह मामला न केवल चोरी के रूप में देखा जा रहा है बल्कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही की परीक्षा भी बन गया है। मंदिर के पुजारी और श्रद्धालु पुलिस की कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही आरोपी पकड़ा जाएगा और न्याय मिलेगा।

इस तरह की घटनाएं समुदाय के लिए चेतावनी हैं कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। CCTV कैमरों और सुरक्षा गार्डों की उचित तैनाती इस दिशा में पहला कदम हो सकता है। पुलिस की तत्परता और सक्रियता ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद कर सकती है।

आठवीं फेल ने यूट्यूब को बनाया 'गुरु', गाजियाबाद में फैक्ट्री खोलकर बनाने लगा नकली दवाएं

आठवीं फेल ने यूट्यूब को बनाया ‘गुरु’, गाजियाबाद में फैक्ट्री खोलकर बनाने लगा नकली दवाएं

आठवीं फेल ने यूट्यूब को बनाया 'गुरु', गाजियाबाद में फैक्ट्री खोलकर बनाने लगा नकली दवाएं
आठवीं फेल ने यूट्यूब को बनाया ‘गुरु’, गाजियाबाद में फैक्ट्री खोलकर बनाने लगा नकली दवाएं

गाजियाबाद:

  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने रविवार को गाजियाबाद के लोनी स्थित मीरपुर इलाके में नकली मेडिकेटेड क्रीम बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब ढाई करोड़ रुपये की नकली बेटनोवेट-सी, क्लोप-जी और अन्य मेडिकेटेड स्क्रीन क्रीम बरामद की थीं। मौके से मशीनों समेत भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री, तैयार-अधबना माल और रॉ मैटीरियल भी जब्त किया गया था। इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
  • पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी पढ़े-लिखे नहीं हैं, बल्कि आठवीं फेल हैं। इसके बावजूद उन्होंने यूट्यूब को अपना ‘गुरु’ बनाकर नकली दवाइयां और मेडिकेटेड क्रीम तैयार करना सीख लिया। मुख्य आरोपी गौरव भगत ने पूछताछ में बताया कि वह पहले एक दवा कंपनी की दवाइयां सप्लाई करता था। इसी दौरान उसे नकली दवाई बनाने का आइडिया मिला। उसने सबसे पहले इंटरनेट पर वीडियो देखकर बेटनोवेट-सी और क्लोप-जी जैसी क्रीम बनाने का तरीका सीखा। इसके बाद उसने अपने साथी के साथ मिलकर छह साल पहले इस योजना पर काम शुरू किया।
आठवीं फेल ने यूट्यूब को बनाया 'गुरु', गाजियाबाद में फैक्ट्री खोलकर बनाने लगा नकली दवाएं
आठवीं फेल ने यूट्यूब को बनाया ‘गुरु’, गाजियाबाद में फैक्ट्री खोलकर बनाने लगा नकली दवाएं

उन्होंने आनंद पर्वत इलाके से ये क्रीम तैयार करने के लिए

  • मशीनें खरीदीं और फैक्ट्री शुरू कर दी। नकली क्रीम बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल ये अलग-अलग राज्यों से मंगाते थे। भगत ने पुलिस को बताया कि शुरुआत में उन्होंने पहले कुछ ही लोगों को कम मात्रा में मार्केट में सप्लाई दी, लेकिन कुछ ही समय में इसकी डिमांड बढ़ती चली गईं।
  • आज यूपी और दिल्ली के अलावा कई राज्यों में उनकी इन नकली मेडिकेटेड क्रीम की सप्लाई है। बीते तीन माह से ये यहां लोनी के मीरपुर में इस फैक्ट्री को चला रहे थे।जांच में यह भी सामने आया कि एक ट्यूब बनाने में महज डेढ़ से दो रुपये लागत आती थी। इन्हें होलसेल में 15 रुपये तक बेचा जाता था, जबकि बाजार में यही क्रीम 70 से 100 रुपये तक में बिकती थी। इसी अंतर से आरोपी मोटा मुनाफा कमा रहे थे और लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे थे।
  • स्पेशल क्राइम ब्रांच अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध धंधे से दोनों आरोपियों ने करोड़ों की संपत्ति जुटाई है। अब उन संपत्तियों की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया जाएगा। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार पूछताछ कर रही है।
यूपी में 15 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश से हड़कंप, मुठभेड़ के दौरान टांगों में मारी गई थी गोली

यूपी में 15 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश से हड़कंप, मुठभेड़ के दौरान टांगों में मारी गई थी गोली

यूपी में 15 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश से हड़कंप, मुठभेड़ के दौरान टांगों में मारी गई थी गोली
यूपी में 15 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश से हड़कंप, मुठभेड़ के दौरान टांगों में मारी गई थी गोली

मथुरा की एक अदालत के आदेश से हड़कंप मच गया है।

  • अदालत ने फरह क्षेत्र के एक ग्राम प्रधान को फर्जी एनकाउंटर में गिरफ्तार कर जेल में डालने के मामले में हाथरस कोतवाली प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

SOG प्रभारी, कोतवाली प्रभारी भारी फोर्स के साथ वादी के घर में घुसे

  • फरह क्षेत्र के कोह गांव के रहने वाले गजेंद्र सिंह ने बताया कि हाथरस के SOG प्रभारी धीरज गौतम एवं कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र सिंह राघव भारी पुलिस बल के साथ इसी वर्ष 25 फरवरी को सुबह चार बजे उनके आवास पर दीवार फांदकर पहुंचे और उनके बेटे तथा ग्राम प्रधान हरेंद्र को मारते-पीटते हुए गाड़ी में जबरन बैठा कर ले गए।
  • इतना ही नहीं वे हरेंद्र तथा उसकी पत्नी के मोबाइल फोन व घर में मौजूद 50 हजार रुपए की नकदी भी ले गए। वादी गजेन्द्र ने धारा 175 (4) के तहत न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि इस दल में SI सत्यवीर सिंह, रणजीत सिंह, राधा कृष्ण, मुख्य आरक्षी मनोज कुमार, राजेश कुमार, आरक्षी अरविंद कुमार, योगेश, नीलेश, धीरज व चालक विकास बाबू तथा चार-पांच अज्ञात लोग भी शामिल थे।
यूपी में 15 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश से हड़कंप, मुठभेड़ के दौरान टांगों में मारी गई थी गोली
यूपी में 15 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश से हड़कंप, मुठभेड़ के दौरान टांगों में मारी गई थी गोली

वादी के ग्राम प्रधान बेटे का फर्जी एनकाउंटर

  • दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि आरोपी पुलिसकर्मियों ने हरेंद्र को फरह से ले जाकर सादाबाद कोतवाली (हाथरस) क्षेत्र में रात के दस बजे एक फर्जी एनकाउंटर दिखाकर जेल भेज दिया। एनकाउंटर के दौरान हरेंद्र को जान से मारने की नीयत से टांगों में गोली मारी गई। हरेंद्र को दो अन्य फर्जी मुकदमों में भी फंसाया गया। जिनके कारण उन्हें काफी समय जेल में बिताना पड़ा। वर्तमान में हरेंद्र जमानत पर हैं।

वादी ने न्यायालय में बचाव हेतु दिया प्रभावी सबूत

  • मुकदमे के वादी गजेंद्र सिंह ने हरेंद्र को घर से जबरन ले जाने, घर में जबरन घुसने की CCTV फुटेज, टोल से गाड़ी के निकलने के सबूत और पुलिस टीम के मोबाइलों की फरह में उपस्थित होने की लोकेशन आदि प्रमाण न्यायालय में पेश कर अपनी बात सिद्ध करने के प्रभावी प्रमाण पेश किया। उनके बेटे हरेंद्र के विरुद्ध पूरी तरह फर्जी मामला बनाया गया है।

CJM ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का दिया आदेश

  • मथुरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उत्सव गौरव राज ने गत 27 नवम्बर को मामले की सुनवाई करते हुए फरह थाना प्रभारी को निर्देश जारी किये कि वह आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करना सुनिश्चित करें। इस मामले में फरह थाना प्रभारी त्रिलोकी सिंह ने बताया है कि उन्हें मंगलवार की रात न्यायालय द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि प्राप्त हो गई है तथा अब उस पर आदेशानुसार कार्रवाई की जा रही है।
राजस्थान में कार सवार बदमाशों ने युवक को पीटा, फिर गोली मारकर हो गए फरार

राजस्थान में कार सवार बदमाशों ने युवक को पीटा, फिर गोली मारकर हो गए फरार

राजस्थान में कार सवार बदमाशों ने युवक को पीटा, फिर गोली मारकर हो गए फरार
राजस्थान में कार सवार बदमाशों ने युवक को पीटा, फिर गोली मारकर हो गए फरार

डीडवाना । राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले में कार सवार बदमाशों ने एक युवक पर फायरिंग कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हमला शुक्रवार देर रात बड़ू थाना क्षेत्र के बिल्लू गांव में हुआ। तेजा चौक पर हुई इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। बिल्लू गांव निवासी विपिन मेघवाल पर सफेद रंग की कार में सवार चार बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया। बदमाशों ने पहले विपिन के साथ मारपीट की और फिर उस पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। घायल विपिन को तत्काल परबतसर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अजमेर रेफर कर दिया गया।​सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना का जायजा लिया। पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए जिलेभर में नाकाबंदी करवाई और अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस टीम बदमाशों की गाड़ी के संभावित रूट, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी पहलुओं के आधार पर सुराग तलाश रही है।

राजस्थान में कार सवार बदमाशों ने युवक को पीटा, फिर गोली मारकर हो गए फरार
राजस्थान में कार सवार बदमाशों ने युवक को पीटा, फिर गोली मारकर हो गए फरार


घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बदमाश विपिन को पीटते दिख रहे हैं और उस पर मुखबिरी का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि वह मुखबिरी करने की बात से इनकार कर रहा था। हालांकि फायरिंग के सही कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन शुरुआती सूत्रों के अनुसार मामला आपसी रंजिश से जुड़ा हो सकता है।
घायल युवक विपिन मेघवाल पहले जयपुर में सैलून चलाता था और कुछ समय पहले ही गांव शिफ्ट हुआ था। इस बीच बदमाशों द्वारा मारपीट का एक वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाई गई, जो वायरल हो रही। हालांकि बाद में पोस्ट अब वहां से हटा दिया गया। इंस्टाग्राम अकाउंट पर अवैध कट्टों सहित जेल से निकलने के वीडियो भी पोस्ट किए हुए हैं।
एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि मामले में हमने आरोपियों को आइडेंटिफाई कर लिया है। आरोपियों के तार दो अन्य बड़े मामलों में जुड़े होने की जानकारी सामने आ रही है। हम जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करेंगे।

दो गुना पैसे देने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार

दो गुना पैसे देने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार

दो गुना पैसे देने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार
दो गुना पैसे देने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाने की पुलिस ने दो गुना पैसे देने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक बड़े और सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो लग्जरी कार, एमजी हेक्टर और निसान मैग्नाइट सहित 5,75,000 रुपए नकद, फर्जी दस्तावेज, नोट गिनने की मशीन और नोटनुमा कागज की गड्डियों से भरे बैग बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर नकली नोटों की गड्डियां थमाकर फरार हो जाता था। हाल ही में इस गैंग ने एक पीड़िता से 16.50 लाख रुपए ठग लिए थे। पीड़िता को असली नोटों से भरे बैग देने के बजाय ऊपर एक-दो असली नोट लगाकर नीचे कागज की गड्डियां भर दी गईं और उसका ध्यान भटकाकर आरोपी मौके से गायब हो गए। पीड़िता की शिकायत पर बिसरख थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सेक्टर-16बी स्थित एक निर्माणाधीन सोसाइटी से सभी छह आरोपी चंचल, इंद्रमणि उर्फ राजा, रितेश उर्फ अंकित, शुभम तिवारी, नवीन सिंह और गौरव गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह में शामिल दो आरोपी गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र में पहले से ही वांछित चल रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों से जब पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि गिरोह में 6-7 सदस्य होते थे,

दो गुना पैसे देने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार
दो गुना पैसे देने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार

जिनकी अलग-अलग भूमिकाएं तय थीं। दो लोग ग्राहक को लालच देकर अपने जाल में फंसाते। बाकी आरोपी पहले से तय फ्लैट में मौजूद रहते। फ्लैट में एक विशेष तख्त बनाया गया था, जिसके नीचे और पीछे दीवार में छेद किया गया था।
ग्राहक के सामने नोट गिनकर बैग में रखने का नाटक किया जाता, लेकिन असली नोटों को तख्त के नीचे बैठे साथी को पकड़ा दिया जाता और उसकी जगह कागज की गड्डियां बैग में भर दी जाती थीं। बैग ग्राहक को बंद करके उसके साथ दो आरोपी गाड़ी में दूर तक छोड़ आते, जबकि बाकी आरोपी कैश लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली के सरिता विहार में भी इसी तरह की वारदात कर चुके हैं।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा, शक्ति मोहन अवस्थी ने इस सफल कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 25,000 रुपए इनाम की घोषणा की है। पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों के पास से 5,75,000 रुपए नकद, नोट गिनने की मशीन, फर्जी आधार कार्ड, तीन ट्रॉली बैग जिनमें नोट जैसे कागज, छह मोबाइल फोन, और दो लग्जरी कारें (एमजी हेक्टर और निसान मैग्नाइट) बरामद हुई हैं। पुलिस अब गैंग के अन्य साथियों और इनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद

दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद

दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद
दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद

नई दिल्ली, । दिल्ली पुलिस की थाना बिंदापुर टीम ने वाहन चोरी के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी की गई 2 स्कूटी और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। थाना बिंदापुर पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति पिछले दो-तीन दिनों से रात के समय पुरानी पंखा रोड स्थित कम्युनिटी सेंटर के पास चोरी की स्कूटी पर आ-जा रहा है और उसके पास चोरी के मोबाइल फोन हैं, जिन्हें वह बेचने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने एक युवक को चोरी की स्कूटी पर आते हुए देखा, जिसे मौके पर ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ के दौरान उसने विकासपुरी इलाके से एक अन्य स्कूटी चोरी करने की बात भी कबूल की, जिसे उसने पंखा रोड पर नाले के पास छिपाकर रखा था। आरोपी की निशानदेही पर उक्त स्कूटी भी बरामद कर ली गई।

दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद
दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी में किया युवक को गिरफ्तार, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल बरामद


गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक कुमार (26) निवासी मटियाला, उत्तम नगर (दिल्ली) के रूप में हुई। आरोपी पहले से ही छीनाझपटी और चोरी के 10 से अधिक मामलों में शामिल रहा है।
जांच में सामने आया कि आरोपी कोई काम नहीं करता और नशे की लत को पूरा करने के लिए चोरी को अंजाम देता है। इस कार्रवाई में कुल 2 चोरी की स्कूटी और 3 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी शिकायत ई-एफआईआर के जरिए दर्ज कराई गई थी।
दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। ये किस गिरोह का है और किस-किस इलाके में वारदात की। पुलिस आरोपी अभिषेक की निशानदेही पर उन लोगों का पता लगा रही है कि जिन्हें चोरी के वाहन बेचे गए हैं। अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया जा रहा है, जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी घायल, हथियार बरामद

बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी घायल, हथियार बरामद
बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी घायल, हथियार बरामद

सीतामढ़ी । बिहार के सीतामढ़ी जिले के बेलसंड थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात पुलिस मुठभेड़ में अपराधी घायल हो गया। इस घटना के बाद अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया। घटनास्थल से पुलिस ने हथियार भी बरामद किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को मध्यरात्रि विशेष कार्य बल बिहार एवं सीतामढ़ी जिला पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वांछित अपराधी शांतनु कुमार बेलसंड थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम चंदौली बस स्टैंड के समीप पहुंचा है। इसी सूचना के आधार पर एसटीएफ एवं जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा उक्त स्थान की घेराबंदी कर छापेमारी की गई। बताया गया कि कार्रवाई के दौरान वांछित अपराधी ने पुलिस को देखते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस बल द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त शांतनु कुमार गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस ने तत्काल घायल अपराधी को हिरासत में ले लिया और उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज हेतु एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्टल तथा तीन खोखा बरामद किए हैं। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी घायल, हथियार बरामद
बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस के साथ मुठभेड़ में वांछित अपराधी घायल, हथियार बरामद


उल्लेखनीय है कि शांतनु पर बेलसंड थाना क्षेत्र में एक पुजारी की हत्या कर मूर्ति चोरी करने तथा रवि सिंह नाम के व्यक्ति की हत्या सहित हत्या, डकैती एवं आर्म्स एक्ट के कई गंभीर मामलों का आरोप है। पुलिस इसकी पिछले कई महीनों से तलाश कर रही थी।
बता दें कि बिहार में आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। बुधवार की देर रात भी पटना में पुलिस और आपराधिक गिरोह के साथ मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हो गया था। यह घटना पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र के बग्घा टोला में घटी थी। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात राकेश कुमार घायल हो गया। अपराधी के पैर में गोली लगी थी।