शिव कॉलोनी में चोरों का तांडवः एक ही रात में तीन जगह चोरी, CCTV में कैद हुआ आरोपी

शिव कॉलोनी में चोरों का तांडवः एक ही रात में तीन जगह चोरी, CCTV में कैद हुआ आरोपी

शिव कॉलोनी में चोरों का तांडवः एक ही रात में तीन जगह चोरी, CCTV में कैद हुआ आरोपी
शिव कॉलोनी में चोरों का तांडवः एक ही रात में तीन जगह चोरी, CCTV में कैद हुआ आरोपी

अलवर। शहर के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र स्थित शिव कॉलोनी में चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात चोरों ने कॉलोनी में तीन अलग-अलग स्थानों पर धावा बोलते हुए चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। एक ही रात में तीन वारदातों ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और स्थानीय लोग पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। सबसे पहली वारदात शिव कॉलोनी स्थित जय इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में हुई। दुकान के मालिक दिनेश ने बताया कि उनकी दुकान में यह तीसरी बार चोरी हुई है। इससे पहले दो बार ताले तोड़े जा चुके हैं। दिनेश ने बताया कि पहली बार करीब ₹35,000 से ₹40,000 तक का सामान चोरी हुआ था, जबकि ताज़ा वारदात में चोर करीब ₹10,000 से ₹12,000 कीमत का तांबा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। दूसरी वारदात जय इलेक्ट्रॉनिक्स से कुछ ही दूरी पर स्थित एक मकान में हुई, जहाँ उस समय कोई मौजूद नहीं था। बताया गया कि मकान मालिक सेना में तैनात हैं और उनकी बहन, जो वहां रहती थी, कुछ दिनों के लिए बाहर गई हुई थी। चोरों ने इस सूनेपन का फायदा उठाते हुए घर में घुसकर सामान खंगाला और चोरी को अंजाम दिया।

शिव कॉलोनी में चोरों का तांडवः एक ही रात में तीन जगह चोरी, CCTV में कैद हुआ आरोपी
शिव कॉलोनी में चोरों का तांडवः एक ही रात में तीन जगह चोरी, CCTV में कैद हुआ आरोपी


तीसरी वारदात श्री राम मंदिर में हुई, जहाँ मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरे में चोर की स्पष्ट गतिविधियां कैद हुई हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा युवक मंदिर में इधर-उधर तलाश करता नजर आ रहा है। मंदिर में हुई इस चोरी से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि शिव कॉलोनी और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ महीनों से चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी भी बड़े आरोपी को पकड़ नहीं पाई है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में अब तक दो-तीन बड़ी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस केवल मौका-मुआयना कर लौट जाती है। आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं होने से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। इधर, पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की कोशिश की जा रही है और जल्द ही वारदात का खुलासा करने का दावा किया गया है। लोगों की मांग है कि क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ठोस एक्शन ले।

चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार, लेकिन सूचीबद्ध कामकाज पूरा करने दीजिएः किरेन रिजिजू

चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार, लेकिन सूचीबद्ध कामकाज पूरा करने दीजिएः किरेन रिजिजू

चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार, लेकिन सूचीबद्ध कामकाज पूरा करने दीजिएः किरेन रिजिजू
चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार, लेकिन सूचीबद्ध कामकाज पूरा करने दीजिएः किरेन रिजिजू

नई दिल्ली। चुनावी सुधारों पर चर्चा को लेकर मंगलवार को राज्यसभा में सरकार और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिली। मंगलवार को विपक्ष ने नियम 267 के तहत एसआईआर पर चर्चा कराने पर जोर दिया, जबकि सरकार ने विपक्ष से सदन की निर्धारित कार्यसूची के अनुरूप आगे बढ़ने की अपील की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में कहा कि सरकार विपक्ष की मांगों को देखते हुए चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसे अन्य सभी निर्धारित कार्यों से ऊपर रखने की शर्त स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं खुश हूं कि सभी माननीय सदस्य धैर्यपूर्वक बैठे हैं। सरकार चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष यह शर्त न लगाए कि इसे बाकी अन्य सभी संसदीय कार्यों से पहले लिया जाए।” उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जानी है। पहली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार ने वंदेमातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा का प्रस्ताव रखा था, और यह चर्चा सूची में शामिल है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव सुधार भी महत्वपूर्ण विषय है, जबकि वंदेमातरम् स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा मुद्दा है। वहीं, कई सदस्य अपने-अपने राज्यों से जुड़े मुद्दे भी उठाना चाहते हैं। इसलिए सभी विषयों को क्रम से लेने देना चाहिए।
उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि कृपया यह जोर न दें कि यह चर्चा किसी निश्चित समयसीमा में ही कराई जाए। सरकार तैयार है, लेकिन सदन को सूचीबद्ध कामकाज पूरा करने दीजिए। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि नियम 267 के तहत दिए गए गई नोटिस को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो भी कार्यसूची सदन के सामने है, उसे एक तरफ रखा जा सकता है। नियम 267 कहता है कि अन्य सभी कामकाज रोककर पहले उसी मुद्दे पर चर्चा कराई जाए जिसके लिए नोटिस दिया गया है। इसलिए हमने 267 के तहत एसआईआर पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है। यह विषय जरूरी व त्वरित चर्चा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।”

चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार, लेकिन सूचीबद्ध कामकाज पूरा करने दीजिएः किरेन रिजिजू
चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए सरकार तैयार, लेकिन सूचीबद्ध कामकाज पूरा करने दीजिएः किरेन रिजिजू

यदि इस विषय को प्राथमिकता नहीं देनी होती तो नोटिस देने की आवश्यकता ही क्यों पड़ती?
उन्होंने कहा कि हम बार-बार मांग कर रहे हैं कि एसआईआर पर चर्चा शुरू करने की अनुमति दी जाए। यही कारण रहा कि संसद की कार्यवाही पहले दो बजे तक के लिए स्थगित की गई, लेकिन दो बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी सदन में गतिरोध की स्थिति बनी रही। विपक्ष अपने मुद्दे को पहले उठाने की जिद पर कायम रहा।
डीएमके के त्रिरूची शिवा व सीपीआई एम के जॉन ब्रिटास ने भी तुरंत चर्चा कराए जाने की मांग की। विपक्षी सांसदों ने कहा कि वंदेमातरम् अनिवार्य व आवश्यक विषय है, लेकिन एसआईआर पर चर्चा कराना भी बेहद जरूरी है। वहीं सरकार चाहती है कि पहले सूचीबद्ध कार्य निपटाए जाएं। दोनों पक्षों के बीच सहमति न बन पाने के कारण सदन में शोर-शराबा जारी रहा और कार्यवाही प्रभावित होती रही।
इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और सदन से वॉकआउट किया। इस बीच मंगलवार को राज्यसभा में मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स विधेयक के दूसरे संशोधन पर चर्चा हुई। यह संशोधन विधेयक सदन में विचार व लौटाए जाने के लिए पेश किया गया था।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, ड्रग्स के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, ड्रग्स के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, ड्रग्स के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, ड्रग्स के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार

अहमदाबाद । अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। टीम ने एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स के साथ पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। घटना की जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले कमलेश बिश्नोई और उसकी पत्नी राजेश्वरी वडाला में अखबार नगर सर्किल के पास खाट कॉलोनी में रहते हैं। पति-पत्नी अपने घर से ही प्रतिबंधित नारकोटिक्स बेच रहे थे। इस पर क्राइम ब्रांच की टीम ने उनके घरों पर रेड मारी। इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के नियमों के अनुसार घर और पति-पत्नी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपियों की जेबों और घर के अंदर मिले एक प्लास्टिक कंटेनर से संदिग्ध चीजें मिलीं। फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) के एक्सपर्ट्स द्वारा मौके पर की गई जांच से यह कन्फर्म हुआ कि वह चीज मेफेड्रोन है।
जांच टीम ने आरोपियों से कुल 357 ग्राम और 750 मिलीग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की, जिसकी अनुमानित मार्केट कीमत लगभग 35,77,500 रुपए है। ड्रग्स के साथ टीम ने 22,800 रुपए नकद, दो मोबाइल फोन और एक इलेक्ट्रिक वजन करने का स्केल भी जब्त किया, जिससे जब्त की गई चीजों की कुल कीमत 36,40,800 रुपए हो गई।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, ड्रग्स के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, ड्रग्स के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार

आरोपियों से कड़ी पूछताछ में पता चला कि इस ड्रग नेटवर्क की जड़ें राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक फैली हुई हैं। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने यह ड्रग कंसाइनमेंट राजस्थान के सांचोर के रहने वाले सुभाष गोदारा नाम के एक रिश्तेदार से खरीदी थी। आगे की जांच में पता चला कि आरोपी सुभाष गोदारा ने यह स्टॉक यूपी के लखनऊ से मंगाया था।
गिरफ्तार किए गए पति-पत्नी अहमदाबाद में रिटेल कस्टमर्स को ये ड्रग्स बेचते थे।
इस सही समय पर की गई कार्रवाई से अहमदाबाद क्राइम ब्रांच एक बड़ी ड्रग्स सप्लाई चेन को तोड़ने में कामयाब रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, और मुख्य सप्लायर एवं इस नेटवर्क में शामिल दूसरे लोगों को पकड़ने के लिए तलाश शुरू कर दी गई है।

यूपी में भीषण सड़क हादसा : बस में लगी आग, 3 जिंदा जले, 24 यात्री झुलसे

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बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। नेपाल बॉर्डर के पास सोनौली से दिल्ली जा रही यात्री बस ट्रक से टकरा गई, जिसके बाद बस में आग लग गई। हादसे में 3 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 24 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें 6 की हालत नाजुक बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, बस (UP 22 AT 0245) में कुल 45 यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकतर नेपाल के रहने वाले थे। हादसा कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के फुलवरिया बाईपास पर देर रात करीब ढाई बजे हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई और हाईटेंशन लाइन के खंभे से टकरा गई। खंभा टूटकर बस पर गिरा, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई। यात्री जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर कूदते रहे।

यूपी में भीषण सड़क हादसा : बस में लगी आग, 3 जिंदा जले, 24 यात्री झुलसे
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मौके पर चीख-पुकार मच गई। किसी तरह बाहर निकल पाए यात्रियों ने घटना की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। राहत-बचाव दल ने पहुंचकर आग पर काबू पाया और अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से झुलसे 6 यात्रियों को बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बस चालक और कंडक्टर का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। आग बुझने के बाद बस के अंदर से तीन शव बरामद किए गए, जिनमें से दो पूरी तरह जल चुके थे। मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक (UP 21 DT 5237) में गर्म कपड़े लदे थे, जिस वजह से टक्कर के बाद ट्रक में भी आग लग गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

ऑपरेशन मिलाप: दक्षिण पश्चिम दिल्ली से 84 लापता और अपहृत लोगों को पुलिस ने परिवार से मिलाया

ऑपरेशन मिलाप: दक्षिण पश्चिम दिल्ली से 84 लापता और अपहृत लोगों को पुलिस ने परिवार से मिलाया

ऑपरेशन मिलाप: दक्षिण पश्चिम दिल्ली से 84 लापता और अपहृत लोगों को पुलिस ने परिवार से मिलाया
ऑपरेशन मिलाप: दक्षिण पश्चिम दिल्ली से 84 लापता और अपहृत लोगों को पुलिस ने परिवार से मिलाया

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की दक्षिण पश्चिम दिल्ली पुलिस ने अपने विशेष अभियान “ऑपरेशन मिलाप” के तहत नवंबर 2025 में कुल 84 लापता लोगों, बच्चों को बरामद कर उनके परिवारों से मिलाया है। नई दिल्ली, 2 दिसंबर (आईएएनएस)। दक्षिण पश्चिम दिल्ली पुलिस ने एक महीने तक चले अपने विशेष अभियान “ऑपरेशन मिलाप” के तहत 84 लापता और अपहृत लोगों को खोजकर उन्हें उनके परिवार से मिलाया। दिल्ली पुलिस के अनुसार 1 से 30 नवंबर तक चलाए गए इस सफल ऑपरेशन में 30 लापता और अपहृत बच्चों और 54 लापता वयस्कों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित कराई गई।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि लापता लोगों की रिपोर्ट जैसे ही पुलिस को मिलती है, उसके बाद स्थानीय पुलिस टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था। इसमें सीसीटीवी फुटेज की जांच, ऑटो, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों की तस्वीरों की जांच, बस चालक से पूछताछ और स्थानीय मुखबिरों को शामिल करने जैसे बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाए गए। इसके अलावा आसपास के थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी व्यापक जांच की गई।
इस दौरान, पुलिस स्टेशन कपासहेड़ा के स्टाफ ने 10 से 18 साल के नौ लापता बच्चों (एक लड़का और आठ लड़कियों) का पता लगाया। उन्होंने 14 लापता लोगों का भी पता लगाया, जिनमें आठ पुरुष और छह महिलाएं शामिल थीं।

ऑपरेशन मिलाप: दक्षिण पश्चिम दिल्ली से 84 लापता और अपहृत लोगों को पुलिस ने परिवार से मिलाया
ऑपरेशन मिलाप: दक्षिण पश्चिम दिल्ली से 84 लापता और अपहृत लोगों को पुलिस ने परिवार से मिलाया


इसके बाद पुलिस स्टेशन पालम गांव की टीम ने इसी उम्र के चार लापता बच्चों, दो लड़कों और दो लड़कियों का पता लगाया और पुलिस स्टेशन वसंत कुंज नॉर्थ के स्टाफ ने 10 से 18 साल की दो लापता लड़कियों के साथ-साथ दो लापता वयस्कों, एक पुरुष और एक महिला का पता लगाया था।
वहीं पुलिस स्टेशन सागरपुर के कर्मचारियों ने आठ लापता लोगों का पता लगाया, जिनमें तीन पुरुष और पांच महिलाएं शामिल थीं। पुलिस स्टेशन किशनगढ़ ने 10 से 18 साल की दो लापता लड़कियों का पता लगाया, इसके अलावा सात लापता वयस्कों का भी पता लगाया, जिनमें चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल थीं।
पुलिस स्टेशन वसंत कुंज साउथ के स्टाफ ने 10 से 18 साल के तीन लापता बच्चों (दो लड़के और एक लड़की) के साथ-साथ पांच लापता को भी ढूंढ निकाला, जिनमें तीन लड़के और दो लड़कियां शामिल थीं। इसके साथ कई पुलिस स्टेशनों से लोगों को खोजा गया है।
इस साल दिल्ली पुलिस की ओर से बचाए गए लापता या अपहृत लोगों की कुल संख्या 1,201 हो गई है, जिसमें 399 बच्चे और 802 वयस्क शामिल हैं।

पाकिस्तान से जुड़े ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, 5 किलो हेरोइन सहित एक आरोपी गिरफ्तार

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अमृतसर। पंजाब में नशा के खिलाफ अभियान के तहत अमृतसर की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने हाल ही में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने क्रॉस-बॉर्डर ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जो पाकिस्तान से जुड़ा था। इस ऑपरेशन में पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से करीब 5 किलो हेरोइन बरामद की। जानकारी के मुताबिक, पकड़ा गया शख्स सीधे पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर के निर्देशों पर काम कर रहा था। वही हैंडलर उसे ड्रग्स की खेप रिसीव करने और सीमा पार से अमृतसर लाने के लिए निर्देश दे रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने हेरोइन की खेप को तय जगह से उठाया और आगे के वितरण की प्लानिंग भी उसी के तहत हो रही थी। पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और एसएसओसी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।

पाकिस्तान से जुड़े ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, 5 किलो हेरोइन सहित एक आरोपी गिरफ्तार
पाकिस्तान से जुड़े ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, 5 किलो हेरोइन सहित एक आरोपी गिरफ्तार

वहीं, आगे की जांच में पुलिस नेटवर्क के सभी लिंक तलाश रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि यह नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है और इसमें कितने लोग शामिल हैं। इससे जुड़ी हर कड़ी तक पहुंचना पुलिस की प्राथमिकता है।
पंजाब पुलिस ने इस ऑपरेशन को लेकर साफ कहा है कि वे किसी भी तरह के ड्रग सिंडिकेट को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका लक्ष्य है कि पंजाब को नशे से मुक्त रखा जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। नशामुक्ति अभियान के तहत यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले बीते बुधवार को पंजाब पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफपी) ने मिलकर एक ड्रग तस्कर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था।
रूपनगर रेंज की टीम ने इस ऑपरेशन में 5.084 किलोग्राम हेरोइन, 1.681 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन, 6.5 लाख रुपए कैश और एक कार बरामद की थी। इसके साथ ही सप्लाई चेन को संभाल रहे एक ड्रग तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया था।

मुंबई : ड्रग्स तस्करी मामले में दंपति गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ बरामद

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मुंबई। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक सेल की कांदिवली यूनिट ने ड्रग्स तस्करी के आरोप में एक दंपति को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच ने उनके पास से 500 ग्राम हेरोइन बरामद किया, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 2 करोड़ रुपए बताई जा रही है। क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि उन्हें गुप्त जानकारी मिली थी कि कांदिवली इलाके में दो लोग ड्रग्स सप्लाई करने आने वाले हैं। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस को कुछ ही देर बाद महिला समेत दो संदिग्ध दिखाई दिए। क्राइम ब्रांच ने इन्हें पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर उनकी तलाशी ली। इस दौरान उनके पास से हेरोइन बरामद की गई। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मीरा रोड इलाके के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी पति-पत्नी घर में ही ड्रग्स बनाने का काम करते थे और उसके बाद इन्हें सप्लाई करते थे।

मुंबई : ड्रग्स तस्करी मामले में दंपति गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ बरामद
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क्राइम ब्रांच ने बताया कि दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें चार दिनों के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिर यह ड्रग्स किसे सप्लाई करते थे और कहां से ला रहे थे।
ऐसा ही मामला गुजरात से भी सामने आया। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने वडाज से एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है और 35.77 लाख रुपए कीमत का मेफेड्रोन जब्त किया है।
अधिकारियों ने बताया कि क्राइम ब्रांच को पक्की जानकारी मिली थी कि राजस्थान के रहने वाले कमलेश बिश्नोई और उनकी पत्नी राजेश्वरी, जो वडाज में अखबार नगर सर्कल के पास खाट कॉलोनी में रहते थे, अपने घर से नशीले पदार्थ जमा कर रहे थे और बांट रहे थे।

झारखंड: पलामू में सुपारी किलिंग की साजिश पुलिस ने की नाकाम, शिक्षक सहित चार गिरफ्तार

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पलामू। झारखंड के पलामू जिले की पुलिस ने सुपारी किलिंग की साजिश को विफल करते हुए एक स्कूली शिक्षक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार शिक्षक एक रसोइया के पति की हत्या करवाने की योजना बना रहा था। पलामू की एसपी रिष्मा रमेशन ने बताया कि छतरपुर थाना क्षेत्र के सिलदिली कुंडौली निवासी शिक्षक सत्यदेव विश्वकर्मा पर आरोप है कि वह स्कूल की रसोइया पर अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था। रसोइया ने यह बात पति को बताई तो दोनों पक्षों में बहस हुई थी। इसके बाद शिक्षक ने रसोइया के पति की हत्या की योजना बनाई और सुपारी के रूप में अपराधियों को 40 हजार रुपए की पेशकश की। सत्यदेव विश्वकर्मा ने हत्या को अंजाम देने के लिए राजवंश परहिया, राजू साव और मंटू कुमार परहिया को साथ लिया था। जानकारी मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए

झारखंड: पलामू में सुपारी किलिंग की साजिश पुलिस ने की नाकाम, शिक्षक सहित चार गिरफ्तार
झारखंड: पलामू में सुपारी किलिंग की साजिश पुलिस ने की नाकाम, शिक्षक सहित चार गिरफ्तार

चारों को उस समय दबोच लिया, जब वे वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और दो चाकू बरामद किए।
पुलिस ने बताया कि योजना के तहत शूटर राजवंश परहिया को गोली चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि अन्य आरोपी चाकू से हमला करने वाले थे। एसपी ने यह भी जानकारी दी कि सत्यदेव विश्वकर्मा स्वयं को डॉक्टर बताकर इलाज करता था और इसी दौरान उसकी पहचान शूटर राजवंश परहिया से हुई थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि राजवंश परहिया पहले भी डकैती के मामले में जेल जा चुका है। पूरे मामले का खुलासा छतरपुर एसडीपीओ अवध कुमार यादव के नेतृत्व में हुआ। कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद, एसआई सुशील उरांव, अनिल कुमार रजक, राहुल कुमार सहित कई पदाधिकारी शामिल थे।

सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद गिरफ्तार

सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद गिरफ्तार

सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद गिरफ्तार
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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले की पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा ड्रग माफिया एवं कफ सिरप तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में यह बड़ी गिरफ्तारी की गई है। यह महत्‍वपूर्ण सफलता पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा द्वारा विशेष अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में गठित सोनभद्र पुलिस, एसआईटी व एसओजी टीम सोनभद्र ने प्राप्त की है। टीम द्वारा कोलकाता से कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह विदेश भागने की फिराक में था। भोला वाराणसी के आदमपुर का रहने वाला है। गिरफ्तारी के उपरांत पुलिस द्वारा कोलकाता में ट्रांजिट रिमांड के लिए न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है,

सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद गिरफ्तार
सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड भोला प्रसाद गिरफ्तार

जिसके क्रम में अभियुक्त को ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया जाएगा। बता दें कि इसी साल 18 अक्‍टूबर को जनपद सोनभद्र में चेकिंग के दौरान दो कंटेनरों से 1,19,675 कफ सिरप की शीशियां बरामद की गई थीं। इसके अतिरिक्त, आरोपी बृज मोहन और शिवहरि की सूचना के आधार पर सोनभद्र पुलिस ने गाजियाबाद में संयुक्त कार्रवाई कर चार ट्रकों से भारी मात्रा में कफ सिरप और 20 लाख रुपए फंडिंग की नकदी बरामद की थी।
जांच से स्पष्ट हुआ कि भोला प्रसाद जायसवाल द्वारा मेसर्स शैली ट्रेडर्स, रांची (झारखंड) के माध्यम से बड़े पैमाने पर कफ सिरप की नकली बिलिंग कर विभिन्न जनपदों में अवैध वितरण किया जा रहा था। एसआईटी जांच में जनपद भदोही, चंदौली, वाराणसी व सोनभद्र में लगभग 25 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ, जिनमें से अधिकांश फर्में धरातल पर अस्तित्वहीन पाई गईं। संलिप्त खातों को फ्रीज कराया गया है। 29 नवंबर को ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्य द्वारा थाना रॉबर्ट्सगंज पर भारतीय न्याय संहिता तथा कई धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया। आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर जिले में वांछित था।

केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप

केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप

केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप
केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप

तिरुवनंतपुरम। केरल में यौन शोषण के मामले में गृह विभाग ने रविवार को वडकारा के डिप्टी एसपी उमेश को निलंबित कर दिया। पलक्कड़ में चेरपुलस्सेरी पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर बीनू थॉमस (52) ने 32 पन्नों के सुसाइड नोट में महिला के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था। राज्य पुलिस प्रमुख रवादा ए. चंद्रशेखर द्वारा गृह विभाग को एक विशेष रिपोर्ट सौंपे जाने के एक दिन बाद सरकार ने यह कार्रवाई की, जिसमें उमेश की अनैतिक, अवैध और अनुशासनहीन गतिविधियों का उल्लेख किया गया था। गृह विभाग ने इस रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए डिप्टी एसपी को तत्काल निलंबित कर दिया। दरअसल 24 अप्रैल, 2014 को वडक्कनचेरी पुलिस स्टेशन के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर और एसएचओ बीनू ने एक छापेमारी की थी, जिसके बाद तस्करी के आरोप में एक महिला और चार पुरुषों को हिरासत में लिया गया था। उस समय सर्किल इंस्पेक्टर रहे उमेश ने कथित तौर पर आरोपियों से रिश्वत ली और यह सुनिश्चित किया कि कोई मामला दर्ज न हो। उस रात उमेश और बीनू महिला के घर गए, जहां उसे कथित तौर पर धमकाया गया और उसका यौन शोषण किया गया।
बीनू ने अपने सुसाइड नोट में उमेश को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया। उसने बताया कि उमेश ने उस रात और दो दिन बाद फिर से महिला का यौन उत्पीड़न किया। बीनू ने स्वीकार किया कि बाद में फोन पर लंबी बातचीत के बाद वह महिला के साथ रिलेशनशिप में आ गया था।

केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप
केरल: महिला के यौन शोषण में वडकारा के डिप्टी एसपी सस्पेंड, एसएचओ ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप

महिला का बयान दर्ज करने वाले पलक्कड़ जिला पुलिस प्रमुख अजीत कुमार ने कहा कि पुलिस मुख्यालय को एक सख्त रिपोर्ट भेज दी गई है।
सूत्रों ने बताया कि दक्षिणी जिले में रहने वाली महिला ने सुसाइड नोट में लिखी घटनाओं की पुष्टि की और संकेत दिया कि उमेश का कथित दुर्व्यवहार बीनू द्वारा लिखे गए बयान से कहीं ज्यादा था। 15 नवंबर को बीनू को पुलिस क्वार्टर में मृत पाया गया था, तो उनकी मौत का कारण व्यक्तिगत समस्याएं बताई गई थीं। हालांकि पुलिस ने जांच के दौरान उनका सुसाइड नोट और फोन बरामद कर लिए थे, लेकिन सुसाइड नोट के तीन पन्ने मीडिया में लीक होने के बाद ही जांच में तेजी आई।
सूत्रों के अनुसार उमेश ने महिला के साथ बीनू की बढ़ती भावनात्मक नजदीकियों का विरोध किया था और यहां तक कि बीनू की पत्नी को भी इसकी जानकारी दी थी, जिससे अधिकारी की परेशानी और बढ़ गई थी। सुसाइड नोट लीक होने के बाद उमेश के खिलाफ प्रारंभिक अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई।
अजीत कुमार ने कहा कि निलंबित डीएसपी से अब मौखिक पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उमेश के खिलाफ अभी तक यौन उत्पीड़न या आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सरकार निलंबित डीएसपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के लिए जल्द ही मंजूरी दे सकती है।