नोएडा में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच सड़क पर चला लाठी-डंडा और ईंट-पत्थर, वीडियो आया सामने
नोएडा । नोएडा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दो पक्षों के बीच हुई जबरदस्त मारपीट ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। यह घटना सेक्टर-76 के पास की बताई जा रही है, जो थाना सेक्टर-49 क्षेत्र के अंतर्गत आता है। बीच सड़क हुई इस हिंसक झड़प में महिला और पुरुष दोनों ही आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बेरहमी से हमला करना शुरू कर दिया। मारपीट के दौरान महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं, वहीं कुछ युवक महिलाओं को भी पीटते हुए कैमरे में कैद हो गए। वायरल हो रहे वीडियो में पता चलता है कि किस तरह सड़क के बीचों-बीच लोग एक-दूसरे पर लाठियों से वार कर रहे हैं और ईंट-पत्थर फेंके जा रहे हैं। इस हिंसा से सड़क पर चल रहा ट्रैफिक भी पूरी तरह ठप हो गया और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है।
नोएडा में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच सड़क पर चला लाठी-डंडा और ईंट-पत्थर, वीडियो आया सामने
थाना सेक्टर-49 पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आखिर विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और दोनों पक्षों में पहले से कोई रंजिश थी या नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। दिनदहाड़े बीच सड़क इस तरह की मारपीट से आम लोगों में डर का माहौल बन गया है। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर रही है और घायलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जाली मुद्रा पर नागौर पुलिस का बड़ा एक्शन: ₹86,500 के नकली नोट बरामद, 3 आरोपी गिरफ्तार
जयपुर। नागौर पुलिस ने भारतीय जाली मुद्रा को बाजार में चलाने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में कुल ₹ 86,500 मूल्य के जाली नोट बरामद किए गए हैं और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जयपुर पुलिस के इनपुट पर गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों से पुलिस ने 500-500 के 173 जाली नोट बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक नागौर मृदुल कच्छावा के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आताराम चौधरी और वृताधिकारी धरम पूनिया के सुपरविजन में एसएचओ कोतवाली वेदपाल शिवराण के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की। सोमवार को पुलिस टीम ने जयपुर पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर वीर तेजा कॉलोनी में दबिश दी।
जाली मुद्रा पर नागौर पुलिस का बड़ा एक्शन: ₹86,500 के नकली नोट बरामद, 3 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अजय सिंह, अशोक और जगदीश कॉलोनी में बैठे हैं और उनके पास जाली भारतीय मुद्रा है, जिसे वे बाजार में चलाने की फिराक में हैं। आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 500-500 रुपये के कुल 173 जाली नोट बरामद किए गए, जिनका कुल मूल्य ₹ 86,500 है। गिरफ्तार अभियुक्त अजय सिंह पुत्र कल्याण सिंह (36) एफसीआई गोदाम के पास और अशोक जाट पुत्र हुकमा राम (23) व जगदीश जाट पुत्र नरपत राम (26) वीर तेजा कॉलोनी थाना कोतवाली नागौर के रहने वाले हैं। तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। इस कार्रवाई में एसएचओ वेदपाल शिवराण के साथ कांस्टेबल गरीबाराम, राकेश सांगवा, नरेंद्र, दुर्गा राम, घमण्डा राम और मनोज का विशेष योगदान रहा।
बेटे ने पैसे के विवाद में की बुजुर्ग माता-पिता की हत्या, बेटी की शिकायत पर हुआ खुलासा
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रिश्तों को कलंकित करने वाले कलयुगी पुत्र ने अपने बुजुर्ग मां-बाप की हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया। मामला जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव का है। इकलौते बेटे ने पैसे के विवाद में बुजुर्ग माता-पिता के सिर पर सिलबट्टे से वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद शवों को बोरे में भरकर गोमती नदी में फेंक दिया। जानकारी के मुताबिक, पुत्र ने प्रेम विवाह किया था, जिससे घर में पैसों को लेकर आए दिन विवाद हो रहा था। घटना बीते आठ दिसंबर की है। घटना के पांच दिन बाद वाराणसी में रहने वाली बेटी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में शक होने पर पुलिस ने सोमवार की रात आरोपी कलयुगी पुत्र अम्बेश कुमार को पकड़ा तो उसने हत्या का खुलासा किया। एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि वंदना देवी ने 13 दिसंबर को अपनी माता बबिता देवी और पिता श्याम बहादुर की गुमशुदगी की सूचना जफराबाद थाने में दर्ज कराई थी।
बेटे ने पैसे के विवाद में की बुजुर्ग माता-पिता की हत्या, बेटी की शिकायत पर हुआ खुलासा
वंदना ने पुलिस को बताया था कि 8 दिसंबर से उनके माता-पिता लापता हैं। उनका भाई अम्बेश भी लापता है, जो माता-पिता को ढूंढने निकला है। तीनों की बरामदगी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गईं। सोमवार की शाम अम्बेश कुमार को घर के पास से पकड़कर गहनता से पूछताछ शुरू की तो उसने माता-पिता की हत्या की हैरान कर देने वाली घटना बताई। एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि आठ दिसंबर की रात आठ बजे पारिवारिक विवाद और पैसों को लेकर माता-पिता से उसकी लड़ाई हो गई थी। उस दौरान उसने अपने माता-पिता के सिर पर सिलबट्टे से प्रहार कर दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। इसके बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए उसने बोरे में भरकर गोमती नदी में फेंक दिया। एसपी सिटी ने बताया कि मामले के खुलासे के बाद तत्काल पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपी पुत्र अम्बेश कुमार से गहनता से पूछताछ कर रही है। उसकी निशानदेही पर शवों की बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है।
कर्नाटक के लोकप्रिय यूट्यूब लोक गायक और 6 अन्य लोगों के खिलाफ पॉक्सो का केस दर्ज
बागलकोट (कर्नाटक) । कर्नाटक पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले में मशहूर यूट्यूब लोक गायक और 6 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साथ ही, उन पर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट (पॉक्सो) भी लगाया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता बेलगावी की रहने वाली है और एक ऑर्केस्ट्रा प्रोग्राम में डांस करने आई थी। यह घटना 24 अक्टूबर को हुई थी। आरोपी एक धार्मिक कार्यक्रम के मौके पर एक गांव में ऑर्केस्ट्रा प्रोग्राम में गाने आया था। शिकायत में पीड़िता का आरोप है कि इवेंट के दौरान, आरोपी सिंगर और दूसरे लोग उसे एक लॉज में ले गए और यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता ने आगे कहा कि आरोपी ने उसके साथ रेप किया और घटना का वीडियो भी बनाया। लड़की ने इस अपराध के लिए एक सिंगर समेत कुल सात लोगों पर आरोप लगाया है। पीड़िता के बयान के आधार पर शिकायत शुरू में 14 दिसंबर को चिक्कोडी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद, घटना की जगह के आधार पर, 15 दिसंबर को केस बागलकोट जिले के महालिंगपुरा पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया। फिलहाल, महालिंगपुरा स्टेशन में आरोपी सिंगर और छह अन्य लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि वे तथ्यों की जांच कर रहे हैं।
कर्नाटक के लोकप्रिय यूट्यूब लोक गायक और 6 अन्य लोगों के खिलाफ पॉक्सो का केस दर्ज
मालूम हो कि 11 दिसंबर को शिवमोग्गा की एक फास्ट-ट्रैक पॉक्सो कोर्ट ने 2023 में भद्रावती शहर में एक 17 साल की लड़की के साथ रेप और मारपीट के मामले में 21 साल के एक बदमाश को 30 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई थी। साथ ही, दोषी पर 1.8 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। आरोपी को पीड़िता की मां की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसके खिलाफ लड़की से शादी का वादा करके रेप करने का आरोप पत्र दायर किया गया था। इससे पहले, उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था और रिहाई के बाद वह तीन अलग-अलग आपराधिक मामलों में शामिल था। पॉस्को मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में दूसरे मामलों के बारे में सबूत पेश किए थे। 11 अक्टूबर को कुंबलगोडु पुलिस ने एक 25 साल के प्राइवेट फर्म के कर्मचारी को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि उसने अपने अपार्टमेंट में एक 10 साल की लड़की का यौन उत्पीड़न किया। यह घटना तब सामने आई जब लड़की ने अपनी मां को आरोपी द्वारा की गई हरकत के बारे में बताया।
कार्तिक न्यूट्रिशन सेंटर बहरोड़ में द्वितीय विशाल रक्तदान शिविर आयोजित, 27 यूनिट रक्त संग्रह
बहरोड़: मानवता और समाज सेवा की मिसाल पेश करते हुए कार्तिक न्यूट्रिशन सेंटर, बहरोड़ द्वारा हाल ही में द्वितीय विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस रक्तदान शिविर का उद्देश्य न केवल जीवनदान देने के महत्व को लोगों तक पहुंचाना था, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी जागृत करना था। शिविर का आयोजन बहरोड़ के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से किया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि रक्तदान प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
मुख्य अतिथि और संगठन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टीम “वक्त पे रक्त” के संस्थापक राकेश जयपाल रहे, जिन्होंने इस शिविर में अपने अनुभव और प्रेरक संदेश साझा किए। उनके साथ टीम के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे और उन्होंने रक्तदान की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने में योगदान दिया। राकेश जयपाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त तीन लोगों के जीवन को बचा सकता है और यह एक अनमोल उपहार है जो किसी भी मूल्य से नहीं खरीदा जा सकता।
रक्त संग्रह और चिकित्सा सहयोग शिविर में रक्त संग्रह की जिम्मेदारी पार्क हॉस्पिटल, बहरोड़ की टीम ने संभाली। चिकित्सा विशेषज्ञों ने उपस्थित रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच की, उनकी रक्त जांच की और सुनिश्चित किया कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में हो। रक्तदान से पहले सभी रक्तदाताओं का हेल्थ चेकअप किया गया और उन्हें आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। इस प्रकार, सभी रक्तदाता सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में अपना योगदान देने में सक्षम रहे।
इस अवसर पर दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार यादव ने भी अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने रक्तदाताओं और उपस्थित लोगों को दंत स्वास्थ्य के महत्व और उसके सामान्य उपायों के बारे में जानकारी दी। उनका यह योगदान शिविर की व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता पहल का हिस्सा था।
उल्लेखनीय योगदान इस रक्तदान शिविर में कुल 27 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जो कि जीवनरक्षक संसाधनों के रूप में उपयोग किया जाएगा। शिविर में महेश गुर्जर, जो शिविर के प्रमुख आयोजक भी हैं, ने अपना 25वां रक्तदान किया। उनके इस योगदान ने उपस्थित लोगों को प्रेरित किया और यह दिखाया कि नियमित रक्तदान समाज में मानवता और सेवा भावना को मजबूत करता है। महेश गुर्जर ने कहा कि रक्तदान केवल एक शारीरिक कार्य नहीं है, बल्कि यह एक नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे रक्तदान की इस पुण्य प्रक्रिया में भाग लेकर दूसरों की मदद करें और जीवन को बचाने में योगदान दें।
उपस्थित लोग और समाजिक भागीदारी शिविर में अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इस मानवता सेवा कार्य का समर्थन किया। इनमें संतोष, सतीश, उमाशंकर, मोनू गोलवास, दशरथ गुर्जर, हरीश कल्याणपुरा सहित कई अन्य स्थानीय नागरिक शामिल थे। उपस्थित लोगों ने रक्तदान शिविर में भाग लेने के साथ-साथ इसे सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया। उन्होंने यह दिखाया कि जब समाज के विभिन्न वर्ग मिलकर सेवा कार्यों में भाग लेते हैं, तो उसकी प्रभावशीलता और परिणाम दोगुना हो जाता है।
कार्तिक न्यूट्रिशन सेंटर बहरोड़ में द्वितीय विशाल रक्तदान शिविर आयोजित, 27 यूनिट रक्त संग्रह
शिविर की व्यवस्थाएँ और संगठन कार्तिक न्यूट्रिशन सेंटर ने शिविर की तैयारी और व्यवस्थाओं में विशेष ध्यान दिया। रक्तदान के लिए अलग-अलग स्टेशनों का निर्माण किया गया, जिसमें रक्तदाताओं की पंजीकरण प्रक्रिया, स्वास्थ्य जाँच, रक्त संग्रह और बाद की देखभाल सुनिश्चित की गई। चिकित्सा टीम और स्वयंसेवकों ने मिलकर सुनिश्चित किया कि रक्तदान प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आरामदायक हो। शिविर के दौरान रक्तदाताओं को पानी, फल और हल्के नाश्ते की सुविधा भी प्रदान की गई, ताकि रक्तदान के बाद उनकी ऊर्जा बनी रहे।
सामाजिक संदेश और प्रेरणा आयोजकों ने रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर समाज में मानवता और सेवा भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक शारीरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह दूसरों के जीवन को बचाने का अवसर है। रक्तदान शिविरों के माध्यम से समाज में न केवल जीवनदान की आवश्यकता पर जागरूकता बढ़ती है, बल्कि यह लोगों को सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा की भावना से जोड़ता है।
महेश गुर्जर ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान किसी धर्म, जाति या समाज की सीमाओं में नहीं बँधा होता। यह केवल मानवता की सेवा है। उन्होंने यह भी बताया कि नियमित रक्तदान से न केवल दूसरों का जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि स्वयं रक्तदाता का स्वास्थ्य भी मजबूत रहता है।
निष्कर्ष द्वितीय विशाल रक्तदान शिविर ने बहरोड़ में मानवता और सेवा की भावना को एक नया आयाम दिया। इस शिविर के माध्यम से कुल 27 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जो कि जीवनरक्षक के रूप में उपयोग किया जाएगा। इस अवसर पर रक्तदाता महेश गुर्जर का 25वां रक्तदान विशेष रूप से प्रेरणादायक रहा। शिविर में उपस्थित गणमान्य लोगों, चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वयंसेवकों ने मिलकर इसे सफल बनाया।
कार्तिक न्यूट्रिशन सेंटर के इस प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज के जिम्मेदार नागरिक मिलकर सेवा कार्यों में भाग लेते हैं, तो इसका प्रभाव समाज पर सकारात्मक और दूरगामी होता है। यह रक्तदान शिविर न केवल जीवन बचाने का कार्य था, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करने वाला एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बन गया।
इस प्रकार, द्वितीय विशाल रक्तदान शिविर ने बहरोड़ में सेवा और मानवता का संदेश फैलाते हुए यह दिखा दिया कि सामूहिक प्रयास और समर्पण से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यह कार्यक्रम समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और आने वाले समय में ऐसे और भी शिविरों की आवश्यकता और महत्ता को रेखांकित किया।
धनबाद में तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग, झुलसकर दो की मौत, छह जख्मी
धनबाद । झारखंड के धनबाद जिले के सरायढेला थाना क्षेत्र अंतर्गत विकास नगर में सोमवार आधी रात एक तीन मंजिला मकान में भीषण आग लगने से दो लोगों की झुलसकर मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग जख्मी हो गए। इनमें से दो अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय प्रशांत कुमार उर्फ गोलू और 70 वर्षीय चिंतामणी देवी के रूप में की गई है। बताया गया है कि प्रशांत कुमार करीब 15 दिन पहले ही पटना से अपनी नानी चिंतामणी देवी के घर आया था। जानकारी के अनुसार, घटना के समय मकान में कुल 15 लोग मौजूद थे। ग्राउंड फ्लोर पर आठ, पहले तल्ले पर तीन और दूसरे तल्ले पर चार लोग सो रहे थे। आग ग्राउंड फ्लोर से लगी, जिसके बाद पूरे घर में तेजी से धुआं फैल गया। देर रात सभी लोग गहरी नींद में थे, इसी दौरान अचानक आग भड़कने से घर में चीख-पुकार मच गई। पहले और दूसरे तल्ले पर मौजूद लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।
धनबाद में तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग, झुलसकर दो की मौत, छह जख्मी
स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक धुएं के कारण नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। धनबाद अग्निशमन विभाग के प्रभारी दीपक उरांव ने बताया कि मकान संकरी गली में होने के कारण दमकल गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य गेट पर ताला नहीं लगा होता, तो संभवतः सभी की जान बचाई जा सकती थी। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी। बताया गया है कि चिंतामणी देवी अपने कमरे में हीटर चलाकर रात करीब 12 बजे सोई थीं और करीब एक बजे आग लगने की जानकारी अन्य लोगों को हुई। ग्राउंड फ्लोर पर सो रहे छह लोग भी आग की चपेट में आए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसएनएमएमसीएच भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
उधमपुर मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल अमजिद अली खान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दी श्रद्धांजलि
जम्मू । जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के मजालता क्षेत्र के सोआन गांव में सोमवार को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस के कांस्टेबल अमजिद अली खान शहीद हो गए। इस शहादत पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गहरा शोक व्यक्त किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी। पोस्ट में कहा गया, “हीरो कभी नहीं मरते। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात और पुलिस बल के सभी रैंक शहीद कांस्टेबल अमजिद अली खान के बलिदान को नमन करते हैं।” पोस्ट में यह भी कहा गया कि कांस्टेबल अमजिद अली खान ने उधमपुर जिले के सोआन जंगल क्षेत्र में पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ अभियान के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीद के परिवार के दुख और दर्द में जम्मू-कश्मीर पुलिस उनके साथ खड़ी है।
उधमपुर मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल अमजिद अली खान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दी श्रद्धांजलि
कांस्टेबल अमजिद अली खान की शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव पठानतीर मेंढर में शोक का माहौल है। उनके दोस्त और परिवार के लोग पुंछ जिले के सलवाह मेंढर सेक्टर स्थित उनके घर पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे हैं। बता दें कि उधमपुर जिले के मजालता क्षेत्र के सोआन गांव में विश्वसनीय इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिसके बाद संयुक्त अभियान शुरू किया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) के साथ भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी बीच, आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी होने लगी।
कोहरे का कहर, हापुड़ में एनएच-9 पर भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, चार घायल
हापुड़ । उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सोमवार सुबह घने कोहरे की वजह से भीषण सड़क हादसा हो गया।
पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर निजामपुर बाईपास के पास आधा दर्जन वाहन आपस में भिड़ गए। इस हादसे में चार लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी तेज थी कि हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जा रहे पांच चारपहिया वाहन और एक बाइक घने कोहरे के बीच हाईवे पर चल रहे थे।
सुबह के वक्त कोहरा इतना घना था कि सड़क पर कुछ मीटर से ज्यादा आगे देख पाना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान आगे चल रहे कुछ वाहन अचानक धीमे हो गए या रुक गए। पीछे से आ रहे वाहन समय रहते स्थिति को समझ नहीं सके और एक के बाद एक टकराते चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे और सड़क पर टूटे हुए हिस्से बिखर गए थे। हादसे में घायल लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया।
कोहरे का कहर, हापुड़ में एनएच-9 पर भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, चार घायल
हादसे के कारण कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर यातायात बाधित हो गया।
दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क से हटवाया और ट्रैफिक को धीरे-धीरे सामान्य कराया। पिलखुवा कोतवाली पुलिस के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण घना कोहरा और कम दृश्यता है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि कोहरे के चलते ड्राइवरों को साफ नजर नहीं आ रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे में शामिल वाहनों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस घटना के बाद पुलिस ने हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों से खास सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि कोहरे के मौसम में वाहन धीमी गति से चलाएं, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और फॉग लाइट का इस्तेमाल जरूर करें ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
हापुड़ पक्का बाग चौराहे पर तेज रफ्तार ट्रक ने खड़ी कार को मारी टक्कर, नशे में धुत चालक गिरफ्तार
हापुड़। उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में रविवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नगर के पक्का बाग चौराहे पर रात लगभग 10:00 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी एक कार में जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कार को भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने का प्रयास करने लगा, लेकिन कार में सवार लोगों की सतर्कता और साहस से ट्रक को पकड़ लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर HR 57 A 1647 है, जबकि जिस कार को टक्कर मारी गई, उसका नंबर DL 2 AX 5465 बताया गया है। कार में उस समय दो व्यक्ति सवार थे, जो गाड़ी के पास ही मौजूद थे। अचानक तेज रफ्तार में आए ट्रक ने खड़ी कार में पीछे से टक्कर मार दी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
टक्कर लगते ही ट्रक चालक ने बिना रुके ट्रक को भगाने की कोशिश की। घटना को देख कार में सवार लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत अपनी कार से ट्रक का पीछा किया और कुछ दूरी पर जाकर उसे रोक लिया। इस दौरान आसपास के लोगों की भीड़ भी इकट्ठा हो गई। ट्रक चालक की हालत देखकर लोगों को उस पर नशे में होने का संदेह हुआ।
कार सवारों ने तत्काल डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में ट्रक चालक नशे की हालत में पाया गया, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि दुर्घटना शराब के नशे में वाहन चलाने के कारण हुई।
पुलिस पूछताछ में ट्रक चालक ने बताया कि ट्रक में जई (ओट्स) भरी हुई है, जिसे वह गंगानगर से लोड कर उत्तराखंड ले जा रहा था। पुलिस ने ट्रक के कागजात, चालक के दस्तावेज और माल से संबंधित जानकारी की जांच की। साथ ही दुर्घटना के संबंध में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
हापुड़ पक्का बाग चौराहे पर तेज रफ्तार ट्रक ने खड़ी कार को मारी टक्कर, नशे में धुत चालक गिरफ्तार
घटना के बाद कुछ समय के लिए पक्का बाग चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात को सुचारू कराया। स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की, वहीं नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।पुलिस ने दुर्घटना से संबंधित लिखापढ़ी पूरी करने के बाद ट्रक और उसके चालक को थाना कोतवाली हापुड़ ले गई। चालक के खिलाफ नशे में वाहन चलाने, लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना कर मौके से भागने का प्रयास करने जैसी धाराओं में कार्रवाई किए जाने की संभावना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में नशे में वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही और नशे में ड्राइविंग से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रात के समय चौराहों और प्रमुख सड़कों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाए और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए।
गौरतलब है कि यदि कार सवार ट्रक का पीछा कर उसे न रोकते, तो ट्रक चालक मौके से फरार हो सकता था और मामले की जांच में कठिनाई आती। कार सवारों की सतर्कता और साहस से पुलिस को समय रहते आरोपी चालक को पकड़ने में सफलता मिली।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। ट्रक चालक का मेडिकल परीक्षण कराकर यह पुष्टि की जाएगी कि वह शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना सभी वाहन चालकों के लिए एक चेतावनी है कि नशे में वाहन चलाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि इससे दूसरों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। समय रहते कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है।
गाजियाबाद महामाया देवी मंदिर में चोरी की वारदात, दानपात्र से नकदी पार, CCTV में कैद हुई घटना
कर ली। हालांकि, इस पूरी घटना का वीडियो CCTV कैमरे में कैद हो गया, जिससे पुलिस के लिए आरोपी की पहचान करना संभव हो गया है।
घटना की जानकारी सुबह तब हुई जब मंदिर के पुजारी और अन्य कर्मचारी मंदिर पहुंचे और देखा कि दानपात्र क्षतिग्रस्त है। पुजारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। चोरी की इस वारदात ने न केवल मंदिर प्रशासन बल्कि स्थानीय भक्तों में भी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया।
मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद के तैनात गार्डों की थी। लेकिन चोरी के समय सुरक्षा गार्ड परिसर में मौजूद नहीं थे। यह सुरक्षा व्यवस्था में चूक का स्पष्ट संकेत है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि गार्डों की अनुपस्थिति ने चोर को यह मौका दिया कि वह बिना किसी बाधा के दानपात्र तोड़ सके और नकदी निकालकर आसानी से फरार हो गया।
मामले की पुष्टि करते हुए एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। फुटेज से यह स्पष्ट हो गया है कि चोर कितने ही धड़ल्ले से चोरी कर रहा था। एसीपी ने कहा कि आरोपी की पहचान कर जल्द ही उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों से अपील की कि यदि किसी को संदिग्ध व्यक्ति दिखा हो या चोरी के बारे में कोई जानकारी हो, तो पुलिस को तुरंत सूचित करें।
गाजियाबाद में मंदिरों में चोरी की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोग मंदिर परिसर में सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाएं श्रद्धालुओं के मनोबल को प्रभावित करती हैं और भक्तों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।
चोरी के समय CCTV कैमरों की मौजूदगी एक सकारात्मक पहल रही, क्योंकि इससे पुलिस को आरोपी की पहचान और घटना के समय की स्थिति की जानकारी मिल सकती है। पुलिस ने पूरे इलाके में तलाश शुरू कर दी है और आसपास के दुकानों और घरों के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी संभव है।
गाजियाबाद महामाया देवी मंदिर में चोरी की वारदात, दानपात्र से नकदी पार, CCTV में कैद हुई घटना
मंदिर के पुजारी ने बताया कि चोरी की इस घटना से न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है बल्कि धार्मिक स्थल की पवित्रता भी प्रभावित हुई है। दानपात्र से चोरी करना धार्मिक आस्था और सम्मान के खिलाफ एक गंभीर अपराध है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मंदिरों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
एसीपी अमित सक्सेना ने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि चोरी की यह घटना केवल मंदिर प्रशासन की सुरक्षा चूक का मामला नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की आवश्यकता को भी उजागर करती है।
स्थानीय लोग भी मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिरों में CCTV कैमरे, पर्याप्त सुरक्षा गार्ड और नियमित गश्त सुनिश्चित किए जाने चाहिए। इससे न केवल चोरी की घटनाओं को रोका जा सकता है, बल्कि श्रद्धालुओं में विश्वास भी बना रहेगा।
इस घटना से यह संदेश जाता है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के प्रति सजग रहना कितना आवश्यक है। चोर न केवल आर्थिक नुकसान करते हैं, बल्कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंचाते हैं।
पुलिस ने पूरे इलाके में जाँच के साथ-साथ आसपास के मंदिरों को भी सतर्क रहने की चेतावनी दी है। एसीपी ने कहा कि मंदिर परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए। पुलिस ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त गश्त भी बढ़ा दी है।
गाजियाबाद में मंदिरों में चोरी की यह घटना एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा तंत्र की भूमिका पर सवाल खड़ा करती है। पुलिस और नगर पालिका परिषद दोनों को मिलकर मंदिरों और सार्वजनिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
अंततः यह मामला न केवल चोरी के रूप में देखा जा रहा है बल्कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही की परीक्षा भी बन गया है। मंदिर के पुजारी और श्रद्धालु पुलिस की कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही आरोपी पकड़ा जाएगा और न्याय मिलेगा।
इस तरह की घटनाएं समुदाय के लिए चेतावनी हैं कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। CCTV कैमरों और सुरक्षा गार्डों की उचित तैनाती इस दिशा में पहला कदम हो सकता है। पुलिस की तत्परता और सक्रियता ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद कर सकती है।