ऑपरेशन गैंग बस्ट: दिल्ली पुलिस ने डाली ताबड़तोड़ रेड, 48 घंटे में 500 से अधिक अपराधी गिरफ्तार
नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में पुलिस ने 48 घंटे तक चले ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ के तहत अलग-अलग गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े 500 से ज्यादा बदमाशों को गिरफ्तार किया। यह ऑपरेशन दिल्ली के कई जिलों में एक साथ चलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन का मुख्य मकसद सक्रिय गैंग मॉड्यूल को ध्वस्त करना, हिंसक अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना और गैंगवार को खत्म करना था। अभियान के दौरान पुलिस की कई टीमों को एक साथ तैनात किया गया ताकि अपराधियों को भागने का कोई मौका न मिले। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई राजधानी में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को तोड़ने के उद्देश्य से की गई। संगठित अपराध और गैंगवार पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बड़े और सघन अभियान की शुरुआत की। ऑपरेशन के तहत पुलिस टीमों ने गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों और मददगारों के पहले से चिन्हित ठिकानों और संभावित छिपने की जगहों पर छापेमारी की। इन छापों के दौरान कई कुख्यात अपराधियों को दबोचा गया।
ऑपरेशन गैंग बस्ट: दिल्ली पुलिस ने डाली ताबड़तोड़ रेड, 48 घंटे में 500 से अधिक अपराधी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, डकैती और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामलों में शामिल आदतन अपराधी और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन पर लगातार नजर बनाए रखी। जिला पुलिस और स्पेशल यूनिट्स को आपसी तालमेल के साथ तेजी और सटीकता से कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस समन्वित प्रयास से ऑपरेशन को सफल बनाया जा सका। दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ का उद्देश्य केवल गिरफ्तारियां करना नहीं, बल्कि राजधानी में सक्रिय गैंगस्टरों और आपराधिक तत्वों को कड़ा संदेश देना भी है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने की बात कही है, ताकि दिल्ली को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।
बिहार : घने कोहरे के कारण एंबुलेंस समेत कई गाड़ियां आपस में टकराई
मुजफ्फरपुर । बिहार में भीषण ठंड के साथ घने कोहरे ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है। इस बीच, मुजफ्फरपुर-दरभंगा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार तड़के घने कोहरे के कारण एक भीषण सड़क हादसे में कई वाहन आपस में टकरा गए। पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना बेनीबाद थाना क्षेत्र के केवटसा मोड़ के समीप हुई है, जिसमें एंबुलेंस समेत कई वाहन आपस में भिड़ गए। इस जबरदस्त भिड़ंत में एक एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चालक समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हुई एंबुलेंस में एक मरीज वेंटिलेटर और ऑक्सीजन के सहारे था। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे चालक और मरीज के परिजन अंदर ही फंस गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए लाठी-डंडे और लोहे की रॉड की मदद से एंबुलेंस के गेट और शीशे तोड़े। काफी मशक्कत के बाद फंसे हुए घायलों को बाहर निकाला जा सका।
बिहार : घने कोहरे के कारण एंबुलेंस समेत कई गाड़ियां आपस में टकराई
हादसे में गंभीर रूप से घायल तीनों व्यक्तियों को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल रेफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि कोहरे के कारण आगे चल रहे वाहन के अचानक ब्रेक लेने या धीमे होने से पीछे से आ रही गाड़ियां एक-दूसरे से टकराती चली गईं। घटना की सूचना मिलते ही बेनीबाद थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। बीच सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण इस मार्ग पर कुछ समय के लिए लंबा जाम लग गया था। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से किनारे करवाया ताकि यातायात बहाल हो सके। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
ITAT सेटलमेंट नेक्सस : जयपुर में CBI का बड़ा एक्शन, चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय गोयल गिरफ्तार
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल ITAT के भीतर चल रहे ‘अपील सेटलिंग’ नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। जांच के नए चरण में, CBI ने जयपुर के प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विजय कुमार गोयल को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस सिंडिकेट का पर्दाफाश करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों को रसूख और रिश्वत के दम पर पक्ष में करवाने का काम कर रहा था। रिमांड पर CA: राज उगलवा रही CBI CBI की टीम ने 7 जनवरी 2026 को विजय गोयल को हिरासत में लिया था, जिसके बाद 8 जनवरी को उन्हें विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की जरूरत को देखते हुए उन्हें 12 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। आज, रिमांड अवधि समाप्त होने पर उन्हें दोबारा स्पेशल जज (CBI केसेस), जयपुर की अदालत में पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, कस्टडी के दौरान हुई पूछताछ में CBI के हाथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य लगे हैं, जो इस भ्रष्टाचार के जाल में फंसे अन्य सफेदपोशों के चेहरों को बेनकाब कर सकते हैं।
ITAT सेटलमेंट नेक्सस : जयपुर में CBI का बड़ा एक्शन, चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय गोयल गिरफ्तार
जानिए, क्या है पूरा मामला? इस पूरे खेल की शुरुआत पिछले साल 25 नवंबर 2025 को हुई थी, जब CBI ने एडवोकेट राजेंद्र सिसोदिया और ITAT जयपुर के तत्कालीन असिस्टेंट रजिस्ट्रार सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह नेटवर्क आयकर से जुड़े जटिल मामलों को रिश्वत के बदले करदाताओं के पक्ष में सेटल करने का एक संगठित सिंडिकेट चला रहा था। जांच के घेरे में ‘सिस्टम’ के रसूखदारः इस मामले में CA विजय गोयल की गिरफ्तारी ने पेशेवर हलकों में हड़कंप मचा दिया है। CBI अब इस बात की तह तक जा रही है कि क्या इस नेटवर्क के तार ट्रिब्यूनल के उच्च अधिकारियों या दिल्ली स्थित मुख्यालयों तक भी जुड़े थे। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि आखिर कैसे करोड़ों रुपये के टैक्स विवादों को फाइलों के हेरफेर और प्रभाव के जरिए रफा-दफा किया जा रहा था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, जयपुर के कानूनी और वित्तीय गलियारों में सन्नाटा पसरा है। यह स्पष्ट है कि विजय गोयल की गिरफ्तारी महज अंत नहीं, बल्कि एक बड़ी सफाई प्रक्रिया की शुरुआत है। आगामी पेशी के दौरान CBI कोर्ट से आगे की कार्रवाई के लिए अनुमति मांग सकती है, जिससे इस भ्रष्टाचार कांड में और भी कई बड़े नामों के उछलने की संभावना है।
जयपुर के पंत कृषि भवन में भीषण आग, फायर बिग्रेड ने काबू पाया
जयपुर। सोमवार सुबह जयपुर के पंत कृषि भवन के थर्ड फ्लोर पर अचानक भीषण आग लग गई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आग की सूचना मिलते ही तुरंत फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और करीब 10 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कमरे में रखा फर्नीचर और एयर कंडीशनर पूरी तरह जलकर राख हो गया।
सीएफओ गौतम लाल ने बताया कि सुबह लगभग 10:40 बजे थर्ड फ्लोर पर स्थित एक बंद कमरे में हीटर में शॉर्ट सर्किट हुआ। शॉर्ट सर्किट के कारण हीटर से निकली चिंगारियों ने कमरे में रखे सामान को अपनी आगोश में ले लिया। देखते ही देखते आग की लपटें विकराल रूप ले गईं और धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया।
जब थर्ड फ्लोर से उठते धुएं और आग की लपटों को देखा गया, तो वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी तुरंत भवन से बाहर निकल आए। यह कार्रवाई समय पर होने के कारण किसी प्रकार का बड़ा नुकसान या जनहानि टल गई। आग की तीव्रता देखकर फायरकर्मी मनीष सैनी ने तुरंत थर्ड फ्लोर की खिड़कियों के शीशे तोड़कर अंदर की ओर पानी का प्रहार किया, जिससे आग फैलने से रोकी जा सकी और नियंत्रित की गई।
फायर ब्रिगेड की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण आग फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आग के कारण कमरे में रखा फर्नीचर और एयर कंडीशनर पूरी तरह जलकर राख हो गया। हालांकि समय रहते आग पर काबू पाने के कारण भवन के अन्य हिस्सों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि आगे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों और जांच की प्रक्रिया कड़ी की जाए। आग लगने के बाद थर्ड फ्लोर के बंद कमरे का निरीक्षण किया गया और फर्नीचर, उपकरण और अन्य सामग्री के नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
जयपुर के पंत कृषि भवन में भीषण आग, फायर बिग्रेड ने काबू पाया
फायर ब्रिगेड और सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के कारण यह घटना बड़े हादसे में परिवर्तित नहीं हुई, वरना आग की तीव्र लपटों से पूरे भवन और आसपास के क्षेत्र में भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। आग बुझाने के दौरान फायरकर्मियों ने कमरे के अंदर पानी का छिड़काव किया और धुएं को बाहर निकालने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़े, जिससे लपटें और धुआं नियंत्रित किया जा सका।
अधिकारियों ने बताया कि पंत कृषि भवन में नियमित रूप से फायर सेफ्टी चेक और उपकरण रखरखाव किया जाता है, लेकिन किसी तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण यह घटना हुई। उन्होंने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी विद्युत उपकरण के उपयोग में सावधानी बरतें और समय-समय पर हीटर, एसी और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच कराएं।
इस आगजनी के बाद भवन प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि थर्ड फ्लोर पर पुनः सुरक्षा और आगजनी से बचाव के उपाय किए जाएं। आग लगने वाले कमरे में सभी क्षतिग्रस्त उपकरणों की सूची तैयार की गई है और नए उपकरणों के साथ फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही भवन में अतिरिक्त आग बुझाने वाले उपकरण और अलार्म सिस्टम की तैनाती पर विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना होने पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।
फायर ब्रिगेड के मनीष सैनी और उनकी टीम की बहादुरी और तत्परता की सभी अधिकारियों ने प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि बिना उनकी कुशल कार्यवाही के आग का प्रभाव और व्यापक हो सकता था। इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी इमारत में आग जैसी आपातकालीन स्थिति में त्वरित और सही प्रतिक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
इस घटना की विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को भी बुलाया गया है। जांच के दौरान यह निर्धारित किया जाएगा कि आग केवल शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या किसी अन्य तकनीकी कारण ने इसे और विकराल बनाया। इसके अलावा भवन में फायर सुरक्षा मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की जा रही है।
भवन प्रशासन ने कहा कि आग के कारण किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई, और यह घटना समय रहते नियंत्रित हो गई। आग से प्रभावित कमरे में रखे सभी कागजात, फर्नीचर और उपकरण जलकर नष्ट हो गए हैं, जिसका आकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण कार्य जल्द ही किए जाएंगे।
इस पूरी घटना से यह सीख मिली कि आगजनी के खतरे से निपटने के लिए सभी संस्थाओं और भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य है। अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में शांत और सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने की सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया।
जयपुर पंत कृषि भवन में सोमवार सुबह हुई इस आग की घटना ने यह स्पष्ट किया कि तकनीकी खराबियों और शॉर्ट सर्किट के कारण किसी भी समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है, लेकिन समय पर प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपायों के कारण बड़ा हादसा टल सकता है।
अंततः, आग पर काबू पाने के प्रयासों और फायर ब्रिगेड की तत्परता से यह साबित हुआ कि समय पर और कुशल प्रतिक्रिया से किसी भी आपातकालीन स्थिति में जनहानि और व्यापक नुकसान को रोका जा सकता है। थर्ड फ्लोर पर हुई आग ने प्रशासन और कर्मचारियों को सतर्क किया है कि भवन की सुरक्षा और आग से बचाव की तैयारी हमेशा पूरी रखी जाए
ओडिशा : भुवनेश्वर में अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार
भुवनेश्वर। भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई में राज्य की राजधानी से संचालित हो रहे एक अंतरराज्यीय साइबर अपराधी रैकेट का भंडाफोड़ किया और 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस आयुक्त एस देव दत्ता सिंह ने यह जानकारी दी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से सात बिहार के चार केरल के और एक ओडिशा का है। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर कमिश्नरेट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सुसंगठित अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया और गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इस गिरोह के अधिकांश सदस्य बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। वे पिछले कुछ महीनों से शहर के बडागढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के टैंकापानी रोड स्थित देबासिस त्रिपाठी के घर से बेहद गुप्त तरीके से यह रैकेट चला रहे थे। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड के रूप में देबाशीष त्रिपाठी, अर्जुन राज उर्फ बिटू (22), बिजय कुमार (24) और पंकज कुमार की पहचान की। पुलिस कमिश्नर ने आगे बताया कि यह गिरोह बिहार के कुख्यात कात्री सराय गिरोह के नाम से जाना जाता है। गिरोह मैन्युअल और साइबर दोनों तरह की धोखाधड़ी में शामिल है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पंकज अपने गांव में तैनात एजेंटों के माध्यम से नापतोल, मीशो और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ग्राहकों का पूरा डेटाबेस इकट्ठा करता था और ऑनलाइन मनी ट्रांसफर के लिए फर्जी बैंक खाते भी जुटाता था। साइबर जालसाज बिहार में अपने एजेंटों से बैंक खाता संख्या और यूपीआई हैंडल प्राप्त करते थे और शिकार लोगों को पैसा जमा करने/ट्रांसफर करने के लिए ये खाता संख्या/यूपीआई हैंडल देते थे।
ओडिशा : भुवनेश्वर में अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार
पुलिस ने जांच के दौरान यह भी पता लगाया कि आरोपी अपराधी फर्जी दस्तावेजों के जरिए एजेंटों से अलग-अलग मोबाइल सेवा प्रदाताओं से फर्जी प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड प्राप्त करते थे, जिनका इस्तेमाल वे ग्राहकों को फोन करने और इंटरनेट व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चलाने के लिए करते थे। आरोपियों ने फर्जी उपहार वाउचर विजेता, केरल लॉटरी घोटाला और फर्जी ऋण प्रस्तावों सहित तीन तरीकों से लोगों को ठगा। वेब ग्राफिक्स डिजाइनर आरोपी त्रिपाठी ने टारगेट कस्टमर्स को आकर्षित करने के लिए स्क्रैच कार्ड, उपहार वाउचर, लकी कूपन, ऑफर लेटर और फेसबुक पेज तैयार किए, जिनमें उपहार वाउचर या महंगे पुरस्कार जीतने के लिए हेल्पलाइन के तौर पर एक मोबाइल नंबर दिया गया था। इसके बाद, आरोपियों के एजेंटों द्वारा कोलकाता से डाक के माध्यम से अलग-अलग पीड़ितों को कूपन और फोन नंबर के साथ ये पत्र भेजे गए। लकी ड्रॉ कूपन को स्क्रैच करने के बाद पीड़ितों ने आरोपियों को फोन किया। पीड़ितों ने उनसे कथित रूप से जीते गए पुरस्कार प्राप्त करने के लिए 5,500 रुपए से 12,000 रुपए तक का पंजीकरण शुल्क देने को कहा।
दिल्ली के वसंत विहार में हुई लूट की वारदात का खुलासा, दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार
नई दिल्ली । दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस के वसंत विहार थाना स्टाफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूट की एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है। पुलिस ने दो शातिर और आदतन अपराधियों, मोहम्मद नदीम और रविंदर, को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पहले से ही चोरी, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कुल 13 आपराधिक मामलों में संलिप्त रह चुके हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चार लूटे गए बैग, जिनमें 1.12 लाख नकद, एक आईपैड, एक जोड़ी एयरपॉड्स और वारदात में इस्तेमाल की गई होंडा अमेज कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 10 जनवरी 2026 की रात करीब 11 बजे शिकायतकर्ता एफ हुसैन ने अपनी कार पालम मार्ग स्थित अलकौसर रेस्टोरेंट के पास खड़ी की थी। उनके परिवार के सदस्य डिनर के लिए रेस्टोरेंट के अंदर चले गए, जबकि हुसैन कार में ही बैठे-बैठे सो गए। इसी दौरान दो अज्ञात आरोपी एक कार में वहां पहुंचे और शिकायतकर्ता की कार के पीछे अपनी गाड़ी खड़ी कर दी।
दिल्ली के वसंत विहार में हुई लूट की वारदात का खुलासा, दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार
एक आरोपी ने शिकायतकर्ता की कार का पिछला शीशा तोड़ दिया, जबकि दूसरे आरोपी ने उन्हें काबू में लेकर जबरन उनकी ही कार के अंदर धकेल दिया। इसके बाद आरोपी चार बैग लूटकर फरार हो गए, जिनमें करीब 1.20 लाख नकद, एक आईपैड और एक जोड़ी एयरपॉड्स थे। घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत पीसीआर कॉल की, जिस पर वसंत विहार थाने में एफआईआर संख्या 7/26 धारा 309/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में शिकायत दर्ज करने के बाद वसंत विहार थाना पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर राहुल रोशन (एटीओ) ने किया। टीम में एसआई रामावतार, एएसआई जयपाल, हेड कांस्टेबल अनुज, सूरज, यशवंत तथा कांस्टेबल बजरंग और अनुराग शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसएचओ वसंत विहार की निगरानी और एसीपी वसंत विहार उप-मंडल के समग्र पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर दया बस्ती, इंदरलोक और आसपास के स्लम इलाकों में छापेमारी की। सतर्क पुलिस टीम ने दोनों शातिर अपराधियों को दबोच लिया और उनकी निशानदेही पर लूटी गई नकदी 1.12 लाख, आईपैड, एयरपॉड्स और होंडा अमेज कार बरामद कर ली। गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद नदीम पर दिल्ली के विभिन्न थानों में लूट और हत्या के प्रयास के कुल 9 मामले दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी रविंदर पर चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के तहत 4 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों को आदतन अपराधी बताया जा रहा है।
शिक्षा का नाम और विवाद का खेल : अग्रसेन कन्या महाविद्यालय में अंडा करी वीडियो से हड़कंप
बयाना। बयाना कस्बे का अग्रसेन कन्या महाविद्यालय इन दिनों विवादों के केंद्र में है। गुरुवार शाम सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने कॉलेज की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि कॉलेज के एक कर्मचारी अंडा करी से भरी बाल्टी लेकर ऊपरी मंजिल से नीचे उतर रहा है। इस दौरान अग्रसेन जयंती कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल ने पूरी घटना रिकॉर्ड कर ली। पूछताछ के दौरान कर्मचारी ने बताया कि अंडा करी कॉलेज के प्रबंधन समिति के मंत्री मणि अग्रवाल के कहने पर बनाई गई थी। इस बयान ने मामला और भी संवेदनशील बना दिया है। शहर में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
शिक्षा का नाम और विवाद का खेल : अग्रसेन कन्या महाविद्यालय में अंडा करी वीडियो से हड़कंप
लोग सवाल कर रहे हैं कि जो संस्थान छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने का दावा करता है, वहां शाम होते ही इस तरह की गतिविधियां कैसे संभव हैं। सोशल मीडिया पर भी कॉलेज प्रबंधन की भूमिका को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल, वायरल वीडियो ने महाविद्यालय की साख पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं और लोग निष्पक्ष जांच व जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली: सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वाला युवक गिरफ्तार, पिस्टल बरामद
नई दिल्ली । द्वारका जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपराध की राह पर बढ़ रहे एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर हथियार के साथ तस्वीरें डालकर और दोस्तों के बीच हथियार दिखाकर अपना रौब जमाने की कोशिश करता था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक देसी सिंगल शॉट पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिल्ली के रहने वाले मनीष उर्फ मिषु (19) के रूप में हुई। आरोपी कुख्यात नजफगढ़ और सीमावर्ती इलाकों के गैंगस्टरों से प्रभावित था और अपराध की दुनिया में कदम रखने की फिराक में था। पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि द्वारका जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड को अवैध हथियार रखने वाले और उभरते अपराधियों पर नजर रखने का विशेष निर्देश दिया गया था। इसी क्रम में इंस्पेक्टर कमलेश कुमार, प्रभारी एएटीएस द्वारका के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र, हेड कांस्टेबल मनीष, सोनू, संदीप और मनोज शामिल थे।
दिल्ली: सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वाला युवक गिरफ्तार, पिस्टल बरामद
टीम ने एसीपी/ऑप्स द्वारका श्री रविंदर अहलावत की निगरानी में काम किया। टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप प्रोफाइल पर विशेष नजर रखनी शुरू की, जहां अपराधी हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट कर प्रभाव जमाने की कोशिश करते हैं। इसके साथ ही, गुप्त सूचनातंत्र को भी सक्रिय किया गया। लगातार प्रयासों के बाद 2 जनवरी को गैंगस्टरों से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच के दौरान एएटीएस टीम को पुख्ता सूचना मिली। सूचना के आधार पर मनीष उर्फ मिषु को पकड़ा गया, जिसके पास से एक देसी सिंगल राउंड पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर नंबर 06/26, धारा 25/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत थाना बीएचडी नगर, दिल्ली में मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी मनीष झरोदा कलां गांव का स्थायी निवासी है और उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी और नजफगढ़ क्षेत्र के कुख्यात गैंगस्टर ओम प्रकाश उर्फ काला और उसके भाई अमित उर्फ बागे के संपर्क में आया, जो फिलहाल एमसीओसीए मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अवैध हथियार खरीदा था और उसे अपने दोस्तों के बीच दिखाकर प्रभाव जमाने की कोशिश करता था। वह हथियार के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया और व्हाट्सएप स्टेटस/डीपी पर भी लगाता था। द्वारका जिला पुलिस ने इस कार्रवाई को अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी सफलता बताया है और स्पष्ट किया है कि अवैध हथियार रखने और सोशल मीडिया के जरिए दहशत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
दिल्ली: मालिक से 3.25 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाला युवक शिमला से गिरफ्तार
नई दिल्ली । दिल्ली के द्वारका में थाना द्वारका साउथ पुलिस ने मालिक से 3.25 लाख रुपए की धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए आरोपी युवक को शिमला से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से नेट बैंकिंग का दुरुपयोग कर यह रकम मालिक के बैंक खाते से निकाली थी। पुलिस के मुताबिक यह मामला 15 नवंबर 2025 को सामने आया, जब थाने में चोरी की सूचना प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसके नौकर मुन्ना कुमार ने धोखे से उसके बैंक खाते से बड़ी रकम निकाल ली है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ द्वारका साउथ इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह के नेतृत्व में तथा एसीपी किशोर कुमार रेवाला की समग्र देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एचसी प्रवीण यादव, एचसी धीरज, एचसी कुलदीप और एचसी भूषण प्रसाद शामिल थे। जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उसने किसी को पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश की तो बैलेंस कम होने के कारण ट्रांजैक्शन फेल हो गया।
दिल्ली: मालिक से 3.25 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाला युवक शिमला से गिरफ्तार
इसके बाद बैंक जाकर पता चला कि उसके खाते से 3,25,990 रुपए उसके नौकर मुन्ना कुमार के खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं। जब उसने नौकर से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद मिला और वह काम छोड़कर फरार हो चुका था। 4 जनवरी 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी शिमला में छिपा हुआ है। तकनीकी सर्विलांस और सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने शिमला से आरोपी मुन्ना कुमार (21) निवासी पूर्वी चंपारण (बिहार) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसे शिकायतकर्ता के खाते की जानकारी पहले से थी। बैंक जाते समय उसने नेट बैंकिंग की यूजर आईडी, पासवर्ड और मोबाइल लॉक पासवर्ड देख लिया था। बाद में उसने शिकायतकर्ता का मोबाइल लेकर खुद को बेनिफिशियरी जोड़ा और रकम ट्रांसफर कर दी। आरोपी ने बैंक से आए मैसेज भी डिलीट कर दिए। उसने बताया कि पूरी रकम उसने जुए में गंवा दी। पुलिस के अनुसार आरोपी बेरोजगार और अविवाहित है तथा उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। मामले में आगे की जांच जारी है।
हैदराबाद एयरपोर्ट पर कस्टम की बड़ी कार्रवाई, 14 करोड़ रुपए की हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त
हैदराबाद । राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आरजीआईए) पर कस्टम अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को करीब 14 करोड़ रुपए का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतिबंधित सामान कतर से आए दो यात्रियों के पास से बरामद किया गया। जब्त किए गए हाइड्रोपोनिक गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 14 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। शक के आधार पर कस्टम अधिकारियों ने कतर से आए दो यात्रियों को रोका। इसके बाद, उनके सामान को डिटेल स्कैनिंग और फिजिकल जांच के लिए भेजा गया। स्कैनिंग के दौरान, अधिकारियों ने सामान के अंदर छिपाए गए हाइड्रोपोनिक गांजे के पैकेट बरामद किए। जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान की कुल मात्रा 14 किलोग्राम थी। दोनों यात्रियों को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से उनके संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं।
हैदराबाद एयरपोर्ट पर कस्टम की बड़ी कार्रवाई, 14 करोड़ रुपए की हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त
यह ताजा जब्ती कस्टम अधिकारियों द्वारा एक फ्लाइट से एक किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किए जाने के ठीक दो दिन बाद हुई है। बताया जा रहा है कि एक यात्री ने चेकिंग के दौरान पकड़े जाने के डर से ड्रग्स को सीट पर छोड़ दिया था। हाइड्रोपोनिक गांजा एक हाई-ग्रेड और महंगा नशीला पदार्थ है। अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में विदेश में उगाए गए हाइड्रोपोनिक गांजे की भारत में तस्करी की कोशिशों में बढ़ोतरी हुई है। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) और अन्य एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ा दी है। पिछले साल जुलाई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बुधवार को राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक महिला यात्री के सामान से 400 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया था। जब्त किए गए सामान की कीमत 40 करोड़ रुपये आंकी गई थी। खुफिया जानकारी के आधार पर, एनसीबी अधिकारियों ने महिला यात्री को रोका और उसके दो चेक-इन बैग से 400 किलो नशीला पदार्थ जब्त किया। जांच में पता चला कि महिला ने यह नशीला पदार्थ बैंकॉक से खरीदा था और शक से बचने के लिए दुबई के रास्ते भारत लौटी थी।