मणिपुर के उखरूल में नागा-कुकी हिंसा के बाद 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद

मणिपुर के उखरूल में नागा-कुकी हिंसा के बाद 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद

मणिपुर के उखरूल में नागा-कुकी हिंसा के बाद 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद
मणिपुर के उखरूल में नागा-कुकी हिंसा के बाद 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद

इंफाल । मणिपुर के उखरूल जिले में नागा और कुकी समुदायों के बीच ताजा हिंसा के बाद राज्य सरकार ने पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, उखरूल जिले के लितान सरेइखोंग गांव में गोलीबारी और आगजनी की नई घटनाएं सामने आई हैं। यह घटनाएं उस समय हुईं, जब एक दिन पहले दो तंगखुल नागा संगठनों ने उखरूल और पड़ोसी कामजोंग जिलों में कुकी समुदाय के लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हथियारबंद बदमाशों ने गांव में आठ से अधिक मकानों में आग लगा दी, जो अधिकतर खाली पड़े थे और कई राउंड गोलियां चलाईं। बीते 48 घंटों में गांव में 30 से अधिक घर और अन्य संपत्तियां जलकर खाक हो चुकी हैं। यह हिंसा कथित तौर पर कुकी समुदाय के लोगों द्वारा तंगखुल नागा समुदाय के एक सदस्य पर हमले के बाद भड़की।
पुलिस ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है, हालांकि हालात को काबू में करने के प्रयास जारी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों समेत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में आयुक्त-सह-सचिव (गृह) एन. अशोक कुमार ने कहा कि उखरूल जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद नाजुक है और आशंका है कि असामाजिक तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर भड़काऊ तस्वीरें, वीडियो और पोस्ट फैलाकर स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।
इसी को देखते हुए सरकार ने ब्रॉडबैंड, वीपीएन और वी-सैट समेत सभी इंटरनेट और डेटा सेवाओं को पांच दिनों के लिए अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला किया है।
मणिपुर पुलिस ने बताया कि लितान सरेइखोंग के आसपास के गांवों में सोमवार रात कुछ मकानों को शरारती तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। हिंसा को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है और पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

मणिपुर के उखरूल में नागा-कुकी हिंसा के बाद 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद
मणिपुर के उखरूल में नागा-कुकी हिंसा के बाद 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद


हालांकि स्थिति अभी तनावपूर्ण है, लेकिन इसे काफी हद तक नियंत्रण में लाया गया है। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई के लिए लितान पुलिस स्टेशन में एक संयुक्त कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं और हालात पर नजर रखे हुए हैं।
इस बीच विपक्षी कांग्रेस ने हालात पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघाचंद्र सिंह ने कहा कि उखरूल जिले के लितान गांव में दो समुदायों के बीच हिंसा बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा, “जब शांति और आपसी समझ की सबसे ज्यादा जरूरत है, ऐसे समय में हिंसा समाज को डर और अनिश्चितता की ओर धकेल रही है।”
मेघाचंद्र सिंह ने कहा कि नई सरकार बनने के बावजूद मणिपुर में हिंसा का जारी रहना शर्मनाक और चिंताजनक है। उन्होंने आगजनी की घटनाओं को हालात की नाजुकता का प्रतीक बताया और सरकार से शांति बहाल करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की अपील की।
बता दें कि रविवार शाम और रात को लितान गांव में नागा और कुकी जनजातीय समूहों के बीच जमकर पथराव हुआ था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी थी। सुरक्षा बलों को हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
उखरूल के जिलाधिकारी आशीष दास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।
मणिपुर के उपमुख्यमंत्री लोसीई डिखो, जो स्वयं नागा समुदाय से हैं, रविवार से ही प्रभावित इलाके में डटे हुए हैं और स्थानीय लोगों से बातचीत कर तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं। तंगखुल मणिपुर का सबसे बड़ा नागा समुदाय है, जबकि लितान सरेइखोंग गांव में कुकी समुदाय की आबादी अधिक है।

सावरकर को भारत रत्न की मांग पर गरमाई सियासत, विपक्षी नेताओं ने दिए जवाब

सावरकर को भारत रत्न की मांग पर गरमाई सियासत, विपक्षी नेताओं ने दिए जवाब

सावरकर को भारत रत्न की मांग पर गरमाई सियासत, विपक्षी नेताओं ने दिए जवाब
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नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि मोहन भागवत कैसे बयान देते हैं, समझ में नहीं आ रहा है। राजद सांसद मनोज झा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “भारत रत्न का गौरव आज तक किसी के लिए प्रतीक्षा कर रहा है क्या? मुझे समझ नहीं आ रहा कि मोहन भागवत कैसे बयान देते हैं। विसंगतियों पर बात करिए, सरकार तो आप ही चला रहे हैं, बाकी सब तो कठपुतली हैं।” निर्दलीय सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा, “अभिव्यक्ति की आजादी है। कोई किसी के लिए भी पुरस्कार की मांग कर सकता है। मोहन भागवत तो सरकार के मालिक हैं। उन्हें मांग करने की क्या जरूरत है? वे कह देंगे तो कौन मना करेगा?”
उन्होंने कहा कि देश की आजादी में किसका कितना बड़ा योगदान है, यह किसी से छिपा नहीं है। हम लंबे समय से कांशीराम साहब को भारत रत्न दिए जाने की मांग कर रहे हैं। 1857 क्रांति के नायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर के लिए भी हमने भारत रत्न की मांग की है, लेकिन ऐसे महापुरुषों को भारत रत्न न देकर सरकार इन वर्गों का अपमान कर रही है। यह हमारे लोग होने नहीं देंगे और वोट से इसका बदला लेंगे।”

सावरकर को भारत रत्न की मांग पर गरमाई सियासत, विपक्षी नेताओं ने दिए जवाब
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समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा, “बजट का जो हलवा बना था, वह ज्यादा किसे मिला? आज समय यह है कि 18 बड़ा है या शून्य? बजट पर चर्चा इसलिए होनी चाहिए क्योंकि अब किसान क्या करेगा? कभी भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था खोली थी और यह बताया गया था कि गरीब, किसान की तरक्की होगी, लेकिन जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो अमीर और अमीर और गरीब और गरीब हुआ है। उससे ज्यादा अर्थव्यवस्था आज खोल दी गई। ये सब बातें सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए की जा रही हैं।”
समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “हमें लगातार देखने को मिला है कि जब से भाजपा आई है, सत्तापक्ष के कभी माइक ऑफ नहीं होते, लेकिन विपक्ष के नेताओं और सांसदों का माइक ऑफ किया जाता है। तो अगर अविश्वास प्रस्ताव लाना है तो इंडी गठबंधन मिलकर ही ये प्रस्ताव लाएगी।”

हत्या के आरोप से युवक बरी, पुलिस के गवाहों की गवाही को कोर्ट ने माना संदिग्ध

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भरतपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या 3 की पीठासीन अधिकारी रेखा बाधवा ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए हत्या के आरोपी टीटू उर्फ रामसरन को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के अभाव और गवाहों के बयानों में विरोधाभास को देखते हुए आरोपी को संदेह कायह मामला 12 और 13 अगस्त 2022 की दरम्यानी रात का है, जब बराखुर निवासी अमरसिंह के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई थी। इस संबंध में मृतक की पत्नी सावित्री और पुत्री संजू (जो स्वयं पुलिस विभाग में कार्यरत हैं) ने थाना चिकसाना में टीटू उर्फ रामसरन सहित करीब सात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR संख्या 361/2022) दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 302, 450 और 506 IPC के तहत आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था। बचाव पक्ष के वकील यशवन्त सिंह फौजदार ने दलील दी कि मृतक का पुत्र नैमसिंह, जो राजस्थान पुलिस में तैनात है, घटना के समय ड्यूटी पर था, लेकिन उसने पुलिस में होने का फायदा उठाकर न्यायालय में झूठी गवाही दी कि वह घटना के वक्त घर पर मौजूद था।

हत्या के आरोप से युवक बरी, पुलिस के गवाहों की गवाही को कोर्ट ने माना संदिग्ध
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न्यायालय ने पाया कि परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा भी आरोपी के विरुद्ध मनगढ़ंत साक्ष्य पेश किए गए थे।
इसके अलावा, न्यायालय ने 27 जनवरी 2026 को ही पुलिस को फटकार लगाई थी क्योंकि SHO चिकसाना द्वारा मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य जैसे सी.डी.आर. (CDR), कैफ आई.डी. और लोकेशन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई थी। इस लापरवाही पर न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक, भरतपुर को उचित कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे।
मामले की अंतिम सुनवाई पूर्ण होने पर अदालत ने माना कि पुलिस और परिवादी पक्ष हत्या के आरोपों को सिद्ध करने में विफल रहे हैं। आरोपी की ओर से अधिवक्ता यशवन्त सिंह फौजदार ने पैरवी की, जबकि परिवादी पक्ष की ओर से लोक अभियोजक धर्मेन्द्र सिंह और अधिवक्ता जमुना प्रसाद उपस्थित रहे।

सैन्य संबंधों में मजबूतीः आर्मी ने नेपाली सेना को दिए 50 मिलिट्री यूटिलिटी वाहन

सैन्य संबंधों में मजबूतीः आर्मी ने नेपाली सेना को दिए 50 मिलिट्री यूटिलिटी वाहन

सैन्य संबंधों में मजबूतीः आर्मी ने नेपाली सेना को दिए 50 मिलिट्री यूटिलिटी वाहन
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नई दिल्ली । भारत और नेपाल के बीच मजबूत रक्षा संबंध रहे हैं। भारतीय सेना ने इस रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूती प्रदान करते हुए नेपाल की सेना को 50 सैन्य उपयोग वाले विशेष वाहन (मिलिट्री यूटिलिटी व्हीकल्स) सौंपे हैं। यह वाहन भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल सेना को हस्तांतरित किए गए। भारतीय सेना ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी दी और बताया कि इन वाहनों को काठमांडू में आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। नेपाल में भारत के राजदूत द्वारा औपचारिक रूप से यह पहल की जाएगी। भारतीय सेना का यह कदम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग को और गहराई देता है। यह कदम नेपाल सेना की क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) को सशक्त बनाने की दिशा में भारतीय सेना की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, यह दोनों सेनाओं के बीच मैत्री, आपसी विश्वास और घनिष्ठ सहयोग के मजबूत और स्थायी रिश्ते को भी रेखांकित करता है। गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में सहयोग इन द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, उपकरण सहयोग और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में दोनों देश लगातार मिलकर काम कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल न केवल भारत-नेपाल के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करती है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

सैन्य संबंधों में मजबूतीः आर्मी ने नेपाली सेना को दिए 50 मिलिट्री यूटिलिटी वाहन
सैन्य संबंधों में मजबूतीः आर्मी ने नेपाली सेना को दिए 50 मिलिट्री यूटिलिटी वाहन


अभी दिसंबर महीने के दौरान ही भारत व नेपाल की सेना ने एक संयुक्त अभ्यास भी किया था। यहां बादलों के फटने, फ्लैश फ्लड, भूकंप से इमारतों के ढहने व नदी की तेज धारा में फंसे लोगों को निकालने की तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया था। दोनों सेनाओं द्वारा अंजाम दिए गए संयुक्त सैन्य अभ्यास का नाम ‘सूर्य किरण’ था। इस मॉड्यूल में दोनों देशों की सेनाओं को उन्नत स्तर की आपदा प्रबंधन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया था।
एनडीआरएफ के विशेषज्ञों ने अभ्यास के दौरान आपदा पर आधारित सटीक बचाव तकनीकों का प्रदर्शन किया था। इनमें बादलों के फटने या अचानक आने वाली फ्लैश फ्लड से बचाव के उपाय शामिल थे। साथ ही भूकंप से इमारतों के ढहने पर संरचनात्मक खोज एवं बचाव के तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया। नदी-रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतर्गत तेज धारा में फंसे लोगों को निकालने की तकनीक सिखाई गई। प्राकृतिक आपदाओं जैसी अन्य आपात स्थितियों में त्वरित मदद के तरीके बताए गए थे।

मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार

मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार

मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार
मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार

मुंबई । मुंबई पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दिंडोशी पुलिस ने नकली राशन कार्ड बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 350 नकली राशन कार्ड समेत बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुजल दयाल (21) के रूप में हुई है, जो विरार इलाके में रहता है। दिंडोशी पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने उसके घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस ने 350 नकली राशन कार्ड बरामद किए, जो देखने में बिल्कुल असली जैसे थे। इनका इस्तेमाल पहचान पत्र और विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए किया जा सकता था। इसके अलावा पुलिस ने मौके से प्रिंटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। दिंडोशी पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए राशन कार्डों पर वसई, विरार, मीरा-भायंदर, नालासोपारा, दहिसर, बोरीवली, मलाड और कांदिवली जैसे इलाकों के पते दर्ज हैं। इससे अंदेशा है कि यह नेटवर्क काफी बड़े स्तर पर काम कर रहा था।

मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार
मुंबई: नकली राशन कार्ड गैंग का भंडाफोड़, 350 फर्जी कार्ड के साथ एक गिरफ्तार


पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसके पिता पहले नकली राशन कार्ड बनाने का काम करते थे। पिता की मृत्यु के बाद उसने इस धंधे को संभाल लिया और धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाता गया। पुलिस को शक है कि बड़ी संख्या में विदेशी घुसपैठियों, विशेष रूप से अवैध रूप से रह रहे लोगों ने पहचान स्थापित करने के लिए आरोपी से फर्जी राशन कार्ड बनवाए हैं।
मामला दर्ज करने के बाद दिंडोशी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने उसे 12 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुजल को नकली राशन कार्ड बनाने के ऑर्डर कौन देता था, उसने अब तक कितने कार्ड तैयार किए, और इस पूरे नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मुंबई पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त

गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त

गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त
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अहमदाबाद । अहमदाबाद पुलिस ने शहर के नारोल इलाके में एक ऑपरेशन के दौरान हेलमेट के नीचे छिपाई गई विदेशी शराब की एक बड़ी खेप जब्त की और एक ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूचना के आधार पर, पीसीबी टीम ने एसपी रिंग रोड पर, असलाली सर्कल के पास, साईंनाथ पार्किंग के पास निगरानी रखी और रविवार देर रात एक ट्रक को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान, अधिकारियों को गाड़ी के ऊपरी हिस्से में लोड किए गए 1,053 हेलमेट के नीचे बड़ी मात्रा में विदेशी शराब मिली। अधिकारियों ने बताया कि यह छिपाने का तरीका जानबूझकर रूटीन चेकिंग के दौरान पकड़े जाने से बचने के लिए बनाया गया था।
जांच करने पर, पुलिस ने 10,749 बोतल विदेशी शराब बरामद की, जिसकी कीमत लगभग 63,86,608 रुपए है। वहीं, हेलमेट की कीमत 5,25,447 रुपए है। इस कार्रवाई में ट्रक, एक मोबाइल फोन और कैश जब्त किया गया। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत 84.22 लाख रुपए से ज्यादा होने का अनुमान है।
शुरुआती जांच में पता चला कि यह खेप चंडीगढ़ में लोड की गई थी और गुजरात के शराबबंदी कानूनों का उल्लंघन करते हुए जूनागढ़ ले जाई जा रही थी।

गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त
गुजरात पुलिस ने शराब तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, ट्रक में हेलमेट के नीचे छिपी 10 हजार बोतलें जब्त

गिरफ्तार किए गए ट्रक चालक की पहचान 38 वर्षीय जॉनी बलदेवसिंह चंदेल के रूप में हुई है, जो हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के हवानी गांव का रहने वाला है। उससे खेप के सोर्स और इसे किसे पहुंचाया जाना था, यह पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शराब तस्कर अक्सर राज्य की सीमाओं के पार अवैध शराब ले जाने के लिए असली सामान का इस्तेमाल करते हैं, और इस खेप का पता लगाने और इसे रोकने के लिए कड़ी निगरानी और सही समय पर मिली जानकारी बहुत जरूरी थी। नारोल पुलिस स्टेशन इस तस्करी ऑपरेशन में शामिल बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
यह जब्ती गुजरात में हाल ही में हुए ऐसे ही ऑपरेशनों के बीच हुई है। अक्टूबर 2025 में सोला हाई कोर्ट पुलिस सर्विलांस स्क्वाड ने गोटा ब्रिज के पास एक ट्रक को रोका, जिसमें अस्पताल की दवाइयों के लेबल वाले बक्से थे, जिनके अंदर लगभग 30.9 लाख रुपए की 5,520 बोतलें और टिन इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) की छिपाई गई थीं। इस मामले में पंजाब के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
सितंबर 2025 में एक और घटना में, वडोदरा में कपूराई चौराहे के पास, स्पेशल मॉनिटरिंग सेल ने एक पिकअप ट्रक से 44.93 लाख रुपये की 8,231 बोतलें आईएमएफएल जब्त कीं। गाड़ी जब्त कर ली गई है और पुलिस ने इसमें शामिल संदिग्धों का पता लगाने की कोशिशें शुरू कर दीं।

प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी

प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी

प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी
प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी

जोधपुर। चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा मामले में 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच सकी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जोधपुर पुलिस अब पारंपरिक जांच के साथ-साथ वैज्ञानिक पद्धतियों का सहारा लेने की योजना बना रही है। एसीपी छवि शर्मा ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर संदिग्धों का DNA टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट (झूठ पकड़ने वाली मशीन) भी करवाया जा सकता है37 लोगों के बयान, 40 मोबाइल की सीडीआर खंगाली एसीपी छवि शर्मा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि जांच का दायरा काफी विस्तृत है। अब तक पुलिस 37 लोगों के विस्तृत बयान दर्ज कर चुकी है। तकनीक का सहारा लेते हुए जांच टीम ने 40 मोबाइल फोन की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली है, ताकि घटना से पूर्व और बाद के संपर्कों का मिलान किया जा सके।
जांच के घेरे में अस्पताल स्टाफ और सोशल मीडिया हैंडलर
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने पूछताछ के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं। अब तक की कार्रवाई में निम्नलिखित लोगों से पूछताछ की गई है:

प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी
प्रेम बाईसा केस : 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, अब DNA और पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी


अस्पताल प्रशासन: प्रेक्षा अस्पताल के 6 स्टाफ सदस्य और पूर्व में इलाज करने वाले 3 डॉक्टर।
करीबी रिश्तेदार: साध्वी के कजन, मैनेजर सहित परिवार के 7 सदस्य।
डिजिटल फुटप्रिंट: सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने वाले 4 हैंडलर।
अन्य: आस-पड़ोस के 5 लोग और 6 ऐसे व्यक्ति जिनके यहाँ साध्वी रुकी थीं या जो उनके संपर्क में रहे।
विसरा रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गुत्थी को सुलझाने में विसरा रिपोर्ट की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा और जांच को एक निश्चित दिशा मिल सकेगी। फिलहाल, पुलिस संदेह के घेरे में आए 5 व्यक्तियों से गहन पूछताछ कर रही है।
“जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता के साथ की जा रही है। साक्ष्यों के मिलान के लिए हम वैज्ञानिक तरीकों (DNA और पॉलीग्राफ) से भी पीछे नहीं हटेंगे। सच्चाई जल्द ही सामने आएगी।” — छवि शर्मा, एसीपी

सीमित संसाधनों में खुशहाल जीवन जीना सिखाता है स्काउट शिविर : डॉ. जाखड़

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सीमित संसाधनों में खुशहाल जीवन जीना सिखाता है स्काउट शिविर : डॉ. जाखड़
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जोधपुर। राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड जिला मुख्यालय के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय विशेष शिविर का समापन ‘मेगा कैंप फायर’ के साथ हुआ। यह शिविर विशेष रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति और विशेष आवश्यकता वाले सामाजिक वर्गों के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था।जीवन की चुनौतियों का सामना करने का मंत्र शिविर के अंतिम दिन विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और जिला सचिव डॉ. बी.एल. जाखड़ ने कहा कि स्काउट गाइड प्रशिक्षण का असली उद्देश्य प्रतिस्पर्धा की दौड़ में भागना नहीं, बल्कि उपलब्ध संसाधनों में बेहतर जीवन जीने की कला सीखना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्काउटिंग विद्यार्थियों को भौतिक संसाधनों के अभाव में निराश होने के बजाय मुस्कुराहट के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाती है।
सांस्कृतिक मूल्यों और साहसिक गतिविधियों का संगम
सहायक राज्य संगठन आयुक्त छतर सिंह पडियार ने ‘कैंप फायर’ को जीवन में मनोरंजन और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने स्काउट्स से मानवीय सेवाओं, यातायात नियंत्रण और अस्पताल जैसे सेवा स्थलों पर अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

सीमित संसाधनों में खुशहाल जीवन जीना सिखाता है स्काउट शिविर : डॉ. जाखड़
सीमित संसाधनों में खुशहाल जीवन जीना सिखाता है स्काउट शिविर : डॉ. जाखड़

शिविर की मुख्य गतिविधियाँ और उपलब्धियां
शिविर संचालक राजेंद्र कुमार लिंबा ने पांच दिवसीय गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विजेताओं की घोषणा की। ज्ञानेंद्रियों के खेल: अरविंद और विनीता ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। कार्ड मेकिंग प्रतियोगिता: गुलाब टोली प्रथम स्थान पर रही।
प्रशिक्षण सत्र : प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक चलने वाले सत्रों में साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ बिना बर्तन के भोजन बनाना, जंगल सफारी, कैंप क्राफ्ट और आधुनिक तकनीक जैसे सूचना प्रौद्योगिकी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
नि:शुल्क सुविधाओं का लाभ : इस शिविर में कुल 130 विद्यार्थियों (90 स्काउट और 40 गाइड) ने भाग लिया। राज्य मुख्यालय द्वारा प्रदत्त वित्तीय अनुदान के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को नि:शुल्क पोशाक, आवास, भोजन और यात्रा व्यय का पुनर्भरण किया गया।
शिविर के सफल संचालन में लीला चौधरी, प्रतिभा, ममता शर्मा, राजकुमार जोशी, बिशन सिंह प्रजापति और अन्य प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। व्यवस्था संबंधी कार्यों का जिम्मा भीख सिंह राजपुरोहित और रामविलास सैनी ने संभाला।

बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव

बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव

बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव
बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव

पटना । बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन को शनिवार को पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) से पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) शिफ्ट किया गया है। गिरफ्तारी के बाद सांसद की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, उसके बाद रात को उन्हें पुलिस पटना के आईजीआईएमएस लेकर पहुंची थी। शुक्रवार की देर रात पटना पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार किया था। उनके समर्थकों का कहना है कि राजनीतिक दबाव में ऐसी कार्रवाई की जा रही है। इस बीच, सांसद के निजी सचिव ने आरोप लगाया है कि उन्हें रात भर स्ट्रेचर पर गुजारनी पड़ी। पप्पू यादव के फेसबुक पेज पर उनके हवाले से लिखा गया, “रात भर आईजीआईएमएस में स्ट्रेचर पर रखने के बाद पटना पुलिस अभी सांसद पप्पू यादव को पीएमसीएच ले जा रही है. नीट बेटी की लड़ाई लड़ने के लिए उनके साथ सत्ता और प्रशासन के लोग ऐसा साजिश कर रहे हैं और उन्हें मारने की साजिश रच चुके हैं।”

बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव
बिहार: IGIMS से PMCH शिफ्ट किए गए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव

उन्होंने आगे लिखा कि इलाज के लिए पटना पुलिस ने सांसद को स्ट्रेचर पर रखा। पटना पुलिस उन्हें बेड तक नहीं दिला सकी आईजीआईएमएस में। ये बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था है। बता दें कि बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार की देर रात पटना के मंदिरी स्थित आवास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पप्पू यादव शुक्रवार की शाम पटना पहुंचे थे।
पुलिस के मुताबिक, उन्हें 1995 के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला गर्दनीबाग थाना से जुड़ा है, जो पहले पुरानी भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज था और अब भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत चल रहा है। इस मामले में सांसद पर आईपीसी की धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी का आरोप है। बताया जा रहा है कि अदालत में सुनवाई जारी थी, लेकिन सांसद की लगातार गैरहाजिरी चल रही थी।

द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां

द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां

द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां
द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां

नईदिल्ली। दक्षिण पश्चिम दिल्ली जिले की डाबड़ी पुलिस ने द्वारका में एक वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे की कार्रवाई में 11 युवतियों को मुक्त कराया जिनमें पांच नाबालिग बच्चियां थीं। पुलिस ने यह कार्रवाई एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन से मिली पुख्ता जानकारियों के बाद की जिसके सदस्यों ने फर्जी ग्राहक बनकर इस गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई। इन लड़कियों को बेहतर अवसरों और नौकरी का झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए पश्चिम बंगाल, असम और उत्तर प्रदेश से लाया गया था। पुलिस ने छापे में आठ ग्राहकों और मौके से दो अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनके इस अड्डे का संचालक होने का शक है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की ट्रैफिकिंग की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है। छापेमारी के दौरान पुलिस स्तब्ध रह गई जब एक लड़की बदहवास हालत में आलमारी में बंद मिली। मौके से कंडोम के पैकेट और सात कुत्ते भी मिले। एफआईआर के अनुसार, इन सभी को बंधुआ हालत में कैद करके रखा गया था और उन्हें कहीं भी मर्जी से जाने की इजाजत नहीं थी। वेश्यावृत्ति का यह अड्डा जिस घर से चल रहा था, वह चारों तरफ से बंद था और कुत्तों को शायद इसलिए रखा गया था कि कोई यहां से भाग नहीं पाए। छापेमारी के दौरान आलमारी से मिली लड़की बदहवास हालत में थी और डर के मारे कांप रही थी। काउंसलिंग के दौरान लड़कियों ने बताया कि उन्हें डरा धमका कर व लगातार कड़ी निगरानी में रखा जाता था और किसी को भी घर से बाहर कदम रखने की इजाजत नहीं थी।
राजधानी में 0देह व्यापार में लिप्त गिरोहों में ट्रैफिकिंग के जरिए लाए गए बच्चों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, “यह प्रकरण मौजूदा हालात की गंभीरता की ओर इशारा करता है। बच्चों को पड़ोसी राज्यों से बहला फुसला कर ट्रैफिकिंग के जरिए लाया जाता है और उन्हें अमानवीय स्थितियों में धकेल दिया जाता है।

द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां
द्वारका में वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापे में पांच नाबालिगों सहित कैद से मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां


कानून लागू करने वाली एजेंसियां तत्परता से अपना काम कर रही हैं लेकिन हमें यह यह ध्यान रखने की जरूरत है कि ट्रैफिकिंग एक संगठित अपराध है जिसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। ऐसे में हमारी रणनीति सुव्यवस्थित और बहुआयामी हो और छानबीन एक तय समयसीमा में होनी चाहिए। जब तक सभी आरोपियों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता, तब तक ट्रैफिकिंग और शोषण के ये गिरोह इसी तरह बेखौफ चलते रहेंगे।”
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) देश में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के 250 से भी ज्यादा सहयोगी संगठन ट्रैफिकिंग व शोषण के अन्य स्वरूपों से बच्चों की सुरक्षा के लिए देश के 450 से भी ज्यादा जिलों में काम कर रहे हैं।
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन ने पुलिस से सूचना साझा करने से पहले गहन छानबीन की ताकि जुटाए गए सबूत ठोस व प्रमाणिक हों। पर्याप्त जानकारी जुटाने के बाद इसके सदस्यों ने फर्जी ग्राहक बन कर इस अड्डे के संचालकों से बात की। इन संचालकों ने उन्हें कुछ लड़कियों के फोटो भेज कर पसंद की लड़की चुनने को कहा जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यहां ट्रैफिकिंग और वेश्यावृत्ति का अड्डा चल रहा है। टीम ने तुरंत इसकी सूचना दक्षिण पश्चिम दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर को दी। इसके बाद महिलाओं व बच्चों के लिए पुलिस की विशेष यूनिट ने छापे की कार्रवाई कर इन सभी लड़कियों को मुक्त कराया।