BREAKING.....प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग विमान तालाब में गिरा : एयरक्राफ्ट को निकलने की कोशिश जारी

BREAKING…..प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग विमान तालाब में गिरा : एयरक्राफ्ट को निकलने की कोशिश जारी

BREAKING.....प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग विमान तालाब में गिरा : एयरक्राफ्ट को निकलने की कोशिश जारी
BREAKING…..प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग विमान तालाब में गिरा : एयरक्राफ्ट को निकलने की कोशिश जारी

प्रयागराज। बुधवार दोपहर शहर के बीचोंबीच एक गंभीर हादसा हुआ, जब सेना का एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट उड़ान के दौरान अचानक तालाब में जा गिरा। यह घटना केपी कॉलेज के पीछे स्थित क्षेत्र में हुई, जहां प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान उड़ान भरते समय हवा में अचानक डगमगाने लगा और फिर नियंत्रण खोते हुए तालाब में गिर गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने साहसिक कदम उठाते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया और अब तक तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

हादसे के समय एयरक्राफ्ट में कुल कितने लोग सवार थे, इसकी जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, प्राथमिक रेस्क्यू कार्य के दौरान तीन लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद है और हालात का जायजा ले रही है।

स्थानीय प्रशासन ने इलाके को पूरी तरह से घेराबंदी कर दिया है ताकि रेस्क्यू और राहत कार्य सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल के पास न जाएं और बचाव कार्य में किसी भी तरह की बाधा न डालें। पुलिस और प्रशासन द्वारा इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मार्गों को नियंत्रित किया गया है।

इस हादसे से शहर में भय और चिंता का माहौल है। इलाके के लोग और छात्रों ने बताया कि विमान अचानक तालाब में गिरते ही तेज आवाज के साथ पानी का छींटा उठा और आसपास के लोग भयभीत हो गए। तुरंत ही स्थानीय लोग और छात्र सुरक्षा के लिए पहुंच गए और उन्होंने एयरक्राफ्ट में सवार लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। इस साहसिक प्रयास के कारण प्रारंभिक तौर पर तीन लोगों की जान बचाई जा सकी।

सेना अधिकारियों ने भी घटना की पुष्टि करते हुए राहत और बचाव कार्य में समर्थन देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की जांच जल्द से जल्द शुरू की जाएगी और इसमें तकनीकी विशेषज्ञता के साथ पूरी सावधानी बरती जाएगी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, एयरक्राफ्ट ट्रेनिंग उड़ान पर था और किसी तकनीकी खराबी या मौसम के कारण दुर्घटना हुई हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।

हादसे के बाद प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी है। फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और एयरक्राफ्ट के मलबे से अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र की दुकानें और रास्तों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है ताकि रेस्क्यू कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।

BREAKING.....प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग विमान तालाब में गिरा : एयरक्राफ्ट को निकलने की कोशिश जारी
BREAKING…..प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग विमान तालाब में गिरा : एयरक्राफ्ट को निकलने की कोशिश जारी

स्थानीय नागरिकों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया और घायल या फंसे हुए लोगों की मदद के लिए खुद आगे आए। इसके साथ ही नागरिक प्रशासन को आवश्यक सूचना और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नजदीकी अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाएगा।

हादसे के कारण शहर के मुख्य मार्गों और आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और लोगों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रेस्क्यू और राहत कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।

सेना के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि एयरक्राफ्ट में ट्रेनिंग के लिए सवार लोग प्रशिक्षु या प्रशिक्षक हो सकते हैं। हालांकि, सवारियों की संख्या और उनकी पहचान की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। प्रारंभिक बचाव कार्य के बाद, तकनीकी और विमान संचालन विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए बुलाया जाएगा।

हादसे के कारणों की जांच के लिए प्रशासन उच्च स्तरीय समिति गठित कर सकता है। इसमें विमान संचालन, मौसम की स्थिति, तकनीकी खराबी और प्रशिक्षण प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की जाएगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

इस घटना ने शहरवासियों में डर और चिंता पैदा कर दी है। वहीं, राहत और बचाव कार्य में स्थानीय लोगों की भागीदारी ने एक सकारात्मक पहलु को उजागर किया है। प्रशासन और सेना के सहयोग से यह आशा जताई जा रही है कि जल्द ही अन्य सवारियों को भी सुरक्षित निकाल लिया जाएगा और हादसे के कारणों का पता लगाया जाएगा।

अंततः, प्रयागराज में बुधवार दोपहर हुई इस विमान दुर्घटना ने सभी के लिए चेतावनी और सुरक्षा के महत्व को उजागर कर दिया है। प्रशासन और सेना मिलकर प्रभावित लोगों को राहत प्रदान कर रहे हैं और जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। शहरवासियों को प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है और सभी को हादसे की सूचना पर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

इस प्रकार, यह हादसा न केवल एक सुरक्षा चुनौती प्रस्तुत करता है, बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच सहयोग और आपदा प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका को भी दर्शाता है।

कागजों में कार्रवाई और जमीन पर लाशें—केरू ओरण में अवैध रॉयल्टी नाका बना काल

कागजों में कार्रवाई और जमीन पर लाशें—केरू ओरण में अवैध रॉयल्टी नाका बना काल

कागजों में कार्रवाई और जमीन पर लाशें—केरू ओरण में अवैध रॉयल्टी नाका बना काल
कागजों में कार्रवाई और जमीन पर लाशें—केरू ओरण में अवैध रॉयल्टी नाका बना काल

जोधपुर (केरू)। प्रशासन की लापरवाही और लीपापोती का खौफनाक नतीजा मंगलवार को केरू-खसरा नंबर 1174 (ओरण भूमि) पर देखने को मिला। जहाँ एक ओर विभाग फाइलों में अवैध रॉयल्टी नाकों पर कार्रवाई के दावे कर रहे हैं, वहीं आज इसी ‘मूलानाडा’ अवैध रॉयल्टी नाके के पास हुए बस-ट्रेलर हादसे ने 4 लोगों की जान ले ली और 16 को घायल कर दिया।
हाईकोर्ट की चेतावनी भी बेअसर राजस्थान हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अवैध धर्मकांटों और रॉयल्टी नाकों को तुरंत हटाया जाए। कोर्ट ने कड़ी चेतावनी भी दी थी, लेकिन जमीनी हकीकत दावों के उलट है। केरू की ओरण भूमि पर संचालित इस नाके पर न तो कोई पीला पंजा चला और न ही इसका संचालन बंद हुआ।
फाइलों में ‘खानापूर्ति’, सड़क पर ‘खतरा’
स्थानीय सूत्रों और मौके की स्थिति के अनुसार यथावत ढांचा : रॉयल्टी नाके का प्लेटफॉर्म, कांटा और ऑफिस जस का तस खड़ा है।

कागजों में कार्रवाई और जमीन पर लाशें—केरू ओरण में अवैध रॉयल्टी नाका बना काल
कागजों में कार्रवाई और जमीन पर लाशें—केरू ओरण में अवैध रॉयल्टी नाका बना काल


सड़क पर बाधा : भारी वाहनों को अचानक रोकने और मोड़ने के कारण यह स्थान एक ‘डेथ ट्रैप’ (मौत का जाल) बन चुका है।
प्रशासनिक मिलीभगत : माइनिंग विभाग, जेडीए (JDA) और NHAI—तीनों ही विभागों ने अब तक न तो एक्सेस बंद किया और न ही ओरण भूमि पर हुए इस अवैध निर्माण को ध्वस्त किया।
हादसे ने खोली पोल : क्या यह हत्या है?20 जनवरी 2026 को हुआ यह भीषण हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता का परिणाम है।
सवाल: यदि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार समय रहते इस नाके को हटा दिया जाता और सड़क को बाधा-मुक्त कर दिया जाता, तो क्या इन 4 लोगों की जान बचाई जा सकती थी?
ओरण भूमि का उल्लंघन : आरक्षित चारागाह और ओरण भूमि पर व्यावसायिक निर्माण स्वयं में अवैध है, फिर भी प्रशासन का मौन रहना मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
प्रशासन ने फाइलों में निरीक्षण और बैठकों का उल्लेख कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन हकीकत में ‘नो एक्शन’ मोड ने आज कई घरों के चिराग बुझा दिए। क्या अब इस हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर से एक नई फाइल दबा दी जाएगी?

VIDEO VIRAL : बदहाली के आंसू रो रहा माचिया बायोलॉजिकल पार्क, पर्यटक ने वीडियो बना खोली व्यवस्थाओं की पोल

VIDEO VIRAL : बदहाली के आंसू रो रहा माचिया बायोलॉजिकल पार्क, पर्यटक ने वीडियो बना खोली व्यवस्थाओं की पोल

VIDEO VIRAL : बदहाली के आंसू रो रहा माचिया बायोलॉजिकल पार्क, पर्यटक ने वीडियो बना खोली व्यवस्थाओं की पोल
VIDEO VIRAL : बदहाली के आंसू रो रहा माचिया बायोलॉजिकल पार्क, पर्यटक ने वीडियो बना खोली व्यवस्थाओं की पोल

जोधपुर। ‘सन सिटी’ के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शुमार माचिया जैविक उद्यान (Machia Biological Park) इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर एक पर्यटक द्वारा बनाया गया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पार्क के भीतर वन्यजीवों की दयनीय स्थिति और चरमराई हुई व्यवस्थाओं को साफ देखा जा सकता है। खास खबर डॉट कॉम इस वीडियो का पुष्टि नहीं करता है।
वायरल वीडियो में पर्यटक ने दिखाया है कि किस तरह वन्यजीवों के बाड़ों में झाड़-झंखाड़ उगे हुए हैं और पीने के पानी के कुंडों में काई जमी हुई है। वीडियो बना रहे पर्यटक को यह कहते सुना जा सकता है कि, “पार्क के नाम पर यहाँ केवल धूल और सूखापन है, जानवरों के लिए न तो पर्याप्त छांव है और न ही साफ पानी।” सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
यह वीडियो जैसे ही फेसबुक और एक्स (X) पर वायरल हुआ, वन्यजीव प्रेमियों ने वन विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यूज़र्स इस वीडियो को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि—”क्या पर्यटकों से लिए जाने वाले टिकट के पैसों का इस्तेमाल जानवरों के रखरखाव में नहीं होता?”

VIDEO VIRAL : बदहाली के आंसू रो रहा माचिया बायोलॉजिकल पार्क, पर्यटक ने वीडियो बना खोली व्यवस्थाओं की पोल
VIDEO VIRAL : बदहाली के आंसू रो रहा माचिया बायोलॉजिकल पार्क, पर्यटक ने वीडियो बना खोली व्यवस्थाओं की पोल


“बायोलॉजिकल पार्क के नाम पर यह बेजुबानों के साथ क्रूरता है।”
पर्यटन और वन्यजीवों पर संकट
जोधपुर की तपती गर्मी के बीच इस तरह की लापरवाही वन्यजीवों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। वीडियो में दिख रही अव्यवस्थाओं ने विभाग के उन दावों की भी पोल खोल दी है, जिसमें हर साल लाखों रुपये रखरखाव के नाम पर खर्च किए जाने की बात कही जाती है।
प्रशासन का मौन
वीडियो वायरल होने और सोशल मीडिया पर भारी विरोध के बावजूद, अभी तक वन विभाग के किसी उच्च अधिकारी ने इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। पर्यटकों का कहना है कि यदि जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो जोधपुर का यह प्रमुख पर्यटन केंद्र अपनी पहचान खो देगा।

सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा

सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा

सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा
सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा

लूनकरनसर। कहा जाता है कि यदि व्यक्ति के हौसलों में उड़ान हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है। सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को उम्र का मोहताज नहीं होना पड़ता। इसी कहावत को सच कर दिखाया है बीकानेर जिले की लूनकरनसर नगर पालिका निवासी राजेंद्र कुमार चौधरी ने, जिन्होंने 50 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षण संस्थान (NIOS) से दसवीं कक्षा उत्तीर्ण कर समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
राजेंद्र कुमार चौधरी ने यह सिद्ध कर दिया कि सीखने और पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। आत्मबल और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की, जो युवाओं के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा
सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा

उल्लेखनीय है कि चौधरी अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए चार संतानों के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। उनकी ज्येष्ठ पुत्री विवाहित हैं, मंझली पुत्री राजकीय महाविद्यालय, तारानगर, चूरु में वनस्पति शास्त्र विषय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं, अनुज पुत्री प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं तथा उनका इकलौता पुत्र आईटीआई उत्तीर्ण कर निजी क्षेत्र की कंपनी में सेवाएं दे रहा है। अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के बाद, उनसे प्रेरणा लेकर उन्होंने स्वयं अध्ययन प्रारंभ किया और यह संदेश दिया कि उम्र कभी भी सीखने और सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली के द्वारका जिले में एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की। टीम ने सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े एक अपराधी और हथियारों के सप्लायर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर दो देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई अपराध की रोकथाम और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रवि उर्फ बुधि उर्फ जलेबी (37) और निशांत (21) के रूप में हुई है। रवि, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है और उसके खिलाफ पहले से ही 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और निशांत ने रवि को अवैध हथियार उपलब्ध कराया था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, डीसीपी द्वारका जिला के निर्देश पर एएटीएस की टीम को न सिर्फ अपराध का पता लगाने बल्कि उसकी रोकथाम के लिए भी लगातार सतर्क रहने को कहा गया था। इसी के तहत गैंग से जुड़े लोगों और वसूली जैसी गतिविधियों में शामिल संदिग्धों पर नजर रखी जा रही थी।
इस अभियान के लिए एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें सब-इंस्पेक्टर धनंजय, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश, हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, हेड कांस्टेबल घनश्याम और कांस्टेबल अरविंद शामिल थे। टीम की निगरानी इंस्पेक्टर कमलेश कुमार और एसीपी ऑपरेशंस, रविंदर अहलावत कर रहे थे।

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार


पुलिस को 11 जनवरी को एक गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने रवि उर्फ बुधि उर्फ जलेबी को एक लोडेड देसी पिस्तौल के साथ दबोच लिया। इसके बाद पूछताछ के दौरान हथियार के स्रोत के बारे में जानकारी मिली, जिसके आधार पर निशांत को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से भी एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में रवि ने खुलासा किया कि वह पहले से 14 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और हिरासत के दौरान उसकी पहचान सद्दाम गौरी गैंग के सदस्यों से हुई थी। जल्दी पैसा कमाने के लालच में वह गैंग के साथ जुड़ गया और स्थानीय ड्रग पैडलरों और अवैध शराब कारोबारियों से वसूली की योजना बना रहा था। इसी मकसद से उसने निशांत से हथियार हासिल किए थे।
रवि उत्तम नगर के ओम विहार फेज-3 का रहने वाला है, जबकि निशांत हस्ता सल रोड स्थित जेजे कॉलोनी का निवासी है। इस मामले में पुलिस थाना उत्तम नगर में एफआईआर नंबर 25/26, दिनांक 11 जनवरी, आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/54/59 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है और गैंग के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी

बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी

बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी
बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी

पटना । बिहार की राजधानी पटना के नदी थाना क्षेत्र में मंगलवार को पुलिस ने एक बच्चे का शव बरामद किया है। बच्चे का शव बरामद होने के बाद कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। शव को देखने के बाद आशंका व्यक्त की जा रही है कि तेज धारदार हथियार से हत्या कर शव को फेंक दिया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पटना के नदी इलाके के कच्ची दरगाह के पास बच्चे का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया है। शव को लेकर पुलिस सभी से जांच-पड़ताल कर रही है। पटना (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक कुंदन कुमार ने बताया कि कच्ची दरगाह व्यस्तम इलाका है। यहां पर दो से तीन महीने के बच्चे का शव बरामद किया गया है।

बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी
बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी

धड़ से सिर अलग किया हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले को लेकर नदी थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि एफएसएल की टीम और डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया है। आसपास के थानों को भी इसकी सूचना दी गई है। प्रयास है कि हाल में गायब हुए बच्चों के अभिभावकों को भी इसकी सूचना दी जा रही है कि वे शव को देख लें।
उन्होंने बताया कि फतुहा अनुमंडल पुलिस उपाधीक्षक -एक के नेतृत्व में इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इधर, इलाके के लोग नरबलि की आशंका से सहमे हुए हैं। जिस जगह पर बच्चे का सिर मिला है, पुलिस उस जगह के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगालने में जुटी है ताकि कोई सुराग मिल सके। हालांकि पुलिस अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रही है।

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, दया नहीं, 30 साल बाद 83 वर्षीय विधवा को मिला हक

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चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पेंशन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और मानवीय निर्णय सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पेंशन कोई खैरात, दया या अनुदान नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी द्वारा अपनी सेवा के दौरान अर्जित किया गया एक कानूनी अधिकार है। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ ने 83 वर्षीय बुजुर्ग महिला बदका देवी को पिछले तीन दशकों से लंबित पारिवारिक पेंशन जारी करने के आदेश दिए हैं। 30 साल का लंबा इंतजार और विभाग की दलीलें याचिकाकर्ता बदका देवी के पति स्वर्गीय राम दास लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट में माली के पद पर कार्यरत थे, जिनका 1991 में निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद से ही बुजुर्ग महिला पेंशन, एरियर, एलटीसी और मेडिकल भत्तों के लिए दर-दर भटक रही थीं। राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि याचिकाकर्ता ने आवेदन करने में बहुत देरी (करीब 30 साल) की है, इसलिए यह याचिका खारिज की जानी चाहिए।
कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: “देरी के आधार पर हक नहीं छीन सकते”

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, दया नहीं, 30 साल बाद 83 वर्षीय विधवा को मिला हक
हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, दया नहीं, 30 साल बाद 83 वर्षीय विधवा को मिला हक


हाईकोर्ट ने सरकार की दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, पेंशन का दावा एक “निरंतर चलने वाला अधिकार” है। हर महीने पेंशन का भुगतान न होना एक नया कारण (Cause of Action) पैदा करता है। केवल अशिक्षा या जानकारी के अभाव में हुई देरी के आधार पर किसी बुजुर्ग को उसके जीवित रहने के हक से वंचित नहीं किया जा सकता।
6% ब्याज के साथ बकाया भुगतान के निर्देश
न्यायालय ने राहत प्रदान करते हुए आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को याचिका दायर करने की तिथि से 3 वर्ष पूर्व तक का पूरा बकाया (Arrears) 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ दिया जाए। अगले चार सप्ताह के भीतर नियमित पारिवारिक पेंशन और अन्य सभी भत्तों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत
याचिकाकर्ता की अधिवक्ता गीतांजलि छाबड़ा ने इस फैसले को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह निर्णय उन हजारों बुजुर्गों के लिए उम्मीद की किरण है जो तकनीकी कारणों या विभागीय लेटलतीफी की वजह से अपनी पेंशन से वंचित हैं। 83 वर्ष की आयु में मिली यह कानूनी जीत न्यायपालिका के प्रति आम जन के विश्वास को और मजबूत करती है।

पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार

कोलकाता । पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में पिछले सप्ताह भड़के हिंसक प्रदर्शनों के मामले में पुलिस ने मंगलवार को पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के बाद इन आरोपियों की पहचान की गई। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 36 हो गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नूर आलम, रबीउल इस्लाम, नूर आलम मोल्ला, लादिम शेख और तुफैल शेख के रूप में की गई है। मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक सनी राज ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो के विश्लेषण के बाद इन लोगों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद इन्हें हिरासत में लिया गया।
बेलडांगा में हुई हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग को लेकर सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने इस जनहित याचिका को दाखिल करने की अनुमति दे दी। इससे पहले, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी राज्यपाल आनंद बोस को पत्र लिखकर बेलडांगा में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का अनुरोध किया था।
झारखंड में मुर्शिदाबाद जिले के एक प्रवासी मजदूर की मौत के बाद से ही बेलडांगा और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। इसी घटना के विरोध में पिछले शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शन हुए थे। शनिवार की सुबह एक बार फिर बेलडांगा में अशांति फैल गई।

पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार


झारखंड में कथित तौर पर एक प्रवासी मजदूर की हत्या के विरोध में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा के बरुआ मोड़ चौराहे को जाम कर दिया। न्याय की मांग कर रहे इन प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इतना ही नहीं, घटना को कवर करने पहुंचे कई मीडियाकर्मियों पर भी हमला किया गया। प्रदर्शन के दौरान सियालदह-लालगोला रेलखंड पर महेशपुर के पास रेलवे लाइन को भी बाधित किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने रेलवे पटरियों पर बांस के डंडे गाड़ दिए और प्रवासी मजदूर की तस्वीरें लटकाकर प्रदर्शन किया। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही हालात और बिगड़ गए और स्थानीय लोगों तथा पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस के बहरामपुर सांसद यूसुफ पठान द्वारा इलाके का दौरा न करने को लेकर भी सवाल उठते रहे। घटना के तीन दिन बाद यूसुफ पठान ने स्थिति का जायजा लेने के लिए बेलडांगा का दौरा किया।
मंगलवार को हुई गिरफ्तारियों से पहले इस मामले में हैदराबाद स्थित अल्पसंख्यक राजनीतिक पार्टी एआईएमआईएम के एक नेता सहित 31 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर नाकाबंदी हटाई और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किए गए।

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

नई दिल्ली । द्वारका जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) की टीम ने अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। गिरफ्तार किया गया आरोपी मोहित पहले से ही हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम से जुड़े कई मामलों में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार, एएटीएस द्वारका जिला की सतर्क टीम ने नियमित पेट्रोलिंग और गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। द्वारका जिले के डीसीपी के निर्देश पर अपराध की रोकथाम और अपराधियों की धरपकड़ के लिए टीमों को लगातार अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसी कड़ी में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
यह टीम उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल मनीष कुमार, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल सोनू और हेड कांस्टेबल मनोज कुमार की थी, जो इंस्पेक्टर कमलेश कुमार, प्रभारी एएटीएस द्वारका के पर्यवेक्षण में और एसीपी/ऑपरेशंस की समग्र निगरानी में काम कर रही थी।

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

टीम ने आरोपी मोहित (34) को धर दबोचा। आरोपी की पहचान मोहित पुत्र सुरेंद्र के रूप में हुई है, जो दिल्ली के जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव धांसा, जितियन पाना, फिरनी वाला रोड का रहने वाला है।
तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया, जिसे उसने अवैध रूप से रखा हुआ था। आरोपी मोहित का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम सहित चार से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से इलाके में किसी बड़ी वारदात को टालने में मदद मिली है।
इस मामले में आरोपी के खिलाफ थाना द्वारका नॉर्थ में एफआईआर संख्या 17/26, दिनांक 11 जनवरी 2026, धारा 25/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह हथियार कहां से लाया था और इसके पीछे उसका मकसद क्या था।

दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच

दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच

दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच
दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच

नई दिल्ली । पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर पुलिस स्टेशन में लूट और चाकू मारने की घटना में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूट में इस्तेमाल मोबाइल फोन और चाकू भी बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार 2 जनवरी की रात को पुलिस स्टेशन न्यू अशोक नगर को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से सूचना मिली कि एक व्यक्ति को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल किया गया है। घायल व्यक्ति की पहचान जय प्रकाश (32 साल), निवासी ओल्ड कोंडली, दिल्ली के रूप में हुई। उसे गंभीर चोटों के कारण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। जय प्रकाश को पेट और पीठ के बीच चाकू के घाव लगे थे। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी कल्याणपुरी की निगरानी में पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन पीड़ित ने घटनास्थल की पहचान करने में सहयोग नहीं किया। इससे जांच में देरी हुई और पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और इंटेलिजेंस पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।
पुलिस ने लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की जांच की और कोंडली पुल के पास मिले फुटेज से पता चला कि पीड़ित एक साइकिल पर नहर रोड की तरफ जा रहा था, जिसके पीछे एक नाबालिग लड़का हरी जैकेट पहने बैठा था। लगभग 23 मिनट बाद, पीड़ित को कोंडली मोड़ पर घायल अवस्था में लौटते हुए देखा गया, जबकि वही नाबालिग लड़का पीछे से दौड़ते हुए दिखा।

दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच
दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच


पुलिस ने नाबालिग से पूछताछ की। उसने बताया कि एक अन्य व्यक्ति देवराज के साथ मिलकर उसने जय प्रकाश पर हमला करने की योजना बनाई थी। देवराज कोंडली का निवासी है। पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ के दौरान देवराज ने खुलासा किया कि उसने नाबालिग के साथ मिलकर जय प्रकाश पर हमला किया था। उसने बताया कि जय प्रकाश ने नाबालिग का यौन शोषण किया था, जिससे नाबालिग और देवराज में गुस्सा और बदला लेने की भावना पैदा हुई।
इस बदले के रूप में, दोनों ने मिलकर डकैती की योजना बनाई और सुनसान इलाके में पीड़ित को चाकू मारकर उसका मोबाइल फोन और कुछ पैसे लूट लिए। नाबालिग ने भी साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की। वही, हमले के पीड़ित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और मामले में आगे की जांच जारी है।