नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद

नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद

नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद
नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद

नई दिल्ली । कल्याणपुरी पुलिस स्टेशन की टीम ने मोबाइल फोन स्नैचिंग के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से छीना गया मोबाइल बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि पूर्वी जिले में चोरी और झपटमारी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए कल्याणपुरी पुलिस स्टेशन के कर्मियों को गश्ती के लिए निर्देशित किया गया था, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया। टीम ने सक्रिय रूप से स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाई, मुखबिरों को सक्रिय किया और संवेदनशील क्षेत्रों में रणनीतिक निगरानी की। पुलिस की ओर से बताया गया कि 27 अप्रैल को रात साढ़े आठ बजे ओम प्रकाश सिंह यादव नाम के एक शख्स ने झपटमारी की एक घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय नितिन को गिरफ्तार किया। उसके पास से मोबाइल बरामद किया गया।

नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद
नई दिल्ली: पुलिस ने मोबाइल छीनने वाले एक आरोपी को पकड़ा, फोन बरामद


वहीं, एक और मामले में पुलिस ने जानकारी दी कि मधु विहार पुलिस स्टेशन के ईआरवी स्टाफ ने चोरी की एक मोटरसाइकिल और गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत उसके पास से 71.58 ग्राम गांजा बरामद किया गया। 27-28 अप्रैल की दरमियानी रात ईआरवी स्टाफ ने गश्त के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को मोटरसाइकिल पर बैठे देखा। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और थोड़ी दूर तक पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि अपराध करते समय पकड़े जाने से बचने के लिए उसने मोटरसाइकिल अपनी निजी आवाजाही के लिए और आगे के चोरी की थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह अपने निजी इस्तेमाल के साथ-साथ स्थानीय संपर्कों को छोटी मात्रा में बेचने के लिए भी गांजा खरीदता और अपने पास रखता था।

तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया

तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया

तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया
तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया

हैदराबाद । तेलंगाना सरकार ने गुरुवार को निवर्तमान पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी को राज्य सुरक्षा सलाहकार (एसएसए) नियुक्त किया। एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि वह पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए पुलिस, कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, नशीले पदार्थों के नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सलाह देंगे। उन्हें सरकार के मुख्य सचिव का दर्जा और रैंक प्राप्त होगा। सरकारी आदेश (जीओ) के अनुसार, उन्हें प्रति माह 2.25 लाख रुपये का निश्चित वेतन दिया जाएगा।
बता दें कि शिवधर रेड्डी गुरुवार (30 अप्रैल) को सेवा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सरकार ने पहले ही सी.वी. आनंद को अगला डीजीपी नियुक्त कर दिया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, शिवधर रेड्डी कार्यालय आवास के हकदार हैं। वह किराए के या अपने घर के बदले में किराया-मुक्त आवास या 50,000 रुपये के एचआरए (मकान किराया भत्ता) के भी हकदार हैं।
एसएसए (विशेष सुरक्षा सलाहकार) को एक सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा।

तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया
तेलंगाना सरकार ने निवर्तमान डीजीपी शिवधर रेड्डी को सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया

गृह विभाग उन्हें एक ओएसडी, एक निजी सचिव, एक निजी सहायक, दो ड्राइवर और चार कार्यालय सहायक उपलब्ध कराएगा।
इस बीच, राज्य सरकार ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी. हनुमंत राव को पिछड़े वर्गों (बीसी) के कल्याण और विकास के लिए सरकार का सलाहकार भी नियुक्त किया है। उन्हें राज्य में राज्य मंत्री का दर्जा और रैंक प्राप्त होगा।
मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने इस संबंध में एक सरकारी आदेश जारी किया है। सरकारी आदेश में कहा गया है कि उन्हें ‘वारंट ऑफ प्रेसिडेंस’ (वरीयता क्रम) के अनुच्छेद 18 में स्थान दिया जाएगा। यह व्यवस्था केवल इस विशिष्ट व्यक्ति के लिए उनके कार्यकाल की अवधि तक लागू होगी, और इसके लिए ‘राज्य वरीयता क्रम तालिका’ में किसी औपचारिक संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी।
पूर्व सांसद और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हनुमंत राव, तेलंगाना से राज्यसभा की दो सीटों के लिए हाल ही में हुए चुनावों में इस सीट के लिए एक प्रबल दावेदार थे। हालाँकि, पार्टी ने अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी को चुना। दोनों सर्वसम्मति से संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के लिए चुने गए।
सिंघवी दूसरी बार चुने गए, जबकि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के करीबी मित्र नरेंद्र रेड्डी ने सांसद के रूप में अपना पहला कार्यकाल शुरू किया।

जोधपुर में माफिया राज के आगे 'सिस्टम' नतमस्तक? क्या अब ईमानदारी ही सबसे बड़ा अपराध है

जोधपुर में माफिया राज के आगे ‘सिस्टम’ नतमस्तक? क्या अब ईमानदारी ही सबसे बड़ा अपराध है

जोधपुर में माफिया राज के आगे 'सिस्टम' नतमस्तक? क्या अब ईमानदारी ही सबसे बड़ा अपराध है
जोधपुर में माफिया राज के आगे ‘सिस्टम’ नतमस्तक? क्या अब ईमानदारी ही सबसे बड़ा अपराध है

जोधपुर। जोधपुर कमिश्नरेट का केरू क्षेत्र आज एक ऐसे सवाल से जूझ रहा है, जिसका जवाब देने की हिम्मत शायद ही किसी अधिकारी या सफेदपोश नेता में हो। राजीव गांधी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली केरू चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक किशोर सिंह का तबादला केवल एक रूटीन प्रक्रिया नहीं, बल्कि ईमानदारी के सीने पर माफिया का सीधा प्रहार नजर आता है। 

जब एक जांबाज अधिकारी बजरी और रेत माफिया की कमर तोड़ने लगता है, तो उसे ‘इनाम’ के तौर पर तबादला थमा दिया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि किशोर सिंह के सख्त पहरे ने अवैध खनन करने वालों की नींद उड़ा दी थी। लेकिन सवाल यह है कि: क्या बजरी माफिया इतना रसूखदार हो गया है कि वह पुलिस मुख्यालय की फाइलों तक अपनी पहुंच रखता है?
क्या खाकी पर अब माफिया का कब्जा है, जो अपनी मर्जी से अधिकारियों की तैनाती और विदाई तय कर रहा है?
केरू की गलियों और चौपालों पर आज मायूसी और गुस्सा है। ग्रामीणों का दर्द सीधा है—”अगर कोई अधिकारी हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने और अवैध खनन रोकने के लिए लड़ता है, तो उसे व्यवस्था से बाहर क्यों कर दिया जाता है?”
व्यवस्था पर चोट: यह तबादला एक ईमानदार अधिकारी का नहीं, बल्कि आमजन के उस भरोसे का है जो उन्होंने पुलिस प्रशासन पर किया था।

जोधपुर में माफिया राज के आगे 'सिस्टम' नतमस्तक? क्या अब ईमानदारी ही सबसे बड़ा अपराध है
जोधपुर में माफिया राज के आगे ‘सिस्टम’ नतमस्तक? क्या अब ईमानदारी ही सबसे बड़ा अपराध है


निशाने पर न्याय: बुजुर्गों और युवाओं का एक ही सवाल है कि क्या सच में सिस्टम में ‘ईमानदारी’ सबसे बड़ी कमजोरी बन चुकी है?
यह घटनाक्रम जोधपुर कमिश्नरेट की कार्यशैली पर एक गहरा काला धब्बा है। आज केरू की हवाओं में एक ही सवाल गूंज रहा है:
क्या सरकार और पुलिस के आला अधिकारी माफिया के इस ‘सिंडिकेट’ को तोड़ने की हिम्मत दिखाएंगे?
क्या किशोर सिंह के तबादले की निष्पक्ष जांच होगी, ताकि जनता जान सके कि इस फाइल के पीछे किसका ‘हाथ’ था?
आखिर कब तक ईमानदारी की कीमत ऐसे तबादलों से चुकानी पड़ेगी?
“ईमानदारी की कीमत कब तक चुकानी पड़ेगी?” – केरू के ग्रामीणों की यह आवाज अब केवल एक गांव की नहीं, बल्कि समूचे राजस्थान की व्यवस्था से की गई एक भावुक मगर बेहद सख्त अपील है। अगर समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई, तो माफिया का मनोबल इस कदर बढ़ जाएगा कि भविष्य में कोई भी अधिकारी माफिया के खिलाफ हाथ डालने की जहमत नहीं उठाएगा।

जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार

जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार

जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार
जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार

जालंधर । जालंधर पुलिस ने गुरुवार को एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो सेना से जुड़े प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर सैन्य गतिविधियों को कैमरे में कैद करके उसे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेज रहा था। पुलिस ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर दी है। पुलिस ने इस गिरोह में संलिप्त सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि आखिर इसके पीछे उसका मकसद क्या था? पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से 4 जी कनेक्टिविटी वाले सोलर सीसीटीवी उपकरण भी बरामद किए हैं। आरोपी इसी कैमरे को सैन्य प्रतिष्ठानों में लगाता था। इसके बाद वह मोबाइल एप्स का सहारा लेकर उससे सैन्य गतिविधियों से जुड़े वीडियो को पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजा करता था।

जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार
जालंधर: सैन्य प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी लगाकर वीडियो भेजता था पाकिस्तान, आरोपी गिरफ्तार


पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की विधिवत जांच के लिए अमृतसर के पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है। एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब पुलिस इस मामले की गहनता से जुड़े करेगी। पुलिस का कहना है कि इस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच करेगी और जो कोई भी इसमें संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है, ताकि उनसे इस मामले के संदर्भ में पूछताछ की जाए और इस बारे में अन्य जानकारी भी जुटाई जा सके।
पुलिस ने अपने बयान में कहा कि हमारी टीम इस तरह के मामलों की जांच पूरी प्रतिबद्धता से करेगी और अगर कोई भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। पुलिस ने कहा कि राज्य में शांति को स्थापित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी हो जाती है। इस तरह की कार्रवाई में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं होनी चाहिए।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद

नई दिल्ली। नई दिल्ली की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने एक शातिर स्नैचर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस ने रंजीत नगर थाने में दर्ज एक स्नैचिंग मामले को सुलझा लिया है। आरोपी की पहचान रघुबीर नगर के रहने वाले राहुल उर्फ ​​गांजा उर्फ ​​नागेंद्र (34) के रूप में हुई है। गुप्त सूचनाओं और लगातार निगरानी के बाद एक सुनियोजित अभियान के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
27 अप्रैल को जानकारी मिली कि छीनने और चोरी के कई मामलों में शामिल अपराधी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास के इलाके में आ सकता है।
इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। आरोपी का पता लगाने के लिए टीम ने मुखबिर से मिली जानकारी के साथ-साथ तकनीकी निगरानी का भी इस्तेमाल किया।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने झपटमार को पकड़ा, चोरी का आईफोन बरामद


नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधा के पास एक जाल बिछाया गया। मुखबिर के पुष्टि करने पर पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। आरोपी के पास से एक चोरी का आईफोन बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में होने वाली घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस रिकॉर्ड से पता चला कि उसका आपराधिक गतिविधियों का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें उत्तम नगर और आदर्श नगर पुलिस स्टेशनों में गंभीर आरोपों के तहत दर्ज पिछले मामले भी शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अन्य लंबित मामलों में उसकी संलिप्तता का पता लगाने और उसके संभावित साथियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।

सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी

सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी

सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी
सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी

सिरोही। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सिरोही जिले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रम कल्याण अधिकारी हर्षदीप सिंह गिल की अनुबंधित गाड़ी से 1,50,000 रुपये की संदिग्ध राशि बरामद की है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर और जोधपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस के पर्यवेक्षण में की गई। 

जानकारी के अनुसार, एसीबी की सिरोही इकाई को सूचना मिली थी कि श्रम कल्याण अधिकारी हर्षदीप सिंह गिल और एक कनिष्ठ सहायक विकास कुमार आबूरोड़ की औद्योगिक इकाइयों से अवैध रूप से रिश्वत की राशि एकत्र कर रहे हैं और उसे सिरोही ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने श्रम विभाग की अनुबंधित कार को सिरोही में रोका और आकस्मिक तलाशी ली।

सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी
सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: श्रम कल्याण अधिकारी की गाड़ी से 1.50 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, जांच जारी

तलाशी के दौरान कार में रखे एक बैग से पॉलीथीन में लिपटी हुई 500-500 रुपये की तीन गड्डियां मिलीं, जिनकी कुल राशि 1,50,000 रुपये पाई गई।
जब इस राशि के बारे में पूछताछ की गई तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद एसीबी टीम ने पूरी रकम को जब्त कर लिया।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है कि यह राशि कहां से और किस उद्देश्य से लाई गई थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह राशि अवैध वसूली से जुड़ी हुई है।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश और जोधपुर रेंज के उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के पर्यवेक्षण में की गई है।
फिलहाल पूरे मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और एसीबी की टीम सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग

मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग

मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग
मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग

मुंबई । महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। रेलवे पुलिस के कंट्रोल रूम को एक धमकी भरा कॉल मिला है, जिसके बाद पूरे सिस्टम में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। रेलवे पुलिस के मुताबिक, मुंबई जीआरपी कंट्रोल रूम को एक कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने दावा किया कि उसने रेलवे स्टेशन और आर्मी ऑफिस को टारगेट किया है। इतना ही नहीं, उसने अपनी पहचान ‘इरफान’ के रूप में बताते हुए धमकी दी कि अगर आम लोगों की जान बचानी है, तो उसे 5 करोड़ रुपए दिए जाएं। अधिकारियों के अनुसार, यह कॉल रेलवे कंट्रोल के व्हाट्सएप नंबर पर किया गया था। जांच में सामने आया कि जिस नंबर से कॉल किया गया, वह पाकिस्तान का था। हालांकि, शुरुआती जांच में अब तक कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नहीं मिली है। इसके बावजूद पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।

मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग
मुंबई रेलवे पुलिस को धमकी भरा कॉल, 5 करोड़ रुपए की रखी मांग

पुलिस का कहना है कि ऐसी धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले 8 अप्रैल को भी मुंबई में एक फर्जी बम धमकी कॉल ने कुछ समय के लिए हड़कंप मचा दिया था। उस दिन सुबह करीब 11:54 बजे एक शख्स ने बीट मार्शल सिस्टम पर कॉल कर कहा था, “मैं आतंकवादी बोल रहा हूं, मुंबई में बम ब्लास्ट होने वाला है।” इस कॉल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गई थीं।
हालांकि, जांच के दौरान कुछ ही घंटों में पुलिस ने कॉल करने वाले की पहचान कर ली थी। आरोपी की पहचान तूफान नूरलाल शेख के रूप में हुई, जो एपीएमसी मार्केट, सेक्टर-19 इलाके में रहने वाला 46 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर था।
एपीएमसी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अजय शिंदे ने बताया था कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने यह कॉल शराब के नशे में किया था।

अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग

अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग

अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग
अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग

अंबाला (हरियाणा)। हरियाणा एसटीएफ (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के दो शार्प शूटरों को सोमवार को अंबाला कैंट से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए शूटर अंबाला या उसके आसपास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए ‘टारगेट’ का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से विदेशी मार्का वाली पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक अंबाला कैंट की शास्त्री कॉलोनी के पास नेशनल हाईवे-44 पर किसी बड़े हमले की फिराक में हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर आगरा निवासी भूपेंद्र सिंह उर्फ थापा और राजस्थान के भरतपुर निवासी नितिन उर्फ जट्टा को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक विदेशी मार्का देशी पिस्टल, दो मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए।

अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग
अंबाला में एसटीएफ का बड़ा एक्शन : रोहित गोदारा गैंग के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, टली बड़ी टारगेट किलिंग


पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शूटरों ने बताया कि उन्हें गैंगस्टर रोहित गोदारा और उसके करीबियों—कानेर निवासी जेपी, जयपुर निवासी देवेंद्र और वीरेंद्र चारण ने हथियार मुहैया कराकर अंबाला भेजा था। इन्हें निर्देश दिए गए थे कि अंबाला पहुंचने के बाद सिग्नल मिलते ही टारगेट पर हमला करना है। एसटीएफ की मुस्तैदी से एक संभावित सनसनीखेज हत्या टल गई है।
पड़ाव थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध (BNS की धाराएं) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मंगलवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंबाला में इनका स्थानीय मददगार कौन था और इनके निशाने पर कौन सा वीआईपी या व्यापारी था।

गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था

गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था

गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था
गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था

गिरिडीह । झारखंड के गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक 24 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान तौफीक अंसारी के रूप में हुई है, जो हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आया था। तौफीक ने अपनी आखिरी सांसें गिनते हुए हमलावरों के नामों का खुलासा किया, जिसका वीडियो परिजनों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए जाने का दावा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, तौफीक को साजिश के तहत देर रात मिलने के बहाने के आजाद नगर चदरा पुल के समीप बुलाया गया था। मृतक के मित्र अखलाक ने बताया कि रात करीब 12 बजे मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अम्बाटांड़ निवासी आसिफ अली का फोन तौफीक के पास आया था, जिसके बाद वह अपने तीन दोस्तों के साथ चदरा पुल पहुंचा। वहां पहले से ही आसिफ अली अपने चार-पांच साथियों के साथ घात लगाए खड़ा था।
चश्मदीदों के मुताबिक, वहां पहुंचते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जब तौफीक ने विरोध किया, तो उन लोगों ने हथियारों से हमला बोल दिया।

गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था
गिरिडीह में युवक की धारदार हथियार से हत्या, हाल में जेल से निकलकर बाहर आया था

जान बचाने के लिए भाग रहे तौफीक को हमलावरों ने दौड़ाकर पकड़ा और जमीन पर पटककर उसपर ताबड़तोड़ प्रहार किए। शोर सुनकर जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो तौफीक लहूलुहान अवस्था में तड़प रहा था।
परिजनों का कहना है कि मरते वक्त तौफीक ने साकिब, अरशद, मोनू पठान और आसिफ अली का नाम लेते हुए उन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। यह बात उन्होंने मोबाइल के कैमरे में कैद कर ली है। वारदात की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पास के ही एक नाले से मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया।
पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि तौफीक खुद भी आपराधिक पृष्ठभूमि का था और पूर्व में एक मामले में जेल की सजा काट चुका था। थाना प्रभारी के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह मामला आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का लग रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया

केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया

केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया
केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने मंगलवार को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और उससे जुड़ी संस्थाओं को एडवाइजरी जारी कर कहा कि देश में हीटवेव और तेजी से बढ़ते तापमान के बीच कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए जाए। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख सचिवों/प्रशासकों को लिखे पत्र में कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा के लिए, विशेष रूप से बाहरी और श्रम-प्रधान क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए, एक समन्वित, बहु-क्षेत्रीय और बहु-आयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। मंत्रालय ने कहा, “राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी जाती है कि वे नियोक्ताओं, उद्योगों और निर्माण कंपनियों को श्रमिक सुरक्षा उपायों को तत्काल लागू करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।”
मंत्रालय ने कहा, “राज्य सरकारों से विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और श्रमिकों के कार्य घंटों के पुनर्निर्धारण से संबंधित सलाह जारी करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, पर्याप्त पेयजल सुविधाओं को सुनिश्चित करने और विश्राम क्षेत्रों तथा कार्यस्थलों को ठंडा रखने की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया गया है।”

केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया
केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया


इसमें निर्माण कार्य सहित ऐसी सुविधाओं की आवश्यकता वाले कार्यस्थलों के लिए आपातकालीन बर्फ की थैलियों और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव सामग्री की व्यवस्था करना और श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करना भी शामिल है।
सरकार ने कहा कि कारखाने और खदान प्रबंधन को भी सलाह दी गई है कि वे श्रमिकों को अधिक लचीलापन प्रदान करें, जिसमें अत्यधिक गर्मी के दौरान काम की गति धीमी करना, जहां निरंतर काम अपरिहार्य हो वहां दो-सदस्यीय दल नियुक्त करना, विश्राम क्षेत्र उपलब्ध कराना और पर्याप्त वेंटिलेशन और शीतलन व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
मंत्रालय ने पत्र में निर्माण श्रमिकों, ईंट भट्ठों के श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य श्रमिकों पर विशेष ध्यान देने की सिफारिश की है।
मंत्रालय ने आगे कहा, “राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को श्रमिक चौकों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, साथ ही लू से सुरक्षा संदेश और आपातकालीन संपर्क विवरण वाले पोस्टर और बैनर प्रदर्शित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।”