गोवा में ईडी का बड़ा एक्शन, ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 7.17 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क
पणजी । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नारकोटिक्स ट्रैफिकिंग के अपराधों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में करोड़ों रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह मामला नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट-1985 के तहत दर्ज अपराधों से संबंधित है। अटैच की गई संपत्ति की अभी कीमत लगभग 7.17 करोड़ रुपए है। इनमें एक तीन मंजिला रिहायशी घर के अलावा दो अलग-अलग दो मंजिला मकान भी शामिल हैं। ये अचल संपत्तियां प्रकाश वाल्के और शीतल प्रसाद वाल्के के नाम पर दर्ज हैं और इन्हें एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अनुसूचित अपराधों से अर्जित ‘अपराध की आय’ होने के कारण कुर्क किया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गोवा के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 7 मार्च 2021 को उगोचुकवु सोलोमन उबाबुको, डेविड और प्रकाश वाल्के के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। एनसीबी ने गोवा के असगांव स्थित परिसरों से एलएसडी, कोकीन, चरस और गांजा सहित बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए थे। एनसीबी की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इस मामले में जांच शुरू की गई।
गोवा में ईडी का बड़ा एक्शन, ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 7.17 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क
प्रकाश वाल्के के घर की तलाशी में एलएसडी भी बरामद हुई। वाल्के को पहले 2018 में एनसीबी ने और फिर 2023 में गोवा पुलिस के एंटी-नारकोटिक सेल ने अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में (एमडीएमए, एक्स्टेसी पाउडर और हाइड्रोपोनिक वीड की बरामदगी से संबंधित) गिरफ्तार किया था। वह अभी न्यायिक हिरासत में है। ईडी की जांच से पता चला कि गैर-कानूनी ड्रग तस्करी से अर्जित आय को प्रकाश वाल्के और शीतल वाल्के के नाम पर कई बैंक अकाउंट में जमा किया गया था। फिलहाल, मामले में सभी लाभार्थियों और सहयोगियों की पहचान करने व अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ईडी ने मादक पदार्थ तस्करी और धन शोधन के विरुद्ध पीएमएलए व संबंधित कानूनों के प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत ईडी अवैध ड्रग तस्करी नेटवर्क को उनकी आर्थिक जड़ों पर प्रहार कर ध्वस्त करने के अपने संकल्प पर कायम है। इसमें आगे कहा गया कि अवैध आय के शोधन पर रोक लगाकर और ड्रग्स के पैसे से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर, ईडी देश को नशामुक्त बनाने के राष्ट्रीय अभियान को सशक्त कर रही है। यह ऑपरेशन ईडी की गैर-कानूनी ड्रग के धंधे को रोकने और ऐसी गतिविधियों से होने वाली क्राइम की कमाई का पता लगाने, पहचानने और अटैच करने की लगातार कोशिशों को दिखाता है।
ग्रेटर नोएडा: लुक्सर हत्याकांड में पुलिस का एक्शन, अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक प्रथम क्षेत्र के ग्राम लुक्सर में हुए चर्चित नितिन हत्याकांड में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक अन्य आरोपी सचिन अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के अनुसार, दिनांक 24 फरवरी 2026 को ग्राम लुक्सर निवासी नितिन पुत्र फिरे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना ईकोटेक प्रथम पुलिस ने तत्काल विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर पता चला कि घटना में शामिल आरोपी मोनू पुत्र सुखवीर ग्राम पुआरी में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। इस दौरान आरोपी मोनू ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मोनू गोली लगने से घायल हो गया।
ग्रेटर नोएडा: लुक्सर हत्याकांड में पुलिस का एक्शन, अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
पुलिस ने घायल आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा .315 बोर, दो जिंदा कारतूस .315 बोर तथा एक खोखा कारतूस बरामद किया है। घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। इससे पहले पुलिस ने मामले में दो अन्य आरोपियों राजेश घंघौला और नितिन को भी गिरफ्तार कर लिया था। इस तरह अब तक तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। वहीं मुख्य आरोपी सचिन अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
ब्लैक होल्स : ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्य, जिससे प्रकाश भी नहीं बच पाता
नई दिल्ली। अंतरिक्ष के अनसुलझे रहस्यों में ब्लैक होल सबसे ऊपर आते हैं। अपने नाम के विपरीत, ये कोई ‘छेद’ नहीं, बल्कि एक ऐसी जगह हैं जहां बहुत कम स्पेस में इतना अधिक द्रव्यमान समाया होता है कि उसका गुरुत्वाकर्षण अविश्वसनीय रूप से शक्तिशाली हो जाता है। यह इतना प्रबल होता है कि प्रकाश भी यहां से बाहर नहीं निकल पाता। इस वजह से ब्लैक होल खुद काले दिखते हैं, क्योंकि वे रोशनी को परावर्तित नहीं करते। ब्लैक होल के चारों ओर गैस और धूल का घूमता हुआ छल्ला होता है, जिसे एक्रीशन डिस्क कहते हैं। यह डिस्क इतनी गर्म हो जाती है कि एक्स-रे और अन्य रोशनी निकालती है, जिससे वैज्ञानिक ब्लैक होल के बारे में जानकारी जुटा पाते हैं। ब्लैक होल अपनी प्रचंड गुरुत्वाकर्षण शक्ति से दूर से आने वाले प्रकाश तक को मोड़ देते हैं, ठीक वैसे ही जैसे कोई कांच का लेंस रोशनी को मोड़ता है। इस प्रभाव के कारण ब्लैक होल के पीछे स्थित वस्तुओं की छवि बड़ी, विकृत या एक से अधिक बार दिखाई देने लगती है। वैज्ञानिक इसी प्रभाव का उपयोग उन छिपे हुए ब्लैक होल का पता लगाने के लिए करते हैं जो स्वयं अदृश्य होते हैं।
ब्लैक होल्स : ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्य, जिससे प्रकाश भी नहीं बच पाता
साइंस की भाषा में इसे ग्रेविटेशनल लेंसिंग कहा जाता है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ब्लैक होल्स के बारे में जानकारी देती है। नासा के अनुसार, ब्लैक होल्स के ठीक बीच में एक बिंदु होता है जहां सब कुछ घनत्व में बदल जाता है, जिसे इवेंट होराइजन कहते हैं। यह एक अदृश्य लाइन है इसके पार जाने वाला कुछ भी वापस नहीं आ सकता, यहां तक कि रोशनी भी नहीं। हमारे मिल्की वे गैलेक्सी के केंद्र में भी एक सुपरमैसिव ब्लैक होल है, जिसका नाम सैजिटेरियस ए स्टार है। यह सूर्य से 40 लाख गुना भारी है। रोचक बात है अगर कोई चीज ब्लैक होल के बहुत करीब पहुंच जाए, तो गुरुत्वाकर्षण की वजह से वह लंबाई में खिंचकर और सिकुड़कर नूडल जैसी हो जाती है। इसे स्पेगेटीफिकेशन कहते हैं। सबसे बड़ा ज्ञात ब्लैक होल टीओएन 618 है, जो सूर्य से 660 अरब गुना भारी है। सबसे छोटा पता चला ब्लैक होल सूर्य से सिर्फ 3.8 गुना भारी है। सभी ब्लैक होल घूमते हैं, कुछ इतनी तेजी से कि सेकंड में 1 हजार से ज्यादा चक्कर लगा लेते हैं। ब्लैक होल न तो वर्महोल हैं यानी न तो दूसरे ब्रह्मांड का द्वार और न ही सब कुछ खींचने वाला वैक्यूम क्लीनर। ब्लैक होल तब बनता है, जब बड़े तारों का जीवन खत्म हो जाता है वे सुपरनोवा में फट जाते हैं। दूर से इनका प्रभाव सामान्य तारों जैसा ही होता है। ये ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्य हैं, जिन्हें समझने के लिए वैज्ञानिक लगातार कोशिश कर रहे हैं।
बिहार: जयमाला स्टेज पर पहुंचकर सिरफिरे प्रेमी ने चलाई गोली, दुल्हन घायल
बक्सर । बिहार के बक्सर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान जयमाला स्टेज पर गोली चलने से दुल्हन घायल हो गई। आरोप है कि कथित प्रेमी ने ही उसे गोली मार दी। बताया जाता है कि यह घटना चौसा नगर पंचायत स्थित मल्लाह टोली में एक शादी समारोह की है, जहां जयमाला कार्यक्रम के दौरान दुल्हन को उसके कथित प्रेमी ने गोली मार दी। गोली चलने के बाद वैवाहिक समारोह में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के सुलेमानपुर से बारात चौसा निवासी नंद लाल मल्लाह की बेटी आरती कुमारी की आई थी। शादी को लेकर सभी लोग अपने कार्य में व्यस्त थे और खुशी का माहौल था। सभी रस्म-रिवाज निभाए जा रहे थे। जयमाला स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन मौजूद थे। इसी दौरान नकाबपोश एक युवक अचानक मंच पर चढ़ गया और दुल्हन बनी आरती कुमारी को निशाना बनाते हुए गोली चला दी।
बिहार: जयमाला स्टेज पर पहुंचकर सिरफिरे प्रेमी ने चलाई गोली, दुल्हन घायल
गोली लगते ही दुल्हन मंच पर ही गिर पड़ी। इसके बाद स्थल पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। लोग अभी कुछ समझ भी पाते, तब तक हमलावर फरार हो गया। परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल दुल्हन को इलाज के लिए तुरंत सदर अस्पताल ले जाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया। मुफस्सिल थाना के प्रभारी चंदन कुमार ने बुधवार को बताया कि घटना मंगलवार की देर रात की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी कोणों से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटना को लेकर इलाके में कई तरह की चर्चा है।
हावड़ा में गोली मारकर एक युवक की हत्या, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
कोलकाता । पश्चिम बंगाल में हावड़ा जिले के गोलाबाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र में बुधवार को दो बदमाशों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि हत्या की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर पहुंचकर आस-पास सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें मंगलवार तड़के करीब 4 बजे घटी घटना सीसीटीवी फुटेज में दिखी। मृतक युवक की पहचान शफीक खान के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, वह दो लोगों से घिरा हुआ था। एक उसके आगे खड़ा था और दूसरा पीछे खड़ा था। इसके बाद अचानक, उन्होंने बंदूकें निकालीं और उसके सिर पर गोली मार दी। युवक के गिरते ही, उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए कुछ और गोलियां चलाई गईं। फिर दोनों लोग भाग गए। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। गोलाबाड़ी पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीम का भी गठन किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक शफीक खान का घर गोलाबाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत पीलखाना में था। वह एक स्थानीय विकासकर्ता थे। वह सुबह तड़के सड़क किनारे खाना लेने आए थे।
हावड़ा में गोली मारकर एक युवक की हत्या, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
स्थानीय निवासियों के अनुसार, दोनों व्यक्तियों की पहचान मोहम्मद हारुल खान और रोहित के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति शफीक से आमने-सामने बात करता हुआ और दूसरा व्यक्ति शफीक के पीछे खड़ा दिखाई दे रहा है। हावड़ा नगर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “अचानक हमलावरों में से एक ने पीछे से बंदूक निकाली और शफीक के सिर में गोली मार दी। शफीक के गिरते ही दोनों हमलावरों ने ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाईं। फिर वे वहां से फरार हो गए। शफीक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामला दर्ज कर लिया गया है और हत्या के दोषियों की तलाश जारी है। जांच चल रही है।” पुलिस बदमाशों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि शफीक पर पुराने झगड़े के चलते हमला किया गया था। मृतक के एक रिश्तेदार ने पत्रकारों को बताया, “हारुल से बहुत पहले कुछ कहासुनी हुई थी, लेकिन कोई दुश्मनी नहीं थी। हारुल ने एक दूसरे व्यक्ति को साथ लाकर उसे गोली मार दी।”
द्वारका में वाहन चोरों पर बड़ी कार्रवाई, 3 चोरों को 6 दोपहिया वाहनों के साथ किया गया गिरफ्तार
दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विशेष रूप से वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से द्वारका जिले की वाहन चोरी रोधी दस्ता (एएटीएस) सक्रिय रूप से अभियान चला रही है। हाल ही में एएटीएस द्वारका ने एक सप्ताह के भीतर सड़कों पर सक्रिय वाहन चोरों के खिलाफ उल्लेखनीय कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और छह चोरी किए गए दोपहिया वाहन बरामद किए। इस कार्रवाई से न केवल कई मामलों का खुलासा हुआ, बल्कि पीड़ितों को भी उनकी चोरी हुई संपत्ति वापस मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
द्वारका जिले के डीसीपी अंकित के निर्देशों के अनुसार, एएटीएस को क्षेत्र में वाहन चोरी, छीन-झपट, लूटपाट और गली-मोहल्लों में होने वाले अन्य आपराधिक मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का विशेष दायित्व सौंपा गया है। इसी दिशा में टीम लगातार गुप्त सूचनाओं, तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से अपराधियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का कार्य कर रही है। पुलिस का उद्देश्य न केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना है, बल्कि अपराध की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए भी प्रभावी रणनीति तैयार करना है।
पहली कार्रवाई 9 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 2:30 बजे की गई। कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण करने और हेड कांस्टेबल मनीष को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने थाना छावला क्षेत्र में जाल बिछाया। सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसकी पहचान आदित्य कुमार पुत्र सिकंदर सिंह (30 वर्ष), निवासी नजफगढ़ के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक चोरी की बाइक, जो थाना छावला क्षेत्र से चोरी हुई थी, तथा एक टीवीएस एनटॉर्क स्कूटी, जो थाना बिंदापुर क्षेत्र से चोरी की गई थी, बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी क्षेत्र में सक्रिय रूप से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आदित्य कुमार पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है या नहीं, इस संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी से दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है। बरामद वाहनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पीड़ितों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है।
इसी क्रम में दूसरी बड़ी कार्रवाई 16 फरवरी 2026 को की गई। एचसी मनीष कुमार को सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक थाना क्षेत्र में घूम रहे हैं और वाहन चोरी की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एएटीएस टीम ने तत्काल रणनीति तैयार की और छावला क्षेत्र में घेराबंदी कर जाल बिछाया। कुछ समय की निगरानी के बाद दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान वशीर अहमद पुत्र साकिल अहमद (24 वर्ष) और शिवा पुत्र सूरज सिंह (24 वर्ष), दोनों निवासी नजफगढ़, के रूप में हुई।
द्वारका में वाहन चोरों पर बड़ी कार्रवाई, 3 चोरों को 6 दोपहिया वाहनों के साथ किया गया गिरफ्तार
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वाहन चोरी की कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चार और चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इनमें थाना छावला क्षेत्र से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर, नजफगढ़ से चोरी हुई टीवीएस अपाचे, थाना रान्होला क्षेत्र से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर और थाना भजनपुरा क्षेत्र से चोरी हुई एक अन्य हीरो स्प्लेंडर बाइक शामिल है। इस तरह कुल मिलाकर छह चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सुनसान स्थानों और भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में खड़ी दोपहिया वाहनों को निशाना बनाते थे। वे पहले इलाके की रेकी करते, फिर मौके का फायदा उठाकर वाहन चोरी कर फरार हो जाते। चोरी के बाद वे वाहनों के नंबर प्लेट बदल देते थे या उन्हें दूसरे जिलों में ले जाकर कम कीमत पर बेचने की कोशिश करते थे। हालांकि पुलिस की सक्रियता और तकनीकी निगरानी के चलते उनका यह नेटवर्क ज्यादा समय तक नहीं चल सका।
एएटीएस की इस सफलता में आधुनिक तकनीक का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और स्थानीय मुखबिरों से मिली जानकारी ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की। इसके अलावा, पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया, जिससे मामलों को जोड़कर एक व्यापक जांच की जा सकी।
द्वारका जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने वाहनों में अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण जैसे डिस्क लॉक, हैंडल लॉक और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग करें। साथ ही, वाहनों को सुनसान या अंधेरे स्थानों पर पार्क करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
डीसीपी अंकित ने एएटीएस टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।
इन कार्रवाइयों से यह संदेश स्पष्ट है कि दिल्ली पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। वाहन चोरी जैसे अपराध आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनते हैं, क्योंकि यह न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि दैनिक जीवन को भी प्रभावित करते हैं। एएटीएस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल अपराधियों में डर का माहौल बना है, बल्कि आम जनता का पुलिस पर विश्वास भी मजबूत हुआ है।
कुल मिलाकर, 9 फरवरी और 16 फरवरी 2026 को चलाए गए इन दो अभियानों ने द्वारका और अन्य जिलों में दर्ज छह वाहन चोरी के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से आगे भी पूछताछ जारी है, जिससे अन्य वारदातों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस की यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी और क्षेत्र को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।
विधानसभा में गूंजी किसानों की आवाज : विधायक ललित यादव ने सरकार को घेरा, बोले- देश का पेट भरने वाला खुद आज उपेक्षित क्यों?
जयपुर/मुंडावर। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुंडावर विधायक ललित यादव ने किसानों की बदहाली का मुद्दा बेहद प्रखरता से उठाया। सदन में सरकार को आईना दिखाते हुए यादव ने कहा कि जिस किसान को पूर्व प्रधानमंत्रियों ने राष्ट्र की ‘रीढ़’ बताया था, आज वही किसान व्यवस्था की मार झेलते हुए अपनी जीविका बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। “खेतीइबादत नहीं, अब कठिन परीक्षा बन गई है” विधायक ने भावुक और तीखे लहजे में कहा कि प्राकृतिक आपदा और अतिवृष्टि से जब फसलें बर्बाद होती हैं, तो मिलने वाला मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरे के समान होता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “जो राहत दी जाती है, वह बीज और बिजली के खर्च तक की भरपाई नहीं कर पाती। मुआवजे की राशि इतनी हो कि किसान कम से कम अगली बुवाई के लिए खड़ा हो सके।” खाद की किल्लत और नकली बीज पर प्रहार ललित यादव ने डीएपी और यूरिया की कमी पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जब किसान को खाद की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्हें लंबी कतारों में लाठियां खानी पड़ीं। हालांकि, उन्होंने नकली खाद-बीज माफियाओं पर कार्रवाई का स्वागत किया, लेकिन मांग की कि दोषियों को ऐसी सजा मिले जो नजीर बन जाए।
विधानसभा में गूंजी किसानों की आवाज : विधायक ललित यादव ने सरकार को घेरा, बोले- देश का पेट भरने वाला खुद आज उपेक्षित क्यों?
प्याज का दर्द और MSP की मांग अलवर क्षेत्र का हवाला देते हुए विधायक ने बताया कि कैसे हजारों टन प्याज समर्थन मूल्य के अभाव में बर्बाद हो गया। उन्होंने मांग की कि केवल अनाज ही नहीं, बल्कि सब्जी फसलों पर भी एमएसपी (MSP) लागू होनी चाहिए ताकि किसानों को मंडियों के रहमोकरम पर न छोड़ना पड़े। रात की बिजली और आयात शुल्क पर चिंता बिजली संकट: “किसान को कड़कती ठंड और रात के अंधेरे में खेतों में क्यों भेजा जा रहा है?” यादव ने मांग की कि किसानों को दिन में पर्याप्त और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। आयात नीति: उन्होंने कृषि उत्पादों के आयात शुल्क में कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि गेहूं, मक्का और दुग्ध उत्पादों के आयात से स्थानीय किसानों की कमर टूट जाएगी। “किसान बचेगा तो खेत बचेंगे” सदन में अपनी बात को विराम देते हुए ललित यादव ने एक बड़ा संदेश दिया— “अगर किसान बचेगा, तभी खेत बचेंगे और तभी यह देश मजबूत होगा।” उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि घोषणाओं से ऊपर उठकर धरातल पर ठोस नीतिगत निर्णय लिए जाएं।
जोधपुर : कायलाना झील में समाई अनियंत्रित थार, दीवार तोड़कर पानी में गिरी गाड़ी, बाल-बाल बची दो जिंदगियां
जोधपुर के प्रसिद्ध पिकनिक स्थल कायलाना झील पर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसने वहां मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। घटना तब घटी जब एक तेज रफ्तार थार गाड़ी (नंबर- RJ45/CY/2719) अनियंत्रित होकर झील की सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए सीधे झील के गहरे पानी में जा गिरी।
हादसे का विवरण
बताया जा रहा है कि गाड़ी में दो लोग सवार थे। गाड़ी जैसे ही झील में गिरी, देखते ही देखते पूरी तरह पानी में डूब गई। घटनास्थल पर मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और दोनों सवारों को सुरक्षित निकालने में सफल रहे।
दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत अस्पताल भेजा गया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि दोनों की स्थिति स्थिर है और चिकित्सक उनकी निगरानी कर रहे हैं। घटना के समय मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया था।
पुलिस की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
राजीव गांधी नगर थाना के ASI रावल राम अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने झील के किनारे और आसपास का मुआयना किया और क्रेन की मदद से जलमग्न गाड़ी को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
पुलिस के शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार, हादसा तेज रफ्तार या नियंत्रण खोने के कारण हुआ माना जा रहा है। हालांकि, जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि गाड़ी की तकनीकी खराबी, मानवीय भूल या अन्य कारण दुर्घटना के पीछे जिम्मेदार थे।
घटना के कारणों की जांच
पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
गाड़ी की रफ्तार: घटना स्थल से मिली प्रारंभिक जानकारी में गाड़ी अत्यधिक तेज़ चल रही थी।
ड्राइवर की सतर्कता: जांच यह भी देख रही है कि ड्राइवर ने सड़क और झील के आसपास के संकेतों पर ध्यान दिया या नहीं।
तकनीकी दोष: गाड़ी के ब्रेक सिस्टम, स्टीयरिंग या अन्य मैकेनिकल हिस्सों में कोई खराबी हुई या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था: झील के किनारे की सुरक्षा दीवार पर्याप्त मजबूत थी या इसे और सुरक्षित बनाया जा सकता था।
जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना मानवीय भूल के कारण हुई या किसी तकनीकी खराबी ने इसे जन्म दिया।
जोधपुर : कायलाना झील में समाई अनियंत्रित थार, दीवार तोड़कर पानी में गिरी गाड़ी, बाल-बाल बची दो जिंदगियां
गाड़ी में सवार लोगों की स्थिति
घटना के समय गाड़ी में दो लोग सवार थे। दोनों को तुरंत बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों घायलों की हालत स्थिर है।
अस्पताल में दोनों को हड्डियों की जांच, पानी में डूबने से होने वाले फेफड़ों के संक्रमण और अन्य चोटों के लिए देखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने भी अस्पताल प्रशासन से संपर्क कर यह सुनिश्चित किया कि घायलों को सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मिले।
सुरक्षा और पर्यटक जागरूकता
यह हादसा जोधपुर में पर्यटकों के लिए चेतावनी है कि झील और अन्य जल स्रोतों के आसपास वाहन चलाते समय अत्यधिक सतर्कता बरती जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
तेज रफ्तार वाहन: पिकनिक और पर्यटन स्थलों पर वाहन तेज गति से नहीं चलाने चाहिए।
सुरक्षा दीवार: झील और अन्य जल स्रोतों के किनारे सुरक्षा दीवारें पर्याप्त मजबूत और ऊँची होनी चाहिए।
आपातकालीन प्रतिक्रिया: स्थानीय प्रशासन और पर्यटकों को ऐसी स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने का प्रशिक्षण होना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
जोधपुर प्रशासन ने हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस ने गाड़ी को झील से बाहर निकालने के लिए क्रेन और अन्य उपकरण लगाए।
प्रशासन ने कहा कि जांच पूरी होने तक गाड़ी की तकनीकी स्थिति और चालक की जिम्मेदारी का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
कायलाना झील पर हुई यह दुर्घटना यह याद दिलाती है कि पिकनिक और पर्यटन स्थलों पर वाहन चलाते समय सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने जैसी परिस्थितियाँ घातक हो सकती हैं।
मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता और पुलिस की तेज कार्रवाई से जानमाल का नुकसान टला।
जांच में पता चलेगा कि हादसा मानवीय भूल का परिणाम था या तकनीकी दोष का।
अंततः यह हादसा पर्यटकों, स्थानीय प्रशासन और वाहन चालकों के लिए एक सीख है कि सुरक्षा और सतर्कता ही जीवन और संपत्ति की रक्षा का आधार हैं।
बिंदापुर पुलिस ने कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार, नशे की लत पूरी करने के लिए करता है अपराध
दिल्ली । द्वारका जिले के बिंदापुर थाने की पुलिस ने कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी यामीन खान के पुत्र अनवर उर्फ अन्नू (35) के खिलाफ पर्स छीनने की एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने अब अनवर को छीने गए पर्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी बिंदपुर थाने का सूचीबद्ध बदमाश है और 35 से अधिक छीनने, शस्त्र अधिनियम और चोरी के मामले दर्ज हैं। द्वारका उप पुलिस आयुक्त अंकित सिंह के अनुसार, 7 फरवरी की सुबह अमनदीप पुत्री शीतल सिंह, निवासी सेक्टर 6, नानक नगर ने बिंदपुर थाने पहुंचकर शिकायत दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के पास एक काले रंग की जैकेट पहने हुए लड़के ने उसका पर्स छीनकर लिया था। शिकायत के आधार पर पुलिस स्टेशन बिंदपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति दिखाई दिया।
बिंदापुर पुलिस ने कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार, नशे की लत पूरी करने के लिए करता है अपराध
लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद पर्स छीनने वाले की पहचान अनवर उर्फ अन्नू के रूप में हुई, जो बिंदापुर पुलिस स्टेशन का बुककीपर (बीसी) था। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी अनवर को उत्तम नगर से गिरफ्तार किया। अनवर की निशानदेही पर छीना गया पर्स, दस्तावेज और अपराध के समय पहने हुए कपड़े बरामद किए गए। पूछताछ करने पर आरोपी अनवर उर्फ अन्नू ने बताया कि वह कोई नौकरी नहीं करता है। वह नशे का आदी है। वह नशे की लत को पूरा करने के लिए चोरी और छीना-झपटी करता है। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर विधिक कार्यवाही में जुट गई है। द्वारका उप पुलिस आयुक्त बिंदपुर थाने की टीम अपराध करने के इरादे से इलाके में घूम रहे सक्रिय अपराधियों पर नजर रखने के लिए हमेशा प्रेरित और संवेदनशील रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जारी रहेगी।
दिल्ली : मयूर विहार में कार से मिला ड्राइवर का शव, स्टार सिटी मॉल के पार्किंग एरिया का मामला
नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पूर्वी इलाके में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब स्टार सिटी मॉल की बेसमेंट पार्किंग में खड़ी एक होंडा सिटी कार के अंदर एक व्यक्ति का शव मिला। जानकारी के अनुसार घटना मयूर विहार इलाके की है, जहां सुबह करीब 8 बजे मॉल कर्मचारियों की नजर रात से खड़ी एक कार पर पड़ी। कार के शीशे बंद थे और अंदर किसी तरह की हलचल दिखाई नहीं दे रही थी। संदेह होने पर जब कार का दरवाजा खोला गया तो अंदर एक व्यक्ति अचेत अवस्था में मिला। करीब से देखने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मयूर विहार थाना की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में कार के अंदर किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
दिल्ली : मयूर विहार में कार से मिला ड्राइवर का शव, स्टार सिटी मॉल के पार्किंग एरिया का मामला
आशंका जताई जा रही है कि मामला आत्महत्या का हो सकता है, या फिर बंद कार में दम घुटने से मौत हुई हो। हालांकि हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। जानकारी के अनुसार, मॉल परिसर में एचडीएफसी लाइफ का कार्यालय स्थित है और कार उसी कार्यालय में कार्यरत गौरव नामक व्यक्ति की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि गौरव ने कार चलाने के लिए ऑनलाइन ड्राइवर बुक किया था। उसी ड्राइवर का शव कार के अंदर मिला है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मॉल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी से कोई दुश्मनी तो नहीं थी। पार्किंग में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि कार कब से पार्किंग में खड़ी थी।