मासूम बेटे को मारने के लिए मुंह में ठूंस दिए पत्थर, ऊपर से डाल दिया फेविक्विक, देखकर सन्न रह गए लोग
भीलवाड़ा.
जिले के बिजोलिया क्षेत्र के सीताकुंड जंगल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक कलयुगी मां ने 15-20 दिन के मासूम शिशु को मौत के घाट उतारने की कोशिश की. जानकारी के अनुसार, महिला मासूम को जंगल में लेकर आई और उसके मुंह में पत्थर ठूंसकर उसके मुंह को फेविक्विक से चिपकाकर मारने की कोशिश की. इसके बाद वह शिशु को सेंड स्टोन के पत्थरों के बीच फेंक कर फरार हो गई. घटना का खुलासा उस समय हुआ जब बकरियां चराने गए कुछ ग्वालों ने पत्थरों के ढेर के पास से मासूम की कराहने की आवाज सुनी.
ग्रामीणों ने तुरंत पत्थरों को हटाया और देखा कि
शिशु का मुंह पत्थर और फेविक्विक से भरा हुआ था. गर्म पत्थरों के कारण उसका शरीर झुलस चुका था, यह दृश्य देख ग्रामीण स्तब्ध रह गए. चरवाहों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी. बिजोलिया पुलिस मौके पर पहुंची और मासूम को तुरंत बिजोलिया अस्पताल ले जाया गया, चिकित्सकों के अनुसार मासूम का मुंह व शरीर बुरी तरह झुलसा हुआ है और उसका इलाज जारी है.
मासूम बेटे को मारने के लिए मुंह में ठूंस दिए पत्थर, ऊपर से डाल दिया फेविक्विक, देखकर सन्न रह गए लोग
ग्रामीणों ने बताया कि यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है, उन्होंने पुलिस से दोषी महिला को जल्द गिरफ्तार करने और कड़ी सजा दिलाने की मांग की. वहीं पुलिस ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मासूम की जान बचाने में ग्वालों ने किसी देवदूत की तरह काम किया. अगर समय पर आवाज सुनकर बच्चे को बाहर न निकाला जाता, तो उसकी जान जाना तय था.
फिलहाल बच्चा अस्पताल में भर्ती हैऔर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है. यह घटना न केवल एक मासूम के जीवन से खिलवाड़ है बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि मानवीय संवेदनाएं किस कदर खत्म हो रही हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि मासूमों की जान बचाई जा सके.
गोमती नदी में मिला युवक का शव, गुरुवार को दर्ज हुई थी गुमशुदगी
जौनपुर में गोमती नदी में कूदने वाले 22 वर्षीय नमन सोनकर का शव कई घंटों की तलाश के बाद केराकत क्षेत्र से बरामद किया गया है। नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के सुक्खीपुर निवासी नमन ने नदी में छलांग लगाई थी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
सूत्रों के अनुसार, नमन बीते कई दिनों से अपने घरवालों से नाराज़ चल रहा था। घटना की रात उसने परिजनों को फोन कर मौके पर बुलाया था, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही उसने नदी में छलांग लगा दी।
परिजनों के शोर मचाने के बाद तत्काल पुलिस और गोताखोरों की टीम ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। लगातार कई घंटों की तलाशी के बाद शुक्रवार सुबह युवक का शव केराकत इलाके में मिला।घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जौनपुर। केराकत तहसील क्षेत्र के सिहौली गांव निवासी 20 वर्षीय युवक अतुल कुमार पुत्र रामसूरत कुमार का शव शुक्रवार को गोमती नदी में बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं परिजनों में कोहराम मच गया।जानकारी के अनुसार, अतुल कुमार गुरुवार की सुबह घर से निकला था लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बावजूद जब कोई सुराग नहीं लगा, तो पिता रामसूरत कुमार ने केराकत कोतवाली में गुमशुदगी की तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक की तलाश शुरू कर दी थी।
गोमती नदी में मिला युवक का शव, गुरुवार को दर्ज हुई थी गुमशुदगी
शुक्रवार दोपहर उदयचंदपुर गांव के समीप एक नाविक ने गोमती नदी में तैरता हुआ शव देखा, जिसके बाद उसने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और ग्रामीणों को दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस टीम ने शव को बाहर निकलवाया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान अतुल कुमार के रूप में की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रथम दृष्टया मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
सीओ केराकत अजीत रजक ने बताया कि मामला संज्ञान में है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। मृतक अतुल कुमार अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। उसकी असामयिक मृत्यु से गांव में शोक की लहर फैल गई है। परिजन सदमे में हैं और रो-रोकर बेहाल हैं।
पिलखुवा (हापुड़) दुष्कर्म मामला ग्राम प्रधान सहित तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, परिजनों का पुलिस पर आरोप
हापुड़ जनपद के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है,
जिसमें एक युवती ने गांव के ही ग्राम प्रधान और दो अन्य ग्रामीणों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। यह घटना उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर से सवाल खड़ा करती है। पीड़िता का आरोप है कि बीते माह उक्त तीनों व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती और उसके परिवार ने इस घटना को लेकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर पुलिस की निष्क्रियता और कथित मिलीभगत के आरोप भी सामने आए हैं। शनिवार को पीड़िता अपने परिजनों के साथ कोतवाली पहुंची और वहां जमकर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन के दौरान पीड़िता ने चेतावनी दी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होगी।
इस प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के चलते आखिरकार शाम तक पुलिस ने ग्राम प्रधान अतुल शिशोदिया, सुमित और ललित नामक आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के विरुद्ध पहले से ही मामला दर्ज किया जा चुका था, लेकिन गिरफ्तारी में देरी को लेकर पीड़िता और उसके परिजन नाराज थे। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। कोतवाली परिसर में हुई नारेबाजी और आक्रोश प्रदर्शन से यह स्पष्ट हो गया कि ग्रामीण जनमानस इस मामले में पुलिस की भूमिका से संतुष्ट नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनीता चौहान ने खुद इस प्रकरण में संज्ञान लिया और मीडिया से बातचीत में कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच तेजी से की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है और पीड़िता को हरसंभव सुरक्षा और न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर प्रशासन के प्रति अविश्वास की भावना को भी उजागर किया है।
जब किसी ग्राम प्रधान जैसे प्रभावशाली व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगते हैं, तो यह समाज के कमजोर वर्गों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है। वहीं, पीड़िता द्वारा आत्महत्या की धमकी देना इस बात का संकेत है कि न्याय न मिलने की स्थिति में वह खुद को कितना असहाय महसूस कर रही थी। यह पूरी व्यवस्था के लिए एक चेतावनी है कि पीड़ितों की सुनवाई में देर या अनदेखी उन्हें मानसिक रूप से तोड़ सकती है।
एक ओर जहां समाज में महिला सशक्तिकरण की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अभी भी जमीनी स्तर पर हालात बहुत खराब हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां सत्ता का केंद्रीकरण कुछ लोगों तक सीमित होता है, वहां पीड़ितों के लिए आवाज उठाना और भी कठिन हो जाता है। यदि पुलिस त्वरित कार्रवाई न करे और पीड़िता को न्याय दिलाने में लापरवाही बरते, तो यह न केवल उस व्यक्ति के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
पिलखुवा (हापुड़) दुष्कर्म मामला ग्राम प्रधान सहित तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, परिजनों का पुलिस पर आरोप
इस मामले में स्थानीय लोगों ने पुलिस के प्रति अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। ग्रामीणों का आरोप था कि यदि आरोपी आम व्यक्ति होते तो अब तक उन्हें सलाखों के पीछे डाला जा चुका होता, लेकिन प्रभावशाली ग्राम प्रधान होने के कारण उन्हें संरक्षण देने की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस ने बाद में स्थिति को संभाल लिया और आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली, लेकिन सवाल यह भी है कि गिरफ्तारी में देरी क्यों हुई? क्या पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक या बाहरी दबाव था? या फिर इसे केवल लापरवाही माना जाए?
यह मामला सिर्फ एक युवती के साथ हुए अत्याचार का नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला है। प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह पीड़ित को न्याय दिलाने में पारदर्शिता और तत्परता दिखाएं। इस केस में यदि पुलिस पहले ही गिरफ्तारी कर लेती और जांच तेज करती, तो शायद पीड़िता को आत्महत्या की धमकी देने जैसी बात न करनी पड़ती।
सीओ अनीता चौहान द्वारा दिए गए बयान से यह उम्मीद बंधती है कि आने वाले समय में मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और आरोपियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी। यह भी आवश्यक है कि पीड़िता और उसके परिजनों को उचित सुरक्षा मुहैया कराई जाए, ताकि वह किसी भी प्रकार के दबाव में न आएं। इसके साथ ही महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और अन्य संबंधित संस्थाओं को भी इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि पीड़िता को त्वरित न्याय मिल सके।
समाज के लिए यह एक चेतावनी है कि जब तक महिलाएं खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करेंगी, तब तक विकास और सशक्तिकरण के सभी दावे खोखले साबित होंगे। यह घटना कानून व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों दोनों पर पुनर्विचार की आवश्यकता को रेखांकित करती है। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में कठोर और त्वरित कार्रवाई करें ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की घटना का शिकार न हो।
निष्कर्ष
पिलखुवा की यह घटना उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा, पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और सामाजिक चेतना—तीनों पर गहरे सवाल खड़े करती है। ग्राम प्रधान जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस प्रकार का कृत्य केवल कानून के उल्लंघन का नहीं, बल्कि सामाजिक नैतिकता का भी गंभीर अपमान है। हालांकि पुलिस द्वारा तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई है और जांच जारी है, लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे की कार्रवाई कितनी प्रभावी और निष्पक्ष होती है। पीड़िता को न्याय मिले, यही पूरे समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।
पहले वीजा फिर फार्मा टैरिफ बने ट्रंप के हथियार, शेयर बाजार ने 5 दिन में गंवाए 16 लाख करोड़
जब ये हफ्ता शुरू हुआ था,
तब देश और शेयर बाजार निवेशकों के सामने दो बड़ी खबरें थी. पहली जीएसटी रेट कट का लागू होगा. दूसरा ट्रंप की ओर से एच1बी वीजा शुल्क में बढ़ोतरी. लेकिन निवेशकों का सेंटीमेंट बुरी खबर की ओर झुक गया. जिसकी वजह से शेयर बाजार में एक बार फिर से गिरावट का दौर शुरू हो गया. लगातार गिरावट आने की वजह से उम्मीद थी कि शुक्रवार को एक्सपायरी के बाद सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान पर दिखाई देगा.
लेकिन उससे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक और बम फोड़ दिया. ट्रंप ने फार्मा इंपोर्ट पर 100 फीसदी का टैरिफ लगाया. जिसकी वजह से देश के सभी फार्मा स्टॉक्स क्रैश कर गए. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस हफ्ते में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही 2.75 फीसदी तक गिर चुके हैं. जिसकी वजह से शेयर बाजार निवेशकों को 16 लाख करोड़ रुपए तक का नुकसान हो चुका है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार के आंकड़े किस तरह की कहानी बयां कर रहे हैं.
शेयर बाजार में गिरावट की कहानी सोमवार से शुरू हुई थी.
किसी को भी अंदेशा नहीं था कि जीएसटी रिफार्म लागू होने वाले दिन में सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर आ जाएंगे. लेकिन ऐसा हुआ. वीजा हाइक की वजह से निवेशकों में पैनिक फैला और मुनाफावसूली शुरू हो गई. लगातार इस हफ्ते चार दिनों की मुनाफावूसली के बाद अनुमान से था
कि शुक्रवार को शेयर बाजार में निवेशक एक बार फिर से पॉजिटिव तरीके शुरूआत करेंगे. लेकिन ट्रंप ने अपना दूसरा हथियार चल दिया और फार्मा इंपोर्ट पर 100 फीसदी का टैरिफ लगा दिया. जिसकी वजह से शेयर बाजार में बाकी दिनों के मुकाबले और भी गिरावट देखने को मिली.
पहले वीजा फिर फार्मा टैरिफ बने ट्रंप के हथियार, शेयर बाजार ने 5 दिन में गंवाए 16 लाख करोड़
आंकड़ों के अनुसार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 19 सितंबर को 82,626.23 अंकों पर बंद हुआ था. जबकि शुक्रवार को सेंसेकस 80,332.41 अंकों के साथ दिन के लोअर लेवल पर आ गया. इसका मतलब है कि इस हफ्ते में सेंसेक्स में 2,293.82 अंकों तक की गिरावट देखने को मिल चुकी है. सेंसेक्स से निवेशकों को अब तक 2.78 फीसदी का नुकसान हो चुका है. अगर बात शुक्रवार की बात करें तो सेंसेक्स में 827.27 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर सेंसेक्स 759.51 अंकों की गिरावट के साथ 80,399.80 अंकों पर कारोबार कर रहा है.
वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल चुकी है.
एनएसई के प्रमुख सूचकांक निफ्टी 19 सितंबर को 25,327.05 अंकों के साथ बंद हुआ था. उसके बाद शुक्रवार को 24,629.45 अंकों के साथ दिन के लोअर लेवल पर आ गया. इसका मतलब है कि निफ्टी में इस हफ्ते अब तक 697.55 अंक यानी 2.75 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. दोपहर 3 बजकर 3 बजकर 10 मिनट पर निफ्टी 243 अंकों की गिरावट के साथ 24,650.65 अंकों पर कारोबार कर रहा है.
निवेशकों को मोटा नुकसान
अगर बात निवेशकों की करें तो इस हफ्ते में मोटा नुकसान हो चुका है. निवेशकों का नुकसान और फायदा बीएसई के मार्केट कैप पर डिपेंड करता है. बीएसई के आंकड़ों के अनुसार 19 सितंबर को बीएसई का मार्केट कैप 4,66,32,723.37 करोड़ रुपए था. वहीं मौजूदा कारोबारी सत्र के दौरान बीएसई का मार्केट कैप 4,50,14,095.99 करोड़ रुपए पर आ गया. इसका मतलब है कि इस हफ्ते निवेशकों को 16.18 लाख करोड़ रुपए तक का नुकसान हो चुका है. अगर बात शुक्रवार की करें तो बीएसई के मार्केट कैप में 7.22 लाख करोड़ रुपए तक की गिरावट देखने को मिल चुकी है.
महापंचायत के बाद जाति पूछकर भेजा था जेल! मेरठ में गुर्जर नेताओं का बिरादरी ने फूल- मालाओं से किया स्वागत
मेरठ: मेरठ की जेल में 21 सितंबर को महापंचायत में पुलिस पर पथराव हुआ।
इसके बाद गुर्जर समाज के 22 नेताओं को जेल भेज दिया गया। शुक्रवार देर रात 11 नेताओं को जमानत मिल गई। दादरी में बिना अनुमति आयोजित पंचायत को लेकर गिरफ्तार हुए इन नेताओं की रिहाई के बाद गुर्जर समाज के लोग बड़ी संख्या में जमा हुए और फूल मालाओं से उनका स्वागत किया। जेल से बाहर आते ही युवको नें पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने जाति पूछकर जेल भेजा था। युवकों के इस बयान के बाद अब राजनीति भी गर्माने लगी है।
शाम छह बजे से ही मेरठ जिला जेल परिसर के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। आरएएफ, ट्रैफिक पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जेल जाने वाले रास्तों को करीब एक किलोमीटर दूर से सील कर दिया गया। देर रात्रि सबसे पहले तीन लोगों को रिहा किया गया और बीस मिनट बाद बाकी आठ लोग बाहर आए। सभी को भाजपा जिला पंचायत सदस्य विपिन भडाना की गाड़ियों में बैठाकर ले जाया गया। जेल के बाहर मौजूद गुर्जर समाज के लोगों ने नारेबाजी करते हुए नेताओं का स्वागत किया।
22 में से 11 को ही क्यों मिली रिहाई?
विपिन भडाना ने बताया कि जमानत के लिए पहले एक ही जमानती की शर्त थी लेकिन बाद में नियम बदलकर एक अभियुक्त के लिए दो जमानती अनिवार्य कर दिए गए। इसी वजह से आधे लोगों की जमानत प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि बाकी अभियुक्तों की रिहाई भी जल्द होगी।
‘हम तो सामान लेने बाजार जा रहे थे, पुलिस ने पकड़ लिया’
जेल से बाहर आए अभियुक्त अतुल गुर्जर ने आरोप लगाया की पुलिस ने उन्हें जाति पूछकर गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि उस दिन हम तो सामान लेने सकौती बाजार जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने नाम के साथ जाति पूछकर पकड़ लिया। रात भर थाने में रखा, फिर मेडिकल कराकर अगली सुबह कोर्ट में पेश कर दिया और जेल भेज दिया। मुंह पर कपड़ा बांधकर पथराव किसने किया हमें नहीं पता, लेकिन हमें जाति के नाम पर फंसाया गया।
जमानत के कानूनी आधार
अभियुक्तों की पैरवी करने वाले वकील ओमपाल सिंह ने कहा कि किसी भी अभियुक्त पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज नहीं था। सभी सम्मानित परिवार से हैं और पहली बार इस तरह के मामले में फंसे। एफआईआर देर से दर्ज की गई और उसमें स्पष्ट साक्ष्य नहीं हैं। न तो कोई चश्मदीद गवाह है और न ही किसी पर पत्थरबाजी से गंभीर चोट का आरोप साबित हुआ। धारा 144 के उल्लंघन का मामला जरूर बनाया गया, लेकिन यह जमानती धाराओं के तहत आता है। इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत दी।
महापंचायत के बाद जाति पूछकर भेजा था जेल! मेरठ में गुर्जर नेताओं का बिरादरी ने फूल- मालाओं से किया स्वागत
बिरादरी के लोगों ने किया स्वागत
जैसे ही गुर्जर समाज के लोग जेल से बाहर निकले, चुंगी चौराहे पर उनका स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में बिरादरी के लोग वहां पहले से मौजूद थे। फूल मालाओं से नेताओं का स्वागत हुआ और नारे लगाए गए गुर्जर सेना जिंदाबाद। वही भाजपा जिला पंचायत सदस्य विपिन भडाना ने इस मामले को विपक्ष की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि पंचायत के विवाद को राजनीतिक रंग दिया गया और लोगों को जाति के नाम पर भड़काया गया।
राजनीतिक दलों में क्रेडिट लेने की मची होड़
गुर्जर नेताओं की रिहाई के बाद राजनीतिक दलों में इसे लेकर श्रेय लेने की होड़ मच गई है। सपा और आजाद समाज पार्टी सोशल मीडिया पर इन दलों के कार्यकर्ता इसे अपनी पार्टी की जीत बता रहे हैं। कई पोस्ट में प्रशासन को बैकफुट पर आने का दावा किया गया। वही रालोद बिजनौर सांसद चंदन चौहान जेल में बंद नेताओं से मिलने पहुंचे थे। इस मामले में लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर और अन्य भाजपा नेताओं ने इसे सीएम योगी की पहल का नतीजा बताया। इससे पहले सपा विधायक अतुल प्रधान और मंत्री सोमेंद्र तोमर भी नेताओं से जेल में मुलाकात कर चुके थे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मसले पर मेरठ पुलिस और प्रशासन से बात की थी।
नंदकिशोर गुर्जर ने जताया सीएम योगी को आभार
लोनी सीट से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने जमानत मिलने के बाद कहा कि यह सत्य की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेहादी तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और निर्दोष लोगों को फंसाया। उन्होंने दावा किया कि समाज के लोगों की समस्या को उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा, जिसके बाद निर्दोष रिहा हो सके।
अनुमति बगैर हुई थी महापंचायत
दौराला थाना क्षेत्र में आयोजित पंचायत प्रशासन से अनुमति लिए बिना हुई थी, क्योंकि इस क्षेत्र में धारा 144 लागू थी, जिसे तोड़ने का आरोप लगा था। वही महापंचायत में पुलिस पर पत्थरबाजी की घटना हुई, लेकिन पुलिस किसी को चिह्नित नहीं कर पाई।
प्रेम विवाह, जलन और एसिड अटैक संभल की महिला टीचर पर हमले का चौंकाने वाला खुलासा, जानें खौफनाक साजिश का सच
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र में 23 सितंबर 2025 को एक निजी इंटर कॉलेज की अध्यापिका पर स्कूटी सवार एक युवक ने तेजाब हमला किया था। यह घटना तब हुई जब शिक्षिका स्कूल से पढ़ाकर अपने घर लौट रही थी। हमले में शिक्षिका 25 से 30% तक झुलस गई और वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है। इस मामले में अब एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें प्रेम जाल, बदले की साजिश और धोखे की कहानी सामने आई है।
पुलिस जांच और खुलासा
संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी नीशू ने अपनी गर्लफ्रेंड जाह्नवी उर्फ डॉ. अर्चना के उकसावे पर इस वारदात को अंजाम दिया। जांच में पता चला कि जाह्नवी का पहले शिक्षिका के मंगेतर उपेंद्र के साथ प्रेम विवाह हुआ था।हालांकि, जाह्नवी के परिजनों ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया, जिसके कारण उसने उपेंद्र को छोड़ दिया। बाद में उपेंद्र की शादी शिक्षिका से होने वाली थी, जिससे जाह्नवी जलन और बदले की भावना से भर गई।
प्रेम विवाह, जलन और एसिड अटैक संभल की महिला टीचर पर हमले का चौंकाने वाला खुलासा, जानें खौफनाक साजिश का सच
साजिश का जाल
जाह्नवी ने लगभग एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए नीशू से दोस्ती की। उसने खुद को डॉ. अर्चना के रूप में पेश किया और नीशू को शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। उसने नीशू को बताया कि उसकी बहन का उपेंद्र के साथ रिश्ता टूट गया था और उसे अपमानित किया गया था।जाह्नवी ने नीशू को उकसाकर शिक्षिका पर तेजाब हमला करने के लिए प्रेरित किया। नीशू, जो पहले एक मिल्क प्लांट में केमिस्ट के रूप में काम करता था, ने वहां से ज्वलनशील रसायन प्राप्त किया और इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद नीशू को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान नीशू ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोलीबारी में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पूछताछ में नीशू ने सारी साजिश का खुलासा किया और बताया कि उसे जाह्नवी ने उकसाया था। इसके बाद पुलिस ने मोदीनगर से जाह्नवी को भी गिरफ्तार कर लिया। जाह्नवी तीन बच्चों की मां है और उसने कई बार अपने पति को नींद की गोलियां देकर नीशू के साथ समय बिताया था।
नीशू का पश्चाताप
पूछताछ में नीशू को यह भी पता चला कि जाह्नवी और डॉ. अर्चना एक ही व्यक्ति हैं, जिसने उसे अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया। नीशू को अब अपने किए पर पछतावा है। पुलिस ने नीशू और जाह्नवी दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा हरिद्वार, तीन जगह हुई फायरिंग, पिल्ला गैंग पर शक की सु
हरिद्वार: उत्तराखंड का हरिद्वार जिले आज सोमवार 15 सितंबर को फिर से गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज गया. मामला हरिद्वार जिले के कनखल थाना क्षेत्र का है. बताया जा रहा है कि सोमवार को कनखल थाना क्षेत्र में करीब तीन जगहों पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग की है. लगातार तीन जगह हुई फायरिंग की वजह से इलाके के लोग सहम गए थे.
फिलहाल जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक सोमवार 15 सितंबर दोपहर को बाइक सवार तीन बदमाश ने पहले तो हरिद्वार के जगजीतपुर इलाके में फायरिंग की. इसके बाद तीनों ने फुटबॉल ग्राउंड के पास दुकान के बाहर फायरिंग की. बाइक सवार बदमाशों की ये वारदात इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है.
स्थानीय लोगों ने अपने इलाके में फायरिंग होने की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी देखा. वहीं इस बारे में सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी का कहना है कि प्राथमिक तौर पर जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक इस गोलीबारी में कुछ नाबालिग युवक भी शामिल है.
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि उन्हें शक है कि ये काम पिल्ला गैंग का है. पिल्ला गैंग हरिद्वार के एक कुछ लोकल लड़कों ने बनाया है. पुलिस पहले भी इस गैंग के लड़कों को जेल भेज चुकी है. फिलहाल पुलिस दिनदहाड़े हरिद्वार में फायरिंग करके दहशत फैलाने वाले बदमाशों को चिन्हित करने में जुटी हुई है. सीसीटीवी के आधार उनकी पहचान की जा रही है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा.बता दें कि 13 सितंबर को हरिद्वार में दिनदहाड़े एक युवक ने हरियाणा पुलिस के जवान पर फायरिंग कर दी थी.
गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा हरिद्वार, तीन जगह हुई फायरिंग, पिल्ला गैंग पर शक की सु
बताया जा रहा है कि हरियाणा पुलिस एक अपराधी को पकड़ने हरिद्वार पहुंची थी. जैसे ही हरियाणा पुलिस के जवान ने उस अपराधी को दबोचा, तभी उसने हरियाणा पुलिस के जवान ने फायरिंग कर दी थी. इस फायरिंग में हरियाणा पुलिस का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया था.
इसके अलावा बीते दिनों ही हरिद्वार के पार्श इलाके में कांग्रेस नेता के घर पर भी दिनदहाड़े बदमाशों ने धावा बोला था. बदमाशों ने हथियार के दम पर घर में मौजूद कांग्रेस नेता की बेटी को बंधक बनाया और फिर लूटपाट की. इसके बाद आरोपी घर में खड़ी कांग्रेस नेता की कार भी ले गए थे. हालांकि कार को बाद में दिल्ली हाईवे पर छोड़कर भाग गए थे.
कांग्रेस ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल: कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमन गर्ग ने आज हुई घटना पर रोष जताते हुए कहा है कि हरिद्वार में रोजाना इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं. परंतु किसी का भी इस तरफ ध्यान नहीं जा रहा है. हरिद्वार एक धर्म नगरी है और अगर यहां पर गोलीकांड, अपहरण और डकैती जैसे घटनाएं रोजाना होगी तो यहां के व्यापार और धर्मनगर की छवि पर भी इसका असर पड़ रहा है. सरकार हरिद्वार के अपराध को लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं बना रही है.
जीएसटी दरों में की गई कटौती लागू होने पर बीजेपी के चार सांसदों ने नवी मुंबई के वाशी स्थित सेक्टर-17 मार्केट में व्यापारियों और ग्राहकों से मुलाकात कर इसकी जानकारी दी। उत्तर प्रदेश से आए बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने लोगों से अपील की है कि वे जागरूक रहें और जीएसटी में हुई कटौती का लाभ उठाएं।
बीजेपी ने कहा कि इस उत्सव के दौरान ज्यादा से ज्यादा खरीदारी करें। पाल ने कहा कि इससे पहले की सरकारें टैक्स बढ़ाती थीं, लेकिन पहली बार किसी सरकार ने टैक्स कम किया है। इसका सीधा फायदा इस देश के करोड़ों लोगों को होने वाला है। दरों में कटौती होने से लोगों को कम कीमत में सामान मिलेगा। इसका लाभ देश के व्यापारियों को भी होगा।
लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील
इस दौरान, ओडीशा से बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने कहा कि हम इस मुहिम के तहत लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील कर रहे हैं, ताकि हम आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकें। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए जरूरी है कि देश में बनी वस्तुओं की ज्यादा से ज्यादा बिक्री हो। उन्होंने कहा कि एक समय महात्मा गांधी ने देश को आजाद करवाने के लिए स्वदेशी का नारा दिया था और अब प्रधानमंत्री मोदी ने देश को विकसित करने और हर हाथ को रोजगार देने का नारा दिया है।
GST कम होने पर BJP ने मनाया बचत उत्सव
किसानों से लेकर हर वर्ग को होगा फायदा
वहीं, छत्तीसगढ़ से सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जीएसटी की दरों में जो कटौती की है, उससे किसानों से लेकर हर वर्ग को फायदा होगा। आज अगर हम स्वदेशी को अपनाएंगे, तो कोरोड़ों भारतीयों को रोजगार मिलेगा। बीजेपी जिला अध्यक्ष राजेश पाटील ने कहा कि अमेरिका टैरिफ की धौंस दिखाकर हमें डराने की कोशिश कर रहा है कि वह हमारी वस्तुओं को अमेरिका में बिकने से रोक रहा है, लेकिन हमारे देश की जनसंख्या इतनी है कि अगर हम खुद अपनी वस्तुएं खरीदने लगे, तो अमेरिका की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हमारा देश अमेरिका के सामने झुकने वाला नहीं है।
गरीब, मध्यवर्ग और उच्च-माध्यम वर्ग को होगा फायदा
नेताओं का कहना है कि जीएसटी की दरें कम होने के बाद आवश्यक वस्तुओं के साथ-साथ टीवी, फ्रिज और कुछ कारें भी शामिल हैं। इसका फायदा गरीबों, मध्य वर्ग और उच्च-मध्यम वर्ग सभी को होगा। जीएसटी कम करने होने से अर्थव्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी, क्योंकि बाजार में वस्तुओं की कीमतें कम होने से लोग ज्यादा खरीदारी करने के लिए जाएंगे। इससे राज्य और केंद्र सरकार के खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे राजस्व और बढ़ जाएगा।
25.09.2025 फतेहपुर 69वीं क्षेत्रीय विद्यालयी एथलेटिक्स प्रतियोगिता ब्लॉक बहुआ का हुआ भव्य आयोज
विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक किया प्रतिभाग ब्लॉक बहुआ अन्तर्गत
राजकीय मॉडल इण्टर कालेज बहुआ देहात ( सुजानपुर ) में प्रथम बार आयोजित हुई इस प्रतियोगिता का मुख्य अतिथि प्रधान अध्यक्ष हेमलता पटेल ने किया शुभारंभ शुभारंभ के दौरान इस विद्यालय निर्माण हेतु किए गए अपने संघर्ष और मेहनत को याद कर प्रधान हेमलता पटेल हुईं भावुक, प्रथम प्रधानी कार्यकाल के दौरान हेमलता पटेल को बड़ी भागदौड़ और मेहनत उपरांत इस राजकीय मॉडल इण्टर कॉलेज को बनवाने हेतु मिली थी सफलता
प्रथम बार राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज बहुआ देहात में आयोजित
69वीं क्षेत्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र,छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुजानपुर (बहुआ देहात) की ग्राम प्रधान व बहुआ ब्लॉक प्रधान संघ की अध्यक्ष गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक अध्यक्ष हेमलता पटेल ने फीता काटकर किया इससे पूर्व विद्या की देवी माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया । प्रधान हेमलता पटेल ने खिलाड़ियों को खेल के महत्व की जानकारी दी और खेल भावना से सौहार्दपूर्ण प्रतिस्पर्धा करने का संदेश दिया । कहा कि जीवन का पहला सुख निरोगी काया है। स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है। शिक्षा और खेल जीवन में बहुत जरूरी है।
25.09.2025 फतेहपुर 69वीं क्षेत्रीय विद्यालयी एथलेटिक्स प्रतियोगिता ब्लॉक बहुआ का हुआ भव्य आयोज
खेलों से हम स्वस्थ रह सकते हैं।
अध्यक्ष हेमलता पटेल ने प्रतियोगी छात्र छात्राओं को शुभाशीष देते हुए अपने गांव क्षेत्र जनपद तथा प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी क्रमवार सफलता हासिल कर नाम रौशन करने को प्रेरित किया | प्रतियोगिता में कई प्रतियोगियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दौड़, ऊंची कूद, जेवेलियन थ्रो, गोला फेंक आदि में बेहतरीन प्रदर्शन किया। जहां विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया । विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं प्रबंधन समिति ने भी प्रतियोगियों की उपलब्धि पर गर्व जताया प्रधान हेमलता पटेल विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित किया वहीं शुभारंभ के दौरान इस विद्यालय निर्माण हेतु किए गए
अपने संघर्ष और मेहनत को याद कर प्रधान हेमलता पटेल भावुक भी हुईं प्रथम प्रधानी कार्यकाल के दौरान हेमलता पटेल ने बड़ी भागदौड़ और मेहनत उपरांत इस राजकीय मॉडल इण्टर को अपनी ग्राम पंचायत में बनवाने हेतु पाई थी सफलता | बच्चों की शिक्षा के लिए विद्यालय बनवाने हेतु प्रधान हेमलता पटेल द्वारा बहुआ देहात ( सुजानपुर ) की भूमि का हुआ था आवंटन,आज क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों बच्चे प्राप्त कर रहे सुगम शिक्षा, यह विद्यालय बड़ी नहर के पास बहुआ देहात में अवस्थित है | प्रतियोगिता का भी हुआ आयोजन | आयोजन के दौरान कार्यक्रम संयोजक व प्राचार्य दयाराम, देवेंद्र सिंह, रंजना, आदि विद्यालय के शिक्षकगण आयोजक अभिभावक तथा प्रतियोगी छात्र छात्राएं रहीं
महिलाओं पर फब्तियां कसने वाले दो आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध: देवबंद कोतवाल
तल्हेडी बुजुर्ग– महिलाओं पर फब्तियां कसने वाले दो आरोपी युवकों को तल्हेडी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। गुरुवार को तल्हेडी बुजुर्ग क्षेत्र के गांव साखन कला में महिलाओं पर फब्तियां कसने को लेकर दो पक्षों में गाली गलौज व मारपीट का मामला प्रकाश में आया है। मामला संज्ञान में आते ही तल्हेडी बुजुर्ग चौकी प्रभारी सुधीर राजौरा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव साखन कला निवासी कुलदीप पुत्र राजकुमार व सोनू पुत्र कुलदीप को हिरासत में ले लिया और उन पर सम्बंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया है। आपको बता दें कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाया गया मिशन शक्ति कार्यक्रम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सचेत नजर आ रहा है। देवबंद कोतवाल नरेंद्र शर्मा का कहना है कि ऐसे असामाजिक तत्वों जो महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने जैसे कुकृत्य में संलिप्त पाए जाएंगे उन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति कार्यक्रम को फलीभूत करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ से महिला डॉक्टर और उनकी शिक्षिका बहन के साथ छेड़खानी का मामला सामने आया है। थाना भवन के पास ही छेड़खानी और पुलिस के मौके पर पहुंचने में देरी के मामले को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। दरअसल, छेड़खानी का विरोध करने पर महिला डॉक्टर और उनके भाई पर आरोपियों ने हमला कर दिया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के सुभाष बाजार का है। रात करीब 9:00 बजे यह वारदात हुई। कोतवाली थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर ही मनचले ने इस घटना को अंजाम दिया।
मेरठ के सुभाष बाजार इलाके में महिला डॉक्टर और उसके भाई पर हमले के बाद इलाके में हंगामा बढ़ गया। भीड़ ने आरोपियों को घेर लिया। आरोपी खुद को घिरता देखकर बाइक छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया। भाजपा नेता मौके पर पहुंचे। आरोप है कि अधिकारियों और एसएचओ कोतवाली ने भाजपा नेताओं के फोन तक नहीं उठाया।
भाजपा नेताओं का हंगामा
मामले में भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा और कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने में जमकर हंगामा किया। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ से भी जमकर झड़प हुई। इस दौरान भाजपा नेताओं ने पुलिस अधिकारियों का घेराव शुरू कर दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद भाजपा नेता माने। हंगामा शांत हुआ तो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया।
क्या है पूरा मामला?
कोतवाली निवासी एक महिला डॉक्टर, अपनी शिक्षिका बहन और भाई के साथ सुभाष बाजार में रात को घूमने आई थी। दूसरी ओर बाइक पर दूसरे पक्ष के तीन युवक वहां पहुंचे थे। युवकों ने दोनों बहनों पर फब्तियां कसनी शुरू कर दी। महिला डॉक्टर का भाई आरोपियों से भिड़ गया। मनचले ने महिला डॉक्टर और उसके भाई के साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।महिला डॉक्टर और भाई के साथ तीन युवकों को भिड़ा देखकर भीड़ जुट गई। लोगों ने जब पूरी बात को जाना तो माहौल गरमा गया। माहौल गरमाती देख आरोपी अपनी बाइक वहीं छोड़कर फरार हो गए। इससे इलाके में तनाव फैल गया।
महिलाओं पर फब्तियां कसने वाले दो आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
भाजपा नेताओं को दी गई जानकारी
मामले की जानकारी भारतीय जनता पार्टी नेताओं को दी गई। सूचना मिलते ही कई भाजपा नेता मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल से कोतवाली एसएचओ को कॉल किया गया, लेकिन फोन नहीं उठा। पुलिस करीब 20 मिनट बाद मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने बहाना बनाया कि दूसरी जगह पर ड्यूटी लगी थी।
इस दौरान भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा, अंकुर शर्मा, दीपक शर्मा और बाकी नेता कोतवाली पहुंच गए। भाजपाइयों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर कोतवाली में जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे सीओ कोतवाली और सिटी मजिस्ट्रेट से भी भाजपा नेताओं की झड़प हो गई।
अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप
भाजपा नेताओं ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। कमल दत्त शर्मा ने कहा कि पुलिस अफसर फील्ड में नहीं रहते हैं। घटनाओं पर भी मौके पर नहीं पहुंचते हैं। उन्होंने सीओ कोतवाली और सिटी मजिस्ट्रेट से कहा कि घटना की जानकारी लेने का काम पुलिस प्रशासन का है। हम आपके मुखबिर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बुढ़ाना गेट पर ताजिया एक घंटे रुका रहा। पुलिस आगे नहीं बढ़ा पाई। क्या यह सही था? आज भी छेड़छाड़ हुई पुलिस नहीं पहुंची।
कमल दत्त शर्मा ने कहा कि घटना की खबर देने के लिए हम आपके मुखबिर नहीं है। अफसर खुद इलाके का ध्यान रखें। दीपक शर्मा ने कहा कि हम कानून को मानने वाले लोग हैं, लेकिन यह ठीक नहीं था। हमारी बहनों के साथ छोड़छाड़ हो और पुलिस बुलाने पर भी नहीं आए।
सिटी एसपी ने कहा, जांच होगी
इस पूरे मामले में सिटी एसपी आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि छेड़छाड़ की घटना की जानकारी मिली है। इसके बाद केस दर्ज कराया जा रहा है। आरोपियों की बाइक पुलिस के कब्जे में है। दो टीम को गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। पुलिस पर लापरवाही का जो आरोप लगा है, उसकी जांच होगी।
दरअसल, कोतवाली थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह पर भाजपा नेताओं के फोन नहीं उठाने का आरोप लगा है। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने भी पुलिस पर घटना को दबाने का आरोप लगाया।