दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दशकों पुराने डबल मर्डर केस को सुलझाते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि ये दोनों भगोड़े 2002 में सरिता विहार में एक महिला और उसकी दो साल की बेटी की बेरहमी से हत्या के बाद से फरार थे। दोनों आरोपियों को आखिरकार सजा मिल गई है। इस वारदात में शामिल आरोपियों में से एक 23 साल से फरार अपराधी था और दूसरा एक सजायाफ्ता हत्यारा था जो 18 साल पहले पैरोल से बाहर निकलने के बाद भाग गया था। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान बिहार के शिवहर जिले के रहने वाले अमलेश कुमार और सह-आरोपी सुशील कुमार के रूप में हुई है, जिसे पहले ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था।
अमलेश, जो 28 जनवरी 2002 की हत्याओं के तुरंत बाद गायब हो गया था, दो दशकों से ज्यादा समय से पकड़ से बाहर था।
अमलेश को अपराधी घोषित कर दिया गया था। गुजरात के जामनगर में उसका पता चला, जहां वह नकली पहचान के साथ मजदूर के तौर पर काम कर रहा था। क्राइम ब्रांच की टीमों ने टेक्निकल एनालिसिस और ग्राउंड इंटेलिजेंस के जरिए उसे ट्रैक किया।

दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार


पुलिस ने अपने प्रेस नोट में कहा कि उसका पकड़ा जाना एक मजबूत संदेश है कि कानून के लंबे हाथ आखिरकार हर अपराधी तक पहुंचते हैं, चाहे वे कितने भी चुपके से क्यों न छिपे हों।”
वहीं, एक अन्य आरोपी सुशील कुमार, जिसे हत्याओं के लिए दोषी ठहराया गया था और 2007 में पैरोल से भाग गया था, को भारत-नेपाल बॉर्डर के पास लालगढ़ गांव से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि वह पिछले कुछ सालों में कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में घूमता रहा, और पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार जगह बदलता रहा।
यह हत्या का मामला जनवरी 2002 का है, जब शिकायतकर्ता अनिल कुमार मदनपुर खादर में अपने घर लौटा तो उसने देखा कि घर में तोड़फोड़ हुई थी और उसकी 22 साल की पत्नी अनीता और उनकी दो साल की बेटी मेघा की लाशें किचन में पड़ी थीं, जिन पर चाकू के कई घाव थे।

मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस

मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस

मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस
मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस

मुंबई । मुंबई के भायखला क्षेत्र में एक महिला को अज्ञात डिलीवरी बॉय द्वारा लगातार अश्लील संदेश भेजकर परेशान करने और धमकियां देने का गंभीर मामला सामने आया है। परेशान होकर पीड़िता ने भायखला पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में जुट गई है। शिकायत के अनुसार, 23 सितंबर को परिनाज नाम की महिला ने एक ऑनलाइन ऐप के माध्यम से घर का किराना सामान ऑर्डर किया था। शाम करीब 4 बजे एक डिलीवरी बॉय सामान लेकर उनके घर पहुंचा। लेकिन ऑर्डर का कुछ सामान उपलब्ध न होने पर उसने रिफंड लेकर लौटने का बहाना बनाते हुए महिला से उनका मोबाइल नंबर ले लिया। अगले दिन उसी नंबर से कॉल कर उसने रिफंड की जानकारी दी, जिसे महिला ने एक सामान्य कॉल समझकर धन्यवाद कहा। इसके बाद आरोपी ने महिला को परेशान करना शुरू कर दिया। पीड़िता के अनुसार, डिलीवरी बॉय ने उनका व्हॉट्सऐप नंबर सेव कर अश्लील संदेश भेजना शुरू कर दिया। महिला ने इन संदेशों का कोई जवाब नहीं दिया और मामले की जानकारी अपने पति को दी। महिला के परिजनों ने आरोपी को चेतावनी भी दी, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं रुका।

मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस
मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस

28 सितंबर को उसने फिर से अश्लील मैसेज भेजे और विरोध के बावजूद अपनी हरकतें जारी रखीं। इसके बाद परिजनों ने उसे सख्त चेतावनी दी कि यदि उसने दोबारा संदेश भेजा तो पुलिस में शिकायत दर्ज की जाएगी। इस पर आरोपी ने नंबर ब्लॉक करने का दावा किया और अपने गांव जाने का बहाना बनाया।
हालांकि, इसके बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। 19 नवंबर को आरोपी ने एक नए नंबर से फिर महिला को व्हॉट्सऐप संदेश भेजे और इस बार उसे अकेले मिलने का प्रस्ताव रखा। जब महिला ने दोबारा उसे चेतावनी दी, तो आरोपी ने धमकी देना शुरू कर दिया। लगातार छेड़छाड़, पीछा करने और धमकियों से परेशान होकर परिनाज ने पुलिस से मदद लेने का फैसला किया।
भायखला पुलिस ने इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

ग्रेटर नोएडा में 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच

ग्रेटर नोएडा में 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच

ग्रेटर नोएडा में 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच
ग्रेटर नोएडा में 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच

ग्रेटर नोएडा,। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में स्थित मिग्सन ट्विन्स सोसायटी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना शुक्रवार दोपहर को हुई, जिससे सोसाइटी में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान शालू पुत्री नरेश के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले की रहने वाली बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मिग्सन ट्विन्स सोसायटी के टावर-5 के 16वें फ्लोर पर शालू अपने एक दोस्त के साथ मौजूद थी। घटना के दौरान उसका दोस्त भी फ्लैट में मौजूद था। अचानक युवती ने बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। गिरने की आवाज और अफरातफरी के बाद सिक्योरिटी स्टाफ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना सूरजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए कानूनी कार्यवाही शुरू की। पुलिस ने शालू के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

ग्रेटर नोएडा में 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच
ग्रेटर नोएडा में 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच


वहीं, घटनास्थल पर पुलिस अधिकारियों और फील्ड यूनिट की टीम ने विस्तृत निरीक्षण भी किया। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि जिस वक्त युवती ने यह कदम उठाया, उस समय उसके दोस्त की मौजूदगी थी। इसलिए पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने मृतका के परिजनों को सूचना दे दी है और परिवार के आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की हर संभव एंगल से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल फोन व सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से स्थिति सामने आ पाएगी।
वहीं, मृतका के परिजनों के बयान भी जांच के लिए अहम होंगे। इस घटना ने एक बार फिर हाईराइज सोसायटी में आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है। पुलिस जांच पूरी होने तक मामले पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

वडोदरा में साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा, अमेरिकी नागरिकों को बनाया जा रहा था निशाना

वडोदरा में साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा, अमेरिकी नागरिकों को बनाया जा रहा था निशाना

वडोदरा में साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा, अमेरिकी नागरिकों को बनाया जा रहा था निशाना
वडोदरा में साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा, अमेरिकी नागरिकों को बनाया जा रहा था निशाना

अहमदाबाद, । वडोदरा पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गैंग का पर्दाफाश किया है, जो भारत से संचालित होकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहा था। यह गिरोह तालसात गांव स्थित एक आलीशान बंगले से कॉल सेंटर के रूप में कार्य करता था। पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर विंटेज बंगला नंबर 51 पर छापेमारी की, जहां से कई राज्यों में फैले फर्जी कॉल सेंटरों का संचालन और वसूली का काम किया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह अमेरिकी नागरिकों का निजी डेटा महज ₹80-90 प्रति एंट्री में खरीदता था। इसके बाद पीड़ितों को लोन मंजूरी के नाम पर टेक्स्ट संदेश भेजे जाते थे और उनसे 30% कमीशन वसूला जाता था।

वडोदरा में साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा, अमेरिकी नागरिकों को बनाया जा रहा था निशाना
वडोदरा में साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा, अमेरिकी नागरिकों को बनाया जा रहा था निशाना


जब पीड़ित प्रतिक्रिया देते थे, तो उन्हें लोन स्वीकृति के लिए केवाईसी प्रक्रिया जैसी औपचारिकताओं के बहाने धमकाया जाता था और एफबीआई का नाम लेकर डराया जाता था।
गिरोह अमेरिकी बैंकिंग नियमों की एक तकनीकी खामी का फायदा उठा रहा था, जिसमें असफल लेनदेन भी अस्थायी रूप से ग्राहक खाते में क्रेडिट हो जाते हैं। इसके जरिए पीड़ितों को प्रीपेड कार्ड्स में पैसे जमा करवाए जाते थे।
धोखाधड़ी से जुटाई गई रकम को एंगड़िया नेटवर्क के माध्यम से भारत में ट्रांसफर किया जाता था। जांच में सामने आया है कि अब तक 80 से अधिक अमेरिकी नागरिकों से ठगी की जा चुकी है।

त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े

त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े

त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े
त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े

अगरतला, । बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने त्रिपुरा में 3 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की 30,000 नशीली मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद कीं और कई करोड़ रुपए कीमत के 3,00,000 गांजे (कैनबिस) के पौधे नष्ट कर दिए। बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि त्रिपुरा फ्रंटियर के बॉर्डर गार्डिंग फोर्स के जवानों ने खास इंटेलिजेंस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए, सिपाहीजला जिले में भारतीय गांव भवानीपुर के पास जंगली इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन के दौरान, सतर्क बीएसएफ जवानों ने 30,000 मेथामफेटामाइन, जिसे याबा टैबलेट भी कहा जाता है (वजन 3 किलो), बरामद की, जिसकी कीमत 3 करोड़ रुपए है।
इसके अलावा, एक अलग जॉइंट ऑपरेशन में बीएसएफ के जवानों ने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और असम राइफल्स के साथ मिलकर, उसी सिपाहीजला के धनीरामपुर गांव के अंदरूनी इलाके में लगभग 10 एकड़ जमीन पर फैले सात प्लॉट में उगाए गए 3,00,000 गांजे के पौधों को नष्ट कर दिया।

त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े
त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े


बीएसएफ के एक बयान में कहा गया है कि ये सफल ऑपरेशन, त्रिपुरा के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, सिस्टर एजेंसियों के साथ मिलकर ड्रग ट्रैफिकिंग सहित ट्रांस-बॉर्डर अपराधों को रोकने के बीएसएफ के पक्के इरादे को दिखाते हैं।
18 नवंबर को, सिपाहीजला जिले में कई जगहों पर राज्य और सेंट्रल फोर्स ने गैर-कानूनी गांजा (कैनबिस) की खेती को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन सफलतापूर्वक चलाया।
एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह ड्राइव सिपाहीजला जिला पुलिस, चार त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) बटालियन के जवानों, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स, महिला त्रिपुरा स्टेट राइफल्स, जिला सिविल एडमिनिस्ट्रेशन और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने मिलकर चलाया।
यह ऑपरेशन सिपाहीजला डिस्ट्रिक्ट के पुलिस सुपरिटेंडेंट बिजॉय देबबर्मा ने चलाया। इसमें पांच पुलिस स्टेशन एरिया के तहत आने वाले सुतारमुरा, टोकतुमदुम, चिट्टा रामबारी, उक्यामुरा, तुलामुरा, कमालनगर और घाटीगर इलाकों को टारगेट किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र

नई दिल्ली,। दिल्ली में चल रहे 44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इस बार 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन का आयोजन किया गया, जो दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में पवेलियन में भारतीय रक्षा उद्योग के विविध आयामों का प्रदर्शन किया गया है, जिसमें आधुनिक हथियारों, मशीन गन, पनडुब्बी मॉडल, ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर जैसे अत्याधुनिक उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग किए गए हथियारों की झलक भी लोगों को देखने को मिली। कई दर्शकों ने इस पवेलियन को देश की रक्षा क्षमताओं को करीब से जानने का बेहतरीन अवसर बताया। वहीं, झारखंड पवेलियन ने भी इस वर्ष खास चर्चा बटोरी है। यहां वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य की हरित अर्थव्यवस्था और सतत विकास की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रदर्शित किया। सिसल (एगेव) पौधों पर आधारित उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन झारखंड की उभरती संभावनाओं को उजागर कर रहा है। सिसल का उपयोग रस्सी, बैग, मैट और हैंडक्राफ्ट उत्पादों के निर्माण में होता है, साथ ही इससे बायो-एथेनॉल और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र


झारखंड पवेलियन में राज्य की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा का भी अद्भुत प्रदर्शन किया गया। स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए ईको-फ्रेंडली जूट उत्पाद, जैसे बैग, गृह सज्जा सामग्री और हस्तनिर्मित उपयोगी वस्तुएं, झारखंड की कला और ग्रामीण कारीगरी की पहचान पेश कर रही हैं। इन उत्पादों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसरों का द्वार खोला है।
इसके साथ ही, पवेलियन में रेशम निर्माण की प्रक्रिया भी दर्शाई गई। इस बार के मेले में झारखंड ने न केवल अपनी सांस्कृतिक धरोहर, बल्कि हरित विकास और पर्यावरणीय पहल पर भी जोर दिया है।
रेशम बनाने वाले व्यापारी उदय कृष्ण ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि मैं झारखंड से आया हूं। रेशम के चार प्रकार हैं, लेकिन हम लोगों ने दो ही लाए हैं। इसको तैयार करने में कम से कम 35 दिन का समय लगता है। खास बात तो यह है कि इसे साल में दो से तीन बार तैयार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि एक तितली का अंडा देने के बाद उसमें 10 दिन के बाद रेशम के कीड़े विकसित होते हैं, जो 35 दिन तक पत्तियां खाते हैं। इसके बाद रेशम का निर्माण किया जाता है और 1 किलो रेशम बनाने में लगभग 1,500 रुपए का खर्च आता है।
मेले में आए पर्यटकों ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि हमें यहां आने पर बहुत अच्छा लग रहा है। काफी समय के बाद इसका आयोजन होता है। हमें लोगों ने बताया था कि इसीलिए हम देखने के लिए आए थे, हमें गर्व करना चाहिए और यहां से सीख लेकर जाना चाहिए।

कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे

कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे

कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे
कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे

रांची/कोलकाता । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला माफियाओं के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। झारखंड और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों में 40 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है। कोयला कारोबार से जुड़े मामलों में ईडी ने आरोपियों के खिलाफ यह तलाशी अभियान शुरू किया। जानकारी के अनुसार, झारखंड के धनबाद में कोल कारोबारी एलबी सिंह के आवास और उनसे जुड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी शुरू की गई। ईडी की टीमों ने धनबाद के देव बिला क्षेत्र समेत कुल 16 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया गया है। ये ऑपरेशन कोयला चोरी और तस्करी के कई बड़े मामलों से संबंधित हैं, जिनमें अनिल गोयल, संजय उद्योग, एलबी सिंह और अमर मंडल के मामले शामिल हैं। मामलों के सामूहिक पैमाने में महत्वपूर्ण कोयला समेत अन्य चीजों की चोरी शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपए का भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे
कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे


वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पश्चिम बंगाल में भी छापे मारे हैं। गैर-कानूनी कोयला माइनिंग, गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन और कोयले के स्टोरेज मामले में दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा, कोलकाता जिलों में 24 जगहों पर ईडी की टीमें तलाशी ले रही हैं।
नरेंद्र खरका, अनिल गोयल, युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कयाल और दूसरों से जुड़ी जगहों पर ईडी की टीमों ने छापेमारी की है।
यह झारखंड और पश्चिम बंगाल में कोयला माफियाओं के खिलाफ 40 से ज्यादा जगहों पर एक कोऑर्डिनेटेड कार्रवाई मानी जा रही है। जांच पड़ताल के बाद आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावनाएं हैं।

NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा

NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा

NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा
NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा

नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर से गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। विशेष रूप से गाजियाबाद के लोनी इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगभग 500 के खतरनाक स्तर को छू गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जहरीली हवा के कारण अस्पतालों में सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में है। पूसा में एक्यूआई 341, आरके पुरम में 401, रोहिणी में 424, सोनिया विहार में 396, और वजीरपुर में 442 दर्ज किया गया है। ये सभी स्तर ‘बहुत खराब’ से लेकर ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं, जो न केवल स्वस्थ लोगों के लिए हानिकारक हैं, बल्कि पहले से बीमार लोगों की स्थिति को और भी गंभीर बना रहे हैं।
एनसीआर के अन्य शहरों में भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं। नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 438, सेक्टर-116 में 428, और सेक्टर-1 में 399 दर्ज किया गया है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में एक्यूआई 431 तक पहुंच गया है।

NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा
NCR में जहरीली हवा ने बढ़ाई मुसीबत, अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा

गाजियाबाद के इंदिरापुरम, लोनी, संजय नगर और वसुंधरा जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वायु प्रदूषण में पीएम2.5 और पीएम10 के उच्च स्तर मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं, जो सीधे तौर पर फेफड़ों और दिल की बीमारियों को बढ़ावा देते हैं। नवंबर महीने के एयर क्वालिटी कैलेंडर के आंकड़े बताते हैं कि 16 नवंबर को एक्यूआई 419, 18 नवंबर को 434 और 20 नवंबर को 430 तक पहुंच गया था, जो लगातार खराब होती स्थिति की ओर इशारा करता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 से 26 नवंबर के बीच मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। कोहरा और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक तत्व हवा में जमे रहेंगे, जिससे स्थिति में जल्द सुधार की संभावना नहीं है। डॉक्टरों ने लोगों को घर के अंदर रहने, मास्क पहनने और बाहरी गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी है, खासकर उन लोगों को जो पहले से ही सांस या दिल की बीमारियों से पीड़ित हैं।

गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना

गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना

गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना
गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना

गुजरात के पंचमहल जिले के गोधरा शहर में शुक्रवार तड़के एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। बमरौली रोड स्थित वृंदावन-2 सोसाइटी में एक घर में लगी आग ने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया और उसी घर में सो रहे परिवार के चार सदस्यों को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक पड़ोसी कुछ समझ पाते और मदद पहुंचती, तब तक चारों की मौत हो चुकी थी। घटना ने न केवल प्रभावित परिवार को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।

आग लगने की सूचना मिलते ही इलाके में मचा हड़कंप

स्थानीय निवासियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह लगभग 4 बजे उनके घरों तक घना धुआं पहुंचने लगा। शुरुआत में लोगों को लगा कि आसपास कहीं कचरा जलाया जा रहा होगा, लेकिन कुछ ही ही देर में धुएं की मात्रा बढ़ गई और जलने की तेज गंध आने लगी। जब लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो वृंदावन-2 सोसाइटी के एक घर में धुआं भर चुका था और भीतर आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। पड़ोसियों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। साथ ही उन्होंने अपनी ओर से दरवाजा तोड़ने और भीतर घुसने का प्रयास किया, लेकिन घने धुएं और बढ़ती गर्मी के कारण वे सफल नहीं हो पाए।

दमकल विभाग का त्वरित प्रयास, लेकिन जीवन नहीं बच पाए

सूचना मिलते ही गोधरा नगर पालिका का दमकल दल मौके पर पहुंच गया। टीम ने आग पर काबू पाने के लिए अंदर और बाहर से पानी के फव्वारे चलाए और कुछ ही समय में आग पर नियंत्रण पा लिया। जैसे ही आग कम हुई और धुआं थोड़ा साफ हुआ, दमकल कर्मी अंदर पहुंचे, लेकिन वहां का दृश्य बेहद भयावह था। घर के कमरों में चारों लोगों के शव पड़े हुए थे, जिनके शरीर पर ज्यादा जलने के निशान नहीं थे, लेकिन वे बेहोशी की अवस्था में दम तोड़ चुके थे।

दमकल विभाग और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आग लगने के बाद घर भर में धुआं पूरी तरह फैल गया, और संभवतः परिवार के सदस्य गहरी नींद में थे। धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों के कारण उनका दम घुट गया और वे समय रहते बाहर नहीं निकल पाए।

गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना
गोधरा: घर में आग लगने से चार लोगों की मौत, दम घुटने से मौत होने की संभावना

घटना का प्राथमिक कारण — दम घुटना माना जा रहा है

पुलिस और फोरेंसिक टीम द्वारा की जा रही प्रारंभिक जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि चारों की मौत आग से नहीं, बल्कि धुएं में दम घुटने से हुई है। घर के अंदर की स्थिति, शवों का स्थान और उनके शरीर पर कम जलने के निशान इस आशंका को मजबूत करते हैं। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पुष्ट किया जा सकेगा।

आग लगने का कारण रहस्य बना हुआ

अब तक आग लगने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। जांच टीम घर में मौजूद उपकरणों, वायरिंग, किचन एरिया और अन्य संभावित स्रोतों की बारीकी से जांच कर रही है। शुरुआती अनुमान में शॉर्ट सर्किट की संभावना से भी इंकार नहीं किया गया है, क्योंकि कई बार सुबह के समय बिजली वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। लेकिन फिलहाल पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी।

स्थानीय निवासियों में भय और शोक का माहौल

घटना के बाद से वृंदावन-2 सोसाइटी में भारी सन्नाटा पसरा हुआ है। जो परिवार कुछ घंटे पहले चैन से सो रहा था, उसकी सुबह ऐसी त्रासदी भरी खबर के साथ हुई कि लोग सदमे में आ गए। पड़ोसी इस बात से बेहद दुखी हैं कि उन्होंने कोशिश तो की, लेकिन धुआं इतना ज्यादा था कि वे कुछ नहीं कर पाए। कई लोगों ने कहा कि यह घटना उन्हें आग लगने जैसी स्थितियों में सावधानी बरतने की गंभीरता का एहसास कराती है।

कुछ लोगों ने स्थानीय प्रशासन से आवासीय इलाकों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि घरों में धुआं अलार्म या फायर सेफ्टी उपकरण लगे हों, तो ऐसी घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

पुलिस और प्रशासन सतर्क, परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, नगरपालिका अधिकारी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी करके जांच कार्य शुरू किया। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। साथ ही पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और आग लगने के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश जारी किया गया है।

समुदाय ने एकजुट होकर जताया दुख

गोधरा के लोग इस घटना से गहरा दुख महसूस कर रहे हैं। स्थानीय सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने मृतकों के अंतिम संस्कार में सहायता देने की घोषणा की है। कई लोगों ने कहा कि इस प्रकार की घटना से समाज में एक जागरूकता पैदा होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को यह दिन न देखना पड़े।


यह घटना न सिर्फ एक त्रासदी है बल्कि एक चेतावनी भी है। आधुनिक घरों में बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वायरिंग के कारण आग की घटनाओं की संभावना भी बढ़ी है। विशेषज्ञ भी लगातार लोगों को आग से सुरक्षा के बुनियादी उपाय अपनाने की सलाह देते रहे हैं। लेकिन जब तक लोग अपने स्तर पर सावधानी नहीं बरतेंगे, तब तक ऐसी दुर्घटनाएं पूरी तरह रोकी नहीं जा सकतीं।

गोधरा की इस घटना ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है और यह साबित कर दिया है कि लापरवाही का एक छोटा सा पल भी कितना बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आग की सही वजह और सभी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा, लेकिन फिलहाल इलाके में पसरा मातम और शोक की भावना इस बात का प्रमाण है कि चार मासूम जिंदगियां हमेशा के लिए बुझ चुकी हैं

ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित

ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित

ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित
ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित

अलवर। जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र में पाटा गांव निवासी सिराजू के साथ हुई घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। परिवार का आरोप है कि बुधवार सुबह सिराजू दहेज मामले में सिकरी थाने में पेश होने के लिए घर से निकला था, लेकिन रास्ते में उसके ससुर और सालों ने उसे रोक लिया। करीब दोपहर 12 बजे के आसपास ससुर इशाक, साला सफीक और फर्रून उसे जबरन अपने साथ ले गए।
आरोप है कि तीनों ने रास्ते में सिराजू को जहर पिला दिया। इसके बाद उसका मोबाइल और बाइक छीनकर उसे गंभीर हालत में सिकरी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। परिजनों को सूचना भी आरोपियों ने ही फोन कर दी। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, उससे पहले ही कथित तौर पर 10–12 लोगों को बुलाकर सिराजू से गलत बयान दिलवाने की कोशिश की गई। लेकिन जब उसे सिकरी थाने ले जाया गया तो उसने पुलिस के सामने साफ कहा कि “ससुराल पक्ष ने ही मुझे जहर पिलाया है।”

ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित
ससुर–साले ने रास्ते में रोककर युवक को पिलाया जहर, दहेज केस में कोर्ट जा रहा था पीड़ित

स्थिति नाजुक होने पर पुलिस ने तुरंत उसे वापस अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वर्तमान में सिराजू का उपचार वहीं चल रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ससुर इशाक को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
परिजनों के अनुसार, सिराजू की शादी लगभग 7 साल पहले तबरस्सुम से हुई थी। शादी के बाद से ही वह कई बार मायके चली जाती थी। करीब एक साल से वह लगातार मायके में ही रह रही थी। हाल ही में तबरस्सुम ने सिराजू और उसके परिवार पर दहेज का मामला भी दर्ज कराया था, जिसके सिलसिले में उसे थाने में पेश होना था। सिराजू फर्नीचर का काम करता है और उसके दो छोटे बच्चे हैं। परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठा है।