फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार

फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार

फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार
फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार
फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार
फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार

फिरोजाबाद । उत्तर प्रदेश के सिरसागंज क्षेत्र में सोमवार-मंगलवार की मध्य रात्रि पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर बदमाश मोहसिन और उसका साथी साहिल गोली लगने से घायल हो गया, जबकि तीसरे आरोपी कमल को पुलिस ने मौके से दबोच लिया। तीनों आरोपी हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद बदमाशों के कब्जे से 5,400 रुपए नकद, 6 मोबाइल फोन, एक चोरी की मोटरसाइकिल, तीन तमंचे और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।
बताया जा रहा है कि यह तीनों आरोपी सिरसागंज में एक जन सेवा केंद्र से चोरी की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे थे। इसी दौरान सोथरा रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस की इनसे मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में मोहसिन और साहिल को गोली लग गई। दोनों को इलाज के लिए तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तीसरे आरोपी कमल को पुलिस ने मौके से दबोच लिया। उसके पास से छह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। तीनों बदमाशों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और मोहसिन को इलाके का हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है।

फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार
फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार


घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने बताया, “तीनों आरोपी पहले से वांछित थे। ये लोग सिरसागंज में जन सेवा केंद्र से चोरी की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन्हें पकड़ लिया है। बदमाशों के पास से चोरी किए गए 5,400 रुपए, एक चोरी की मोटरसाइकिल, भारी मात्रा में कारतूस और तीन तमंचे बरामद किए गए हैं।”
एएसपी ग्रामीण ने आगे बताया कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और तीसरे आरोपी से पूछताछ की जा रही है। तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि अपराधियों के लिए अब जिले में कोई जगह नहीं है। अपराध करने वालों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दिल्ली: एक शराब तस्कर गिरफ्तार, 2000 क्वार्टर शराब और कार जब्त

दिल्ली: एक शराब तस्कर गिरफ्तार, 2000 क्वार्टर शराब और कार जब्त

दिल्ली: एक शराब तस्कर गिरफ्तार, 2000 क्वार्टर शराब और कार जब्त
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नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दक्षिण जिले के विशेष स्टाफ टीम ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता पाई है। स्पेशल स्टाफ की टीम ने एक सक्रिय और कुख्यात शराब सप्लायर कन्हैया लाल उर्फ ​​विकास को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर 2000 क्वार्टर शराब से भरे 40 कार्टन और शराब ले जाने वाली एक कार भी जब्त की गई है। दक्षिण जिले में अवैध शराब की बिक्री और आपूर्ति पर अंकुश लगाने के लिए स्पेशल स्टाफ लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में स्थानीय मुखबिरों की सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर अनुराग सिंह के नेतृत्व में टीम ने फील्ड ऑपरेशन चलाया। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक सक्रिय शराब सप्लायर कार में घूम रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद, टीम ने नई दिल्ली में बत्रा अस्पताल के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद, बदरपुर से महरौली की ओर आ रही एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया गया,

दिल्ली: एक शराब तस्कर गिरफ्तार, 2000 क्वार्टर शराब और कार जब्त
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लेकिन पुलिस को देख कार चालक भागने लगा। इसके बाद टीम ने कार को रोका और चालक को पकड़ लिया। उसकी पहचान तुगलकाबाद एक्सटेंशन निवासी कन्हैया लाल उर्फ ​​विकास के रूप में हुई।
कार में तलाशी लेने पर कुल 40 कार्टन में 2000 क्वार्टर शराब बरामद हुई। आरोपी फरीदाबाद, हरियाणा का रहने वाला है, उसने दूसरी कक्षा तक पढ़ाई की है और आसानी से पैसा कमाने के लिए शराब की आपूर्ति करने लगा था। आरोपी पहले से ही चोरी और आबकारी अधिनियम के उल्लंघन सहित 31 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
इस संबंध में थाना संगम विहार में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/52 के तहत एफआईआर संख्या 448/2025 दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सराहनीय कार्य के लिए टीम को उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आरोपी कन्हैया लाल उर्फ ​​विकास से पूछताछ कर इसके गिरोह का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल

राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल

राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल
राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल

जोधपुर । राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार को बस हादसे में कुल 21 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक स्लीपर बस में आग लगने से 19 यात्री उसमें से निकल नहीं पाए और झुलसकर उनकी मौत हो गई, वहीं जोधपुर रेफर किए गए घायलों में से एक की भी मौत हो गई।हादसा इतना भीषण था कि शवों की पहचान करना मुश्किल है, जिसके चलते मृतकों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। देर रात आर्मी ट्रक के माध्यम से शवों को जोधपुर भेजा गया। अब परिजनों के डीएनए सैंपल लेकर मिलान की प्रक्रिया जोधपुर में शुरू की जा रही है। डीएनए मिलान के बाद ही शव परिजनों को दिए जाएंगे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि बस को मॉडिफाई किया गया था। इसके बाद भी अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दिए और बड़ा हादसा हो गया।
वहीं, हादसे के इतने देर बाद डीएनए की जांच होने पर परिजनों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर कोई ‘बड़ा आदमी’ होता तो रात को ही जांच हो जाती, लेकिन उनकी कोई नहीं सुन रहा।
जानकारी के अनुसार, शवों को जैसलमेर से जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल और जोधपुर के एम्स अस्पताल में रखवाया गया है।
एस एन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल बीएस जोधा ने बताया कि कुल पांच लोगों को वेंटिलेटर पर ले लिया गया है जिनकी हालत गंभीर है। डीएनए सैंपलिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है, सबका सैंपल लेकर परिजनों के डीएनए से मैच कराया जाएगा ताकि पहचान हो सके। इस कार्य को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। हमारा परिजनों और सभी से निवेदन है कि ऐसे केस में इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है ऐसे में मरीज से ज्यादा से ज्यादा दूरी बनाने का प्रयास रखें।

राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल
राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल

महात्मा गांधी अस्पताल की अधीक्षक फतेह सिंह भाटी ने बताया कि तीन लोगों को रात में वेंटिलेटर पर लिया गया था। आज सुबह दो लोगों को और वेंटिलेटर पर लिया गया है। सभी का चिकित्सकों की देखरेख में इलाज किया जा रहा है। डीएनए टेस्टिंग का कार्य शुरू किया जा चुका है। हमें पूरी उम्मीद है कि 24 घंटे के भीतर पूरा कार्य कर लिया जाएगा और परिजनों को उनके रिश्तेदारों के शव सौंप दिए जाएंगे। 15 मरीजों का महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार चल रहा है, वहीं 10 शवों को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा, “जैसलमेर के थईयात गांव में हुई घटना वाकई दुखद है और पूरा प्रदेश शोक में है। यह स्पष्ट है कि जोधपुर लाए गए घायलों सहित आज यहां पहुंचे सभी लोगों को हमारी नैतिक जिम्मेदारी और सहयोग की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रशासन की गलतियों को देखने के बजाय हम लोगों को घायलों की सहायता करनी चाहिए। जिनकी पहचान नहीं हो पाई है, उनकी पहचान की जा रही है।
परिजनों ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मैं डीएनए सैंपल देने आया हूं। मेरा छोटा भाई रामगढ़ प्लांट में काम करता था और वह बस में था।”
उन्होंने कहा कि कल रात से हम लोगों को परेशान किया जा रहा है, कोई हमारी सुनने वाला नहीं है और हम लोग अपने परिवार के शव लेने के लिए परेशान हैं।

मुंबई : 48 साल से फरार हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, 1977 में दर्ज हुआ था मामला

मुंबई : 48 साल से फरार हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, 1977 में दर्ज हुआ था मामला

मुंबई : 48 साल से फरार हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, 1977 में दर्ज हुआ था मामला
मुंबई : 48 साल से फरार हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, 1977 में दर्ज हुआ था मामला

मुंबई । मुंबई पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 48 सालों से फरार था। कोलाबा पुलिस ने 71 वर्षीय चंद्रशेखर मधुकर कालेकर को लालबाग से गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ 1977 में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, 1977 में, जब वह 23 वर्ष का था, कालेकर को अपनी प्रेमिका पर धोखा देने का शक हुआ और उसने कथित तौर पर कोलाबा में उसे चाकू मार दिया। उस समय उसे गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई। हालांकि, जमानत पर रिहा होने के बाद वह किसी भी अदालती तारीख पर हाजिर नहीं हुआ। इसके चलते अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था और पुलिस कई सालों से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन चॉल के पुनर्विकास के कारण वह कई बार ठिकाना बदल चुका था, जिससे पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली।
छह महीने पहले कोलाबा पुलिस ने इस पुराने मामले को फिर से खोला। टीम ने लालबाग स्थित उसके पुराने घर का दौरा किया, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। पुलिस ने मुंबई के कई इलाकों में उसकी खोज की, मतदाता सूची की जांच की, लेकिन उसका नाम कहीं नहीं मिला।’

मुंबई : 48 साल से फरार हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, 1977 में दर्ज हुआ था मामला
मुंबई : 48 साल से फरार हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, 1977 में दर्ज हुआ था मामला


जांच के दौरान, पुलिस ने आरटीओ और अदालती मामलों की जानकारी के लिए आवेदनों की जांच की, जिसमें रत्नागिरी जिले के दापोली पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ दर्ज 2015 के एक आपराधिक मामले का रिकॉर्ड मिला, जिसमें गाड़ी चलाते समय एक व्यक्ति को घायल करने के आरोप में उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
दापोली पुलिस स्टेशन से मिली जानकारी के आधार पर, कोलाबा पुलिस की एक टीम उसके घर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। 48 साल बाद पुलिस को अपने दरवाजे पर देखकर 71 वर्षीय कालेकर हैरान रह गया और लगभग उस मामले को भूल चुका था।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, पुरानी तस्वीरों से उसे पहचानना मुश्किल था, लेकिन पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

करवा चौथ की रात टूटा विश्वास- पत्नी के धोखे को बर्दाश्त नहीं कर सका पति, खुदकुशी की

करवा चौथ की रात टूटा विश्वास- पत्नी के धोखे को बर्दाश्त नहीं कर सका पति, खुदकुशी की

करवा चौथ की रात टूटा विश्वास- पत्नी के धोखे को बर्दाश्त नहीं कर सका पति, खुदकुशी की
करवा चौथ की रात टूटा विश्वास- पत्नी के धोखे को बर्दाश्त नहीं कर सका पति, खुदकुशी की

सीहोर,। करवा चौथ की रात, जब सुहागिनें अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना में व्रत रख रही थीं, उसी रात मध्य प्रदेश के सीहोर में एक शख्स ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। धर्मेंद्र कुशवाह ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह दुखद घटना सीहोर के गणेश मंदिर रोड स्थित एक कॉलोनी की है, जहां धर्मेंद्र कुशवाह नामक युवक ने अपने घर में आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार अपनी पत्नी से आहत होकर धर्मेंद्र ने यह कदम उठाया। उसने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उसकी हताशा और निराशा बढ़ती चली गई। पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र की पत्नी करवा चौथ के दिन ही अपने दो मासूम बच्चों के साथ किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई थी। पत्नी और बच्चों के अचानक चले जाने से धर्मेंद्र गहरे सदमे में था। धर्मेंद्र बेहद शांत स्वभाव का व्यक्ति था। जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी बच्चों सहित घर छोड़ गई है, तो वह टूट गया।

करवा चौथ की रात टूटा विश्वास- पत्नी के धोखे को बर्दाश्त नहीं कर सका पति, खुदकुशी की
करवा चौथ की रात टूटा विश्वास- पत्नी के धोखे को बर्दाश्त नहीं कर सका पति, खुदकुशी की


धर्मेंद्र के परिजनों ने बताया कि पत्नी और बच्चों के अचानक चले जाने से धर्मेंद्र सदमे में था। उसने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। जिस रात को हर पति-पत्नी प्रेम और साथ रहने की कसमें दोहरा रहे थे, उसी रात पत्नी और बच्चों के वियोग में अकेला पड़ा धर्मेंद्र फांसी के फंदे पर झूल गया और अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
पड़ोसियों ने बताया कि धर्मेंद्र पिछले कुछ दिनों से चुपचाप और उदास रहने लगा था। करवा चौथ की रात जब घर से कोई आवाज नहीं आई, तो पड़ोसियों ने जाकर देखा कि धर्मेंद्र का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था। इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर ने बताया कि पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यही सामने आया है कि धर्मेंद्र ने पत्नी के वियोग और विश्वासघात के कारण यह आत्मघाती कदम उठाया।

मुंबई के वर्ली में मामूली विवाद ने ली जान, दो भाइयों ने 48 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से की हत्या

मुंबई के वर्ली में मामूली विवाद ने ली जान, दो भाइयों ने 48 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से की हत्या

मुंबई के वर्ली में मामूली विवाद ने ली जान, दो भाइयों ने 48 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से की हत्या
मुंबई के वर्ली में मामूली विवाद ने ली जान, दो भाइयों ने 48 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से की हत्या

मुंबई । मुंबई के वर्ली इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पड़ोसियों के बीच मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दो भाइयों ने एक 48 वर्षीय व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान हुसैन मोहम्मद उमर शेख के रूप में हुई है, जबकि आरोपियों के नाम योगेश धीवर (43) और समीर धीवर (40) हैं। वर्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना बीडीडी चॉल क्षेत्र में हुई, जहां मृतक हुसैन और आरोपी भाई पड़ोसी थे। पुलिस ने बताया कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब हुसैन ने कथित तौर पर योगेश धीवर की बेटी के साथ मारपीट की। इस बात से गुस्साए योगेश और उनके भाई समीर ने मिलकर हुसैन पर हमला कर दिया। मामूली बहस जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों भाइयों ने हुसैन को इतनी बेरहमी से पीटा कि वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा।
हुसैन को तुरंत नजदीकी नायर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हुसैन की मौत पीटने के कारण हुई चोटों से हुई।

मुंबई के वर्ली में मामूली विवाद ने ली जान, दो भाइयों ने 48 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से की हत्या
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मृतक हुसैन वर्ली के बीडीडी चॉल नंबर 15 में रहता था और मिक्सर ग्राइंडर रिपेयर का काम करता था। वहीं, आरोपी योगेश एक अस्पताल में वार्ड बॉय के रूप में कार्यरत है, जबकि उसका भाई समीर पास के चॉल नंबर 14 में रहता है।
वर्ली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों, योगेश और समीर धीवर को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों भाइयों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद के पीछे की सटीक वजह क्या थी और क्या इसमें कोई पुरानी रंजिश भी शामिल थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बीडीडी चॉल क्षेत्र में पड़ोसियों के बीच छोटे-मोटे विवाद आम हैं, लेकिन इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया।
वहीं, पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी विवाद को कानूनी तरीके से सुलझाने की अपील की है। इस मामले में आगे की जांच जारी है, और पुलिस अन्य गवाहों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।

दिल्ली: बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले 'लिफाफा गिरोह' के तीन सदस्य गिरफ्तार

दिल्ली: बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले ‘लिफाफा गिरोह’ के तीन सदस्य गिरफ्तार

दिल्ली: बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले 'लिफाफा गिरोह' के तीन सदस्य गिरफ्तार
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नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हरि नगर थाना पुलिस ने बुजुर्ग नागरिकों के साथ लूटपाट के मामले में तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह सदस्य कुख्यात “लिफाफा गिरोह” के हैं। पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह बुज़ुर्गों को लिफ्ट देने के बहाने अपनी कार में बिठाता था। उसके बाद उनके सोने के गहने व नकदी लूटकर कागज के लिफाफों में नकली गहने थमाकर फरार हो जाता था। पुलिस ने इनके पास से अपराध में इस्तेमाल की गई एक आई टेन कार, नकली नंबर प्लेट, कृत्रिम गहने और 22 कागज के लिफाफे बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी से चोरी के दो संगीन मामले सुलझाए गए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में जानकारी तब हुई जब 18 जुलाई को एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि तीन लोगों ने उसे लिफ्ट देकर उसके सोने के झुमके और 4,000 रुपए छीन लिए।

दिल्ली: बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले 'लिफाफा गिरोह' के तीन सदस्य गिरफ्तार
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उसके कुछ दिनों के बाद फिर से उसी क्षेत्र में ऐसी घटनाओं को देखा गया, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एसएचओ हरि नगर, इंस्पेक्टर आशु गिरोत्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने घटनास्थल के आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की जांच की और एएनपीआर तकनीक की मदद से कार की पहचान की, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। लगातार खुफिया जानकारी विकसित करने के बाद, 11 अक्टूबर को टीम को गिरोह की गतिविधि के बारे में एक गुप्त सूचना मिली।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, टीम ने स्वर्ग आश्रम रोड के पास से संदिग्ध आई टेन कार से इन्हें गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी दीपक (43), सागर (35) और रोशन (52) हैं। कार की तलाशी लेने पर वाहन की असली नंबर प्लेट, नकली गहने और लिफाफे बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। जांच में पता चला कि ये सभी आदतन अपराधी हैं और इन पर पहले से ही हत्या और चोरी जैसे दर्जनों मामले दर्ज हैं। वे आसान पैसे कमाने और जल्दी अमीर बनने के लिए यह अपराध करते थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

दिल्ली में अवैध प्रवासियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिरासत में छह अफ्रीकी नागरिक

दिल्ली में अवैध प्रवासियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिरासत में छह अफ्रीकी नागरिक

दिल्ली में अवैध प्रवासियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिरासत में छह अफ्रीकी नागरिक
दिल्ली में अवैध प्रवासियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिरासत में छह अफ्रीकी नागरिक

नई दिल्ली । दिल्ली के निहाल विहार इलाके में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे छह अफ्रीकी नागरिकों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई बाहरी जिला पुलिस के विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अवैध प्रवास पर रोक लगाना और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 10 अक्टूबर को निहाल विहार पुलिस थाने की गश्ती टीम को चंदर विहार में अवैध प्रवासियों की मौजूदगी की सूचना मिली। हेड कांस्टेबल गजानंद, दलवीर, जगपाल, सरदार मल और कांस्टेबल महेंद्र की टीम ने तुरंत कार्रवाई की। मौके पर पहुंचने पर छह विदेशी नागरिकों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में इनकी पहचान फ्रैंक फॉचिंग (कैमरून), रोमियो लुसिएन (कैमरून), सैमुनेल (नाइजीरिया), माल्क फैराडे (नाइजीरिया), इवांस डांसो (घाना), और इनौसा (नाइजीरिया) के रूप में हुई। सत्यापन के दौरान पता चला कि इनके पास वैध वीजा या पासपोर्ट नहीं थे और ये सभी वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे थे।

दिल्ली में अवैध प्रवासियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिरासत में छह अफ्रीकी नागरिक
दिल्ली में अवैध प्रवासियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिरासत में छह अफ्रीकी नागरिक

पुलिस ने विदेशी नागरिक अधिनियम, 1946 की धारा 14(सी) के तहत मकान मालिक के खिलाफ अवैध शरण देने का मामला दर्ज किया। इसके बाद विदेशी नागरिक क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के सहयोग से निर्वासन प्रक्रिया शुरू की गई। वर्तमान में सभी छह व्यक्तियों को लामपुर, नरेला के हिरासत केंद्र में रखा गया है, जहां से उनकी निर्वासन प्रक्रिया पूरी होगी।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा (आईपीएस) ने बताया कि दिल्ली में अवैध प्रवास के खिलाफ सख्त नीति अपनाई जा रही है। पुलिस नियमित गश्त, सत्यापन और खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसे मामलों पर नजर रख रही है। यह अभियान स्थानीय लोगों की सुरक्षा और आव्रजन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें। अवैध प्रवासियों की पहचान और कार्रवाई के लिए पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

तालिबान और आरएसएस एक-दूसरे के समान हैं : उदित राज

तालिबान और आरएसएस एक-दूसरे के समान हैं : उदित राज

तालिबान और आरएसएस एक-दूसरे के समान हैं : उदित राज
तालिबान और आरएसएस एक-दूसरे के समान हैं : उदित राज

नई दिल्ली । कांग्रेस नेता उदित राज ने सोमवार को कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की सोच को तालिबानी जैसा बताया था। इस पर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उदित राज ने कहा कि निश्चित तौर पर इस बात में किसी को भी कोई शक नहीं होना चाहिए कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और तालिबानी एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों में किसी भी प्रकार का अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों ने देखा कि जब अफगानिस्तान के विदेश मंत्री भारत में आए, तो कैसे उनकी तालिबानी सोच उभरकर सामने आई। तालिबानी विदेश मंत्री के सामने किसी भी महिला पत्रकार को आगे आने की इजाजत नहीं दी गई। ऐसी स्थिति में आप लोग तालिबानी सोच का अंदाजा सहज ही लगा सकते हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इसी तरह की विचारधारा से ग्रसित हैं। ऐसी स्थिति में इस सवाल का उठना लाजमी है कि क्या ऐसे संगठन को मौजूदा समय में किसी भी कीमत पर स्वीकार किया जा सकता है। ऐसे संगठन हमेशा से ही आधुनिकता के खिलाफ रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि तालिबानी राज में जिस तरह का अशोभनीय व्यवहार महिलाओं के साथ किया जाता है, ऐसी सोच और विचारधारा का आरएसएस ने समर्थन किया है। ऐसी स्थिति में आप लोग ऐसे लोगों से प्रगतिशील मानसिकता की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। ऐसे लोग हमेशा से ही आधुनिकता के विरोधी रहे हैं।

तालिबान और आरएसएस एक-दूसरे के समान हैं : उदित राज
तालिबान और आरएसएस एक-दूसरे के समान हैं : उदित राज


उन्होंने आरएसएस को एक महिला विरोधी पार्टी करार दिया और कहा कि आज तक इस संगठन में किसी महिला को सर्वोच्च कमान नहीं दी गई है। ऐसी स्थिति में आप लोग सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि यह लोग किसी भी कीमत पर किसी महिला की प्रगति को स्वीकार नहीं कर सकते हैं।
साथ ही, उन्होंने दक्षिण भारत को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दक्षिण भारत के राज्यों में दो मुद्दों को लेकर चर्चा का बाजार गुलजार है। पहला तो हिंदी भाषा। दक्षिण के सूबों में हिंदी भाषा को लेकर विवाद का सिलसिला कई दफा देखने को मिल चुका है। इसके अलावा, दक्षिण भारत के लोगों की एक शिकायत है कि हमारे राज्य अत्याधिक कमाई करके केंद्र सरकार को देते है। लेकिन, इसके एवज में हमें क्या प्राप्त होता है। इस पर विचार करने की आवश्यकता है। दक्षिण भारत के सूबों का यह कहना है कि हम ही सबसे ज्यादा कमाई करके केंद्र को देते हैं। लेकिन, हमारी कमाई का एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों को उनके विकास के लिए आवंटित कर दिया जाता है। इसे लेकर भी दक्षिण के सूबों में लोगों के बीच में विरोध के स्वर देखने को मिलते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “जब केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, तब उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच में कई मुद्दों को लेकर विवाद देखने को मिला है। हमारे बीच में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसका असर सीधे तौर पर देश के विकास पर पड़ेगा। दक्षिण भारत के सूबे विज्ञान और तकनीक के मामले में आगे बढ़े हैं। इस वजह से श्रमिकों की गरिमा भी बढ़ी।”
उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों में शिक्षा की स्थिति काफी बेहतर है। इस वजह से वहां की आर्थिक दशा भी बेहतर है। ऐसा वहां पर सामाजिक सुधार की वजह से हुआ है। सबसे पहले दक्षिण भारत में ही आरक्षण दिया गया है।

जहरीले 'कोल्ड्रिफ सिरप' बनाने वाली श्रीसन फार्मास्युटिकल्स का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द

जहरीले ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ बनाने वाली श्रीसन फार्मास्युटिकल्स का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द

जहरीले 'कोल्ड्रिफ सिरप' बनाने वाली श्रीसन फार्मास्युटिकल्स का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द
जहरीले ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ बनाने वाली श्रीसन फार्मास्युटिकल्स का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द

चेन्नई । मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत से जुड़े विवाद “कोल्ड्रिफ कफ सिरप” मामले में तमिलनाडु सरकार ने निर्माता कंपनी मेसर्स श्रीसन फार्मास्युटिकल्स का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी को पूरी तरह से बंद करने का आदेश जारी किया गया है। यह निर्णय कंपनी के सिरप में जानलेवा रसायन ‘डाइएथिलीन ग्लाइकॉल’ की 48.6 प्रतिशत जैसी घातक मात्रा पाए जाने के बाद लिया गया है। मामले की शुरुआत 1 अक्टूबर को हुई, जब मध्य प्रदेश के औषधि नियंत्रण विभाग ने तमिलनाडु के अपने समकक्ष को सूचित किया कि छिंदवाड़ा जिले में 4 सितंबर से हो रही बच्चों की मौतों का संबंध श्रीसन फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ से हो सकता है। सूचना मिलते ही तमिलनाडु औषधि नियंत्रण विभाग ने अभूतपूर्व तेजी दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद 1 अक्टूबर को शाम 4:00 बजे सूचना मिलने के आधे घंटे के भीतर, एक वरिष्ठ औषधि निरीक्षक के नेतृत्व में एक टीम ने कंपनी परिसर का निरीक्षण शुरू कर दिया। इसके बाद जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पूरे तमिलनाडु में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट ने 2 अक्टूबर को सभी आशंकाओं को सही साबित कर दिया। रिपोर्ट में कोल्ड्रिफ सिरप में 48.6 प्रतिशत की अत्यधिक विषैली और जानलेवा मात्रा में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की उपस्थिति की पुष्टि हुई। उसके बाद घातक रसायन की पुष्टि होते ही 3 अक्टूबर को विभाग ने “उत्पादन रोकने का आदेश” जारी किया और कंपनी को तत्काल सील कर दिया। कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया कि क्यों न उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए।

जहरीले 'कोल्ड्रिफ सिरप' बनाने वाली श्रीसन फार्मास्युटिकल्स का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द
जहरीले ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ बनाने वाली श्रीसन फार्मास्युटिकल्स का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द


जांच में यह भी पता चला कि यह जहरीला सिरप ओडिशा और पुडुचेरी में भी वितरित किया गया था। यह जानकारी तुरंत इन राज्यों के औषधि नियंत्रण अधिकारियों के साथ साझा की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, कंपनी के फरार मालिक श्री रंगनाथन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई। तमिलनाडु पुलिस की मदद से मध्य प्रदेश की विशेष जांच दल ने 9 अक्टूबर की सुबह मालिक को चेन्नई के अशोक नगर से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में कर्तव्य में लापरवाही बरतने का भी खुलासा हुआ है। पिछले वर्ष कंपनी का उचित निरीक्षण न करने के कारण कांचीपुरम के दो वरिष्ठ औषधि निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस घटना से सबक लेते हुए, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने तमिलनाडु की सभी दवा निर्माण इकाइयों में व्यापक और औचक निरीक्षण करने के आदेश जारी किए हैं। वर्तमान में पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के विनिर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और कंपनी को बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके कफ सिरप, कोल्ड्रिफ में विषैले संदूषकों, विशेष रूप से डायथिलीन ग्लाइकॉल का पता चलने के बाद की गई है।
इस बयान में कहा गया, “तमिलनाडु औषधि नियंत्रण विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के कारखाने का निरीक्षण किया, राज्य भर में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया और नमूने विश्लेषण के लिए भेजे। विश्लेषण में 48.6 प्रतिशत डीआजी सांद्रता पाई गई, जिसके बाद विभाग ने उत्पादन बंद करने का आदेश जारी किया और कंपनी के लाइसेंस रद्द करने की कार्यवाही शुरू की।