दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद

दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद

दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद
दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एक चोर को गिरफ्तार किया, जिसने अपने ही रिश्तेदार के घर से गहने चुरा लिए थे। द्वारका जिले के बिंदापुर पुलिस स्टेशन की टीम ने गिरफ्तारी के बाद चोरी के गहने बरामद कर लिए। द्वारका पुलिस के एक बयान के मुताबिक, टीम ने आरोपी की निशानदेही पर एक लॉकेट वाली सोने की चेन, एक और सोने की चेन, एक जोड़ी सोने की चेन, एक जोड़ी सोने की बालियां, दो सोने की अंगूठियां और 20 ग्राम का सोने का बिस्किट बरामद किया। बिंदापुर पुलिस स्टेशन को 9 नवंबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 के तहत एक ऑनलाइन ई-एफआईआर मिली। इसके बाद, पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता मनजिंदर कौर से मिली, जो असलम सलीम की पत्नी हैं और आर्य समाज रोड, उत्तम नगर, दिल्ली की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि अनजान लोगों ने उनके घर से गहने चुरा लिए हैं। उनकी शिकायत के आधार पर, ऊपर बताई गई ई-एफआईआर दर्ज की गई।
द्वारका डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी के कहने पर जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए, केस को सुलझाने और दोषी को पकड़ने के लिए बिंदापुर पुलिस स्टेशन से एक टीम बनाई गई। इस टीम में हेड कांस्टेबल नीरज, हेड कांस्टेबल अशोक, कांस्टेबल राजेश डागर और कांस्टेबल आशीष शामिल थे, जिनका सुपरविजन इंस्पेक्टर नरेश सांगवान, स्टेशन हाउस ऑफिसर और ओवरऑल सुपरविजन राजकुमार, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, डाबरी का था।
मामले की जांच के लिए टीम क्राइम स्पॉट पर गई और घर और आस-पास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज चेक की। खास बात यह थी कि जबरदस्ती घुसने का कोई निशान नहीं था, कोई ताला या दरवाजा नहीं तोड़ा गया था, जिससे पुलिस को शक हुआ कि इसमें घर से जान-पहचान वाले या उसी बिल्डिंग में रहने वाले किसी व्यक्ति का हाथ है।

दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद
दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद


पूछताछ के दौरान पता चला कि शिकायत करने वाले का एक कजन घर आया था और तीन दिन तक वहीं रुका था। पुलिस ने उससे पूछताछ की, जिसकी पहचान परमजीत सिंह के तौर पर हुई। पूछताछ के दौरान परमजीत ने शुरू में अपना परिचय सब-इंस्पेक्टर परमवीर सिंह के तौर पर दिया, लेकिन वह कोई पहचान पत्र नहीं दिखा सका और अपनी कथित पोस्टिंग के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
शक होने पर पुलिस ने और गहराई से पूछताछ की। इस दौरान परमजीत ने माना कि वह पुरानी कारों का कमीशन एजेंट का काम करता है और आखिर में उसने शिकायत करने वाली के घर पर चोरी करना कबूल कर लिया, जो उसकी मौसी की बेटी है।
उसने आगे बताया कि उसने चोरी की ज्वेलरी हिमाचल प्रदेश के अंबोटा में अपने नाना के घर पर एक बिस्तर के अंदर छिपा दी थी।
पुलिस ने परमजीत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस की एक टीम उसके साथ हिमाचल प्रदेश गई, जहां से चोरी का सामान सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया। इस मामले में आगे की जांच चल रही है।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच साइबर सेल ने देशव्यापी स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने नकली प्री-आईपीओ स्कीम, फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और हाई-रिटर्न के लालच में लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा ठग लिए। पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नकली कंपनियों के संचालक शामिल हैं। पूरे मामले की शुरुआत एक पीड़िता की शिकायत के बाद हुई, जिसे सोशल मीडिया पर एक महिला ने यूके के कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ‘स्प्रेडेक्स ग्लोबल लिमिटेड’ में निवेश का लालच दिया। पीड़िता ने कुल 1.6 करोड़ रुपए गंवा दिए। जब उसने मुनाफा निकालने की कोशिश की तो अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। जांच में पता चला कि ठगी का पैसा दो फर्जी कंपनियों के खातों में जा रहा था। इन कंपनियों के नाम जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (पूर्वी दिल्ली के शकरपुर में फर्जी ऑफिस) और उद्यम विमेन एम्पावरमेंट फाउंडेशन (महाराष्ट्र से संचालित) हैं। इन दोनों कंपनियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर कुल 58 शिकायतें दर्ज थीं, जिनमें 1.10 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी का खुलासा हुआ। जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स से 88.40 लाख रुपए और विमेन एम्पावरमेंट फाउंडेशन से 22 लाख रुपए की रकम बरामदगी की दिशा में पहचान हुई है।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार


पुलिस ने ठाणे और दिल्ली में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान सुनील कुमार (आगरा, उत्तर प्रदेश), जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर, विशाल चौरे और उनकी पत्नी (डोंबिवली, ठाणे), उद्यम विमेन एम्पावरमेंट फाउंडेशन के संचालक की गिरफ्तारी हुई।
पूछताछ में सुनील कुमार ने कबूल किया कि उसने साथियों के साथ मिलकर कंपनी रजिस्टर की, शकरपुर में किराए का ऑफिस लिया, और सिर्फ फ्रॉड के पैसे को लॉन्ड्रिंग करने के लिए बैंक अकाउंट खोला था। विशाल चौरे दंपति फर्जी एनजीओ के नाम पर अकाउंट चलाकर पैसे लेते थे।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) आदित्य गौतम ने बताया, “यह एक मल्टी-लेयर फ्रॉड था। आरोपी असली लगने वाली वेबसाइट, फर्जी दस्तावेज और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाते थे। टीम ने डिजिटल और फाइनेंशियल ट्रेल्स का गहन विश्लेषण कर तीनों को पकड़ा।”
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों को जब्त कर लिया है। सिंडिकेट के बाकी सदस्यों की तलाश और ठगे गए पैसे की रिकवरी के लिए जांच जारी है।

मुंबईः स्कूल प्रिंसिपल पर 10वीं के छात्र को कई थप्पड़ मारने का आरोप, एफआईआर दर्ज

मुंबईः स्कूल प्रिंसिपल पर 10वीं के छात्र को कई थप्पड़ मारने का आरोप, एफआईआर दर्ज

मुंबईः स्कूल प्रिंसिपल पर 10वीं के छात्र को कई थप्पड़ मारने का आरोप, एफआईआर दर्ज
मुंबईः स्कूल प्रिंसिपल पर 10वीं के छात्र को कई थप्पड़ मारने का आरोप, एफआईआर दर्ज

मुंबई । मुंबई के सांताक्रुज (पूर्व) स्थित सेंट मैरी हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज के प्रिंसिपल फादर जोशुआ डिसूजा के खिलाफ वकोला पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। उन पर 15 साल के 10वीं क्लास के एक छात्र को बच्चों की पार्टी के दौरान 20-25 थप्पड़ और एक मुक्का मारने का गंभीर आरोप लगा है। घटना 13 नवंबर 2025 की शाम की है। स्कूल में ‘चिल्ड्रन्स डे’ पार्टी चल रही थी। प्रिंसिपल ने छात्र को एक शिक्षक के साथ बैठने को कहा और उसे अनुशासनहीन बताया। उन्होंने कहा कि जब भी माता-पिता को बुलाया जाता है, छात्र उनके साथ नहीं आता। लेकिन, पार्टी में जरूर आ गया। इसके बाद प्रिंसिपल ने छात्र से उसके माता-पिता को तुरंत बुलाने को कहा। छात्र की मां ऑटो नहीं मिलने की वजह से स्कूल नहीं पहुंच पाईं। यह सुनकर प्रिंसिपल नाराज हो गए और बोले, “कुर्ला से कलिना पैदल आना चाहिए था।” उन्होंने कहा कि जब तक माता-पिता नहीं आते, छात्र को जाने नहीं देंगे।
फिर प्रिंसिपल छात्र को अपने केबिन में ले गए। वहां उन्होंने पूछा, “तुम खुद को क्या समझते हो?” और उसके बाद कथित तौर पर छात्र के गाल और गर्दन पर 20-25 जोरदार थप्पड़ मारे तथा एक मुक्का पेट पर जड़ा।

मुंबईः स्कूल प्रिंसिपल पर 10वीं के छात्र को कई थप्पड़ मारने का आरोप, एफआईआर दर्ज
मुंबईः स्कूल प्रिंसिपल पर 10वीं के छात्र को कई थप्पड़ मारने का आरोप, एफआईआर दर्ज


प्रिंसिपल ने छात्र के पिता से फोन पर बात की और धमकी दी कि वे खुद वकील हैं, केस लड़ लेंगे। इसके बाद उन्होंने छात्र को 15 मिनट में घर जाने को कहा और चेतावनी दी कि देर हुई तो फिर पीटेंगे।
डरते-डरते छात्र घर पहुंचा और अपनी मां और रिश्तेदारों को सारी बात बताई। मां उसे तुरंत कुर्ला के भाभा अस्पताल ले गईं, जहां डॉक्टरों ने चोट के निशान देखे और इलाज किया।
अगले दिन छात्र और उसकी मां वकोला पुलिस स्टेशन पहुंचे और प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 (बच्चे के साथ क्रूर व्यवहार) और धारा 82 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वकोला पुलिस ने बताया कि प्रिंस के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। स्कूल प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दशकों पुराने डबल मर्डर केस को सुलझाते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि ये दोनों भगोड़े 2002 में सरिता विहार में एक महिला और उसकी दो साल की बेटी की बेरहमी से हत्या के बाद से फरार थे। दोनों आरोपियों को आखिरकार सजा मिल गई है। इस वारदात में शामिल आरोपियों में से एक 23 साल से फरार अपराधी था और दूसरा एक सजायाफ्ता हत्यारा था जो 18 साल पहले पैरोल से बाहर निकलने के बाद भाग गया था। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान बिहार के शिवहर जिले के रहने वाले अमलेश कुमार और सह-आरोपी सुशील कुमार के रूप में हुई है, जिसे पहले ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था।
अमलेश, जो 28 जनवरी 2002 की हत्याओं के तुरंत बाद गायब हो गया था, दो दशकों से ज्यादा समय से पकड़ से बाहर था।
अमलेश को अपराधी घोषित कर दिया गया था। गुजरात के जामनगर में उसका पता चला, जहां वह नकली पहचान के साथ मजदूर के तौर पर काम कर रहा था। क्राइम ब्रांच की टीमों ने टेक्निकल एनालिसिस और ग्राउंड इंटेलिजेंस के जरिए उसे ट्रैक किया।

दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने साल 2002 के सरिता विहार डबल मर्डर केस को सुलझाया, दो भगोड़े गिरफ्तार


पुलिस ने अपने प्रेस नोट में कहा कि उसका पकड़ा जाना एक मजबूत संदेश है कि कानून के लंबे हाथ आखिरकार हर अपराधी तक पहुंचते हैं, चाहे वे कितने भी चुपके से क्यों न छिपे हों।”
वहीं, एक अन्य आरोपी सुशील कुमार, जिसे हत्याओं के लिए दोषी ठहराया गया था और 2007 में पैरोल से भाग गया था, को भारत-नेपाल बॉर्डर के पास लालगढ़ गांव से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि वह पिछले कुछ सालों में कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में घूमता रहा, और पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार जगह बदलता रहा।
यह हत्या का मामला जनवरी 2002 का है, जब शिकायतकर्ता अनिल कुमार मदनपुर खादर में अपने घर लौटा तो उसने देखा कि घर में तोड़फोड़ हुई थी और उसकी 22 साल की पत्नी अनीता और उनकी दो साल की बेटी मेघा की लाशें किचन में पड़ी थीं, जिन पर चाकू के कई घाव थे।

मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस

मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस

मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस
मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस

मुंबई । मुंबई के भायखला क्षेत्र में एक महिला को अज्ञात डिलीवरी बॉय द्वारा लगातार अश्लील संदेश भेजकर परेशान करने और धमकियां देने का गंभीर मामला सामने आया है। परेशान होकर पीड़िता ने भायखला पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में जुट गई है। शिकायत के अनुसार, 23 सितंबर को परिनाज नाम की महिला ने एक ऑनलाइन ऐप के माध्यम से घर का किराना सामान ऑर्डर किया था। शाम करीब 4 बजे एक डिलीवरी बॉय सामान लेकर उनके घर पहुंचा। लेकिन ऑर्डर का कुछ सामान उपलब्ध न होने पर उसने रिफंड लेकर लौटने का बहाना बनाते हुए महिला से उनका मोबाइल नंबर ले लिया। अगले दिन उसी नंबर से कॉल कर उसने रिफंड की जानकारी दी, जिसे महिला ने एक सामान्य कॉल समझकर धन्यवाद कहा। इसके बाद आरोपी ने महिला को परेशान करना शुरू कर दिया। पीड़िता के अनुसार, डिलीवरी बॉय ने उनका व्हॉट्सऐप नंबर सेव कर अश्लील संदेश भेजना शुरू कर दिया। महिला ने इन संदेशों का कोई जवाब नहीं दिया और मामले की जानकारी अपने पति को दी। महिला के परिजनों ने आरोपी को चेतावनी भी दी, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं रुका।

मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस
मुंबई: डिलीवरी बॉय ने महिला को भेजे अश्लील मैसेज, पुलिस ने दर्ज किया केस

28 सितंबर को उसने फिर से अश्लील मैसेज भेजे और विरोध के बावजूद अपनी हरकतें जारी रखीं। इसके बाद परिजनों ने उसे सख्त चेतावनी दी कि यदि उसने दोबारा संदेश भेजा तो पुलिस में शिकायत दर्ज की जाएगी। इस पर आरोपी ने नंबर ब्लॉक करने का दावा किया और अपने गांव जाने का बहाना बनाया।
हालांकि, इसके बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। 19 नवंबर को आरोपी ने एक नए नंबर से फिर महिला को व्हॉट्सऐप संदेश भेजे और इस बार उसे अकेले मिलने का प्रस्ताव रखा। जब महिला ने दोबारा उसे चेतावनी दी, तो आरोपी ने धमकी देना शुरू कर दिया। लगातार छेड़छाड़, पीछा करने और धमकियों से परेशान होकर परिनाज ने पुलिस से मदद लेने का फैसला किया।
भायखला पुलिस ने इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

ग्रेटर नोएडा में 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच

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ग्रेटर नोएडा,। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में स्थित मिग्सन ट्विन्स सोसायटी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना शुक्रवार दोपहर को हुई, जिससे सोसाइटी में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान शालू पुत्री नरेश के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले की रहने वाली बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मिग्सन ट्विन्स सोसायटी के टावर-5 के 16वें फ्लोर पर शालू अपने एक दोस्त के साथ मौजूद थी। घटना के दौरान उसका दोस्त भी फ्लैट में मौजूद था। अचानक युवती ने बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। गिरने की आवाज और अफरातफरी के बाद सिक्योरिटी स्टाफ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना सूरजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए कानूनी कार्यवाही शुरू की। पुलिस ने शालू के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

ग्रेटर नोएडा में 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच
ग्रेटर नोएडा में 22 वर्षीय युवती ने 16वीं मंजिल से कूदकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच


वहीं, घटनास्थल पर पुलिस अधिकारियों और फील्ड यूनिट की टीम ने विस्तृत निरीक्षण भी किया। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि जिस वक्त युवती ने यह कदम उठाया, उस समय उसके दोस्त की मौजूदगी थी। इसलिए पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने मृतका के परिजनों को सूचना दे दी है और परिवार के आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की हर संभव एंगल से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल फोन व सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से स्थिति सामने आ पाएगी।
वहीं, मृतका के परिजनों के बयान भी जांच के लिए अहम होंगे। इस घटना ने एक बार फिर हाईराइज सोसायटी में आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है। पुलिस जांच पूरी होने तक मामले पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

वडोदरा में साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा, अमेरिकी नागरिकों को बनाया जा रहा था निशाना

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अहमदाबाद, । वडोदरा पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गैंग का पर्दाफाश किया है, जो भारत से संचालित होकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहा था। यह गिरोह तालसात गांव स्थित एक आलीशान बंगले से कॉल सेंटर के रूप में कार्य करता था। पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर विंटेज बंगला नंबर 51 पर छापेमारी की, जहां से कई राज्यों में फैले फर्जी कॉल सेंटरों का संचालन और वसूली का काम किया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह अमेरिकी नागरिकों का निजी डेटा महज ₹80-90 प्रति एंट्री में खरीदता था। इसके बाद पीड़ितों को लोन मंजूरी के नाम पर टेक्स्ट संदेश भेजे जाते थे और उनसे 30% कमीशन वसूला जाता था।

वडोदरा में साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा, अमेरिकी नागरिकों को बनाया जा रहा था निशाना
वडोदरा में साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा, अमेरिकी नागरिकों को बनाया जा रहा था निशाना


जब पीड़ित प्रतिक्रिया देते थे, तो उन्हें लोन स्वीकृति के लिए केवाईसी प्रक्रिया जैसी औपचारिकताओं के बहाने धमकाया जाता था और एफबीआई का नाम लेकर डराया जाता था।
गिरोह अमेरिकी बैंकिंग नियमों की एक तकनीकी खामी का फायदा उठा रहा था, जिसमें असफल लेनदेन भी अस्थायी रूप से ग्राहक खाते में क्रेडिट हो जाते हैं। इसके जरिए पीड़ितों को प्रीपेड कार्ड्स में पैसे जमा करवाए जाते थे।
धोखाधड़ी से जुटाई गई रकम को एंगड़िया नेटवर्क के माध्यम से भारत में ट्रांसफर किया जाता था। जांच में सामने आया है कि अब तक 80 से अधिक अमेरिकी नागरिकों से ठगी की जा चुकी है।

त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े

त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े

त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े
त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े

अगरतला, । बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने त्रिपुरा में 3 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की 30,000 नशीली मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद कीं और कई करोड़ रुपए कीमत के 3,00,000 गांजे (कैनबिस) के पौधे नष्ट कर दिए। बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि त्रिपुरा फ्रंटियर के बॉर्डर गार्डिंग फोर्स के जवानों ने खास इंटेलिजेंस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए, सिपाहीजला जिले में भारतीय गांव भवानीपुर के पास जंगली इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन के दौरान, सतर्क बीएसएफ जवानों ने 30,000 मेथामफेटामाइन, जिसे याबा टैबलेट भी कहा जाता है (वजन 3 किलो), बरामद की, जिसकी कीमत 3 करोड़ रुपए है।
इसके अलावा, एक अलग जॉइंट ऑपरेशन में बीएसएफ के जवानों ने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और असम राइफल्स के साथ मिलकर, उसी सिपाहीजला के धनीरामपुर गांव के अंदरूनी इलाके में लगभग 10 एकड़ जमीन पर फैले सात प्लॉट में उगाए गए 3,00,000 गांजे के पौधों को नष्ट कर दिया।

त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े
त्रिपुरा में बीएसएफ ने 3 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की, 3 लाख गांजे के पौधे उखाड़े


बीएसएफ के एक बयान में कहा गया है कि ये सफल ऑपरेशन, त्रिपुरा के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, सिस्टर एजेंसियों के साथ मिलकर ड्रग ट्रैफिकिंग सहित ट्रांस-बॉर्डर अपराधों को रोकने के बीएसएफ के पक्के इरादे को दिखाते हैं।
18 नवंबर को, सिपाहीजला जिले में कई जगहों पर राज्य और सेंट्रल फोर्स ने गैर-कानूनी गांजा (कैनबिस) की खेती को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन सफलतापूर्वक चलाया।
एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह ड्राइव सिपाहीजला जिला पुलिस, चार त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) बटालियन के जवानों, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स, महिला त्रिपुरा स्टेट राइफल्स, जिला सिविल एडमिनिस्ट्रेशन और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने मिलकर चलाया।
यह ऑपरेशन सिपाहीजला डिस्ट्रिक्ट के पुलिस सुपरिटेंडेंट बिजॉय देबबर्मा ने चलाया। इसमें पांच पुलिस स्टेशन एरिया के तहत आने वाले सुतारमुरा, टोकतुमदुम, चिट्टा रामबारी, उक्यामुरा, तुलामुरा, कमालनगर और घाटीगर इलाकों को टारगेट किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र

नई दिल्ली,। दिल्ली में चल रहे 44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इस बार 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन का आयोजन किया गया, जो दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में पवेलियन में भारतीय रक्षा उद्योग के विविध आयामों का प्रदर्शन किया गया है, जिसमें आधुनिक हथियारों, मशीन गन, पनडुब्बी मॉडल, ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर जैसे अत्याधुनिक उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग किए गए हथियारों की झलक भी लोगों को देखने को मिली। कई दर्शकों ने इस पवेलियन को देश की रक्षा क्षमताओं को करीब से जानने का बेहतरीन अवसर बताया। वहीं, झारखंड पवेलियन ने भी इस वर्ष खास चर्चा बटोरी है। यहां वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य की हरित अर्थव्यवस्था और सतत विकास की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रदर्शित किया। सिसल (एगेव) पौधों पर आधारित उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन झारखंड की उभरती संभावनाओं को उजागर कर रहा है। सिसल का उपयोग रस्सी, बैग, मैट और हैंडक्राफ्ट उत्पादों के निर्माण में होता है, साथ ही इससे बायो-एथेनॉल और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में 10 साल बाद डिफेंस पवेलियन, झारखंड की विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र


झारखंड पवेलियन में राज्य की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा का भी अद्भुत प्रदर्शन किया गया। स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए ईको-फ्रेंडली जूट उत्पाद, जैसे बैग, गृह सज्जा सामग्री और हस्तनिर्मित उपयोगी वस्तुएं, झारखंड की कला और ग्रामीण कारीगरी की पहचान पेश कर रही हैं। इन उत्पादों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसरों का द्वार खोला है।
इसके साथ ही, पवेलियन में रेशम निर्माण की प्रक्रिया भी दर्शाई गई। इस बार के मेले में झारखंड ने न केवल अपनी सांस्कृतिक धरोहर, बल्कि हरित विकास और पर्यावरणीय पहल पर भी जोर दिया है।
रेशम बनाने वाले व्यापारी उदय कृष्ण ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि मैं झारखंड से आया हूं। रेशम के चार प्रकार हैं, लेकिन हम लोगों ने दो ही लाए हैं। इसको तैयार करने में कम से कम 35 दिन का समय लगता है। खास बात तो यह है कि इसे साल में दो से तीन बार तैयार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि एक तितली का अंडा देने के बाद उसमें 10 दिन के बाद रेशम के कीड़े विकसित होते हैं, जो 35 दिन तक पत्तियां खाते हैं। इसके बाद रेशम का निर्माण किया जाता है और 1 किलो रेशम बनाने में लगभग 1,500 रुपए का खर्च आता है।
मेले में आए पर्यटकों ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि हमें यहां आने पर बहुत अच्छा लग रहा है। काफी समय के बाद इसका आयोजन होता है। हमें लोगों ने बताया था कि इसीलिए हम देखने के लिए आए थे, हमें गर्व करना चाहिए और यहां से सीख लेकर जाना चाहिए।

कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे

कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे

कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे
कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे

रांची/कोलकाता । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला माफियाओं के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। झारखंड और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों में 40 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है। कोयला कारोबार से जुड़े मामलों में ईडी ने आरोपियों के खिलाफ यह तलाशी अभियान शुरू किया। जानकारी के अनुसार, झारखंड के धनबाद में कोल कारोबारी एलबी सिंह के आवास और उनसे जुड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी शुरू की गई। ईडी की टीमों ने धनबाद के देव बिला क्षेत्र समेत कुल 16 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया गया है। ये ऑपरेशन कोयला चोरी और तस्करी के कई बड़े मामलों से संबंधित हैं, जिनमें अनिल गोयल, संजय उद्योग, एलबी सिंह और अमर मंडल के मामले शामिल हैं। मामलों के सामूहिक पैमाने में महत्वपूर्ण कोयला समेत अन्य चीजों की चोरी शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपए का भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे
कोयला घोटाला केस में ईडी का बड़ा एक्शन, झारखंड और बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापे


वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पश्चिम बंगाल में भी छापे मारे हैं। गैर-कानूनी कोयला माइनिंग, गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन और कोयले के स्टोरेज मामले में दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा, कोलकाता जिलों में 24 जगहों पर ईडी की टीमें तलाशी ले रही हैं।
नरेंद्र खरका, अनिल गोयल, युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कयाल और दूसरों से जुड़ी जगहों पर ईडी की टीमों ने छापेमारी की है।
यह झारखंड और पश्चिम बंगाल में कोयला माफियाओं के खिलाफ 40 से ज्यादा जगहों पर एक कोऑर्डिनेटेड कार्रवाई मानी जा रही है। जांच पड़ताल के बाद आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावनाएं हैं।