छत्तीसगढ़ : सुकमा में 26 माओवादियों का आत्मसमर्पण, सात महिलाएं भी शामिल

छत्तीसगढ़ : सुकमा में 26 माओवादियों का आत्मसमर्पण, सात महिलाएं भी शामिल

छत्तीसगढ़ : सुकमा में 26 माओवादियों का आत्मसमर्पण, सात महिलाएं भी शामिल
छत्तीसगढ़ : सुकमा में 26 माओवादियों का आत्मसमर्पण, सात महिलाएं भी शामिल

सुकमा । छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में माओवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को सात महिलाओं सहित कुल 26 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। ये कैडर पीएलजीए बटालियन, दक्षिण बस्तर डिवीजन, माड़ डिवीजन और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। इन पर कुल 64 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण सुकमा पुलिस के रक्षित आरक्षी केंद्र में हुआ। मौके पर पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की ‘नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति- 2025’ और सुकमा पुलिस के ‘पूना मार्गेम अभियान’ से प्रभावित होकर हुआ। इस अभियान का मतलब ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ है। पुलिस के लगातार ऑपरेशन और अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित होने से माओवादी संगठन कमजोर पड़ रहा है। इससे बाकी माओवादियों के लिए हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता खुल रहा है।

छत्तीसगढ़ : सुकमा में 26 माओवादियों का आत्मसमर्पण, सात महिलाएं भी शामिल
छत्तीसगढ़ : सुकमा में 26 माओवादियों का आत्मसमर्पण, सात महिलाएं भी शामिल

आत्मसमर्पित कैडरों में विभिन्न रैंक के लोग शामिल हैं। इनमें एक सीवाईपीसीएम, एक डीवीसीएम, तीन पीपीसीएम, तीन एसीएम और 18 पार्टी मेंबर हैं। ये सुकमा, माड़ क्षेत्र और ओडिशा की सीमा से लगे इलाकों में कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे। इनमें सुरक्षा बलों पर हमले और आईईडी विस्फोट जैसी घटनाएं शामिल हैं, जिनमें कई जवान शहीद हुए।
आत्मसमर्पण करने वालों में लाली उर्फ मुचाकी आयते जैसी हाई प्रोफाइल महिला कैडर भी है, जो प्लाटून डिप्टी कमांडर रही और 10 लाख की इनामी थी। अन्य में हेमला लखमा, आसमिता उर्फ कमलू और कई युवा कैडर शामिल हैं, जो मिलिशिया या पार्टी मेंबर के तौर पर काम कर रहे थे।
इस सफलता में डीआरजी सुकमा, इंटेलिजेंस ब्रांच, सीआरपीएफ की विभिन्न बटालियनों और कोबरा की सूचना शाखा की अहम भूमिका रही। सरकार की नीति के तहत सभी आत्मसमर्पित कैडरों को 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि, घोषित इनाम और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
सुकमा पुलिस नक्सल मुक्त बस्तर बनाने के संकल्प पर काम कर रही है। लगातार अभियान से दूरदराज के जंगली इलाकों में विकास पहुंच रहा है। यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के अंत की ओर इशारा करता है। बाकी कैडरों से भी अपील की गई है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति को चुनें।

पुलवामा : कूलपोरा से 4.5 किलो चरस बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

पुलवामा : कूलपोरा से 4.5 किलो चरस बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

पुलवामा : कूलपोरा से 4.5 किलो चरस बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार
पुलवामा : कूलपोरा से 4.5 किलो चरस बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

पुलवामा । जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार को पुलिस ने कूलपोरा इलाके में रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान करीब 4.5 किलो चरस बरामद की। पुलिस ने इस दौरान एक शख्स को पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान पर्सिव अहमद दर के रूप में हुई है, जो कूलपोरा का निवासी है और अली मोहम्मद दर का बेटा है। पुलिस को उसके पास से नशीला पदार्थ मिला, जिसे पुलिस ने तुरंत जब्त कर लिया और कानूनी प्रक्रिया के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में लिट्टर पुलिस स्टेशन में केस एफआईआर नंबर 04/2026 दर्ज किया गया है। मामला एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह चरस कहां से आई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। इसका मकसद न सिर्फ आरोपी तक पहुंचने का है, बल्कि पूरे सप्लाई चेन को तोड़ने का भी है।

पुलवामा : कूलपोरा से 4.5 किलो चरस बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार
पुलवामा : कूलपोरा से 4.5 किलो चरस बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

पुलवामा पुलिस लगातार अपने जिले को ड्रग फ्री बनाने के मिशन पर काम कर रही है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि अगर किसी को नशे की तस्करी या अवैध गतिविधियों के बारे में जानकारी है, तो पुलिस को तुरंत सूचित करें। इससे सिर्फ अपराधी पकड़े ही नहीं जाएंगे, बल्कि समाज को सुरक्षित बनाने में भी मदद मिलेगी।
यह बरामदगी इलाके में पुलिस की सतर्कता और नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की कोशिशों की बड़ी सफलता है। अधिकारी कह रहे हैं कि ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। लोगों को भी चाहिए कि वे जागरूक रहें और अपनी सुरक्षा के साथ-साथ समाज की सुरक्षा के लिए सहयोग करें।
पुलिस का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ कार्रवाई करने से नहीं बल्कि समाज की भागीदारी से जीती जा सकती है। इसीलिए उन्होंने जनता से सहयोग की अपील की है ताकि पुलवामा को नशे से मुक्त किया जा सके।

नई दिल्ली: स्पेशल स्टाफ टीम ने शराब तस्कर को पकड़ा, 1550 क्वार्टर जब्त

नई दिल्ली: स्पेशल स्टाफ टीम ने शराब तस्कर को पकड़ा, 1550 क्वार्टर जब्त

नई दिल्ली: स्पेशल स्टाफ टीम ने शराब तस्कर को पकड़ा, 1550 क्वार्टर जब्त
नई दिल्ली: स्पेशल स्टाफ टीम ने शराब तस्कर को पकड़ा, 1550 क्वार्टर जब्त

नई दिल्ली । गणतंत्र दिवस से पहले अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए दिल्ली पुलिस के विशेष अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पश्चिम दिल्ली जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने 31 कार्टन अवैध शराब जब्त की, जिसमें कुल 1550 क्वार्टर शराब शामिल थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि मंगलवार शाम हरियाणा के नंबर प्लेट की एक गाड़ी केशवपुरम रिंग रोड से जेजे कॉलोनी, ख्याला की तरफ अवैध शराब लेकर आने वाली है, जिसके बाद स्पेशल स्टाफ टीम ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एक सफेद रंग की हुंडई आई-20 कार (हरियाणा नंबर) आती हुई दिखाई दी। स्पेशल टीम ने कार को रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक भागने की कोशिश करने लगा। थोड़े पीछा करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान सुनील (27) निवासी गांव चुलियाना, पोस्ट ऑफिस सम्पला, जिला रोहतक, हरियाणा के रूप में हुई। कार की तलाशी में 23 कार्टन “संतरा” देसी शराब (प्रत्येक कार्टन में 50 क्वार्टर) और 8 कार्टन “रेस-7” विदेशी शराब (प्रत्येक में 50 क्वार्टर) बरामद हुई। शराब की यह खेप सोनीपत, हरियाणा से लाई गई थी। पुलिस ने शराब के साथ-साथ इस्तेमाल की गई हुंडई आई-20 कार को भी जब्त कर लिया।

नई दिल्ली: स्पेशल स्टाफ टीम ने शराब तस्कर को पकड़ा, 1550 क्वार्टर जब्त
नई दिल्ली: स्पेशल स्टाफ टीम ने शराब तस्कर को पकड़ा, 1550 क्वार्टर जब्त

पूछताछ में सुनील ने कबूल किया कि वह सोनीपत निवासी देवा नामक व्यक्ति के इशारे पर दिल्ली के विभिन्न शराब तस्करों को अवैध शराब सप्लाई करता था। उसने पहले भी 10-12 बार इसी तरह दिल्ली में शराब पहुंचाई थी और पकड़े जाने से बचने के लिए ज्यादातर सुबह के समय का चुनाव करता था। शराब और वाहन दोनों देवा ने ही उपलब्ध कराए थे।
उसने आगे बताया कि सुनील तय जगहों पर खेप छोड़ता था, जहां से स्थानीय तस्कर स्टॉक ले जाते थे। आरोपी का अब तक कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन सत्यापन जारी है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि थाना ख्याला में धारा 33/38/58 दिल्ली एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर राजेश मौर्या के नेतृत्व में एसआई मनीष, एएसआई ऋषि, एएसआई उमेश, हेड कांस्टेबल दिनेश, दीपक और कांस्टेबल दिनेश की टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
पुलिस का कहना है कि गणतंत्र दिवस के मद्देनजर संगठित अपराध और अवैध शराब तस्करी पर लगाम कसने के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे। इनके साथ के अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया जा रहा है, जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सूरजपुर में पुलिस मुठभेड़ : दो शातिर बदमाश घायल, अवैध हथियार और चोरी का सामान बरामद

सूरजपुर में पुलिस मुठभेड़ : दो शातिर बदमाश घायल, अवैध हथियार और चोरी का सामान बरामद

सूरजपुर में पुलिस मुठभेड़ : दो शातिर बदमाश घायल, अवैध हथियार और चोरी का सामान बरामद
सूरजपुर में पुलिस मुठभेड़ : दो शातिर बदमाश घायल, अवैध हथियार और चोरी का सामान बरामद

ग्रेटर नोएडा । गौतमबुद्धनगर जिले के थाना सूरजपुर क्षेत्र में मंगलवार, 7 जनवरी 2026 को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो शातिर अपराधी घायल हो गए। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सूरजपुर पुलिस मोजर वियर गोलचक्कर के पास सर्विस रोड पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए। जब पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो दोनों बदमाश मोटरसाइकिल मोड़कर रेलवे लाइन के किनारे-किनारे जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस को संदेह होने पर तत्काल पीछा किया गया। अपने आप को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए।

सूरजपुर में पुलिस मुठभेड़ : दो शातिर बदमाश घायल, अवैध हथियार और चोरी का सामान बरामद
सूरजपुर में पुलिस मुठभेड़ : दो शातिर बदमाश घायल, अवैध हथियार और चोरी का सामान बरामद

घायल बदमाशों की पहचान सिराजुद्दीन उर्फ गुड्डू पुत्र नसीरुद्दीन और मयंक शर्मा पुत्र अवनीश शर्मा के रूप में हुई है। सिराजुद्दीन मूल रूप से बुलंदशहर का निवासी है, जबकि वर्तमान में दिल्ली के गोकुलपुरी क्षेत्र में रह रहा था। वहीं मयंक शर्मा हापुड़ जिले का निवासी बताया गया है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से एक अवैध तमंचा .315 बोर, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं।
इसके अलावा थाना सूरजपुर क्षेत्र के नवादा मंदिर में दानपात्र तोड़कर चोरी की गई 20,700 रुपये की नकदी, तिलपता गांव में एक घर से चोरी किया गया वन प्लस मोबाइल फोन, 2,165 रुपये नकद, काले रंग का एक बैग, दो आधार कार्ड और ताला तोड़ने के उपकरण भी बरामद हुए हैं। बदमाश जिस स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से घूम रहे थे, वह बिना नंबर प्लेट की थी और जांच में चोरी की पाई गई।
पुलिस के अनुसार, घायल दोनों अभियुक्तों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है और उनके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों बदमाश लंबे समय से चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में सक्रिय थे। सिराजूद्दीन उर्फ गुड्डू का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उसके खिलाफ गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में चोरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी सहित कुल 17 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं मयंक शर्मा के खिलाफ भी चोरी और बीएनएस की धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं।

25 साल बाद पत्नी की हत्या करने वाले को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा

25 साल बाद पत्नी की हत्या करने वाले को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा

25 साल बाद पत्नी की हत्या करने वाले को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा
25 साल बाद पत्नी की हत्या करने वाले को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक हत्यारे को 25 साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी योगिंदर उर्फ जोगिंदर सिंह ने 1992 में अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह फरार हो गया और नई पहचान बनाकर छिपता रहा। अब 58 साल की उम्र में उसे पंजाब के लुधियाना से पकड़ा गया है। यह मामला 15 मार्च 1992 का है। दिल्ली के पिल्लांजी गांव में योगिंदर ने अपनी पत्नी की हत्या की और भागने की कोशिश की। दिल्ली के पिल्लांजी गांव में योगिंदर ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर मौके से फरार होने की कोशिश की थी। भागते समय मकान मालिक के भाई ने उसका पीछा करके उसे पकड़ लिया था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची तो घर के भीतर गद्दे पर महिला का शव पड़ा मिला था। मृतका की बाईं आंख के पास चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि महिला की मौत गला घोंटने से हुई थी और शरीर पर मौजूद सभी चोटें मृत्यु से पहले की थीं। इस मामले में सरोजिनी नगर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। वर्ष 1997 में पटियाला हाउस कोर्ट ने योगिंदर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। साल 2000 में दिल्ली हाई कोर्ट ने योगिंदर को चार सप्ताह की पैरोल दी, लेकिन वह तय समय पर जेल वापस नहीं लौटा। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया, जिसके बाद वह लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचता रहा।

25 साल बाद पत्नी की हत्या करने वाले को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा
25 साल बाद पत्नी की हत्या करने वाले को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा


क्राइम ब्रांच की टीम को पैरोल जंप करने वालों पर नजर रखने का जिम्मा मिला। हेड कांस्टेबल मिंटू यादव को गुप्त सूचना मिली कि योगिंदर लुधियाना में छिपा है। टीम ने तकनीकी जांच और मानव सूत्रों की मदद से उसका पता लगाया। मुजफ्फरनगर और लुधियाना में पांच सौ से ज्यादा लोगों की जांच की गई। पता चला कि उसने नाम बदलकर जोगिंदर सिंह रख लिया और पिता का नाम भी जय प्रकाश से जयपाल कर दिया। नई पहचान से आधार कार्ड और वोटर आईडी बनवा ली।
एसीपी संजय कुमार नागपाल की निगरानी में इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी और रॉबिन त्यागी की टीम ने कार्रवाई की। रेडिंग टीम दस दिन से ज्यादा लुधियाना में रुकी। आरोपी वहां बढ़ई का काम कर रहा था। 5 जनवरी 2026 को रेड की गई। पुलिस देखकर वह मोटरसाइकिल पर भागा लेकिन पीछा करने पर पकड़ा गया।
पूछताछ में योगिंदर ने बताया कि पैरोल के बाद वह हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और कर्नाटक घूमता रहा। हर जगह दो-तीन साल रहकर भागता रहा। आखिर 2012 में लुधियाना में बस गया और नई जिंदगी शुरू की।

जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में ट्रैकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर रोक

जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में ट्रैकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर रोक

जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में ट्रैकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर रोक
जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में ट्रैकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर रोक

श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में अधिकारियों ने शुक्रवार को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कोकरनाग के ऊंचे इलाकों और जंगलों में ट्रैकिंग, कैंपिंग, हाइकिंग और इसी तरह की बाहरी गतिविधियों पर रोक लगा दी। कोकरनाग एसडीएम की ओर से जारी आदेश में हाल की घटनाओं का जिक्र किया गया, जिसमें कहा गया है कि कुछ लोगों ने देर रात के घंटों में नाका/चेकपॉइंट पार करने की कोशिश की है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित गंभीर सुरक्षा चिंताएं पैदा हुई है। यह भी कहा गया कि मार्गन टॉप, चौहर नाग और सिंथन टॉप के इलाकों में बिना रोक-टोक आवाजाही और ट्रैकिंग, कैंपिंग, हाइकिंग और इसी तरह की बाहरी गतिविधियां सार्वजनिक सुरक्षा और संरक्षा पर बुरा असर डाल सकती हैं। आदेश में कहा गया कि मैं प्रिंस कुमार, कोकरनाग सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश देता हूं कि मार्गन टॉप, चौहर नाग और सिंथन टॉप के इलाके में ट्रैकिंग, कैंपिंग, हाइकिंग और सभी दूसरी इसी तरह की आउटडोर एक्टिविटीज़ पर तुरंत असर से रोक लगाई जाती है।

जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में ट्रैकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर रोक
जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में ट्रैकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर रोक


एसडीएम की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि लरनू स्टेशन हाउस ऑफिसर इस आदेश को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित करेंगे और नाका/चेकपॉइंट पर आवाजाही को रेगुलेट करेंगे। यह भी कहा गया है कि आम जनता को इस आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया जाता है। किसी भी उल्लंघन पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में आगे कहा गया है कि यह आदेश जारी होने की तारीख से दो महीने तक लागू रहेगा, जब तक कि इसे पहले वापस न ले लिया जाए या कानून के अनुसार बढ़ाया न जाए।
यह आदेश ऐसे समय आया है जब जम्मू डिवीजन के पुंछ, राजौरी और किश्तवाड़ जिलों के ऊपरी इलाकों में जॉइंट सुरक्षा बल बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं। यह घाटी कोकरनाग इलाके में सिंथन टॉप के जरिए किश्तवाड़ जिले से जुड़ी हुई है।
ये जॉइंट ऑपरेशन आतंकवादियों, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) और हमदर्दों को निशाना बना रहे हैं। इस कोऑर्डिनेटेड तरीके का मकसद सिर्फ बंदूक चलाने वाले आतंकवादियों के पीछे जाने के बजाय आतंकवाद के पूरे सपोर्ट सिस्टम को खत्म करना है।

ईडी अहमदाबाद ने स्टॉक मार्केट धोखाधड़ी मामले में की बड़ी जब्ती, 4 करोड़ से ज्यादा की सोना-चांदी और नकदी बरामद

ईडी अहमदाबाद ने स्टॉक मार्केट धोखाधड़ी मामले में की बड़ी जब्ती, 4 करोड़ से ज्यादा की सोना-चांदी और नकदी बरामद

ईडी अहमदाबाद ने स्टॉक मार्केट धोखाधड़ी मामले में की बड़ी जब्ती, 4 करोड़ से ज्यादा की सोना-चांदी और नकदी बरामद
ईडी अहमदाबाद ने स्टॉक मार्केट धोखाधड़ी मामले में की बड़ी जब्ती, 4 करोड़ से ज्यादा की सोना-चांदी और नकदी बरामद

अहमदाबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अहमदाबाद जोनल ऑफिस ने स्टॉक मार्केट निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत महत्वपूर्ण जब्ती की है। ईडी ने मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ पिंटू भावसार और अन्य के ठिकानों से 110 किलोग्राम चांदी के बिस्किट (कीमत करीब 2.4 करोड़ रुपए), 1.296 किलोग्राम सोने के बिस्किट (कीमत लगभग 1.7 करोड़ रुपए), 39.7 किलोग्राम चांदी के गहने, 38.8 लाख रुपए नकद भारतीय मुद्रा, 10.6 लाख रुपए के बराबर विदेशी मुद्रा और विभिन्न संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं। कुल जब्ती की अनुमानित कीमत 4 करोड़ रुपए से अधिक है। ये सभी संपत्तियां अपराध की कमाई मानी गई हैं। यह कार्रवाई खेरालू पुलिस स्टेशन, जिला मेहसाणा में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें हिमांशु भावसार और अन्य पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी का आरोप है। एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता को स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया, लेकिन निवेशक का पैसा कभी किसी कंपनी के शेयर में नहीं लगाया गया। बल्कि, इसे व्यक्तिगत फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया। जांच में पता चला कि गुजरात समेत अन्य राज्यों में कम से कम 6 और एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें कुल धोखाधड़ी की राशि 10.87 करोड़ रुपए है।

ईडी अहमदाबाद ने स्टॉक मार्केट धोखाधड़ी मामले में की बड़ी जब्ती, 4 करोड़ से ज्यादा की सोना-चांदी और नकदी बरामद
ईडी अहमदाबाद ने स्टॉक मार्केट धोखाधड़ी मामले में की बड़ी जब्ती, 4 करोड़ से ज्यादा की सोना-चांदी और नकदी बरामद


मास्टरमाइंड हिमांशु भरतकुमार भावसार ने मेहसाणा, विसनगर और वडनगर में कई ऑफिस खोले थे, जहां आम जनता से स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर पैसे जुटाए जाते थे। आरोपी ने उच्च रिटर्न का वादा कर निवेशकों को लुभाया और नियमित फोन कॉल्स के लिए कर्मचारियों को रखा था।
पीएमएलए जांच में सामने आया कि हिमांशु ने सेबी द्वारा जारी इन्वेस्टमेंट एडवाइजर सर्टिफिकेट का दुरुपयोग किया। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में विश्वास स्टॉक्स रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, दलाल स्टॉक्स एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड और देवकी स्टॉक्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से गैर-पंजीकृत इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी गतिविधियां चलाईं।
इन तीनों कंपनियों के पास ‘सेबी’ से कोई वैध रजिस्ट्रेशन नहीं था। सेबी ने अपने आदेश में इन कंपनियों और हिमांशु भावसार को नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

मुंबई: झाड़ियों में मिला शिशु का शव, अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

मुंबई: झाड़ियों में मिला शिशु का शव, अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

मुंबई: झाड़ियों में मिला शिशु का शव, अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज
मुंबई: झाड़ियों में मिला शिशु का शव, अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

मुंबई । मुंबई के चेंबूर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरसीएफ पुलिस ने मैसूर कॉलोनी इलाके में एक शिशु का शव लावारिस हालत में मिलने के बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, मैसूर कॉलोनी स्थित साईं अर्पण सोसायटी की सड़क के पास एक शिशु अचेत अवस्था में पड़ा मिला। पुलिस के मुख्य नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि एक शिशु झाड़ियों के पास पड़ा है। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने शिशु को इलाज के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में आरसीएफ पुलिस की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, पुलिसकर्मी इलाके में नियमित गश्त पर थे,

मुंबई: झाड़ियों में मिला शिशु का शव, अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज
मुंबई: झाड़ियों में मिला शिशु का शव, अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

तभी मुख्य नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि मैसूर कॉलोनी स्थित साईं अर्पण सोसायटी की आंतरिक सड़क के पास एक बगीचे के नजदीक एक शिशु अचेत अवस्था में पड़ा है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि झाड़ियों के पास एक नवजात शिशु लाल कपड़े में लिपटा पड़ा है।
प्रेस नोट में आगे कहा गया कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि शिशु लड़का था, जिसकी उम्र लगभग सात महीने बताई जा रही है। इसके बाद शिशु को चिकित्सकीय जांच के लिए राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आरसीएफ पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 94 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

बलिया में पुलिस और गो तस्कर में मुठभेड़, 25 हजार रुपए का इनामी बदमाश घायल

बलिया में पुलिस और गो तस्कर में मुठभेड़, 25 हजार रुपए का इनामी बदमाश घायल

बलिया में पुलिस और गो तस्कर में मुठभेड़, 25 हजार रुपए का इनामी बदमाश घायल
बलिया में पुलिस और गो तस्कर में मुठभेड़, 25 हजार रुपए का इनामी बदमाश घायल

बलिया । उत्तर प्रदेश के बलिया में गुरुवार देर रात पुलिस और गो तस्करों में मुठभेड़ हो गई, जिसमें पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी गो तस्कर को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर ने बताया कि यह मुठभेड़ देर रात नरही थाना क्षेत्र के कारो रोड के पास हुई। आरोपी के कब्जे से एक तमंचा बरामद किया गया है। घायल तस्कर का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। आरोपी के सही हो जाने के बाद पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर की सूचना के बाद गुरुवार रात के समय संदिग्ध वाहन की चेकिंग की जा रही थी, तभी पुलिस ने एक व्यक्ति को रुकने का इशारा किया, लेकिन व्यक्ति ने रुकने के बजाय भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसका पीछा किया और जैसे ही संदिग्ध ने खुद को घिरा हुआ पाया, उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी के दाहिने पैर में गोली मारी, जिससे वह घायल हो गया।

बलिया में पुलिस और गो तस्कर में मुठभेड़, 25 हजार रुपए का इनामी बदमाश घायल
बलिया में पुलिस और गो तस्कर में मुठभेड़, 25 हजार रुपए का इनामी बदमाश घायल


घायल व्यक्ति की पहचान नरही थाना क्षेत्र का निवासी फजल के रूप में हुई। फजल के खिलाफ गो तस्करी से संबंधित कई मामले दर्ज हैं और वह 25 हजार रुपए का इनामी अपराधी था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले में अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कृपा शंकर ने कहा कि फजल गो तस्करी में लिप्त था और उसकी तलाश लंबे समय से जारी थी। मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अन्य साथी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
इससे पहले भी नवंबर में बलिया के नरही थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक कुख्यात गो तस्कर घायल हो गया था। आरोपी की पहचान अजय पत्थरकट्टा के रूप में हुई थी। पुलिस ने मौके से एक अवैध तमंचा, कारतूस और गो तस्करी से जुड़े अन्य सामान बरामद किए हैं। आत्मरक्षा में पुलिस टीम ने जवाबी गोलीबारी की, जिसमें संदिग्ध घायल हो गया।

कश्मीर की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई, फरार महिला तस्कर गिरफ्तार

कश्मीर की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई, फरार महिला तस्कर गिरफ्तार

कश्मीर की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई, फरार महिला तस्कर गिरफ्तार
कश्मीर की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई, फरार महिला तस्कर गिरफ्तार

श्रीनगर । नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्ती और मुहिम को जारी रखते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) कश्मीर ने एक बड़ी सफलता हासिल की। टीम ने एनडीपीएस एक्ट के एक गंभीर मामले में पिछले तीन वर्षों से फरार चल रही महिला ड्रग तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में इस कार्रवाई की जानकारी दी गई। प्रेस नोट में कहा गया कि गिरफ्तार की गई तस्कर की पहचान तमन्ना अशरफ पुत्री मोहम्मद अशरफ, निवासी बटमालू श्रीनगर के रूप में हुई है। वह एफआईआर नंबर 10/2023 के तहत धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के मामले में वांछित थी, जो एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स जम्मू में दर्ज किया गया था। टास्क फोर्स ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए महिला तस्कर पिछले तीन सालों से लगातार अलग-अलग राज्यों में छिपती फिर रही थी। जांच में सामने आया है कि तमन्ना अशरफ सात किलोग्राम से अधिक चरस की तस्करी में शामिल थी, जिसे कूरियर सेवाओं के माध्यम से मुंबई भेजा जा रहा था।
इस संबंध में मामला दर्ज होने के बाद से ही वह कानून की पकड़ से दूर थी और लगातार ठिकाने बदल रही थी।

कश्मीर की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई, फरार महिला तस्कर गिरफ्तार
कश्मीर की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई, फरार महिला तस्कर गिरफ्तार

हालांकि, एएनटीएफ जम्मू-कश्मीर की सतत निगरानी, मजबूत खुफिया सूचना और रणनीतिक योजना के चलते उसे गुरुवार को उसके ही निवास स्थान बटमालू, श्रीनगर से दबोच लिया गया। बेहद सतर्कता और गोपनीय तरीके से इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
प्रेस नोट में आगे कहा गया कि जम्मू-कश्मीर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के अथक प्रयासों और इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन से यह गिरफ्तारी सफल हुई, जो नारकोटिक्स अपराधों को रोकने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
बता दें कि सुरक्षा बल आतंकवाद के समर्थन तंत्र को खत्म करने के लिए आतंकवादियों, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) और समर्थकों के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा बलों की निगरानी में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले, ड्रग पेडलर और हवाला रैकेट में शामिल लोग भी हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इन गैरकानूनी गतिविधियों से प्राप्त धन का इस्तेमाल अंततः जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। अदालती आदेशों के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस नशीले पदार्थों की तस्करी और गैरकानूनी वित्तीय गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर रही है।