गोवा: क्राइम ब्रांच ने कलंगुट में ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया, बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद

गोवा: क्राइम ब्रांच ने कलंगुट में ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया, बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद

गोवा: क्राइम ब्रांच ने कलंगुट में ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया, बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद
गोवा: क्राइम ब्रांच ने कलंगुट में ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया, बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद

गोवा । गोवा क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कलंगुट क्षेत्र से एक ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद की गई है, जो व्यावसायिक श्रेणी में आती है। इसकी कीमत बाजार में 11 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। अधिकारी इसे हाल के महीनों में ड्रग तस्करी के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में से एक मान रहे हैं। अधिकारियों को एक विश्वसनीय सूत्र से सूचना मिली थी कि कलंगुट में किराए के फ्लैट में एक व्यक्ति अवैध ड्रग्स के साथ मौजूद है। इस सूचना के आधार पर पीएसआई अमीन ए नाइक के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत एक्शन लिया। टीम में पीआई अर्जुन सांगोडकर, एएसआई संतोष गोवेकिर, हेड कांस्टेबल 4687 इरशाद वटांगी, एचसी 5558 उदेश केरकर, पीसी 6155 सुशांत पागुई, पीसी 6009 महाबलेश्वर सावंत और पीसी 8608 विराज खंडेपारकर शामिल थे।

गोवा: क्राइम ब्रांच ने कलंगुट में ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया, बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद
गोवा: क्राइम ब्रांच ने कलंगुट में ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया, बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद


टीम ने कलंगुट के खोबरावड्डो स्थित सैंड पेबल्स बिल्डिंग के पहले मंजिल के फ्लैट नंबर एएफ2 पर छापा मारा। यहां आरोपी नितिन लूंबा (44) मूल रूप से दिल्ली के छतरपुर एन्क्लेव फेज-2 के निवासी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। वह कुछ समय से गोवा के इसी किराए के फ्लैट में रह रहा था।
छापे के दौरान आरोपी के कब्जे से 115.861 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 11,58,610 रुपए है। यह मात्रा एनडीपीएस एक्ट के अनुसार व्यावसायिक श्रेणी में आती है।
क्राइम ब्रांच थाना में एफआईआर दर्ज की गई है और मामला एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 (सी) के तहत पंजीकृत किया गया है। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और उससे पूछताछ जारी है। जांच अधिकारी के रूप में पीएसआई अमीन ए नाइक मामले की आगे की विवेचना संभाल रहे हैं।
यह पूरी कार्रवाई डीएसपी क्राइम ब्रांच की निगरानी में और एसपी क्राइम ब्रांच राहुल गुप्ता (आईपीएस) के समग्र नेतृत्व में की गई।

दिल्ली पुलिस ने 16 लाख के निवेश घोटाले में चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने 16 लाख के निवेश घोटाले में चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने 16 लाख के निवेश घोटाले में चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने 16 लाख के निवेश घोटाले में चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुलिस ने बुधवार को 16 लाख रुपए के निवेश घोटाले में शामिल चार धोखेबाजों को गिरफ्तार किया है। दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि साइबर पुलिस स्टेशन की एक टीम ने चार साइबर धोखेबाजों मनीष दिलीप भाई कोष्टी (37), मोहम्मद जैद ए सिदी (28), मोहम्मद एजाज खिमाणी (35) और शेख अबरार (27) को गिरफ्तार किया है। ये सभी अहमदाबाद, गुजरात के रहने वाले हैं। इसके साथ ही अपराध में इस्तेमाल किए गए कुल छह मोबाइल फोन, छह डेबिट कार्ड और आठ सिम कार्ड बरामद किए गए। दिल्ली के पालम कॉलोनी के ए. कुमार से एनसीआरपी के जरिए पुलिस स्टेशन साइबर/एसडब्लूडी में एक शिकायत मिली, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें “71 एबॉट” नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था और एडमिन और सदस्यों ने एक निवेश फर्म के प्रतिनिधियों के रूप में खुद को पेश किया था।
इसके बाद उन्होंने उन्हें 300 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया, जिसके बाद अलग-अलग चरणों में कई पेमेंट करने के लिए उकसाया और आखिरकार उनसे 16 लाख रुपए की ठगी की।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने 27 अक्टूबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

दिल्ली पुलिस ने 16 लाख के निवेश घोटाले में चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने 16 लाख के निवेश घोटाले में चार आरोपियों को किया गिरफ्तार


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में साइबर पुलिस की एक विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर जांच की। जांच के दौरान यह पता चला कि ठगी की गई रकम का एक हिस्सा यूसीओ बैंक और आरबीएल बैंक के खातों के माध्यम से भेजा गया था और बाद में यह राशि क्रेडिट और रेजरपे जैसे पेमेंट गेटवे के जरिए मनीष कोष्टी के एचडीएफसी बैंक के खाते में जमा की गई है।
पुलिस ने अहमदाबाद में एक छापे के दौरान मनीष कोष्टी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह 5 प्रतिशत कमीशन पर ठगी की गई रकम को क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के जरिए ठिकाने लगाता था। मनीष ने अन्य तीन आरोपियों के नाम भी बताए, जिसके बाद पुलिस ने मोहम्मद जैद, मोहम्मद एजाज और शेख अबरार को भी गिरफ्तार किया।
यह गिरोह पहले मोबाइल फोन खरीदने और बेचने का काम करता था, लेकिन बाद में अहमदाबाद में एक ऑफिस खोलकर क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान, यूएसडीटी की खरीद-बिक्री और अन्य तरीकों से ठगी की गई रकम को सेटल करता था। आरोपी हर ट्रांजैक्शन पर 5 प्रतिशत कमीशन लेते थे, जो सभी सदस्यों के बीच बांटा जाता था।
जांच में पता चला कि इस गिरोह के खिलाफ विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 163 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं।

ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला

ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला

ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला
ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला

पुणे । महाराष्ट्र के पुणे और बारामती में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई डेयरी क्षेत्र में निवेश के नाम पर हुई करीब 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ी है। ईडी की टीम ने पुणे में दो और बारामती में तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन ठिकानों का संबंध मुख्य आरोपियों विद्यानंद धैरी और आनंद लोखंडे से बताया जा रहा है। दरअसल, बारामती डेयरी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी का आरोप है कि आनंद सतीश लोखंडे (28 वर्ष) और उनकी पत्नी विद्या सतीश लोखंडे (24 वर्ष), जो बारामती तालुका के जलोची गांव के रहने वाले हैं, ने डेयरी कारोबार में निवेश करने का लालच देकर लोगों से 10.21 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने निवेशकों को बहुत ऊंचा मुनाफा देने का झांसा दिया था, लेकिन न तो पैसा लौटाया और न ही कोई कारोबार शुरू किया।

ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला
ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला


ईडी के अधिकारियों ने बताया कि इस धोखाधड़ी में पुणे और मुंबई के कई बड़े व्यापारी फंस गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगे गए लोगों में कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। आरोपियों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए खुद को बारामती डेयरी से जुड़ा हुआ बताया और फर्जी दस्तावेज दिखाए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ईडी अब यह पता लगा रही है कि ठगी का यह पैसा कहां गया और क्या इसे कहीं और निवेश किया गया या हवाला के जरिए बाहर भेजा गया। जांच एजेंसी को शक है कि यह रकम कई परतों में छिपाई गई है। इसी सिलसिले में अलग-अलग ठिकानों से दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए गए हैं।
फिलहाल दोनों मुख्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। ईडी उनकी तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। यह मामला एक बार फिर निवेश के नाम पर होने वाली ठगी की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है, जहां लोग ऊंचे रिटर्न के लालच में अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं।

50,000 का इनामी गिरफ्तार: वनपाल भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक का मुख्य सरगना जबरा राम जाट एसओजी की गिरफ्त में

50,000 का इनामी गिरफ्तार: वनपाल भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक का मुख्य सरगना जबरा राम जाट एसओजी की गिरफ्त में

50,000 का इनामी गिरफ्तार: वनपाल भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक का मुख्य सरगना जबरा राम जाट एसओजी की गिरफ्त में
50,000 का इनामी गिरफ्तार: वनपाल भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक का मुख्य सरगना जबरा राम जाट एसओजी की गिरफ्त में

जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को वनपाल भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक प्रकरण में बड़ी सफलता मिली है। एसओजी ने इस बड़े पैमाने पर हुए लीक के मुख्य सरगना जबराराम जाट पुत्र प्रेमाराम निवासी पचपदरा बालोतरा हाल रामजी का गोल बाड़मेर को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर एसओजी द्वारा ₹50,000 का इनाम घोषित था। प्रिंटिंग प्रेस से सीधे खरीदा था प्रश्नपत्र अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि इनामी आरोपी जबराराम ने प्रश्न पत्र सीधे प्रिंटिंग प्रेस से खरीदा था, जिसके लिए उसने लगभग ₹25 लाख का भुगतान किया था।बपेपर खरीदने के बाद उसने इसे विभिन्न समूहों में बेचा, जिससे उसने लगभग ₹1.5 करोड़ की अवैध कमाई की थी।
बांसवाड़ा से उदयपुर तक फैला था जाल
वनपाल भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थियों के उपयोग और अनुचित साधनों की शिकायतें बांसवाड़ा जिले में दर्ज हुई थीं। व्यापक गड़बड़ी सामने आने पर एसओजी ने सभी मामलों को अपने पास लेकर जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान पता चला कि जबरा राम के सहयोगी हीरालाल निवासी गुड़ामालानी ने बांसवाड़ा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्र और उत्तर पढ़वाए थे। एक अन्य सहयोगी कंवराराम निवासी गुड़ामालानी ने उदयपुर में पेपर लीक कर कई अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया था।

50,000 का इनामी गिरफ्तार: वनपाल भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक का मुख्य सरगना जबरा राम जाट एसओजी की गिरफ्त में
50,000 का इनामी गिरफ्तार: वनपाल भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक का मुख्य सरगना जबरा राम जाट एसओजी की गिरफ्त में

ये दोनों आरोपी पूर्व में ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
एडीजी बंसल ने बताया कि दोनों सहयोगियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि प्रश्नपत्र उन्हें जबराराम ने ही उपलब्ध करवाया था, जिसके बाद जबराराम की भूमिका मुख्य सरगना के रूप में स्थापित हुई और वह फरार हो गया था।
शिक्षक के पद से बर्खास्त है आरोपी
डीआईजी एसओजी परिस देशमुख के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने लगातार प्रयासों के बाद गुजरात पुलिस के सहयोग से जबराराम को दबोच लिया। उल्लेखनीय है कि जबराराम वर्ष 2019 में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय डांगरिया गुड़ामालानी (बाड़मेर) में शिक्षक के पद पर कार्यरत था, लेकिन पेपर लीक प्रकरणों में संलिप्तता के कारण उसे सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
एसओजी अब आरोपी जबराराम से विस्तृत पूछताछ कर रही है, ताकि पेपर आउट करने की पूरी श्रृंखला, तंत्र और इस षड्यंत्र में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सके।

दिल्ली के द्वारका में 50 हजार रुपए का इनामी चोर गिरफ्तार, 100 ग्राम सोना बरामद

दिल्ली के द्वारका में 50 हजार रुपए का इनामी चोर गिरफ्तार, 100 ग्राम सोना बरामद

दिल्ली के द्वारका में 50 हजार रुपए का इनामी चोर गिरफ्तार, 100 ग्राम सोना बरामद
दिल्ली के द्वारका में 50 हजार रुपए का इनामी चोर गिरफ्तार, 100 ग्राम सोना बरामद

द्वारका । दिल्ली में द्वारका जिले की चोरी रोधी इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 50,000 रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नाइम लंबे समय से पुलिस को चकमा देता फिर रहा था। उसके पास से करीब 100 ग्राम सोना, पिघला हुआ सोना सहित कई कीमती जेवर बरामद किए गए हैं। 16 मई 2025 को द्वारका कोर्ट की एसीजेएम स्वाति गुप्ता ने नाइम (48) को घोषित अपराधी घोषित किया था। नाइम पर पहले से 6 मामले दर्ज हैं। करीब एक साल पहले द्वारका सेक्टर-19 स्थित भारत वंदना अपार्टमेंट में बड़ी चोरी हुई थी। शिकायतकर्ता सुभाष चंद पांडे के घर का ताला तोड़कर चोर सोना-चांदी के जेवर ले उड़े थे। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी।
स्थानीय पुलिस ने इस केस में वसीम उर्फ चपटा, फरजान अली और एक सुनार मनीष को गिरफ्तार किया था, लेकिन चोरी का पूरा माल बरामद नहीं हो सका था। इसके बाद डीसीपी अंकित सिंह ने केस को एंटी-बर्गलरी सेल को ट्रांसफर कर दिया था।
इंस्पेक्टर विवेक के नेतृत्व में एसआई विनोद कुमार, एएसआई राजेश कुमार, एचसी अनिल, कॉन्स्टेबल राहुल और कॉन्स्टेबल आशीष की टीम गठित की गई। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया था कि कि चोरी किए गए जेवरों का कुछ हिस्सा नाइम और अकील के पास भी है।

दिल्ली के द्वारका में 50 हजार रुपए का इनामी चोर गिरफ्तार, 100 ग्राम सोना बरामद
दिल्ली के द्वारका में 50 हजार रुपए का इनामी चोर गिरफ्तार, 100 ग्राम सोना बरामद


इसके बाद आरोपियों की तलाश में यूपी के कई जिलों में छापेमारी की गई। पुलिस ने नाइम और अकील दोनों पर 50-50 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की। टीम ने हार नहीं मानी और एक साल तक लगातार प्रयास जारी रखे। अब पुलिस को सूचना मिली कि नाइम राजस्थान के सीकर जेल में एक अन्य चोरी के केस में बंद है। इसके बाद कोर्ट से उसका प्रोडक्शन वारंट लिया गया और आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
दो दिन की पुलिस रिमांड पर पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने मेरठ (यूपी) स्थित घर में छिपाए जेवरों का खुलासा किया। पुलिस ने वहां से सोने की 3 जोड़ी बाली, 3 अंगूठियां, 2 लॉकेट, 2 जोड़ी टॉप्स, 1 सोने का झुमका और करीब 80 ग्राम पिघला हुआ सोना बरामद किया।
नाइम के घर में पत्नी शाहीन और दो बच्चे हैं। निकाह के बाद उसे शराब और जुए की लत लग गई। जुए में हारने के बाद उसे अपना पुश्तैनी घर बेचना पड़ा और दोस्तों से कर्ज भी ले लिया। इसके बाद कर्ज चुकाने के लिए वह चोरी करने लगा। वह वसीम, फरजान अली और अकील के साथ मिलकर दिल्ली, यूपी और राजस्थान में चोरी करता था।

उत्तर प्रदेश: शामली में पुलिस से मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी डकैत ढेर, 23 से ज्यादा केस थे दर्ज

उत्तर प्रदेश: शामली में पुलिस से मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी डकैत ढेर, 23 से ज्यादा केस थे दर्ज

उत्तर प्रदेश: शामली में पुलिस से मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी डकैत ढेर, 23 से ज्यादा केस थे दर्ज
उत्तर प्रदेश: शामली में पुलिस से मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी डकैत ढेर, 23 से ज्यादा केस थे दर्ज

शामली । उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हुई पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार रुपए का इनामी डकैत समयदीन उर्फ सामा को मार गिराया गया। समयदीन मूल रूप से कांधला कस्बे का रहने वाला था, लेकिन लंबे समय से कर्नाटक के तुमकुर में छिपकर रह रहा था। उस पर उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में 23 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। समयदीन अक्टूबर में कांधला में मारे गए एक लाख के इनामी नफीस का साथी रह चुका था। नफीस के एनकाउंटर के बाद सामा पंजाब भाग गया था और वहां से लगातार पुलिस की पकड़ से बचता रहा। पुलिस को सूचना मिली कि थानाभवन थाना क्षेत्र के भेसानी के जंगलों में स्थित एक भट्टे पर समयदीन अपने साथियों के साथ डकैती की योजना बना रहा है। मौके पर टीम ने घेराबंदी की, लेकिन जैसे ही पुलिस आगे बढ़ी, बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में समयदीन गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश: शामली में पुलिस से मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी डकैत ढेर, 23 से ज्यादा केस थे दर्ज
उत्तर प्रदेश: शामली में पुलिस से मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी डकैत ढेर, 23 से ज्यादा केस थे दर्ज


मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाबरी थाना प्रभारी राहुल सिसोदिया की जैकेट पर भी गोली लगी, लेकिन वह सुरक्षित हैं। घटनास्थल से दो पिस्तौल, एक तमंचा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार मौके पर करीब छह बदमाश मौजूद थे। गोलीबारी के बाद समयदीन के पांच साथी भागने में सफल रहे। पुलिस उनकी तलाश में जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
एसपी एनपी सिंह ने बताया, “हमें सूचना मिली थी कि भट्टे के अंदर गैंग बैठा हुआ है। जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी की, बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमारी जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हुआ जिसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। एक पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। आज एक बड़े बदमाश का अंत हुआ है।”
समयदीन पर उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में 23 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस के अनुसार वह कई राज्यों में सक्रिय गिरोहों के साथ मिलकर डकैतियां और लूट की घटनाएं अंजाम देता था।

मेरठ में पुलिस और गोकशों में मुठभेड़, गोली लगने से एक बदमाश घायल

मेरठ में पुलिस और गोकशों में मुठभेड़, गोली लगने से एक बदमाश घायल

मेरठ में पुलिस और गोकशों में मुठभेड़, गोली लगने से एक बदमाश घायल
मेरठ में पुलिस और गोकशों में मुठभेड़, गोली लगने से एक बदमाश घायल

मेरठ । उत्तर प्रदेश के मेरठ में सरधना पुलिस और गोकशी वाले गिरोह के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घटना सोमवार देर रात दरौला नहर पटरी के पास एक बाग के किनारे हुई, जब बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस को सूचना मिली थी कि किस्थानी थाना क्षेत्र में दरौला नहर पटरी के पास कुछ लोग गोकशी की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही सरधना क्षेत्र की गश्त कर रही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी शुरू की। घेराव होते ही आरोपियों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। घायल आरोपी की पहचान नवाबुद्दीन के रूप में हुई, जो थाना दौराला क्षेत्र के रुआसा गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ गोकशी, अवैध हथियार, पशु क्रूरता समेत एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल भेजा, जहां उसका इलाज जारी है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस, तेज धार वाले उपकरण बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी मौके पर ही गोकशी की तैयारी कर रहे थे।

मेरठ में पुलिस और गोकशों में मुठभेड़, गोली लगने से एक बदमाश घायल
मेरठ में पुलिस और गोकशों में मुठभेड़, गोली लगने से एक बदमाश घायल


दोनों फरार आरोपियों की पहचान पुलिस कर चुकी है और उनकी तलाश में जंगलों और नहर पटरी क्षेत्र में कॉम्बिंग ऑपरेशन लगातार चल रहा है। पुलिस ने आसपास के गांवों में भी चेकिंग बढ़ा दी है ताकि आरोपी बाहर न निकल सकें।
सरधना सीओ आशुतोष कुमार ने बताया, “हमें सूचना मिली थी कि दरौला नहर पटरी के किनारे कुछ लोग गोकशी करने की तैयारी में हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल हुआ और दो फरार हो गए। घायल आरोपी नवाबुद्दीन पर एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। फॉरेंसिक यूनिट को बुला लिया गया है और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।”
मेरठ के सरधना क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गश्त और निगरानी और अधिक सख्त कर दी है। फरार दोनों गौकशों के जल्द पकड़े जाने की संभावना जताई जा रही है।

नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद

नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद

नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद
नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद

नोएडा । नोएडा के थाना फेज-2 पुलिस ने हर्ष फायरिंग के एक वायरल वीडियो में चिन्हित किए गए वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पंकज तंवर पुत्र सतबीर तंवर, निवासी ग्राम मांडी, थाना फतेहपुर बेरी, दिल्ली, उम्र लगभग 29 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे सिटी पार्क, सेक्टर-93, नोएडा से गिरफ्तार किया। आरोपी से एक अवैध पिस्टल 32 बोर, एक जिंदा कारतूस और मैगजीन बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, 6 दिसंबर को सोशल मीडिया पर हर्ष फायरिंग का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी को अवैध हथियार से फायरिंग करते हुए देखा गया था।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी की तलाश में विशेष टीम गठित की गई। लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी सेक्टर-93 के पास दिखाई दिया है। सूचना मिलते ही टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे मौके से दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से वही अवैध पिस्टल बरामद की गई, जिसका उपयोग उसने वायरल वीडियो में हर्ष फायरिंग के दौरान किया था।

नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद
नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद


पुलिस ने हथियार, जिंदा कारतूस और मैगजीन को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। थाना फेज-2 में आरोपी के खिलाफ अन्य धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट में भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि हर्ष फायरिंग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह जान माल के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हर्ष फायरिंग से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि हथियार की सप्लाई और किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में उसकी संलिप्तता के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी
पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी

कोलकाता । तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सीनियर नेता ने सोमवार को बताया कि तृणमूल कांग्रेस द्वारा पार्टी से सस्पेंड किए जाने के बाद भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर की पश्चिम बंगाल विधानसभा में सीट बदली जा सकती है। हुमायूं कबीर को मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद-जैसी’ मस्जिद का शिलान्यास करने के अपने विवादित फैसले के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। राज्य विधानसभा में टीएमसी के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने कहा कि पार्टी इस मामले पर नजर रख रही है और जल्द ही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम इस मामले पर नजर रख रहे हैं। अगले कुछ दिनों में विधानसभा में कबीर समेत सस्पेंड किए गए विधायकों के बैठने की व्यवस्था पर फैसला लिया जाएगा।”
कबीर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए छह साल के लिए सस्पेंड किया गया था।
तृणमूल संसदीय दल ने आने वाले शीतकालीन और अंतरिम बजट सत्र से पहले कबीर की सीट बदलने का फैसला किया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी
पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि यह कदम बागी विधायक से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए उठाया गया है, जो सत्रों के दौरान पार्टी को शर्मिंदा करने की कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने वाला है।
कबीर ने हाल ही में न्यायिक हिरासत से रिहा होने के बाद विधानसभा सत्र में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
सूत्रों ने संकेत दिया कि कबीर को टीएमसी के एक और सस्पेंड विधायक पार्थ चटर्जी के बगल में बैठाया जा सकता है, जिन्हें स्कूल सेवा आयोग भर्ती भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तारी के बाद 2022 में सस्पेंड किया गया था। तृणमूल के पूर्व महासचिव चटर्जी ने भी हाल ही में न्यायिक हिरासत से रिहा होने के बाद विधानसभा सत्र में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
यह ध्यान दिया जा सकता है कि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने में कुछ ही महीने बचे हैं। शीतकालीन सत्र के अलावा, एक अंतरिम बजट सत्र भी निर्धारित है, जिसके बाद अगले साल के चुनावों से पहले विधानसभा भंग कर दी जाएगी।

मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर

मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर

मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर
मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक छात्रा का वीडियो बनाकर वायरल करने वाले दो आरोपियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने दोनों आरोपियों के अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया है। इसके साथ ही, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दरअसल, यह पूरा मामला शामगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहां चाकू की नोक पर एक 16 वर्षीय हिंदू छात्रा का अश्लील वीडियो बनाया गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल करते हुए 5 लाख रुपए मांगे। डर के मारे लड़की ने मुस्लिम समुदाय के दो नाबालिग लड़कों को ढाई लाख रुपए दे दिए। लेकिन, बाकी पैसे न देने पर आरोपियों ने उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़िता का वीडियो वायरल होने के बाद परिजनों को जानकारी लगी और उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की।

मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर
मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर

पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज करते हुए दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया। इस घटना के बाद से ही लोगों में गुस्सा था और वे आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाये जाने की मांग कर रहे थे। बुलडोजर कार्रवाई की मांग को लेकर बीते तीन दिनों से विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी था। बाजार बंद रखे गए और लोगों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद अब, शनिवार को प्रशासन ने आरोपियों के मकान की नाप जोख की और उनके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया।
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद से पीड़िता और उसके परिवार के लोग डरे हुए हैं। शामगढ़ के लोग इस घटना के बाद से गुस्से में थे और वे आरोपियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई चाह रहे थे जिससे दोबारा कोई व्यक्ति इस तरह की घटना को अंजाम देने का साहस न कर पाएं।