दिल्ली: विदेशी पर्यटक के मोबाइल चोरी में नाबालिग आरोपी पकड़ा गया

दिल्ली: विदेशी पर्यटक के मोबाइल चोरी में नाबालिग आरोपी पकड़ा गया

दिल्ली: विदेशी पर्यटक के मोबाइल चोरी में नाबालिग आरोपी पकड़ा गया
दिल्ली: विदेशी पर्यटक के मोबाइल चोरी में नाबालिग आरोपी पकड़ा गया

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने विदेशी पर्यटक के साथ हुई चोरी के मामले में आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी के पास से चोरी का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। 25 फरवरी 2026 को मॉरीशस के 56 वर्षीय नागरिक ने नबी करीम थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वह और उनकी पत्नी पहाड़गंज में घूम रहे थे, तभी बाजार में भीड़ का फायदा उठाकर कोई उनका मोबाइल फोन ले गया। चोरी के तुरंत बाद नबी करीम पुलिस स्टेशन में ई-एफआईआर दर्ज की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी गई। एसएचओ नबी करीम इंस्पेक्टर गुलशन नागपाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में एसआई नीरज राठी और एचसी विकाश (थाना नबी करीम), एचसी राजबीर और एचसी मनोज (थाना करोल बाग) शामिल थे।
टीम ने इलाके का सर्वे किया और सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। इसी से संदिग्ध की पहचान हुई। पुलिस ने डीबीजी रोड से लेकर करोल बाग तक आरोपी के मूवमेंट को ट्रैक किया।

दिल्ली: विदेशी पर्यटक के मोबाइल चोरी में नाबालिग आरोपी पकड़ा गया
दिल्ली: विदेशी पर्यटक के मोबाइल चोरी में नाबालिग आरोपी पकड़ा गया

लगातार तकनीकी निगरानी और फील्ड ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने आरोपी का पीछा किया। आरोपी ने पकड़ से बचने की कोशिश की, लेकिन आठ घंटे के भीतर करोल बाग इलाके से उसे धर दबोचा। आरोपी एक 16 वर्षीय लड़का था, जो बंगला साहिब गुरुद्वारा के पास भिखारी की तरह रहता था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी मां 7–8 साल पहले परिवार छोड़कर चली गई थी और पिता का 2025 में निधन हो गया। वह नशे का आदी है और अपने रोजमर्रा के जीवन के लिए भीख और चोरी करता है। उसी ने बाजार में घूम रहे विदेशी पर्यटक की जींस की जेब से मोबाइल निकाल लिया था। पुलिस ने चोरी हुआ मोबाइल फोन बरामद किया, जिसमें शिकायतकर्ता के भारतीय और मॉरीशस के सिम कार्ड थे।

भीलवाडा में अमृत-2 सीवरेज कार्यों का मामला उठा विधानसभा में...हरकत में आया प्रशासन, तुरंत शुरू किया सड़क निर्माण कार्य

भीलवाडा में अमृत-2 सीवरेज कार्यों का मामला उठा विधानसभा में…हरकत में आया प्रशासन, तुरंत शुरू किया सड़क निर्माण कार्य

भीलवाडा में अमृत-2 सीवरेज कार्यों का मामला उठा विधानसभा में...हरकत में आया प्रशासन, तुरंत शुरू किया सड़क निर्माण कार्य
भीलवाडा में अमृत-2 सीवरेज कार्यों का मामला उठा विधानसभा में…हरकत में आया प्रशासन, तुरंत शुरू किया सड़क निर्माण कार्य

भीलवाड़ा (प्रकाश चपलोत जैन)। 

भीलवाडा शहर में सीवरेज कार्यो में हुई धांदली एवं भ्रष्टाचार के मामलों को शहर विधायक अशोक कुमार कोठारी द्वारा विधानसभा में उठाने पर हरकत में आये प्रशासन ने शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण का कार्य तीव्रगति से प्रारंभ कर दिया गया, जबकि वर्षो से सीवरेज के कारण सडके टूटी हुई थी,जर्जर पड़ी सड़कों को लेकर शहर के आमजन में रोष व्याप्त था, विधायक द्वारा विधानसभा में मामला उठाते ही संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके पर जाकर सडकों को ठीक करना चालू कर दिया। विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव पर बोलते हुए विधायक कोठारी ने अमृत-2 योजना के तहत भीलवाड़ा शहर में चल रहे सीवरेज कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों, बढ़ती दुर्घटनाओं और जनहानि की घटनाओं पर सरकार से जवाब मांगा।
विधायक कोठारी ने कहा कि अमृत-2 योजना के अंतर्गत सीवरेज कार्य करवाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा सड़कों को खोदने के बाद समय पर पुनर्निर्माण नहीं किया गया। नियमानुसार 45 दिनों में सड़कों की मरम्मत हो जानी चाहिए थी, लेकिन आठ माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई प्रमुख मार्ग अब भी जर्जर अवस्था में हैं।

भीलवाडा में अमृत-2 सीवरेज कार्यों का मामला उठा विधानसभा में...हरकत में आया प्रशासन, तुरंत शुरू किया सड़क निर्माण कार्य
भीलवाडा में अमृत-2 सीवरेज कार्यों का मामला उठा विधानसभा में…हरकत में आया प्रशासन, तुरंत शुरू किया सड़क निर्माण कार्य


उन्होंने जिन प्रमुख सड़कों की दुर्दशा का उल्लेख किया, उनमें मिर्ची मंडी रोड, पुराना आरटीओ रोड, गांधीनगर गणेश मंदिर रोड, सुखाड़िया सर्कल, शारदा चैराहा से चारभुजा रोड तथा 100 फीट रोड शामिल हैं। विशेष रूप से 100 फीट रोड की स्थिति अत्यंत खराब बताई गई, जहां एक ओर की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से आवागमन एक ही दिशा में हो रहा है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और जनहानि तक की घटनाएं सामने आई हैं।
विधायक कोठारी ने बताया कि इस संबंध में नगर निगम आयुक्त से चर्चा करने पर उन्हें जानकारी दी गई कि सीवरेज कार्यों से जुड़ी पत्रावली ैप्च् वेरिफिकेशन के लिए डीएलबी में लंबित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो कार्य 45 दिन में पूर्ण होना था, वह आठ माह बाद भी अधूरा क्यों है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है – नगर निगम के अधिकारी या संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी ?
उन्होंने दोषी अधिकारियों या कंपनी पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की वहीं आज उक्त प्रस्ताव के बाद प्रशासन द्वारा सड़कों का पुनर्निर्माण प्रारंभ हो गया है ।

दिल्ली शराब घोटाला : राऊज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी CBI

दिल्ली शराब घोटाला : राऊज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी CBI

दिल्ली शराब घोटाला : राऊज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी CBI
दिल्ली शराब घोटाला : राऊज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी CBI

नई दिल्ली । दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को कथित शराब घोटाला केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने सीबीआई अधिकारी के खिलाफ भी विभागीय जांच की सिफारिश की है। हालांकि, सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार, सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ तुरंत हाईकोर्ट में अपील करने का फैसला किया है। सीबीआई का मानना है कि जांच के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को या तो अनदेखा किया गया है या उचित तरीके से विचार नहीं किया गया है। इससे पहले, शुक्रवार को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला देते हुए कथित शराब घोटाला से जुड़े सीबीआई केस में सभी 23 आरोपियों को बरी किया। कोर्ट ने जांच में कमियों के लिए सीबीआई को कड़े शब्दों में फटकार लगाई और कहा कि आबकारी नीति में कोई बड़ी साजिश या क्रिमिनल इरादा नहीं था।
कोर्ट ने सीबीआई की चार्जसीट पर सवाल उठाए और कहा कि इसमें कई कमियां हैं, जिनका किसी गवाह या बयान से कोई सबूत नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष का मामला न्यायिक जांच में टिक नहीं पाया, क्योंकि सीबीआई ने महज अनुमान के आधार पर साजिश की कहानी गढ़ने की कोशिश की।

दिल्ली शराब घोटाला : राऊज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी CBI
दिल्ली शराब घोटाला : राऊज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी CBI


सीबीआई की तरफ से कंफेशनल स्टेटमेंट की कॉपी जमा नहीं किए जाने पर न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने नाराजगी व्यक्त की। चार्जशीट में ‘साउथ लॉबी’ शब्द के इस्तेमाल पर भी अदालत ने आपत्ति जताई।
इसके अलावा, राउस एवेन्यू कोर्ट ने शराब नीति के कथित घोटाले मामले में सीबीआई की तरफ से जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ विभागीय जांच की अनुशंसा की।
यह मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी (शराब) नीति से जुड़ा है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। दिल्ली के मुख्य सचिव रहे नरेश कुमार की रिपोर्ट के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
बाद में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी। 26 फरवरी 2023 को सीबीआई ने इस मामले में मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया। 21 मार्च 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंबी पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 26 जून को सीबीआई ने उन्हें जेल से ही हिरासत में ले लिया।

1100 वर्ष पुराने महाकाली मंदिर में फूटा जल स्रोत, बरामदे की फर्श धंसी

1100 वर्ष पुराने महाकाली मंदिर में फूटा जल स्रोत, बरामदे की फर्श धंसी

1100 वर्ष पुराने महाकाली मंदिर में फूटा जल स्रोत, बरामदे की फर्श धंसी
1100 वर्ष पुराने महाकाली मंदिर में फूटा जल स्रोत, बरामदे की फर्श धंसी

लालसोट। उपखंड मुख्यालय स्थित करीब 1100 वर्ष प्राचीन महाकाली मंदिर लालसोट में अचानक जमीन धंसने की घटना से हड़कंप मच गया। मंदिर के बरामदे में फर्श धंसने के साथ ही नीचे से जल स्रोत फूट पड़ा, जिससे परिसर में पानी भरने लगा। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। प्रशासनिक सतर्कता के तहत जेसीबी मशीन मंगवाकर खुदाई कार्य शुरू कराया गया। मंदिर से जुड़े शिव शंकर जोशी ने बताया कि सुबह मंदिर के पूजा हॉल के पास अचानक जमीन धंस गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यहां पर प्राचीन काल में एक परंपरागत कुआं था, जिसे बाद में निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी से भर दिया गया था।

1100 वर्ष पुराने महाकाली मंदिर में फूटा जल स्रोत, बरामदे की फर्श धंसी
1100 वर्ष पुराने महाकाली मंदिर में फूटा जल स्रोत, बरामदे की फर्श धंसी


महाकाली सेवा समिति के अध्यक्ष शिव शंकर जोशी ने बताया कि जुलाई 2025 में क्षेत्र में हुई अच्छी मानसूनी वर्षा के कारण भूजल स्तर बढ़ा और बंद पड़े जल स्रोत ने दोबारा सक्रिय रूप ले लिया। जल दबाव के चलते बरामदे की फर्श धंस गई।
जेसीबी से की गई खुदाई में नीचे कुएं जैसी संरचना मिलने की पुष्टि हुई है। जिस स्थान पर फर्श धंसी, वहीं पुराना कुआं निकलने की बात सामने आई है। फिलहाल सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से दूर रखा जा रहा है और आगे की कार्रवाई जारी है। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर बना हुआ है।

पश्चिम बंगाल : मेडिकल छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में मिला, परिवार को हत्या का शक

पश्चिम बंगाल : मेडिकल छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में मिला, परिवार को हत्या का शक

पश्चिम बंगाल : मेडिकल छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में मिला, परिवार को हत्या का शक
पश्चिम बंगाल : मेडिकल छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में मिला, परिवार को हत्या का शक

कोलकाता । पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में कल्याणी जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के अंतिम वर्ष के छात्र पुलक हलदर के परिवारवालों ने दावा किया है कि उसकी हत्या की गई है। बता दें कि पुलक हलदर की सड़ी-गली लाश हॉस्टल के कमरे से मिली थी। मामले के जांच अधिकारी ने बताया कि मेडिकल छात्र के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा और उसके बाद ही मौत के पीछे कारणों का पता चल पाएगा। मृतक मेडिकल छात्र के पिता सुधांशु हलदर के मुताबिक, उनके बेटे के शरीर पर कई चोटें और कट के निशान पाए गए, जिससे उन्हें मर्डर का शक हुआ।
उन्होंने आगे बताया, ”यह निश्चित रूप से यह स्वाभाविक मृत्यु का मामला नहीं है। हम इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। मैं नहीं चाहता कि मेरे बेटे की मौत की जांच का भी वही हश्र हो जो 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुए जघन्य बलात्कार और हत्या के मामले का हुआ था।”
परिवार के एक रिश्तेदार उत्तम मंडल ने बताया कि पुलक हलदर न केवल मेधावी और मेहनती युवा था, बल्कि बेहद विनम्र स्वभाव का भी था। उन्होंने कहा, “मैंने भी उसके चेहरे और पेट पर चोट और कट के निशान देखे हैं। इसलिए, उसकी मृत्यु से पहले उस पर हमले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। मुझे उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष और उचित जांच होगी।”

पश्चिम बंगाल : मेडिकल छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में मिला, परिवार को हत्या का शक
पश्चिम बंगाल : मेडिकल छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में मिला, परिवार को हत्या का शक


प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पुलक को आखिरी बार 20 फरवरी को हॉस्टल कैंटीन में खाना खाने जाते हुए देखा गया था। तब से वह हॉस्टल परिसर से बाहर नहीं निकला था और न ही उसे किसी साथी छात्र या हॉस्टल अधिकारियों ने देखा था।
गुरुवार (26 फरवरी) को उसके छात्रावास के कमरे से दुर्गंध आने लगी। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़कर खोला गया और उसका सड़ा शव बरामद हुआ।
उसके परिवार के सदस्यों ने पुलिस को यह भी बताया है कि पुलक से उनकी आखिरी टेलीफोन पर बातचीत 20 फरवरी को हुई थी, जो कि उसके लापता होने का दिन है।
परिवार के सदस्यों ने यह भी दावा किया है कि अतीत में, आरजी कर बलात्कार और हत्या कांड से संबंधित विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलक ने अन्य छात्रों द्वारा धमकाने की शिकायत की थी। यह भी आरोप लगाया गया है कि उसे कॉलेज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, हालांकि इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

द्वारका पुलिस ने दो शराब तस्करों को किया गिरफ्तार, काफी समय से चल रहे थे फरार

द्वारका पुलिस ने दो शराब तस्करों को किया गिरफ्तार, काफी समय से चल रहे थे फरार

द्वारका पुलिस ने दो शराब तस्करों को किया गिरफ्तार, काफी समय से चल रहे थे फरार
द्वारका पुलिस ने दो शराब तस्करों को किया गिरफ्तार, काफी समय से चल रहे थे फरार

नई दिल्ली । दिल्ली के द्वारका जिले में पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर दो हाई-प्रोफाइल आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये कार्रवाई घोषित अपराधियों और अंतर्राज्यीय शराब तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस के अनुसार, दोनों गिरफ्तारियां अलग-अलग अभियानों में की गईं। पहली गिरफ्तारी उत्तम नगर के मोहन गार्डन निवासी 35 वर्षीय रिजवान पुत्र इरफान की हुई। वह परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दर्ज मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। 13 जनवरी को द्वारका कोर्ट ने केस नंबर 17222/2021 में उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। डीसीपी के निर्देश पर घोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए गठित विशेष टीम ने 21 फरवरी 2026 को सेक्टर-10 क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर हरीश कुमार कर रहे थे और यह कार्रवाई एसीपी (ऑपरेशन) की निगरानी में की गई।

द्वारका पुलिस ने दो शराब तस्करों को किया गिरफ्तार, काफी समय से चल रहे थे फरार
द्वारका पुलिस ने दो शराब तस्करों को किया गिरफ्तार, काफी समय से चल रहे थे फरार


पुलिस ने आरोपी को बीएनएसएस की धारा 35(1)(डी) के तहत गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, रिजवान का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं था।
दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध शराब आपूर्तिकर्ता प्रशांत (29) पुत्र राम बाबू को गिरफ्तार किया। स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि वह सेक्टर-10 स्थित परिवहन प्राधिकरण के पास अवैध शराब की खेप लेकर पहुंचने वाला है। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा किए जाने पर उसने गाड़ी भगाने की कोशिश की, लेकिन पीछा कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी में उसकी महिंद्रा एक्सयूवी 500 कार से 40 कार्टन यानी 2000 क्वार्टर अवैध शराब बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार, वह दिल्ली और हरियाणा में तस्करी के लिए लग्जरी एसयूवी का इस्तेमाल करता था। उस पर पहले भी दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो मामले दर्ज हैं।
द्वारका पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों ऑपरेशन घोषित अपराधियों और अंतर्राज्यीय अवैध शराब आपूर्तिकर्ताओं को निशाना बनाने वाले चल रहे विशेष अभियानों का हिस्सा थे।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, “आगे की जांच जारी है,” जो आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि तकनीकी खुफिया सूचना और जमीनी निगरानी के समन्वय से ये सफलताएं मिलीं। आगे की जांच जारी है।

गोवा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों पर कार्रवाई, 6 घुसपैठियों को भेजा गया वापस

गोवा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों पर कार्रवाई, 6 घुसपैठियों को भेजा गया वापस

गोवा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों पर कार्रवाई, 6 घुसपैठियों को भेजा गया वापस
गोवा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों पर कार्रवाई, 6 घुसपैठियों को भेजा गया वापस

गोवा । गोवा में अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों और इमीग्रेशन कानून का उल्लंघन करने के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अवैध रूप से रह रहे गुरुवार को छह बांग्लादेशी नागरिकों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके देश भेज दिया गया है। ये सभी बिना वीजा और वैध पासपोर्ट के रह रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को गोवा के विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने मिलकर यह कार्रवाई की है। एफआरआरओ गोवा की एक एस्कॉर्ट टीम ने अवैध रूप से रह रहे छह बांग्लादेशी व्यक्तियों को बीएसएफ को सौंप दिया, जिसने बाद में उन्हें बांग्लादेश भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि 2025 से गोवा पुलिस की विदेशी शाखा ने 35 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का पता लगाया और उन्हें वापस बांग्लादेश भेजा। इनमें 9 पुरुष, 7 महिलाएं और 19 नाबालिग शामिल हैं।
गोवा पुलिस ने बताया कि एफआरआरओ और अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से अवैध प्रवेश और अधिक समय तक रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने जनता से किराएदारों और मजदूरों के दस्तावेजों की जांच करने और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन या विदेशी शाखा को देने का आग्रह किया है।

गोवा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों पर कार्रवाई, 6 घुसपैठियों को भेजा गया वापस
गोवा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों पर कार्रवाई, 6 घुसपैठियों को भेजा गया वापस


इसी तरह बेंगलुरु पुलिस ने शहर भर में एक बड़ा अभियान चलाया, जिसमें 2,000 से अधिक विदेशियों से पूछताछ की गई और सत्यापन के लिए दर्जनों संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत में लिया गया।
यह जनवरी में चलाए गए एक पिछले अभियान के बाद हुआ है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक सिटी और हेब्बागोडी जैसे इलाकों से 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
महाराष्ट्र के मुंबई में भी बुधवार को इसी तरह का घुसपैठ-विरोधी अभियान चलाया गया। वर्सोवा पुलिस ने यारी रोड इलाके से अवैध रूप से रह रहे 25 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिसमें 21 ट्रांसजेंडर, दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। ये सभी शकुलशाहा दरगाह के पास बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे थे।

अपहरण की सच्चाई पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस के कर्मियों को हिरासत में लिया था: हिमाचल पुलिस

अपहरण की सच्चाई पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस के कर्मियों को हिरासत में लिया था: हिमाचल पुलिस

अपहरण की सच्चाई पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस के कर्मियों को हिरासत में लिया था: हिमाचल पुलिस
अपहरण की सच्चाई पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस के कर्मियों को हिरासत में लिया था: हिमाचल पुलिस

शिमला । भारत मंडपम में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में बिना शर्ट के विरोध प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पकड़ने शिमला पहुंची दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया गया था, जिन्हें गुरुवार को कानूनी प्रक्रिया के बाद छोड़ दिया गया। इस मामले में हिमाचल पुलिस ने पहली बार बयान जारी किया। हिमाचल पुलिस ने कहा कि अपहरण की सच्चाई पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस के कर्मियों को हिरासत में लिया गया था। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि कथित तौर पर सामान्य कपड़ों में राज्य के बाहर के पंजीकरण नंबरों वाले वाहनों में सवार व्यक्तियों ने चिरगांव के एक रिसॉर्ट में ठहरे तीन लोगों को जबरन अगवा कर लिया था। साथ ही, डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) समेत कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त कर लिए थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए शिमला पुलिस ने तथ्यों का पता लगाने और यह सुनिश्चित करने के लिए तुरंत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। सोलन पुलिस के साथ त्वरित समन्वय में कार्रवाई करते हुए पुलिस की टीमों ने शोघी, शिमला में आईएसबीटी और धरमपुर समेत कई स्थानों पर संबंधित व्यक्तियों को रोका।

अपहरण की सच्चाई पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस के कर्मियों को हिरासत में लिया था: हिमाचल पुलिस
अपहरण की सच्चाई पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस के कर्मियों को हिरासत में लिया था: हिमाचल पुलिस


जांच करने पर पता चला कि इस समूह में दिल्ली और हरियाणा के पुलिसकर्मी शामिल थे, जिन्होंने दिल्ली में दर्ज एक मामले के सिलसिले में तीनों व्यक्तियों का पीछा किया था और उन्हें हिरासत में लिया था।
सभी संबंधित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा और पूर्ण कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, शिमला पुलिस ने उचित निर्देशों के लिए व्यक्तियों को सक्षम स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया।
तीनों व्यक्तियों की शिमला के रिपन अस्पताल में चिकित्सा जांच भी कराई गई। इसके बाद, शिमला के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लगभग 18 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की। सभी वैधानिक औपचारिकताओं और उचित सत्यापन के बाद दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीम को संबंधित व्यक्तियों के साथ दिल्ली जाने की अनुमति दी गई।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बताया कि चिरगांव स्थित चांशुल रिसॉर्ट के मालिक की शिकायत पर 25 फरवरी को चिरगांव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है और जांच जारी है।

मथुरा में पुलिस और बदमाश में मुठभेड़, एक शातिर गिरफ्तार

मथुरा में पुलिस और बदमाश में मुठभेड़, एक शातिर गिरफ्तार

मथुरा में पुलिस और बदमाश में मुठभेड़, एक शातिर गिरफ्तार
मथुरा में पुलिस और बदमाश में मुठभेड़, एक शातिर गिरफ्तार

मथुरा । उत्तर प्रदेश के मथुरा में बुधवार देर रात अडूकी गांव के पास पुलिस और बदमाश में मुठभेड़ हो गई, जिसमें पुलिस ने एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। सीओ अनिल कपरवान ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना हाईवे पुलिस और रिवार्डी टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार देर रात अडूकी गांव के पास पुलिस और एक शातिर चोर के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि 16 फरवरी की रात भगवती नगर (चन्द्रपुरी) क्षेत्र में एक मकान में चोरी की घटना हुई थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर राजवीर (32), निवासी पीपला, राजस्थान, का नाम प्रकाश में आया। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।
बुधवार रात करीब 10:05 बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी मोटरसाइकिल से अडूकी रोड की ओर किसी वारदात को अंजाम देने जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना हाईवे पुलिस और रिवार्डी टीम ने रेलवे लाइन के पास घेराबंदी कर सघन चेकिंग शुरू कर दी।

मथुरा में पुलिस और बदमाश में मुठभेड़, एक शातिर गिरफ्तार
मथुरा में पुलिस और बदमाश में मुठभेड़, एक शातिर गिरफ्तार


कुछ देर बाद संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रोकने का इशारा करने पर उसने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के बाएं पैर में लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने चोरी का सामान बरामद किया है। इसके अलावा एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि राजवीर एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ थाना हाईवे, कोतवाली, सदर बाजार और जैत में चोरी, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके अन्य साथियों और आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है। संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

नई दिल्ली : दो लापता नाबालिग सकुशल बरामद, परिजनों की डांट से छात्रा ने छोड़ दिया था घर

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नई दिल्ली : दो लापता नाबालिग सकुशल बरामद, परिजनों की डांट से छात्रा ने छोड़ दिया था घर
नई दिल्ली : दो लापता नाबालिग सकुशल बरामद, परिजनों की डांट से छात्रा ने छोड़ दिया था घर

नई दिल्ली । क्राइम ब्रांच की मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से दो नाबालिग लापता बच्चों का सफलतापूर्वक पता लगाकर उन्हें बरामद कर लिया है। इसके साथ ही परिजनों को सौंप दिया है। बच्चों को पाकर परिजनों ने खुशी जताते हुए दिल्ली पुलिस का आभार जताया है। क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार के अनुसार, 24 नवंबर 2025 को 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के लापता होने की रिपोर्ट दिल्ली के गाजीपुर थाने में दर्ज हुई थी। इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए मामले को दिल्ली पुलिस की नोडल एजेंसी मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) को सौंपा गया। एसीपी सुरेश कुमार के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार और सब इंस्पेक्टर विशाल गुप्ता की टीम ने पहले पीड़िता के माता-पिता से जानकारी जुटाई और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर टीम ने पीड़िता को दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से ढूंढ निकाला।
जांच में पता चला कि लापता लड़की को उसके माता-पिता ने डांटा था, क्योंकि वह अपना अधिकांश समय सोशल मीडिया साइटों पर बिताती थी। इसके बाद वह गुस्से में आकर घर से चली गई थी।

नई दिल्ली : दो लापता नाबालिग सकुशल बरामद, परिजनों की डांट से छात्रा ने छोड़ दिया था घर
नई दिल्ली : दो लापता नाबालिग सकुशल बरामद, परिजनों की डांट से छात्रा ने छोड़ दिया था घर


इसी तरह दूसरे मामले में 16 वर्षीय नाबालिग लड़के के लापता होने की रिपोर्ट 24 फरवरी को रानहोला पुलिस थाने में दर्ज हुई थी। इस मामले में भी इंस्पेक्टर मनोज दहिया, हेड कांस्टेबल अजीत और कांस्टेबल अशोक कुमार की टीम ने पीड़ित के माता-पिता, रिश्तेदारों और दोस्तों से जानकारी एकत्र की। मौके पर सत्यापन के आधार पर टीम ने पीड़ित को श्याम विहार, रानहोला, दिल्ली क्षेत्र से ढूंढ निकाला।
जांच में पता चला कि लापता लड़का आठवीं कक्षा में पढ़ता है और उसके दो भाई और चार बहनें हैं। उनके पिता मजदूर हैं और माता गृहिणी हैं। वह 24 फरवरी को पड़ोस में ट्यूशन पढ़ने गया था। ट्यूशन के बाद अपने एक सहपाठी के घर पर रुक गया था।