दिल्ली: गश्त के दौरान संदिग्ध आदिल गिरफ्तार, देसी पिस्टल बरामद
नई दिल्ली ।
पूर्वी दिल्ली के शकरपुर थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस टीम ने एक संदिग्ध युवक को दबोचकर उसके पास से एक देसी पिस्टल बरामद की है। आरोपी की पहचान आदिल (23), निवासी गीता कॉलोनी, दिल्ली के रूप में हुई है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 4 बजे शकरपुर थाने के हेड कांस्टेबल राहुल त्यागी और कांस्टेबल अमृत लाल गश्त पर थे। इसी दौरान लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन के पास उन्हें स्कूटी पर दो युवक संदिग्ध हालत में घूमते दिखे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो दोनों भागने लगे। सतर्क पुलिसकर्मियों ने पीछा कर एक युवक को दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी पिस्टल बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आदिल के रूप में हुई, जो गीता कॉलोनी के अराम पार्क का रहने वाला है। पूछताछ में आदिल ने बताया कि उसने यह हथियार दिल्ली के शाहरुख नामक व्यक्ति से खरीदा था।
दिल्ली: गश्त के दौरान संदिग्ध आदिल गिरफ्तार, देसी पिस्टल बरामद
पुलिस ने आदिल को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और हथियार सप्लाई करने वाले शाहरुख की तलाश जारी है। स्थानीय खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। आरोपी आदिल ने 9वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह एक चिकन शॉप पर काम करता था। आदिल का पहले से ही एक आपराधिक रिकॉर्ड है, जिसमें वह एक मामले में शामिल रहा है। इस पूरे मामले की जांच एसआई विशाल को सौंपी गई है। इससे पहले, दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-वेस्ट जिले की ऑपरेशन सेल ने नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर विजय कुमार की 30 लाख रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया। विजय कुमार को भरत नगर थाना क्षेत्र का बैड कैरेक्टर घोषित किया जा चुका है। आरोपी विजय कुमार पिछले 7 सालों से ड्रग्स के धंधे में सक्रिय है। उस पर 11 संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें 5 एनडीपीएस एक्ट से जुड़े हैं। वहीं, नितिन बद्धवान 8वीं तक पढ़ा है और पिछले 3 साल से ड्रग्स की सप्लाई कर रहा है।
मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, दिल्ली पुलिस ने 6 बच्चों को किया बरामद
नई दिल्ली ।
दिल्ली पुलिस ने मानव तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कुल 6 बच्चों को बरामद किया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ये गैंग दो से तीन महीने के नवजात शिशुओं को चोरी करके बेचने का काम करता था। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पूर्वी) डॉ. हेमंत तिवारी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस घटनाक्रम की शुरुआत 22 अगस्त को हुई, जब पुलिस को दिल्ली के एक बस स्टैंड से एक 6 माह के बच्चे के गायब होने की सूचना मिली थी। अधिकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद बस स्टैंड के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें दो संदिग्ध बच्चे को ले जाते दिखे। हालांकि, बस स्टैंड से बाहर निकलने के बाद उनकी कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने डंप डेटा का विश्लेषण किया और संदिग्धों को चिह्नित कर उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद के पिनहट गांव में छापेमारी की। वहां से मुख्य आरोपी वीरभान और उसके ससुर कालीचरण को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान एक संदिग्ध फोन भी बरामद किया है।
मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, दिल्ली पुलिस ने 6 बच्चों को किया बरामद
पूछताछ में पता चला कि वीरभान और कालीचरण ने अपने रिश्तेदार रामबरन के कहने पर बच्चा चोरी किया था और उसे आगरा के केके नर्सिंग होम में सौंप दिया। इसके बाद पुलिस ने चतुराई दिखाते हुए नर्सिंग होम के डॉक्टर कमलेश को दबोच लिया। साथ ही, पुलिस ने सुंदर नामक एक अन्य अहम आरोपी को गिरफ्तार किया, जो इस रैकेट का मास्टरमाइंड था। सुंदर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करता था और झोलाछाप डॉक्टरों को दवाइयां सप्लाई करता था। वह गर्भवती महिलाओं को निशाना बनाता था और उनके बच्चों को गैरकानूनी तरीके से बेच देता था। पुलिस उपायुक्त के अनुसार, पुलिस ने सुंदर की निशानदेही पर प्रीति और कृष्णा नाम की दो बहनों को पकड़ा है, जो अपने घर में ऐसी महिलाओं की डिलीवरी करवाती थीं। इनके पास से 48 घंटे में गायब हुआ बच्चा भी बरामद किया गया। पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह ने नैनीताल के एक दंपति को 11 महीने की एक बच्ची बेची थी, जिसे पुलिस ने रिकवर कर लिया। इसके अलावा, आगरा से दो और दो महीने के बच्चों को बरामद किया गया है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पूर्वी) डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान कुल 6 बच्चों को बरामद किया है।
सदर अस्पताल में 15 लाख की लागत वाला विश्रामालय और प्रतिक्षालय उदघाटन से पहले ही जर्जर, लोग बैठने को मजबूर
सदर अस्पताल परिसर में बना अत्याधुनिक यात्री विश्रामालय प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ा, मरीजों के परिजन परेशान
सहरसा जिले के सदर अस्पताल परिसर में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत करीब 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक यात्री विश्रामालय एवं प्रतिक्षालय आम लोगों के लिए अब तक उपयोग में नहीं लाया गया है। इस विश्रामालय का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया था कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को एक उपयुक्त स्थान पर बैठने, विश्राम करने और कुछ समय के लिए सुकून पाने की सुविधा मिल सके। अस्पताल में इलाज के दौरान अक्सर परिजन पूरे दिन भर धूप, बारिश या सर्दी के बीच खुले आसमान के नीचे, दीवारों की छांव में या गलियारों में बैठने को मजबूर होते हैं। ऐसे में इस यात्री प्रतिक्षालय की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण थी, लेकिन विडंबना यह है कि निर्माण पूरा हो जाने के कई महीने बाद भी यह भवन तालाबंद पड़ा हुआ है, और इसका लाभ आज तक किसी को नहीं मिल पाया है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस अत्याधुनिक यात्री विश्रामालय का निर्माण तो उच्च गुणवत्ता के साथ किया गया है और यह देखने में भी आकर्षक है। इसमें बेंच, रोशनी, पंखे और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और उदासीन रवैये के चलते इसका उद्घाटन तक नहीं किया गया। न तो इसका संचालन किसी एजेंसी को सौंपा गया है, और न ही अस्पताल प्रशासन ने इसे आम जनता के लिए खोलने की जहमत उठाई है। फलस्वरूप, यह भवन बंद दरवाजों के भीतर जर्जरता की ओर बढ़ रहा है, जबकि बाहर मरीजों के परिजन बदहाल अवस्था में फर्श, सीढ़ियों या अस्पताल के कोनों में बैठने को मजबूर हैं।
अस्पताल आने वाले मरीजों के परिजनों का कहना है कि बारिश हो या गर्मी, उन्हें खुले में रहना पड़ता है। न तो पीने के पानी की व्यवस्था है, न ही बैठने की कोई उपयुक्त सुविधा। कई बार बुजुर्ग परिजन या महिलाएं कई घंटे तक इलाज की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करती रहती हैं, लेकिन बैठने के लिए कोई सुरक्षित व स्वच्छ स्थान नहीं होता। ऐसे में जब अस्पताल परिसर में ही विश्रामालय मौजूद हो, तो यह और भी अधिक खटकता है कि इसे चालू क्यों नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को कई बार उठाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही होती नहीं दिखी है। उनके अनुसार, सरकार द्वारा जनहित में करोड़ों रुपये की योजनाएं चलाई जाती हैं, लेकिन नीतिगत सुस्ती और अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते आम जनता इन योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाती है। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत निर्मित यह विश्रामालय इसका जीता-जागता उदाहरण है।
कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इसे शुरू नहीं किया गया तो यह भवन जल्द ही अतिक्रमण या असामाजिक तत्वों का अड्डा बन सकता है। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ सरकारी योजनाओं के तहत बने भवन उपयोग में न आने के कारण बेकार हो गए, और बाद में उन्हें फिर से मरम्मत या नवनिर्माण के लिए अतिरिक्त बजट खर्च करना पड़ा। ऐसे में जब एक अच्छी गुणवत्ता वाला यात्री प्रतिक्षालय पहले से उपलब्ध है, तो उसे तत्काल चालू किया जाना न केवल प्रशासन की जिम्मेदारी है, बल्कि जनता के प्रति उसका उत्तरदायित्व भी है।
सदर अस्पताल में 15 लाख की लागत वाला विश्रामालय और प्रतिक्षालय उदघाटन से पहले ही जर्जर, लोग बैठने को मजबूर
इस विषय में जब अस्पताल प्रशासन से जानकारी ली गई, तो कुछ अधिकारियों ने इस भवन को चालू न कर पाने के पीछे कागजी प्रक्रिया, एजेंसी निर्धारण और फंड आवंटन जैसी तमाम बहानेबाजी की। लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि जब निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं और भवन उपयोग के लिए तैयार है, तो महीनों बीत जाने के बाद भी इस पर ताला क्यों लटका हुआ है? क्या प्रशासन को जनता की सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं है?
इधर, स्थानीय लोगों में भी इस मुद्दे को लेकर गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कई सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस यात्री विश्रामालय को आम जनता के लिए नहीं खोला गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि यह भवन जनता के पैसों से बना है और जनता को ही इसका इस्तेमाल करने का पूरा अधिकार है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ऐसा भवन, जो जनहित में अत्यंत लाभकारी हो सकता है, वह प्रशासनिक अनदेखी के चलते केवल एक शो-पीस बनकर रह गया है।
अंततः यह सवाल प्रशासन के लिए है कि जब एक जनहितैषी परियोजना पर सरकारी पैसा खर्च कर उसे पूर्ण किया गया है, तो फिर उसमें जनता को प्रवेश से क्यों वंचित रखा जा रहा है? क्या योजनाएं सिर्फ निर्माण तक सीमित रह गई हैं? क्या आम जनता की सुविधाएं अब सिर्फ सरकारी फाइलों तक ही सीमित रह जाएंगी?
इस प्रकार, सहरसा सदर अस्पताल परिसर में बंद पड़े इस अत्याधुनिक यात्री विश्रामालय की स्थिति न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब तक शासन-प्रशासन की नीयत में सेवा का भाव नहीं होगा, तब तक विकास कार्य केवल कागजों पर ही दम तोड़ते रहेंगे। अब जरूरत है कि इस विश्रामालय को अविलंब चालू कर मरीजों के परिजनों को राहत पहुंचाई जाए और मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के उद्देश्य को सार्थक किया जाए।
भगोड़ों को भारत लाने की कवायद तेज, ब्रिटेन की टीम ने तिहाड़ जेल का किया निरीक्षण
नई दिल्ली ।
भारत सरकार ने आर्थिक अपराधियों और फरारों को वापस लाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है। इसी कड़ी में हाल ही में ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) की एक टीम ने दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल का दौरा किया। तिहाड़ जेल के सूत्रों के मुताबिक, यह निरीक्षण विशेष रूप से विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे भगोड़ों को भारत लाने की कोशिशों को अमली जामा पहनाने के लिए किया गया। यह दौरा इसलिए किया गया ताकि ब्रिटेन की अदालतों में यह साबित किया जा सके कि भारत में प्रत्यर्पित किए जाने वाले आरोपियों को तिहाड़ जेल में सुरक्षित और बेहतर माहौल मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, ब्रिटिश टीम तिहाड़ की हाई-सिक्योरिटी वार्ड तक गई और वहां मौजूद कैदियों से भी बातचीत की। इस दौरान जेल अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रत्यर्पण के बाद अगर किसी हाई-प्रोफाइल आरोपी को यहां रखा जाता है तो उसके लिए जेल परिसर में एक विशेष एन्क्लेव भी तैयार किया जा सकता है, जहां उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का खास ख्याल रखा जाएगा।
भगोड़ों को भारत लाने की कवायद तेज, ब्रिटेन की टीम ने तिहाड़ जेल का किया निरीक्षण
गौरतलब है कि हाल ही में ब्रिटेन की अदालतों ने तिहाड़ जेल की स्थिति को लेकर भारत की कई प्रत्यर्पण याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अदालतों में यह तर्क दिया गया था कि भारत में प्रत्यर्पित किए जाने वाले आरोपियों के साथ जेल में दुर्व्यवहार या गैरकानूनी पूछताछ हो सकती है। इसी संदर्भ में यह दौरा आयोजित किया गया ताकि ब्रिटेन को भरोसा दिलाया जा सके कि तिहाड़ जेल में न तो किसी आरोपी के साथ मारपीट होगी और न ही गैरकानूनी पूछताछ की जाएगी।
बता दें कि इस समय भारत के कुल 178 प्रत्यर्पण अनुरोध विभिन्न देशों में लंबित हैं, जिनमें से करीब 20 मामले केवल ब्रिटेन में अटके हुए हैं। इन मामलों में विजय माल्या और नीरव मोदी के अलावा हथियार कारोबारी संजय भंडारी और कई खालिस्तानी नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
बयाना में मूसलाधार बारिश का कहर : गंभीर नदी उफान पर, लोग जोखिम में पार कर रहे सपाट
बयाना। उपखंड क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार दिन और रात बरसात के चलते लोग घरों में कैद हैं और रोजमर्रा के जरूरी कामकाज भी ठप हो गए हैं। बारिश के कारण क्षेत्र की गंभीर नदी उफान पर है, जिससे नदी पर बनी सपाट (सपाट पुलिया) पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। यह सपाट बयाना के नद्दी गांव को सालाबाद से जोड़ती है, लेकिन अब इसे पार करना बेहद खतरनाक हो गया है। इसके बावजूद स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर इसे पार कर रहे हैं। संवाददाता द्वारा मौके से ली गई तस्वीरों में देखा गया कि एक परिवार छोटे बच्चों के साथ पानी से भरी सपाट को पार कर रहा है। एक किसान अपनी मोटरसाइकिल पर चारा लादकर निकल रहा है, जबकि एक फोर व्हीलर वाहन भी जलभराव में से गुजर रहा है। ये सभी दृश्य प्रशासन की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए दुर्घटना की आशंका बढ़ा रहे हैं।
बयाना में मूसलाधार बारिश का कहर : गंभीर नदी उफान पर, लोग जोखिम में पार कर रहे सपाट
इसी सपाट पर दो दिन पहले एक ट्रक बह गया था, जिसे क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। बावजूद इसके लोग लगातार इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। बारिश के चलते कई जगहों पर सड़कें कट चुकी हैं, जिससे हादसे की आशंका और भी बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में सड़क कटाव के कारण आवागमन बाधित हो गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और जलमग्न सड़कों से न गुजरें, लेकिन ग्रामीण वैकल्पिक मार्गों की कमी के कारण मजबूरी में यह जोखिम उठा रहे हैं। विशेषज्ञ और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था और निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
पीएम मोदी ने GST 2.0 के रूप में आम नागरिकों को दिया एक बड़ा तोहफा : अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली ।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के रूप में आम नागरिकों को एक बहुत बड़ा उपहार दिया है। मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों को लाभ पहुंचाने की प्रधानमंत्री मोदी की मंशा की प्रशंसा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले 12 लाख रुपए तक की आय पर आयकर से छूट दी गई थी और अब जीएसटी को रेशनलाइज बनाने से मध्यम और निम्न आय वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक उन्नति में भी एक बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा, “हमारे देश का सकल घरेलू उत्पाद 330 लाख करोड़ रुपए है, जिसमें उपभोग का योगदान लगभग 202 लाख करोड़ रुपए है। जीएसटी सुधारों के बाद, अगर इसमें 10 प्रतिशत की भी वृद्धि होती है, तो उपभोग में लगभग 20 लाख करोड़ रुपए की वृद्धि होगी, यानी देश में 20 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त सकल घरेलू उत्पाद आएगा, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है।”
पीएम मोदी ने GST 2.0 के रूप में आम नागरिकों को दिया एक बड़ा तोहफा : अश्विनी वैष्णव
उन्होंने आगे कहा कि उपभोग बढ़ने से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी और एक के बाद एक कई आर्थिक गतिविधियां बढ़ने लगेंगी। इससे एक वर्चुइस साइकल क्रिएट होगी। इनकम टैक्स की छूट और जीएसटी का बड़ा फैसला दोनों मिलाकर हमारे मध्यम वर्ग के परिवारों के हाथ में अधिक पैसा बचाने में मददगार होंगे।
इससे पहले, 56वीं जीएसटी परिषद ने नए दौर के जीएसटी सुधारों को मंजूरी दी थी, जिसके तहत टैक्स स्ट्रक्चर को बहु-स्लैब प्रणाली से सरल बनाकर 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की प्राथमिक दो-स्लैब प्रणाली में बदल दिया गया था, जो 22 सितंबर, 2025 से प्रभावी होगी। इसके अलावा, सिन गुड्स के लिए 40 प्रतिशत की दर तय की गई है।
जीएसटी 2.0 सुधारों का उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों को अधिक किफायती बनाना, व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ कम करना और उपभोग-आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। पहले के जीएसटी स्ट्रक्चर में 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत के चार स्लैब थे।
बाढ़ में फंसे पंजाब की उम्मीद बनी भारतीय सेना, युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी
चंडीगढ़ ।
पंजाब में जलप्रलय के बीच भारतीय सेना एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। जख्मी लोगों को सुरक्षित निकालना हो, जरूरी सामान पहुंचाना हो या मुश्किल हालात में सैनिकों की तैनाती, हर मोर्चे पर सेना डटी हुई है। कुछ इसी तरह की तस्वीरों के जरिए भारतीय सेना ने पंजाब की जनता को संकट में हौसला बनाए रखने का संदेश दिया है। भारतीय सेना की टुकड़ी हेलिकॉप्टर की मदद से हर मुश्किल जगह पर पहुंचकर लोगों की मदद कर रही है। भारतीय सेना की वज्र कोर ने शनिवार को 4 स्थानों की वीडियो शेयर कीं, जिसमें जवान युद्धस्तर पर रेस्क्यू में जुटे थे। सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बाढ़ का कहर, धुंधली दृष्टि, डूबे खेत और प्रचंड हवाएं हमें रोक नहीं सकतीं। घायलों को निकालना, सामान पहुंचाना, सैनिक तैनात करना और उम्मीद संग उड़ान, हमारे पंख मिशन के लिए हैं, सीमाओं के लिए नहीं।”
बता दें कि पंजाब के सैकड़ों गांव बाढ़ से जूझ रहे हैं। नदियां उफान पर हैं, जिससे हर जगह सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि पंजाब के सभी 23 जिले बाढ़ प्रभावित घोषित किए जा चुके हैं। किसानों की फसल पूरी तरह जलमग्न है। अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है।
बाढ़ में फंसे पंजाब की उम्मीद बनी भारतीय सेना, युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी
इस बीच, शनिवार को अमृतसर में कांग्रेस के नेताओं ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भेजी। चार ट्रक राहत सामग्री से भरे हुए गांवों की ओर रवाना किए गए। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इन ट्रकों को हरी झंडी दिखाई।
पंजाब कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 1000 बैग चारा और 300 किटें उपलब्ध कराई हैं, जिनमें सभी आवश्यक वस्तुएं (आटा, दालें, साबुन, चावल और अन्य) शामिल हैं और अन्य राहत कार्य भी जारी रहेंगे।
श्री खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए भूपेश बघेल, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपने साथियों के साथ एक गांव में पहुंचे और लोगों का हालचाल जाना। इस दौरान कांग्रेस नेतृत्व ने बांध को मजबूत करने के लिए नकद राशि भी दी।
चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले कुछ दिनों में तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। इसके साथ ही सेंटर ने मौसम संबंधी परामर्श भी जारी किया है।
नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, सात जिलों—तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, पुदुक्कोट्टई, कुड्डालोर और अरियालुर—के साथ-साथ पुडुचेरी के कराईकल क्षेत्र में शनिवार को एक या दो स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है।
मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण इन क्षेत्रों के निवासियों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मध्यम बारिश होने की संभावना है। व्यापक बारिश से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन निचले और बाढ़-प्रवण (जहां बाढ़ की आशंका बनी रहती है) क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन भी बाधित हो सकता है।
सोमवार को रामनाथपुरम, शिवगंगा, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर और नागपट्टिनम जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। ये तटीय और डेल्टा क्षेत्र उत्तर-पूर्वी मानसून के मौसम में विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं, जहां अक्सर जलभराव और कृषि क्षेत्रों में पानी भर जाता है।
तमिलनाडु: आगामी दिनों में भारी बारिश की आशंका
9 सितंबर को पश्चिमी और दक्षिणी जिलों नीलगिरी, थेनी, कोयंबटूर, डिंडीगुल और मदुरै के साथ-साथ शिवगंगा, तिरुचिरापल्ली, सलेम और कल्लाकुरिची में भारी बारिश की आशंका है।
पहाड़ी इलाकों के लिए प्रसिद्ध नीलगिरी और कोयंबटूर जिलों में अगर बारिश तेज होती है तो भूस्खलन का खतरा हो सकता है। 10 सितंबर के लिए पूर्वानुमान है कि कोयंबटूर, नीलगिरी, सलेम, कल्लाकुरिची, तिरुवन्नामलाई, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और विल्लुपुरम सहित कई उत्तरी और मध्य जिलों के अलावा पुडुचेरी में भी भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विज्ञानियों ने किसानों को खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए एहतियाती उपाय करने की सलाह दी है, खासकर कावेरी डेल्टा क्षेत्र में, जहां धान की खेती एक महत्वपूर्ण चरण में है।
स्थानीय अधिकारियों को भी नालों को साफ रखने और बाढ़ या बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में राहत दल को तैयार रखने के लिए कहा गया है।
अगले कुछ दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की उम्मीद के चलते, राज्य भर के निवासियों को अपनी यात्रा की योजना तदनुसार बनाने और मौसम विभाग से मिलने वाले अपडेट का पालन करने को लेकर आगाह किया गया है।
बड़े गिरोह का पर्दाफाशः साइबर हेल्पलाइन ने 48 घंटे में बचाई 5 लाख से ज्यादा ऑनलाइन ठगी की रकम
भरतपुर। ऑनलाइन ठगी करने वाले ठगों को अब यह समझ लेना चाहिए कि उनकी हर हरकत पर राजस्थान पुलिस की नजर है। जिला भरतपुर के अभय कमांड सेंटर पर संचालित 1930 साइबर हेल्पलाइन ने साइबर अपराधियों पर कहर बरपाते हुए 48 घंटों के भीतर 5 लाख 39 हजार 699 रुपये की ऑनलाइन ठगी की रकम को होल्ड करवा लिया है। इस त्वरित कार्रवाई से ठगी का शिकार हुए पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है। पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद के निर्देशानुसार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गिर्राज प्रसाद मीना के सुपरविजन में कार्यरत 1930 साइबर हेल्पलाइन की टीम ने यह सफलता हासिल की है। सब-इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद संबंधित बैंकों के नोडल अधिकारियों से संपर्क साधा और ठगी की गई रकम को खाते से निकलने से पहले ही फ्रीज करवा दिया।
बड़े गिरोह का पर्दाफाशः साइबर हेल्पलाइन ने 48 घंटे में बचाई 5 लाख से ज्यादा ऑनलाइन ठगी की रकम
यह पहली बार नहीं है जब साइबर हेल्पलाइन ने इतनी बड़ी रकम को बचाया है। 29 अक्टूबर, 2024 से अब तक इस टीम ने कुल 2 करोड़ 52 लाख 25 हजार 706 रुपये की ठगी की गई राशि को होल्ड करवा लिया है। यह आंकड़ा बताता है कि साइबर ठगी के मामले कितनी तेजी से बढ़ रहे हैं और पुलिस भी उतनी ही तेजी से इन पर लगाम लगा रही है। जिला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऑनलाइन फ्रॉड से सावधान रहें और सतर्क रहें। अगर किसी के साथ भी ऑनलाइन ठगी होती है, तो वे तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
दिल्ली : पहाड़गंज में स्कूल के बाहर चाकूबाजी मामले को पुलिस ने सुलझाया, 3 गिरफ्तार
नई दिल्ली ।
दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में स्कूल के बाहर चाकूबाजी की घटना को पुलिस ने कुछ ही घंटों में सुलझा लिया। इस मामले में तीन नाबालिग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनकी उम्र 15 और 16 साल है। साथ ही, पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए चाकू और घटनास्थल से टूटी हुई बीयर की बोतल को बरामद किया। यह घटना गुरुवार की है। 15 वर्षीय एक छात्र पहाड़गंज पुलिस स्टेशन पहुंचा, जिसके सीने में चाकू धंसा हुआ था। अपनी पहचान के साथ छात्र ने बताया कि स्कूल गेट पर कुछ छात्रों ने उस पर हमला किया था। इसके बाद, उसे तुरंत कलावती सरन अस्पताल पहुंचाया गया और बाद में आरएमएल अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टर ने चाकू निकाला।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अपने बयान में घायल छात्र ने खुलासा किया कि आरोपी छात्र ‘एस’ अपने साथियों के साथ मिलकर उसे पीटने का मौका तलाश रहा था। घटना वाले दिन जब वह स्कूल से निकल रहा था, आरोपी और उसके दो दोस्तों ने उसे स्कूल के गेट पर बुलाया और उससे झगड़ा करने लगे। इनमें से एक आरोपी ने छात्र को एक टूटी हुई बीयर की बोतल दिखाकर धमकाया और कहा कि वह उसे इससे मार डालेगा। हाथापाई के दौरान दूसरे आरोपी ने उस पर चाकू से वार किया, जबकि बाकी लोगों ने उसे पकड़ रखा था।
दिल्ली : पहाड़गंज में स्कूल के बाहर चाकूबाजी मामले को पुलिस ने सुलझाया, 3 गिरफ्तार
शिकायत मिलने पर पहाड़गंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से एक टूटी हुई बीयर की बोतल बरामद की। इसके बाद, छापेमारी और स्थानीय खुफिया जानकारी के माध्यम से टीम ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आराम बाग इलाके से तीनों नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार में किया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ से पता चला कि लगभग 10-15 दिन पहले एक आरोपी की कुछ लड़कों ने पिटाई की थी। उसे शक था कि पीड़ित छात्र ने ही उन लड़कों को उकसाया था और उस पर हमला करने के लिए भेजा था। बदला लेने के लिए आरोपी छात्र स्कूल के गेट पर पीड़ित से भिड़ गए। झगड़ा बढ़ गया और इस दौरान एक आरोपी छात्र ने पीड़ित पर चाकू से वार किया।