दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार

दिल्ली : मौरिस नगर में कैब चालक की शर्मनाक हरकत, गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार

नई दिल्ली ।

दिल्ली के मौरिस नगर इलाके से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। एक 22 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया है कि कैब चालक ने गाड़ी में उसके सामने अश्लील हरकतें कीं। पुलिस ने शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक ओम शंकर को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, कैब को भी जब्त कर लिया गया है। पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता बेंगलुरु की रहने वाली है और कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती है। उसने दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित अंबेडकर विश्वविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लिया है। दो महीने पहले वह मॉडल टाउन में किराए के फ्लैट में रहने आई थी।
सोमवार को विश्वविद्यालय जाने के लिए उसने ऐप के जरिए कैब बुक की। कैब चालक ने फोन कर उसे बुकिंग रद्द न करने को कहा, क्योंकि वह कुछ देर में पहुंचने वाला था।

दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार


पीड़िता ने बताया कि कैब में बैठने तक चालक का व्यवहार सामान्य था। उसने पीड़िता को आगे की सीट पर बैठने को कहा। उसने मना कर दिया और पीछे बैठ गई। इसके बाद चालक ने अश्लील टिप्पणियां शुरू कीं।
पीड़िता के दक्षिण भारतीय होने का पता चलने पर आरोपी ने अश्लील हरकतें शुरू कीं। पीड़िता ने शोर मचाया। लेकिन, चालक ने कैब नहीं रोकी। डीयू नॉर्थ कैंपस के पास कैब रुकने पर पीड़िता घबराई हालत में उतरकर भागी और अपने दोस्तों को सूचना दी। इसके बाद पीड़िता दोस्तों के साथ मौरिस नगर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 48 वर्षीय आरोपी को मलका गंज से गिरफ्तार किया। फॉरेंसिक और क्राइम टीम ने कैब की जांच कर सबूत जमा किए। पीड़िता की काउंसलिंग की जा रही है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।

बयानाः सर्ऱाफा व्यापारी से लूट का पर्दाफाश : 200 CCTV कैमरों और मुठभेड़ के बाद पकड़े गए लुटेरे

बयानाः सर्ऱाफा व्यापारी से लूट का पर्दाफाश : 200 CCTV कैमरों और मुठभेड़ के बाद पकड़े गए लुटेरे

बयानाः सर्ऱाफा व्यापारी से लूट का पर्दाफाश : 200 CCTV कैमरों और मुठभेड़ के बाद पकड़े गए लुटेरे
बयानाः सर्ऱाफा व्यापारी से लूट का पर्दाफाश : 200 CCTV कैमरों और मुठभेड़ के बाद पकड़े गए लुटेरे

भरतपुर। 

बयाना में सर्राफा व्यापारी से हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पांच को पकड़ा गया है। पुलिस ने यह कामयाबी सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, साइबर सेल की मदद और अपराधियों से हुई मुठभेड़ के बाद हासिल की है। आरोपियों के पास से दो अवैध देशी कट्टे, 8 जिंदा कारतूस, 7 मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। यह घटना 27 अगस्त 2025 की है।
जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद ने यहां मीडिया कर्मियों को बताया कि बयाना निवासी एक सर्राफा व्यापारी शाम को अपनी दुकान बंद कर वापस लौट रहे थे। सालावाद फाटक के पास, अपाचे और पल्सर बाइक पर आए बदमाशों ने उन्हें रोककर गोली मार दी। इसके बाद वे व्यापारी से गहनों और नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच में जुटी टीम ने सबसे पहले मौके और आसपास लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

बयानाः सर्ऱाफा व्यापारी से लूट का पर्दाफाश : 200 CCTV कैमरों और मुठभेड़ के बाद पकड़े गए लुटेरे
बयानाः सर्ऱाफा व्यापारी से लूट का पर्दाफाश : 200 CCTV कैमरों और मुठभेड़ के बाद पकड़े गए लुटेरे

लगातार फुटेज का पीछा करते हुए, पुलिस ने अपराधियों को उत्तर प्रदेश के आगरा तक ट्रेस किया। साइबर सेल की तकनीकी सहायता से मोबाइल लोकेशन और डंप डेटा का विश्लेषण किया गया, जिससे बदमाशों की पहचान सुनिश्चित हुई।
पुलिस ने धौलपुर, आगरा, जैतपुर, इटावा, भिंड और मुरैना तक अलग-अलग टीमों को भेजकर अपराधियों की तलाश की। 9 सितंबर को पुलिस को इनपुट मिला कि बदमाश धौलपुर और भरतपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में एक और डकैती की योजना बना रहे हैं। थानाधिकारी पृथ्वी सिंह खटाना की टीम का बदमाशों से आमना-सामना हुआ। मुठभेड़ के बाद, पांचों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने 27 अगस्त की लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया है। यह भी खुलासा हुआ है कि ये अपराधी पहले भी कई गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं और उन्होंने जेल के अंदर ही इस लूट की योजना बनाई थी । पुलिस को उम्मीद है कि इनसे और भी कई वारदातों का खुलासा हो सकता है।

बाल विवाह को लेकर बालिकाओं को किया जागरूक

बाल विवाह को लेकर बालिकाओं को किया जागरूक

बाल विवाह को लेकर बालिकाओं को किया जागरूक
बाल विवाह को लेकर बालिकाओं को किया जागरूक

टोंक जिले के युसुफपुरा स्थित राजकीय देवनारायण आवासीय विद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बाल विवाह के खिलाफ समाज में चेतना फैलाना और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना था। यह कार्यक्रम “बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं को बाल विवाह अधिनियम 2006 के मुख्य प्रावधानों से अवगत कराया गया।

इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक नवल खान ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए बाल विवाह के कारणों और इसके गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि यह बालिकाओं के भविष्य, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के मार्ग में एक बड़ी बाधा है। बाल विवाह के चलते बालिकाओं को शिक्षा अधूरी छोड़नी पड़ती है, जिससे वे आत्मनिर्भर नहीं बन पातीं। इसके अलावा किशोरावस्था में विवाह और गर्भधारण जैसी स्थितियाँ उनके मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास को भी बुरी तरह प्रभावित करती हैं।

नवल खान ने बालिकाओं को यह भी बताया कि बाल विवाह केवल पारंपरिक प्रथा नहीं है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है। भारत सरकार द्वारा पारित “बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006” के तहत विवाह की न्यूनतम आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है। यदि कोई बाल विवाह करता है या उसमें सहभागिता निभाता है, जैसे पंडित, मौलवी, परिवारजन, समाज के अन्य सदस्य या यहां तक कि आयोजक—सभी को कानून के तहत सजा दी जा सकती है। इसमें छह महीने से लेकर दो साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह की शिकायत किस प्रकार और किन माध्यमों से की जा सकती है, जैसे कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, स्थानीय थाना, बाल कल्याण समिति या बाल संरक्षण इकाई।

कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि इसमें संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें बालिकाओं ने बाल विवाह से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को खुलकर साझा किया। बालिकाओं ने यह जानने की कोशिश की कि यदि परिवार बाल विवाह करने पर अड़ा हो, तो वे क्या कर सकती हैं; क्या विद्यालय के शिक्षक या प्रधानाचार्य को इसकी सूचना देना पर्याप्त होगा; और क्या सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए ऐसी योजनाएँ हैं जो उन्हें आत्मनिर्भर बना सकें। सहायक निदेशक ने इन सभी सवालों के उत्तर विस्तार से दिए और बालिकाओं को आश्वस्त किया कि वे यदि बाल विवाह के खिलाफ खड़ी होती हैं, तो सरकार और समाज उनके साथ खड़ा होगा।

नवल खान ने यह भी बताया कि सरकार ने कई योजनाएँ चलाई हैं, जैसे कि मुख्यमंत्री राजश्री योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, जिनका उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह रास्ता है, जिससे कोई भी बालिका न केवल बाल विवाह के खिलाफ खड़ी हो सकती है, बल्कि अपने पूरे जीवन को सशक्त रूप से जी सकती है। उन्होंने उपस्थित छात्राओं से अपील की कि वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि अपने गांव, समाज और परिवार में भी इस बुराई के खिलाफ आवाज उठाएँ और अन्य बालिकाओं को भी जागरूक करें।

कार्यक्रम के अंत में बाल विवाह के विरुद्ध एक शपथ दिलवाई गई, जिसमें सभी बालिकाओं और उपस्थित शिक्षकों ने यह संकल्प लिया कि वे न तो बाल विवाह करेंगी और न ही किसी बाल विवाह को होने देंगी। यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह होता दिखाई देता है, तो वे उसकी सूचना अवश्य संबंधित अधिकारियों को देंगी। यह शपथ एक प्रतीकात्मक कदम था, लेकिन इसका प्रभाव दूरगामी माना जा सकता है, क्योंकि जब बालिकाएं खुद जागरूक होंगी, तभी समाज में वास्तविक बदलाव संभव होगा।

बाल विवाह को लेकर बालिकाओं को किया जागरूक
बाल विवाह को लेकर बालिकाओं को किया जागरूक

इस कार्यक्रम में कार्यवाहक प्रिंसिपल दिवाकर शर्मा, संरक्षण अधिकारी रामसहाय पारीक, विद्यालय के शिक्षक सुरेश कुमार, शिवम चौधरी समेत समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित थे। इन सभी ने बालिकाओं को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी शिक्षा पर पूरा ध्यान दें, आत्मनिर्भर बनें और किसी भी सामाजिक बुराई के आगे झुकने के बजाय, उसके खिलाफ खड़े हों।

दिवाकर शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय प्रशासन हमेशा छात्राओं के हितों की रक्षा के लिए तत्पर रहेगा। यदि किसी छात्रा को कभी भी ऐसी किसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो वह निःसंकोच अपने शिक्षकों या प्रशासन से बात कर सकती है। विद्यालय न केवल उन्हें शैक्षणिक रूप से, बल्कि सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह शक्ति है, जिससे हम किसी भी रूढ़िवादिता को तोड़ सकते हैं, और बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त कर सकते हैं।

रामसहाय पारीक ने कहा कि जब तक समाज के हर हिस्से से, खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों से, बाल विवाह की शिकायतें पूरी तरह से बंद नहीं होतीं, तब तक हमारा प्रयास अधूरा है। इसलिए इस अभियान का सबसे मजबूत स्तंभ वही बालिकाएं बन सकती हैं, जो स्वयं इस प्रथा से प्रभावित हो सकती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि आज की बालिका यदि शिक्षित और जागरूक है, तो वह कल की सशक्त महिला बनेगी और समाज को सही दिशा देने में सक्षम होगी।

कार्यक्रम की समाप्ति पर विद्यालय में उत्साह और आत्मबल की एक नई ऊर्जा देखी गई। बालिकाएं जागरूकता से ओत-प्रोत दिखाई दीं और उन्होंने आपसी चर्चाओं में स्पष्ट रूप से यह स्वीकार किया कि अब वे इस विषय पर अधिक समझ रखती हैं और यदि कभी उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, तो वे चुप नहीं रहेंगी। छात्राओं ने कहा कि पहले वे सोचती थीं कि यह एक पारिवारिक निर्णय होता है, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक अन्याय है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है।

इस प्रकार यह जागरूकता कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि बालिकाओं के जीवन में ठोस परिवर्तन लाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुआ। इसने यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया कि बाल विवाह जैसी प्रथाओं के विरुद्ध केवल कानून ही नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी और बालिकाओं की जागरूकता भी अनिवार्य है।

यदि इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर रूप से सभी जिलों, गांवों और स्कूलों में आयोजित किया जाए, तो राजस्थान को सच में बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने की दिशा में बड़ी सफलता मिल सकती है। इसके लिए प्रशासन, समाज और विशेष रूप से शिक्षा संस्थानों की सामूहिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

इस आयोजन ने न केवल बालिकाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी, बल्कि उन्हें यह आत्मविश्वास भी प्रदान किया कि वे किसी भी परिस्थिति का सामना करने में सक्षम हैं, बशर्ते उन्हें सही जानकारी, समर्थन और मार्गदर्शन मिले। इस तरह के प्रयासों से ही समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव संभव है।

पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने की मांग, मंत्री कृष्ण बेदी बोले– मुद्दा मुख्यमंत्री तक पहुँचाएंगे

पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने की मांग, मंत्री कृष्ण बेदी बोले– मुद्दा मुख्यमंत्री तक पहुँचाएंगे

पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने की मांग, मंत्री कृष्ण बेदी बोले– मुद्दा मुख्यमंत्री तक पहुँचाएंगे
पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने की मांग, मंत्री कृष्ण बेदी बोले– मुद्दा मुख्यमंत्री तक पहुँचाएंगे

यमुनानगर:
हरियाणा के यमुनानगर में मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पत्रकारों के कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और पहलें सामने आईं। इस कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मेहता के निवास पर किया गया था।


पत्रकारों को दी गई आर्थिक सहायता

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि तीन जरूरतमंद पत्रकारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन की ओर से यह सहायता पत्रकारों के व्यक्तिगत संकट और स्वास्थ्य संबंधी कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दी गई।

इनमें शामिल थे:

  1. एक पत्रकार, जो गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, उन्हें इलाज के लिए सहायता दी गई।
  2. दूसरे पत्रकार की दुर्घटना के कारण आर्थिक स्थिति डगमगा गई थी, जिनकी मदद की गई।
  3. तीसरे पत्रकार को पारिवारिक संकट में सहायता राशि प्रदान की गई।

मंत्री कृष्ण बेदी ने स्वयं इन पत्रकारों को सहायता राशि के चेक सौंपे और आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सरकार और संबंधित विभाग इस दिशा में संवेदनशीलता के साथ काम करते रहेंगे।


मंत्री कृष्ण बेदी का संबोधन

इस मौके पर हरियाणा सरकार के मंत्री कृष्ण बेदी ने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि मीडिया समाज का वह आईना है, जो सच्चाई को सामने लाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज की परिस्थिति में पत्रकार सिर्फ समाचार नहीं लिखते, बल्कि जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं।

मंत्री ने यह भी कहा कि पत्रकारों की पेंशन से जुड़ी समस्याओं को वे व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष रखेंगे। उन्होंने मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन की सराहना करते हुए इसे पत्रकारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बताया।


एसोसिएशन की प्रमुख मांगें

मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी ने इस अवसर पर पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से दी जाने वाली पत्रकार पेंशन वर्तमान में ₹15,000 प्रति माह है, जिसे बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह तर्क दिया कि सेवानिवृत्त पत्रकारों के पास सीमित संसाधन होते हैं और ऐसे में उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन के लिए यह पेंशन अपर्याप्त है। पत्रकारों ने पूरी उम्र समाज को सच्चाई से अवगत कराने में गुजारी है, इसलिए उनके जीवन के इस पड़ाव पर राज्य सरकार को और अधिक सहानुभूतिपूर्वक कदम उठाने चाहिए।


पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने की मांग, मंत्री कृष्ण बेदी बोले– मुद्दा मुख्यमंत्री तक पहुँचाएंगे
पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने की मांग, मंत्री कृष्ण बेदी बोले– मुद्दा मुख्यमंत्री तक पहुँचाएंगे

बीमा योजनाओं पर प्रकाश

चंद्रशेखर धरनी ने यह भी बताया कि एसोसिएशन सिर्फ पेंशन और आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। संस्था ने पत्रकारों के हित में कई अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी शुरू की हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है – प्रत्येक पत्रकार के लिए सालाना 10-10 लाख रुपये का बीमा कवर

यह बीमा दो प्रकार का होता है:

  • टर्म इंश्योरेंस
  • एक्सीडेंटल इंश्योरेंस

इस बीमा का प्रीमियम एसोसिएशन स्वयं वहन करती है और पत्रकारों से इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। इसका उद्देश्य पत्रकारों और उनके परिवारों को एक सुरक्षा कवच प्रदान करना है, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।


पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याण पर जोर

कार्यक्रम में यह बात बार-बार दोहराई गई कि पत्रकार आज के दौर में कई जोखिमों से जूझते हुए अपनी जिम्मेदारियाँ निभाते हैं। चाहे वह ग्रामीण इलाकों में रिपोर्टिंग हो या फिर संवेदनशील मुद्दों पर स्टोरी करना, हर स्थिति में पत्रकारों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है।

मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन इसी सोच के साथ कार्य कर रही है – कि पत्रकारों को न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक सुरक्षा भी प्राप्त हो। संस्था का उद्देश्य पत्रकारों के लिए एक ऐसी सपोर्ट सिस्टम तैयार करना है जो हर आपात स्थिति में उनके साथ खड़ा हो।


पेंशन योजना में सुधार की माँग

एसोसिएशन की ओर से पत्रकार पेंशन योजना में निम्नलिखित सुधारों की भी माँग की गई:

  1. पेंशन की आयु सीमा को घटाकर 55 वर्ष किया जाए।
  2. पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाले सभी पत्रकारों को पेंशन के योग्य माना जाए, चाहे उनके पास मान्यता हो या न हो।
  3. एक परिवार में यदि दो पत्रकार कार्यरत हैं, तो दोनों को पेंशन का लाभ मिलना चाहिए।
  4. पत्रकारों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि अस्पतालों में उन्हें कोई कठिनाई न हो।
  5. FIR या मामूली शिकायतों के आधार पर किसी पत्रकार की पेंशन को स्थगित या रद्द न किया जाए, जब तक आरोप सिद्ध न हो जाए।

इन सभी मांगों को मंत्री कृष्ण बेदी ने गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वे इन बिंदुओं को सरकार के समक्ष मजबूती से रखेंगे।


सुरेंद्र मेहता की भूमिका

कार्यक्रम के आयोजक और मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मेहता ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए कार्य करना उनके लिए एक व्यक्तिगत मिशन है और वे यह कार्य समर्पण भाव से करते रहेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में एसोसिएशन द्वारा राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां और पत्रकारों को सहायता दी जाएगी और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।


निष्कर्ष

यमुनानगर में आयोजित यह कार्यक्रम पत्रकारों के लिए एक सकारात्मक संकेत लेकर आया। इससे यह संदेश स्पष्ट हुआ कि मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और भविष्य को लेकर गंभीर है और सरकार भी इस दिशा में सहयोग को तैयार है

जहां एक ओर पत्रकारों को तत्काल राहत मिली, वहीं भविष्य में पेंशन में वृद्धि और बीमा जैसी मांगों को भी बल मिला। मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन का यह प्रयास पत्रकार समाज के लिए एक मजबूत आधारशिला सिद्ध हो रहा है।

पंजाब : फरीदकोट पुलिस की बड़ी कामयाबी, 12.1 किलो हेरोइन बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

पंजाब : फरीदकोट पुलिस की बड़ी कामयाबी, 12.1 किलो हेरोइन बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

पंजाब : फरीदकोट पुलिस की बड़ी कामयाबी, 12.1 किलो हेरोइन बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
पंजाब : फरीदकोट पुलिस की बड़ी कामयाबी, 12.1 किलो हेरोइन बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

फरीदकोट। 

पंजाब पुलिस ने सीमा पार से आने वाले मादक पदार्थों और आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ एक जोरदार कार्रवाई को अंजाम दिया है।
फरीदकोट जिले की सदर थाना पुलिस ने दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर 12.1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। यह बरामदगी एक सुनियोजित अभियान का नतीजा है, जो दो हफ्ते से ज्यादा चला।

पंजाब पुलिस ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी।

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे। यह खुलासा एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट की ओर इशारा करता है।

पंजाब पुलिस के मुताबिक, अवैध खेप थाना सदर फरीदकोट के अधीन आने वाले झारीवाला गांव से बरामद की गई। पुलिस को गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली थी कि सीमा पार से हेरोइन की तस्करी हो रही है। इसके आधार पर विशेष टीम ने नाकेबंदी की और संदिग्धों को पकड़ा।

पंजाब : फरीदकोट पुलिस की बड़ी कामयाबी, 12.1 किलो हेरोइन बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
पंजाब : फरीदकोट पुलिस की बड़ी कामयाबी, 12.1 किलो हेरोइन बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

आरोपी हेरोइन को छिपाकर ले जा रहे थे। लेकिन, सघन तलाशी में यह बरामद हो गई। पुलिस ने बताया कि यह हेरोइन पाकिस्तान से सीमा पार करके लाई गई थी, संभवतः ड्रोन या अन्य गुप्त तरीकों से। गिरफ्तार तस्करों के पास से बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जब्त किए गए।

थाना सदर फरीदकोट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच में नेटवर्क के कनेक्शन का पता लगाया जा रहा है। पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए पूछताछ जारी है। अगर जरूरी हुआ तो आरोपी रिमांड पर लिए जाएंगे।

यह कार्रवाई पंजाब को नशा मुक्त बनाने के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अभियान ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ का हिस्सा है। इस अभियान के तहत मार्च 2025 से अब तक 17,957 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, 27,796 तस्कर गिरफ्तार हुए और 1,129 किलोग्राम हेरोइन समेत अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार

नई दिल्ली 

दिल्ली आउटर जिला पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग इलाकों में चल रहे जुए के अड्डों पर छापेमारी की और कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी मामलों में दिल्ली पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डीसीपी आउटर डिस्ट्रिक्ट के निर्देश पर पूरे जिले की पुलिस को सतर्क और सक्रिय रहने के लिए विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों में गश्त और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत पुलिस टीमों ने रविवार को कई इलाकों में कार्रवाई की और संगठित अपराध की कड़ी नाकेबंदी की। सबसे पहले पश्चिम विहार वेस्ट थाना की टीम ने नेहरू मार्केट, ज्वालापुरी के पास बाघ वाला पार्क में छापा मारा।

दरअसल, हेड कांस्टेबल सुजन और सुरेश को गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि पार्क में कुछ लोग अवैध जुआ खेल रहे हैं। पुलिस के पहुंचते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने दो लोगों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान हजारों रुपए नकद और जुए का सामान बरामद किया गया। इस मामले में एफआईआर संख्या 378/2025 दर्ज की गई।

नांगलोई थाना की पुलिस ने भी दो चरणों में कार्रवाई की। पहले ऑपरेशन में स्वर्ण पार्क इंडस्ट्रियल एरिया से दो आरोपियों को पकड़ा गया और मौके से नकदी और जुए की सामग्री बरामद हुई। दूसरा ऑपरेशन सुल्तानपुरी रोड फ्लाईओवर के नीचे चल रहे जुए के अड्डे पर किया गया, जहां से दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों मामलों में एफआईआर संख्या 348/2025 और 347/2025 दर्ज की गई।

दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार

वहीं, मंगोलपुरी थाना की पुलिस ने तीन अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। एल-ब्लॉक और डी-ब्लॉक वाल्मीकि पार्क से दो-दो आरोपियों को पकड़ा गया, जबकि जी-ब्लॉक से सात लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इन जगहों से भी नकदी और जुए से जुड़े कागजात व सामग्री बरामद हुई। इन मामलों में एफआईआर संख्या 677/2025, 676/2025 और 670/2025 दर्ज की गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रितिक (24), हरि सिंह (52), पुष्पिंदर (32), विक्की (38), अमरजीत (26), शंभू (44), हरि चंद (42), रमन सिंह (25), एक अन्य (29), सलमान खान (30), रोहन सोनी (19), हसीन अहमद (47), दिनेश चंद्र (38), आकाश (25), अतीक अहमद (45), दिनेश (33) और अरमान (19) के रूप में हुई है। सभी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं।

पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान हजारों रुपए की नकदी और बड़ी मात्रा में जुए से संबंधित सामग्री जब्त की गई है। सभी मामलों की आगे जांच जारी है ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जा सके।

आउटर डिस्ट्रिक्ट पुलिस का कहना है कि जिले में संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गश्त और निगरानी लगातार जारी रहेगी ताकि नागरिक सुरक्षित माहौल में जीवनयापन कर सकें।

दिल्ली: शाहदरा पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई, अवैध शराब जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली: शाहदरा पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई, अवैध शराब जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली: शाहदरा पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई, अवैध शराब जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली: शाहदरा पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई, अवैध शराब जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली ।

शाहदरा जिला पुलिस की एएसबी सेल ने आबकारी विभाग के साथ मिलकर अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5840 क्वार्टर अवैध देसी शराब और एक कार को जब्त करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई आगामी त्यौहारी सीजन में कानून व्यवस्था को सुचारू रखने और संगठित अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से की गई।
दरअसल, 6-7 सितंबर की रात शाहदरा एएसबी सेल को सूचना मिली थी कि आनंद विहार इलाके के सूरजमल विहार अथॉरिटी के पास अवैध शराब की खेप लाई जा रही है। सूचना के बाद एसआई अजय तोमर, शाहदरा एएसबी सेल के इंचार्ज के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इस कार्रवाई की देखरेख एसीपी ऑपरेशन मोहिंदर सिंह ने की, जबकि शाहदरा डीसीपी ने इसकी निगरानी की। टीम में एएसआई राजकुमार, हेड कांस्टेबल सचिन, नवदीप, कुमार दिव्य वत्स, रोहित, सोनू, मनीष और कांस्टेबल सौरव शामिल थे।
इसी दौरान आबकारी विभाग की टीम भी वाहन को ट्रैक कर रही थी। आबकारी इंस्पेक्टर इंदरपाल, हेड कांस्टेबल अमृत और महिला हेड कांस्टेबल नीलम मौके पर पहुंचे और संयुक्त प्रयासों से पुलिस ने आरोपी कमल (26), निवासी जेलोर वाला बाग, अशोक विहार, दिल्ली को पकड़ लिया। उसके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध शराब और वाहन बरामद किया गया। इस संबंध में आनंद विहार थाने में एफआईआर संख्या 407/25 दर्ज की गई है।
पूछताछ में कमल ने कबूल किया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले का रहने वाला है और पेशे से ड्राइवर है। बेरोजगारी के चलते वह करीब 2-3 महीने पहले वजीरपुर में जॉनी और किशन उर्फ सुदामा से मिला था। उन्होंने उसे 20 हजार मासिक वेतन पर अवैध शराब सप्लाई करने का काम दिया। जॉनी हरियाणा से शराब लाता था और कमल व किशन उर्फ सुदामा के जरिए दिल्ली में सप्लाई कराता था।

दिल्ली: शाहदरा पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई, अवैध शराब जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली: शाहदरा पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई, अवैध शराब जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार


पुलिस ने आगे की जांच में किशन कुमार उर्फ सुदामा (24), निवासी बुराड़ी और मूल निवासी मुंगेर, बिहार को भी गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों ने बताया कि 6 सितम्बर को जॉनी ने 122 कार्टन शराब कुंडली में भेजी थी, जिसे टाटा ऐस में डालकर दिल्ली लाया गया। इस खेप में से 6 कार्टन राजीव उर्फ़ मोनू को शक्ति नगर की गुड़ मंडी में पहुंचाई गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने राजीव उर्फ मोनू (38), निवासी शक्ति नगर, दिल्ली को भी गिरफ्तार किया। उसके पास से 40 क्वार्टर ‘रेस 7 – फॉर सेल इन हरियाणा ओनली’ शराब बरामद हुई।
छापेमारी के दौरान कुल 5,000 क्वार्टर (100 पेटी) देशी शराब ‘संतरा’, 440 क्वार्टर (8 पेटी) ‘रेस-7’, 400 क्वार्टर (8 पेटी) ‘नाइट ब्लू’ और सप्लाई के लिए उपयोग की जाने वाली कार बरामद की गई।
आरोपी कमल 10वीं तक पढ़ा है और लेबर का काम करता था, लेकिन आसान पैसे कमाने के लालच में शराब तस्करी में शामिल हो गया। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वहीं, किशन कुमार उर्फ सुदामा पहले भी दो बार आबकारी अधिनियम के तहत पकड़ा जा चुका है। राजीव उर्फ मोनू के खिलाफ पहले से तीन केस दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले का मास्टरमाइंड जॉनी फिलहाल फरार है। हरियाणा के सोनीपत जिले के असावरपुर स्थित उसके घर पर छापा मारा गया, लेकिन वह वहां नहीं मिला। उसकी तलाश और बाकी खेप की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। शाहदरा पुलिस ने कहा कि त्योहारों से पहले अवैध शराब और संगठित अपराधों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा बनी रहे।

सलमान लाला मौत मामला : पुलिस का खुलासा, मरने के बाद बनाए गए नए सोशल मीडिया अकाउंट

सलमान लाला मौत मामला : पुलिस का खुलासा, मरने के बाद बनाए गए नए सोशल मीडिया अकाउंट

सलमान लाला मौत मामला : पुलिस का खुलासा, मरने के बाद बनाए गए नए सोशल मीडिया अकाउंट
सलमान लाला मौत मामला : पुलिस का खुलासा, मरने के बाद बनाए गए नए सोशल मीडिया अकाउंट

इंदौर ।

इंदौर के कुख्यात अपराधी सलमान लाला की मौत के बाद मामला उलझता जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि लाला की मौत के बाद उसके मोबाइल फोन को हैक कर साइबर एक्सपर्ट की मदद से नए सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए। इन अकाउंट्स से न केवल वीडियो और पोस्ट वायरल किए गए, बल्कि पुलिस को बदनाम करने की साजिश भी रची गई। इस नेटवर्क में फिल्म एक्टर एजाज खान का नाम भी सामने आया है।
पुलिस ने इन सभी अकाउंट्स पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है और साइबर एक्सपर्ट्स सहित वीडियो वायरल करने वालों की पहचान की जा रही है। साइबर और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया का कहना है कि सलमान लाला के कुछ अकाउंट उनके मूल अकाउंट के बाद बनाए गए थे, और कुछ अकाउंट को हैक करके रील्स चलाने के लिए इस्तेमाल किया गया था। लगभग 20 ऐसे अकाउंट की पहचान की गई है, साथ ही लगभग 70 और अकाउंट हैं जो इन रील्स को बढ़ावा दे रहे हैं। पुलिस कमिश्नर विन्डोर सी. संतुस कुमार सैन्चर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, धारा 163 बीएनएस के तहत पहले ही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।

सलमान लाला मौत मामला : पुलिस का खुलासा, मरने के बाद बनाए गए नए सोशल मीडिया अकाउंट
सलमान लाला मौत मामला : पुलिस का खुलासा, मरने के बाद बनाए गए नए सोशल मीडिया अकाउंट


गौरतलब है कि 31 अगस्त को इंदौर का गैंगस्टर सलमान लाला सीहोर में पुलिस से भागते समय तालाब में डूबने से मारा गया था। पुलिस का दावा है कि वह खुद तालाब में कूदा और डूब गया, जबकि परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत कस्टडी में हुई है। परिवार का कहना है कि सलमान एक बेहतरीन तैराक था, ऐसे में तालाब में डूबने का दावा संदेहास्पद है। यही कारण है कि इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर विवाद और अफवाहों को जन्म दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि लाला की मौत के बाद अचानक सोशल मीडिया पर बनाए गए इन फर्जी अकाउंट्स से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। इनमें से कई अकाउंट से भड़काऊ रील्स, पोस्ट और पुलिस विरोधी टिप्पणियां वायरल हुईं। गुना जिले में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान सलमान लाला के पोस्टर तक लगाए गए, जिन पर “मिस यू सलमान लाला” जैसे नारे लिखे थे। इससे स्थानीय स्तर पर तनाव फैल गया और एक युवक पर हमला और लूट जैसी घटनाएं भी हुईं।
फिलहाल पुलिस और साइबर सेल इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। प्रशासन का कहना है कि पुलिस को बदनाम करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की इस साजिश में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

मुंबई: बहन के प्रेमी को भाई ने डंडे से पीटकर की हत्या, पुलिस के सामने सरेंडर

मुंबई: बहन के प्रेमी को भाई ने डंडे से पीटकर की हत्या, पुलिस के सामने सरेंडर

मुंबई: बहन के प्रेमी को भाई ने डंडे से पीटकर की हत्या, पुलिस के सामने सरेंडर
मुंबई: बहन के प्रेमी को भाई ने डंडे से पीटकर की हत्या, पुलिस के सामने सरेंडर

मुंबई ।

मुंबई के मालवणी इलाके से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां 21 वर्षीय युवक ने अपनी बहन के प्रेमी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद मालवणी पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपराध कबूल किया और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक मृतक का नाम नितिन सोलंकी (40) है, जो एक अस्पताल में केयरटेकर का काम करता था। सोलंकी के आरोपी की बहन के साथ संबंध थे। सोलंकी पर आरोप है कि हाल ही में उसने कथित तौर पर आरोपी की मां और बहन के चरित्र को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी।

मुंबई: बहन के प्रेमी को भाई ने डंडे से पीटकर की हत्या, पुलिस के सामने सरेंडर
मुंबई: बहन के प्रेमी को भाई ने डंडे से पीटकर की हत्या, पुलिस के सामने सरेंडर

शनिवार रात करीब 10:30 बजे आरोपी आशीष शेट्टी (21) जोगेश्वरी में नितिन सोलंकी से मिला। दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद, अगली सुबह आशीष उसे मालवणी ले आया और कृष्णा आश्रम, कोलीवाड़ा, रामेश्वर गली के पास कमरा नंबर 1 में लेकर गया। वहां गुस्से में आकर उसने लकड़ी के डंडे से सोलंकी पर बेरहमी से हमला कर दिया। हमले के दौरान सोलंकी गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

सूचना मिलने के बाद मालवणी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सोलंकी को कांदिवली के शताब्दी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लकड़ी जब्त कर ली है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया गया।

मालवणी पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी आशीष शेट्टी ने खुद थाने पहुंचकर कबूल किया कि उसने नितिन सोलंकी की हत्या की है। इस मामले में आशीष शेट्टी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।

ड्रग माफिया पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त

ड्रग माफिया पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त

ड्रग माफिया पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त
ड्रग माफिया पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त

नई दिल्ली ।

दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-वेस्ट जिले की ऑपरेशन सेल ने नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। सेल ने कुख्यात ड्रग तस्कर विजय कुमार की 30 लाख रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। विजय कुमार को भरत नगर थाना क्षेत्र का बैड कैरेक्टर घोषित किया जा चुका है।
यह अभियान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन और पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाया जा रहा है। नशे पर नकेल कसने के लिए, दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिले द्वारा विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। समाज से नशे की बुराई को जड़ से मिटाने के लिए, सभी संबंधित अधिकारियों को नशा-अपराधियों के विरुद्ध कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 फरवरी 2025 को ऑपरेशन सेल/नॉर्थ-वेस्ट की टीम ने विजय कुमार के बेटे नितिन बद्धवान (22) को जेजे कॉलोनी, वजीरपुर से गिरफ्तार किया। उसके घर से 365 ग्राम हेरोइन और 1,88,200 रुपए नकद बरामद किए गए। इस मामले में भरत नगर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ में नितिन ने खुलासा किया कि वह अपने पिता विजय कुमार के इशारे पर काम करता था। इसके बाद पुलिस ने 20 मई 2025 को विजय कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।

ड्रग माफिया पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त
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इंस्पेक्टर मदन मोहन (इंचार्ज, एंटी-नारकोटिक्स सेल) की अगुवाई में एसआई रवि सैनी और एसआई आकाशदीप की टीम ने जांच आगे बढ़ाई। पुलिस को वित्तीय लेन-देन की गहरी जानकारी हाथ लगी। इसमें विजय कुमार की तीन दोपहिया वाहन और एक संपत्ति सामने आई, जिनकी कुल कीमत 30 लाख रुपए से अधिक आंकी गई। जांच में पाया गया कि ये संपत्तियां ड्रग तस्करी से अर्जित पैसों से खरीदी गई हैं। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 68-एफ(1) के तहत संपत्तियों को ज़ब्त करने का आदेश दिया गया। आदेश को वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग के सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया, जिन्होंने जांच के बाद विजय कुमार की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया।
सक्षम प्राधिकारी ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के इन संपत्तियों की बिक्री या खरीद नहीं हो सकेगी। आदेश की कॉपी जिला राजस्व अधिकारी, एसडीएम और परिवहन विभाग को भी भेजी गई है।
आरोपी विजय कुमार पिछले 7 सालों से ड्रग्स के धंधे में सक्रिय है। उस पर 11 संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें 5 एनडीपीएस एक्ट से जुड़े हैं। वहीं, नितिन बद्धवान 8वीं तक पढ़ा है और पिछले 3 साल से ड्रग्स की सप्लाई कर रहा है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद ड्रग तस्करी के नेटवर्क को जड़ से तोड़ना और उनकी आर्थिक कमर तोड़ना है। अवैध संपत्तियों की ज़ब्ती से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अपराधियों को अपने गैर-कानूनी काम से कोई फायदा न मिले। पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों पर निगरानी रख रही है, जो समाज में नशे का जहर घोल रहे हैं और अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स का नेटवर्क चला रहे हैं।