अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार
अहमदाबाद ।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वस्त्राल इलाके में मार्च में हुई हिंसक घटना का मुख्य आरोपी और दो दिन पहले रामोल क्षेत्र में हुई 50 लाख रुपए की लूट में शामिल कुख्यात अपराधी संग्राम सिंह उर्फ राकेश सिंह सिकरवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसे पकड़ने के दौरान गोली चलाई, जिसमें वह घायल हो गया। फिलहाल, उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के अनुसार, संग्राम सिंह वस्त्राल का निवासी है, लेकिन मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर का रहने वाला है। वह एक संगठित अपराधी गिरोह का सरगना है और अपने हिंसक स्वभाव के लिए कुख्यात है। उसके खिलाफ कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143-149 (सामूहिक हिंसा), 385-386 (जबरन वसूली), 302 (हत्या), 307 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास), 365 (अपहरण) जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। इसके अलावा, निषेध अधिनियम (पीएएसए) और ग्राम पुलिस अधिनियम के तहत भी केस दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि संग्राम को कई बार जेल भेजा जा चुका है।
अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार
वस्त्राल हिंसा 13 मार्च को होली के दिन हुई थी। यह एक स्ट्रीट फूड स्टॉल को लेकर पंकज भवसर और संग्राम सिंह के बीच दुश्मनी का नतीजा थी। संग्राम ने पंकज को स्टॉल लगाने से रोका था, जिसके बाद पंकज ने अपने साथियों के साथ संग्राम की तलाश में वस्त्राल आरटीओ रोड पर हंगामा मचाया। भीड़ ने तलवारें, लाठियां और चाकू लहराते हुए दुकानें बंद करवाईं, सड़क ब्लॉक की और वाहनों में तोड़फोड़ की थी। इस हिंसा में तीन लोग घायल हुए और तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रामोल पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई। अब तक इस मामले में 18 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। लेकिन, संग्राम फरार था। क्राइम ब्रांच ने जुलाई में तीन अन्य आरोपी पकड़े थे, लेकिन संग्राम की तलाश जारी थी।
दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 2.25 करोड़ की कोकीन बरामद, तीन गिरफ्तार
नई दिल्ली ।
क्राइम ब्रांच की नशीले पदार्थ रोधी इकाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में दो भारतीय और एक नाइजीरियाई नागरिक शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 194 ग्राम कोकीन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹2.25 करोड़ बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, 6 सितंबर को क्राइम ब्रांच की एनडीआर यूनिट को विश्वसनीय सूत्र से जानकारी मिली कि रोहिणी सेक्टर-36 इलाके में दो व्यक्ति कोकीन की डिलीवरी करने वाले हैं। सूचना के आधार पर एसीपी उमेश बर्थवाल के निर्देशन में इंस्पेक्टर योगेश और विनोद यादव के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। दोपहर करीब 3 बजे हेलिपोर्ट की ओर से आई होंडा सिटी कार मौके पर आकर रुकी। ड्राइवर की पहचान रोहिणी निवासी राहुल वाधवा (32) के रूप में हुई। थोड़ी देर बाद पैदल आया व्यक्ति अब्दुल कादिर (29) उससे मिला और एक पैकेट सौंपा। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया।
तलाशी में कादिर से 54 ग्राम और राहुल से 31 ग्राम कोकीन बरामद हुई। मौके पर ही एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21/25/29 के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि कोकीन उन्हें नाइजीरियाई नागरिक चिमेजी लाजरूस इंडेडिंगे उर्फ जूडो उर्फ जूड (35) उपलब्ध कराता है, जो महरौली इलाके में रहता है। इसी के इशारे पर यह पूरा नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय था।
दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 2.25 करोड़ की कोकीन बरामद, तीन गिरफ्तार
इसके अलावा, 10 सितंबर को पुलिस ने महरौली स्थित रेशम अपार्टमेंट गली में छापेमारी कर चिमेजी लाजरूस को गिरफ्तार किया। उसकी तलाशी में 109 ग्राम कोकीन और बरामद हुई।
तीनों आरोपियों से कुल 194 ग्राम कोकीन (अनुमानित कीमत 2.25 करोड़ रुपए) बरामद की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी जूडो जनवरी 2023 में इलाज के लिए भारत आया था, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उसने ड्रग्स का कारोबार शुरू कर दिया। वह दिल्ली, गुरुग्राम, द्वारका, मेरठ, चंडीगढ़ और हल्द्वानी तक कोकीन की सप्लाई कर रहा था।
आरोपी अब्दुल कादिर (29) महरौली का रहने वाला है, जो पहले टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करता था। उसे जूडो नामक सरगना ने प्रति डिलीवरी एक हजार रुपए का लालच देकर तस्करी के धंधे में शामिल किया। दूसरा आरोपी, राहुल वाधवा (32) रोहिणी का रहने वाला है; वह भी टैक्सी चलाता था और कादिर के माध्यम से इस नेटवर्क से जुड़ा। वहीं, तीसरा मुख्य आरोपी चिमेजी लाजरूस (35) नाइजीरियाई नागरिक है, जो इस तस्करी नेटवर्क का सरगना है। पुलिस के अनुसार, अब तक इन तीनों की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि सामने नहीं आई है, लेकिन मामले की गहन जांच अभी जारी है।
जोधपुर क्राइम फाइल : हादसों, चोरी और गुमशुदगी की घटनाओं से दिनभर खलबली
जोधपुर।
शहर में बुधवार को एक ओर सड़क हादसों और बीमारी से तीन लोगों की मौत हुई तो दूसरी ओर गुमशुदगी, चोरी, बंधक बनाकर मारपीट और जुए की वारदातों ने पुलिस को दिनभर व्यस्त रखा। अलग-अलग थानों में परिजनों और पीड़ितों ने मामले दर्ज कराए हैं। सड़क हादसे में घायल ने तोड़ा दम
बनाड़ थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार विश्वकर्मा नगर महामंदिर निवासी राजेन्द्र सुथार ने बताया कि उसका भाई बाइक लेकर दईकड़ा जा रहा था। रास्ते में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अधिक शराब पीने से बिगड़ी तबीयत, युवक की मौत
महामंदिर थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार जटिया कॉलोनी नागोरी गेट निवासी रतनलाल रेगर ने बताया कि उसका भतीजा किशनलाल 9 सितम्बर को ज्यादा शराब पीने से अचानक बीमार पड़ गया। पावटा क्षेत्र में उसकी मौत हो गई।
इलाज के दौरान अधेड़ ने दम तोड़ा
महामंदिर थाने में ही दर्ज दूसरे मामले में न्यू बीजेएस कॉलोनी निवासी भगतावर सिंह ने बताया कि उसका भाई कालूसिंह बीमार पड़ा था। इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
बच्चे सहित विवाहिता लापता
बासनी थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार नागौर जिले का मूल निवासी एक युवक ने बताया कि उसकी पत्नी 7 सितम्बर को अपने दो वर्षीय पुत्र को लेकर बिना बताए घर से चली गई। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला।
दो युवतियां घर से गायब
सूरसागर थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार अम्बेडकर नगर निवासी एक युवक ने बताया कि उसकी बहन 9 सितम्बर की रात बिना बताए घर से चली गई। इसी थाने में दर्ज दूसरी रिपोर्ट में कुत्तों का बाड़ा सूरसागर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी पुत्री 10 सितम्बर की दोपहर अचानक घर से गायब हो गई।
युवक का अब तक कोई पता नहीं
सूरसागर थाने में ही दर्ज रिपोर्ट में कालीबेरी निवासी भाबाराम ने बताया कि उसका भाई बंशीलाल 25 अगस्त को बिना बताए घर से चला गया था। एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई।
सूने मकान में सेंधमारी
भगत की कोठी थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार कुसुमलता पत्नी राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि 9 सितम्बर को अज्ञात चोर उसके मकान से इन्वर्टर, गैस सिलेंडर और अन्य सामान चोरी कर ले गए। बाइक चोरी
चामू थाने में दर्ज रिपोर्ट में भालू रतनगढ़ निवासी अचलसिंह ने बताया कि गत 31 अक्टूबर को उसने पेंटालून शो रूम के बाहर बाइक खड़ी की थी, जिसे अज्ञात चोर चुरा ले गए। जीएसएस से तार और उपकरण चोरी
बनाड़ थाने में जोधपुर डिस्कॉम के कनिष्ठ अभियंता हेमन्त सोनी ने रिपोर्ट दी कि दईकड़ा गांव में निर्माणाधीन 33/11 केवी जीएसएस साइट से 23 जुलाई को अज्ञात लोग बिजली के तार और उपकरण चोरी कर ले गए।
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मोबाइल टावर से बैटरियां चोरी
मंडोर थाने में दर्ज रिपोर्ट में इंडस टावर कंपनी के सुरक्षा इंचार्ज सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि नौ मील मंडोर क्षेत्र के टावर से 28 जुलाई को बैटरियां चोरी हो गईं।इसी प्रकार उदयमंदिर थाने में नारवा निवासी सवाई सिंह ने रिपोर्ट दी कि हाथियों की बावड़ी क्षेत्र के मोबाइल टावर से 7 सितम्बर को बैटरियां चुरा ली गईं।
कैफे में बंधक बनाकर मारपीट
भगत की कोठी थाने में दर्ज रिपोर्ट में बेरू निवासी छात्र प्रकाश विश्नोई ने बताया कि 8 सितम्बर को वह डिस्ट्रीक्ट शॉपिंग सेंटर स्थित एक कैफे गया था। यहां पांच युवकों ने उसे बंधक बनाकर मारपीट की और उसका वीडियो बनाकर धमकी दी। महिला से मारपीट और दुर्व्यवहार
बोरानाड़ा थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार एक महिला ने बताया कि आरोपी ने उसका रास्ता रोककर मारपीट की और लज्जाभंग करने का प्रयास किया। युवक से रास्ता रोककर मारपीट
सदर कोतवाली थाने में दर्ज रिपोर्ट में वरुण कच्छवाह ने बताया कि वह पंचमुखी बालाजी मंदिर गया था, जहां अज्ञात बदमाशों ने उसका रास्ता रोककर मारपीट की। जातिगत शब्दों से अपमान
विवेक विहार थाने में दर्ज रिपोर्ट में तनावड़ा निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि आरोपी ने उसका रास्ता रोककर जातिगत शब्दों से गाली-गलौच की और दुव्र्यवहार किया।
तीन खाईवाल गिरफ्तार
उदयमंदिर थाने की टीम ने स्टेडियम रोड पर जुआ खेल रहे तीन लोगों मोहम्मद हसन, इमरान उर्फ ईमली और शेर मोहम्मद को गिरफ्तार कर दांव पर लगी राशि जब्त की।
अमानत में रखे जेवरात पर धोखाधड़ी
सरदारपुरा थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार दिलीप जोशी ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व आरोपी मूलसिंह चारण ने घरेलू जरूरत बताकर उसके पास सोने के आभूषण अड़ाणे रख नकदी उधार ली थी। बाद में न तो उसने पैसा लौटाया और न ही ब्याज दिया। जांच में सामने आया कि जेवरात भी किसी अन्य व्यक्ति के थे। इस पर धोखाधड़ी का
तमिलनाडु: उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने स्वतंत्रता सेनानी इम्मानुएल शेखरन को दी श्रद्धांजलि
चेन्नई ।
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी व समाज सुधारक इम्मानुएल शेखरन की 68वीं गुरु पूजा में शामिल होने के बाद गुरुवार सुबह चेन्नई रवाना हो गए। इस दौरान मदुरै हवाई अड्डे पर उनके साथ आए कुछ पार्टी पदाधिकारियों को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ ) ने प्रवेश करने से रोक दिया, जिससे वहां थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। इम्मानुएल शेखरन का निधन 11 सितंबर 1957 को हुआ था। उनकी पुण्यतिथि को तमिलनाडु में गुरु पूजा के रूप में मनाया जाता है। बुधवार को उप मुख्यमंत्री स्टालिन इम्मानुएल शेखरन को श्रद्धांजलि देने के लिए मदुरै पहुंचे थे। मदुरै के एक निजी रिसॉर्ट में रात बिताने के बाद वह गुरुवार सुबह रामनाथपुरम में स्थित परमकुडी में इम्मानुएल शेखरन के स्मारक गए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उदयनिधि स्टालिन अपने बहनोई सबरीसन के पिता की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के लिए कार से मदुरै हवाई अड्डे तक गए और इंडिगो की फ्लाइट से चेन्नई रवाना हुए। उनके साथ मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन, थंगम थेन्नारसु, मूर्ति और राजकन्नप्पन भी मौजूद थे।
तमिलनाडु: उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने स्वतंत्रता सेनानी इम्मानुएल शेखरन को दी श्रद्धांजलि
जब उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्री हवाई अड्डे में प्रवेश कर रहे थे तो उनके साथ आए कुछ पार्टी पदाधिकारियों और विधायकों ने भी अंदर जाने की कोशिश की। इस पर सीआईएसएफ ने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए बिना पास वाले सभी लोगों को रोक दिया। सीआईएसएफ ने केवल उन्हीं लोगों को अंदर जाने दिया, जिनके पास प्रवेश पास था। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों और सीआईएसएफ में बहस भी हुई। बाद में, उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन इंडिगो की उड़ान से चेन्नई रवाना हो गए। तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने गुरुवार को मदुरै हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में अपने इस्तीफे की खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा, “मुझे इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष का मुझे पूरा समर्थन है। मीडिया को पत्रकारिता की नैतिकता का पालन करना चाहिए।” जानकारी के मुताबिक, नागेंद्रन परमकुडी में इम्मानुएल शेखरन स्मारक पर गुरु पूजा में शामिल होने के लिए चेन्नई से मदुरै पहुंचे थे। नागेंद्रन ने कहा कि भाजपा हमेशा शहीदों और महापुरुषों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसे महान लोगों को याद करें और उनका सम्मान करें।
दिल्ली पुलिस ने ब्लाइंड लूट का किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली ।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वसंत कुंज साउथ थाना क्षेत्र में हुई एक ब्लाइंड लूट की गुत्थी को महज 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद कर लिया है। दरअसल, 7 सितंबर को वसंत कुंज साउथ थाना में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें लूट की सूचना दी गई। यह मामला उप-निरीक्षक (एसआई) श्रीकांत को सौंपा गया, जिन्होंने तुरंत बीट स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता राजेश कुमार का बयान दर्ज किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि 6 सितंबर की रात करीब 11 बजे वह अपने ऑफिस डीटीडीसी एक्सप्रेस लिमिटेड, समालखा जा रहे थे। इसी दौरान निशा नर्सरी, राजोकेरी फ्लाईओवर के पास दो अज्ञात लोगों ने उन्हें रोककर उनका मोबाइल फोन लूट लिया और ऑटो में सवार होकर फरार हो गए। इस मामले में वसंत कुंज साउथ थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
दिल्ली पुलिस ने ब्लाइंड लूट का किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
एसीपी वसंत कुंज और थाना प्रभारी वसंत कुंज साउथ की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात के लिए एक ऑटो का इस्तेमाल किया था। ऑटो की पहचान कर उसके मालिक मनीष निवासी संजय कॉलोनी, भाटी माइंस को पकड़ा गया। पूछताछ में मनीष ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने दोनों साथियों के नाम भी बताए। इसके बाद पुलिस ने तत्परता से दबिश दी और दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में से अनिल उर्फ गाठिया के कब्जे से शिकायतकर्ता का लूटा हुआ मोबाइल बरामद किया गया। आरोपियों की पहचान मनीष, अनिल उर्फ टिंडे और अनिल उर्फ गाठिया के रूप में हुई। आरोपी अनिल पर पहले से भी एक मामला दर्ज है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी, हत्या मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली ।
क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक खतरनाक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी लंबे समय से हत्या के मामले में वांछित था। 52 वर्षीय मोहम्मद समसाद आलम को तुगलकाबाद इलाके से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सालों से अदालत की कार्यवाही से बचता आ रहा था और उसे घोषित अपराधी (पीओ) घोषित किया जा चुका था। पुलिस के अनुसार, समसाद आलम एफआईआर संख्या 738/2016 में वांछित था, जो थाना गोविंदपुरी, दिल्ली में धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य नष्ट करना) आईपीसी के तहत दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पिछले कई वर्षों से जगह-जगह छिपता रहा और उसने अदालत की कई समन और नोटिस को नजरअंदाज कर दिया। 9 सितंबर की रात इंस्पेक्टर वीर सिंह के नेतृत्व में सेंट्रल रेंज क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी का पता लगाया। ऑपरेशन में एसआई अबोध शर्मा, एएसआई दीपचंद, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल विनोद, हेड कांस्टेबल मनोज और कांस्टेबल सुमित शामिल थे। ऑपरेशन में हेड कांस्टेबल संदीप की अहम भूमिका रही।
दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी, हत्या मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार
उनकी जांच कौशल और तकनीकी जानकारी के चलते टीम आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखने और उसके ठिकाने की सही जानकारी जुटाने में सफल रही। रात करीब 11 बजे जैसे ही आरोपी तुगलकाबाद स्थित अपने घर में दाखिल हुआ, पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में मोहम्मद समसाद आलम ने हत्या की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। साथ ही उसने माना कि वह जानबूझकर अदालत से बचता रहा और नोटिसों को नजरअंदाज करता रहा। एक अन्य कार्रवाई में 9 और 10 सितंबर की रात क्राइम ब्रांच ने भलस्वा डेयरी हत्याकांड के वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी बल्लभगढ़ मेट्रो स्टेशन के पास से हुई। आरोपी वकील मलिक पिछले करीब एक साल से पुलिस को चकमा देकर गिरफ्तारी से बच रहा था।
दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
नई दिल्ली ।
सेंट्रल जिले के आनंद पर्वत थाना पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। दिसंबर 2024 से फरार चल रहे आरोपी हिमांशु नायक (20) को अजमेर के जादूगर कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया। दरअसल, 17 दिसंबर 2024 को आनंद पर्वत थाना क्षेत्र के प्रेम नगर गली नंबर 17–18 में एक छात्र पर जानलेवा हमला किया गया था। पीड़ित अपने दोस्तों के साथ मौजूद था। उसी समय आरोपी हिमांशु उर्फ रावण, जो नशे की हालत में था, वहां पहुंचा और झगड़ा करने लगा। थोड़ी देर बाद उसके साथी रोशन और हिमांशु नायक भी आ गए। गाली-गलौज और धमकी देने के बाद आरोपी वहां से चले गए, लेकिन थोड़ी देर में वे दीपक के साथ दोबारा लौटे।
इस दौरान हिमांशु उर्फ रावण के उकसाने पर आरोपी दीपक ने चाकू से पीड़ित की पीठ पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। पीड़ित को पहले आचार्य भिक्षु अस्पताल और बाद में सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। पीड़ित के बयान पर थाना आनंद पर्वत में एफआईआर संख्या 561/2024 दर्ज की गई।
दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी/सेंट्रल जिले के निर्देश पर आनंद पर्वत थाने की एक विशेष टीम बनाई गई। एसीपी पटेल नगर सुनील कुमार के पर्यवेक्षण में एसएचओ आनंद पर्वत इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र के नेतृत्व में एसआई विनोद, एचसी सुरेश, कांस्टेबल शखबीर और कांस्टेबल सचिन की टीम गठित की गई।
टीम ने लगातार आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी, अपराधियों के रिकॉर्ड का विश्लेषण और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस को सफलता मिली। 9 सितंबर 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर टीम अजमेर पहुंची और रणनीतिक तरीके से जाल बिछाकर हिमांशु नायक को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी हिमांशु नायक 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है और ऑनलाइन फूड डिलीवरी रेस्टोरेंट में काम करता था। पूछताछ में उसने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदलता रहा। इस मामले में प्रयुक्त हथियार (चाकू) पहले ही बरामद किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार मामले में शामिल शेष आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
बयाना पुलिस ने सर्राफा व्यापारी से लूट की वारदात का किया पर्दाफाश, पांच आरोपी दबोचे
बयाना। भरतपुर जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद (IPS) के निर्देशन में बयाना पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए बयाना में सर्राफा व्यापारी से हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है। घटना 27 अगस्त को उस समय हुई थी जब व्यापारी दुकान बंद कर घर लौट रहा था। सालावाद फाटक के पास बाइक सवार बदमाशों ने व्यापारी को गोली मारकर ज्वेलरी व नकदी से भरा बैग लूट लिया था।
बयाना पुलिस ने सर्राफा व्यापारी से लूट की वारदात का किया पर्दाफाश, पांच आरोपी दबोचे
पुलिस को इनपुट मिलने पर ASP बयाना हरिराम कुमावत व वृताधिकारी कृष्णराज जांगिड के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गईं। गढीबाजना थानाधिकारी पृथ्वीसिंह की टीम की बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों से 2 अवैध देशी कट्टे, 8 जिंदा कारतूस, 7 खाली खोखे, 7 मोबाइल व घटना में प्रयुक्त 2 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। गिरफ्तार आरोपी आगरा, भरतपुर व धौलपुर क्षेत्र के निवासी हैं, जिनमें एक महिला भी शामिल है। भरतपुर पुलिस की यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सराहनीय है।
अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश: 216 एटीएम कार्ड के साथ सहारनपुर की गैंग के 3 बदमाश पकड़े
जैसलमेर।
पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पोकरण पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों को ठगने वाली एक शातिर अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से विभिन्न बैंकों के 216 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूरे भारत में हजारों ठगी की वारदातें करना स्वीकार किया है। एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि यह मामला 17 अगस्त 2024 को तब सामने आया, जब मगसिंह नामक व्यक्ति ने पोकरण थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मग सिंह के अनुसार 10 अगस्त को वह पोकरण रेलवे स्टेशन के पास स्थित एसबीआई एटीएम से पैसे निकालने गए थे। वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने उनके पिन नंबर देख लिए। जब मगसिंह पैसे नहीं निकाल पाए तो उन लोगों ने मदद के बहाने उनका एटीएम कार्ड ले लिया और चालाकी से उसे बदलकर दूसरा कार्ड पकड़ा दिया। इसके बाद मगसिंह के खाते से लगभग 1,00,000 रुपये निकाल लिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार और सीओ भवानीसिंह के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। थानाधिकारी छतरसिंह और डीसीआरबी प्रभारी भीमराव सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी और आसूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश: 216 एटीएम कार्ड के साथ सहारनपुर की गैंग के 3 बदमाश पकड़े
हजारों किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों अजय सैनी पुत्र जगपाल (28) निवासी बादशाहपुर, सहारनपुर, मोंटी पुत्र पहल सिंह (32) निवासी खुरलकी थाना देवबन्द सहारनपुर और परवेश पुत्र चतरू (43) निवासी मतोली थाना देवबन्द सहारनपुर को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। ठगी का तरीकाः पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दो-दो के ग्रुप में मोटरसाइकिलों पर निकलते थे और सहारनपुर से चलकर कई राज्यों में घूमते थे। वे अक्सर भीड़-भाड़ वाले एटीएम में जाते थे और पहले से मशीन को खराब कर देते थे। जब कोई ग्राहक पैसे नहीं निकाल पाता था तो वे मदद का बहाना बनाकर उसका एटीएम कार्ड ले लेते थे और बदलकर एक नया कार्ड दे देते थे। इसके बाद वे ग्राहक के असली एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करके पैसे निकाल लेते थे। यह गैंग उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में सक्रिय थी। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने रिमांड पर लिया है। उम्मीद है कि विस्तृत पूछताछ में और भी कई वारदातों का खुलासा हो सकता है।
दिल्ली: तांत्रिक के चक्कर में फंसी एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी ने गंवाए 1.14 लाख, एफआईआर दर्ज
नई दिल्ली।
दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में एक एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी इंस्टाग्राम पर फर्जी तांत्रिक के चक्कर में फंसकर 1.14 लाख की ठगी का शिकार हो गई। महिला ने खुद इस घटना की शिकायत पुलिस को दी है। ठगी का शिकार हुई महिला ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से परिवारिक समस्याओं से परेशान थीं। उनके पति और बच्चों की तबीयत भी ठीक नहीं थी। इसी दौरान उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक अकाउंट देखा, जिसमें तांत्रिक उपायों से समस्याओं के समाधान का दावा किया जा रहा था।
इस अकाउंट पर एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था, जिस पर कॉल करके ‘समस्या का समाधान’ कराने की बात कही गई थी। महिला ने जब उस नंबर पर संपर्क किया तो दूसरी ओर से खुद को ‘तांत्रिक’ बताने वाले शख्स ने दावा किया कि उनके घर में एक बुरी आत्मा का साया है, जिससे सारी परेशानियां हो रही हैं।
दिल्ली: तांत्रिक के चक्कर में फंसी एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी ने गंवाए 1.14 लाख, एफआईआर दर्ज
आरोपी ने महिला को कहा कि आत्मा को हटाने के लिए विशेष पूजा करनी होगी और इसके लिए महंगे तांत्रिक उपाय किए जाएंगे। महिला को यकीन हो गया और उसने बताए गए क्यूआर कोड के जरिए कई बार में कुल 1.14 लाख रुपए की रकम भेज दी। ये पैसे उन्होंने अपने केनरा बैंक अकाउंट से ट्रांसफर किए।
महिला को तब शक हुआ, जब पैसे देने के बावजूद तांत्रिक ने कोई पूजा नहीं की और न ही कोई फॉलोअप दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और अब जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि उसका मोबाइल नंबर किसके नाम पर है और पैसे किसके अकाउंट में लिए गए।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अंजान व्यक्ति या ऑनलाइन अकाउंट के बहकावे में न आएं और कोई भी लेन-देन करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।